Monday, December 25, 2023

महिलाओं के खिलाफ अत्याचार को लेकर क्या है प्रावधान? संसद में पारित नए आपराधिक कानूनों में बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव क्या हैं?

 
मॉब लिंचिंग और नफरती अपराधों के लिए बढ़ाई गई सजा:- वर्तमान में जो कानून है उसमें मॉब लिंचिंग और नफरती अपराध के लिए कम से कम सात साल की सजा का प्रावधान था। इस नियम के अनुसार जब पांच या उससे ज्यादा लोगों का समूह किसी व्यक्ति के जाति या समुदाय के आधार पर उसकी हत्या के मामले में शामिल पाया जाता है। तो उस समूह के सभी सदस्यों को न्यूनतम सात साल की कैद की सजा दी जाएगी,लेकिन नए कानून में इस तरह के मामलों में दोषी पाए गए लोगों को की आजीवन कारावास कर दिया गया है। #

आतंकवादी गतिविधि को परिभाषित किया गया:- पहली बार आतंकवादी गतिविधी को भारतीय न्याय संहिता के तहत पेश किया गया था। नए विधेयक में इसके कानून में कुछ बदलाव किए गए है। नया विधेयक के तहत अब आर्थिक सुरक्षा को खतरा भी आतंकवादी गतिविधि के अंतर्गत आएगा। इसके अलावा तस्करी या नकली नोटों का उत्पादन करके देश की वित्तीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाना भी आतंकवादी अधिनियम के अंतर्गत आएगा। भारत में रक्षा या किसी सरकारी उद्देश्य के लिए गए संपत्ति को विदेश में नष्ट करना भी आतंकवादी गतिविधि का ही हिस्सा होगा। देश में सरकारों को कुछ भी करने पर मजबूर करने के लिए किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लेना या किसी भी व्यक्ति का अपहरण करना भी आतंकवादी गतिविधि ही माना जाएगा।
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छोटे अपराध को किया गया परिभाषा:- वर्तमान में जो कानून है उसमें संगठित समूहों द्वार किए गए अपराध जैसे गाड़ियों की चोरी, फोन स्नैचिंग के लिए दंड का प्रावधान किया गया था,अगर इससे आम जनता को असुरक्षा की भावना पैदा होती हो तो,लेकिन नए कानून में असुरक्षा की भावना की यह अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। # कोर्ट कार्यवाही प्रकाशित करने पर भी सजा का प्रावधान:- नए विधेयक में नया प्रावधान जोड़ा गया है जिसके जो कोई भी रेप के मामलों के अदालती कार्यवाही की खबर बिना कोर्ट के अनुमति के प्रकाशित करता है तो ऐसी स्थिति में उसे 2 साल तक की जेल हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। 


#मानसिक बीमार नहीं विक्षिप्त दिमाग:- वर्तमान के कानून में यानी आईपीसी में मानसिक रूप से बीमार लोगों को सजा में छूट दी जाती है,लेकिन नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता में इस मानसिक बीमारी शब्द का नाम बदल दिया गया था। अब ऐसे अपराधि को विक्षिप्त दिमाग वाला अपराधी कहा जाएगा। # सामुदायिक सेवा को किया गया परिभाषा:- नई विधेयक में (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) में सामुदायिक सेवा को विस्तार में परिभाषित किया गया है। इसके अनुसार सामुदायिक सेवा एक ऐसी सजा को कहा जाएगा जो समुदाय के लिए फायदेमंद होगी और इसके लिए अपराधी को कोई पारिश्रमिक नहीं दिया जाएगा। इन नए विधेयकों में छोटे-मोटे अपराध जैसे चोरी, नशे में धुत होकर परेशान करना, जैसे अपराधों के लिए सजा के तौर पर सामुदायिक सेवा की शुरुआत की गई थी।




##महिलाओं के खिलाफ अत्याचार को लेकर क्या है प्रावधान?:- नए बिल में गैंगरेप के मामलों में अब 20 साल की सजा या आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा झूठे वादे करके या अपनी पहचान छुपाकर यौन संबंध बनाना भी अब अपराध की श्रेणी में शामिल होगा। इसमें 18 साल से कम आयु की लड़की से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास या मृत्यु दंड का प्रावधान किया गया है। नए विधेयक में यौन हिंसा के मामलों में पिड़िता का बयान महिला न्यायिक मजिस्ट्रेट ही रिकॉर्ड करेगी। यह बयान पीड़िता के आवास पर महिला पुलिस अधिकारी के सामने दर्ज किया जाएगा। बयान रिकॉर्ड करते वक्त पीड़िता के माता/पिता या अभिभावक मौजूद रह सकते हैं

करोड़ पेड़ों की कटाई क्रिसमस त्योहार के नाम पर हर साल ...क्रिसमस ट्री से जुड़ा अरबों का कारोबार

क्रिसमस मुख्य रूप से ईसाई धर्म को मानने वाले लोगों का त्योहार है,लेकिन आज इसे पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यही वजह है कि क्रिसमस के दिन क्रिसमस ट्री की डिमांड काफी बढ़ जाती है। footprint.org की रिपोर्ट के अनुसार, हर साल क्रिसमस के समय पूरी दुनिया में लगभग 120 मिलियन यानी 12 करोड़ पेड़ काटे जाते हैं।  अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका में क्रिसमस के दौरान हर साल 35 से 40 मिलियन क्रिसमस ट्री बेचे जाते हैं। वहीं ब्रिटेन में लगभग 8 मिलियन पेड़ों की खपत होती है।  यानी अमेरिका सहित सभी यूरोपीय 
देशों की बात करें तो वहां हर साल क्रिसमस के दौरान लगभग 50 मिलियन पेड़ काटे जाते हैं। रूस और दूसरे एशियाई देशों में भी इस दौरान लगभग 40 मिलियन से ज्यादा क्रिसमस ट्री की खपत होती है। अकेले ऑस्ट्रेलिया में 5 से 6 मिलियन पेड़ों की कटाई क्रिसमस के दौरान की जाती है। क्रिसमस के लिए जो लोग असली पेड़ खरीद या काट नहीं सकते, वो बाज़ार से प्लास्टिका क्रिसमस ट्री खरीद कर लाते हैं। चीन इसे हर साल भारी मात्रा में अमेरिका और यूरोपीय देशों को एक्सपोर्ट करता है।

freightwaves की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका इस क्रिसमस ट्री का सबसे बड़ा इंपोर्टर है यानी अमेरिका इसे सबसे ज्यादा अपने देश में आयात करता है। Statista की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने 2022 में पूरी दुनिया में क्रिसमस ट्री और उससे जुड़े डेकोरेशन के लगभग 10 बिलियन डॉलर के सामान को एक्सपोर्ट किया था। इसमें अकेले अमेरिका कि हिस्सेदारी 3.17 बिलियन डॉलर की थी। इस धरती पर अगर पेड़ ना हों तो यहां रहने वाला हर जीव कार्बन डाइऑक्साइड की वजह से दम तोड़ दे। ये पेड़ ही हैं जो इस जहर रूपी कार्बनडाय को अपने भीतर लेते हैं और फिर जीवों को जीने के लिए ऑक्सीजन देते हैं,लेकिन इसके बाद भी इन्हें पूरी दुनिया में लगातार काटा जा रहा है। 




खासतौर से क्रिसमस के लिए हर साल लगभग 12 करोड़ पेड़ काट दिए जाते हैं। द तत्व की एक रिपोर्ट दावा करती है कि इतने पेड़ों के कटने से लगभग 2 से 3 बिलियन किलोग्राम कार्बन फुटप्रिंट होता है।

BCCI के पूर्व अध्यक्ष व NCP चीफ शरद पवार ने किया WFI के निलंबन का समर्थन कही यह बात....

खेल मंत्रालय ने रविवार को नवनिर्वाचित भारतीय कुश्ती महासंघ [WFI] को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया क्योंकि नवनिर्वाचित संस्था ने उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया और पहलवानों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिए बिना अंडर-15 और अंडर-20 राष्ट्रीय चैंपियनशिप के आयोजन की जल्दबाजी में घोषणा की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को नवनिर्वाचित भारतीय कुश्ती महासंघ के निलंबन का स्वागत किया और कहा कि खेल मंत्रालय को यह फैसला पहले ही कर लेना चाहिए था। मंत्रालय ने साथ 
ही भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को खेल संस्था का कामकाज देखने के लिए तुरंत पैनल गठित करने को कहा है। पत्रकारों से बात करते हुए पवार ने कहा, भारतीय कुश्ती महासंघ [WFI] को निलंबित करने का फैसला पहले लिया जाना चाहिए था। महिला पहलवानों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार के बारे में शिकायत थी। उन्होंने कहा कि,इस तरह के लोगों के खिलाफ पहले ही फैसला ले लिया जाना चाहिए था। हालांकि इसमें देरी हुई, मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं। गौरतलब है की भारतीय कुश्ती महासंघ [WFI] के चुनाव 21 दिसंबर को हुए थे जिसमें पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के विश्वासपात्र संजय सिंह और उनके पैनल ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। 
बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक सहित देश के चोटी के पहलवानों ने बृजभूषण पर महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था। बृजभूषण के करीबी संजय सिंह के डब्ल्यूएफआई के चुनाव में अध्यक्ष पद पर चुने जाने के बाद बजरंग ने शुक्रवार को अपना पद्मश्री पुरस्कार सरकार को वापस लौटा दिया था। इससे पहले गुरुवार को साक्षी मलिक ने इसी कारण से कुश्ती से संन्यास लेने की घोषणा की थी।

Thursday, December 21, 2023

ई-नीलामी के माध्यम से गेहूं और चावल की बिक्री....

सरकार खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत खुदरा कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए अपने बफर स्टॉक से गेहूं और चावल बेच रही है। खाद्यान्न खरीद और वितरण के लिए सरकार की नोडल एजेंसी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ई-नीलामी कर रही है। केंद्र ने मार्च, 2024 तक ओएमएसएस के लिए 101.5 लाख टन गेहूं अलॉट किया है। 26वीं ई-नीलामी 20 दिसंबर को आयोजित की गई थी, जिसमें चार लाख टन गेहूं और 1.93 लाख टन चावल की पेशकश की गई थी। ई-नीलामी में, 3.46 लाख टन गेहूं और 13,164 
टन चावल- क्रमश: 2,178.24 रुपये प्रति क्विंटल और 2905.40 रुपये प्रति क्विंटल के भारित औसत पर बेचा गया था। चावल, गेहूं और आटे की खुदरा कीमतों को थामने के लिए सरकार गेहूं और चावल दोनों की साप्ताहिक ई-नीलामी कर रही है। इस बिक्री में एक बोलीदाता द्वारा बोली लगाने वाले चावल की न्यूनतम और अधिकतम मात्रा क्रमशः एक टन और 2,000 टन तय की गई है। वर्तमान ई-नीलामी में चावल की बिक्री पिछली ई-नीलामी में बेचे गए 3,300 टन से बढ़कर 13,164 टन हो गई है। 
इस महीने की शुरुआत में खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा था कि सरकार घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने और दाम में बढ़ोतरी को रोकने के लिए ओएमएसएस के तहत जनवरी-मार्च, 2024 के दौरान थोक उपभोक्ताओं को अतिरिक्त 25 लाख टन एफसीआई का गेहूं मार्केट में उतारने के लिए तैयार है। सरकार ने दोनों अनाजों की कीमत में कमी लाने के प्रयास के तहत खुले बाजार में 3.46 लाख टन गेहूं और 13,164 टन चावल बेचा है। थोक उपभोक्ताओं को ई-नीलामी के माध्यम से यह बिक्री की गई है।

उपद्रव शोध पथकाची धडक कारवाई... ८६ प्रकरणांची नोंद

नागपूर:नागपूर महानगरपालिकेच्या उपद्रव शोध पथकाने सार्वजनिक ठिकाणी लघुशंका करणाऱ्यांवरकचरा फेकणाऱ्यांवरथुंकणाऱ्यांवर५० मायक्रॉन पेक्षा कमी प्लास्टिक पिशवीचा वापर करणाऱ्यांवर अधिक कठोर कारवाईची सुरुवात केली आहेबुधवार (ता.२०)रोजी उपद्रव शोध पथकाने ८६ प्रकरणांची नोंद करून ४९७०० रुपयाचा दंड वसूल केला.शहराला स्वच्छ ठेवण्यासाठी रस्त्यावरफुटपाथवर कचरा टाकणारेथुंकणारेघाण करणारेलघुशंका करणारेप्लास्टिक पिशवीचा वापर करणाऱ्या नागरिकांवर तसेच दुकानदारांवर दंडात्मक कारवाई सुरु करण्यात आली आहेहाथगाडयास्टॉल्सपानठेलेफेरीवालेछोटे भाजी विक्रेते यांनी लगतच्या परिसरात अस्वच्छता (रु४००/- दंड)या अंतर्गत २९ प्रकरणांची नोंद करून ११६०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीव्यक्तीने रस्ताफुटपाथमोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०२ प्रकरणांची नोंद करून २०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीदुकानदाराने रस्ताफुटपाथ
मोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत  7  प्रकरणांची  नोंद  करून  २८०० रुपयांची  वसुली करण्यात आली.मॉलउपहारगृह,लॉजिंग  बोर्डिंग होर्डिंग सिनेमाहॉलमंगल कार्यालयेकॅटरर्स सर्व्हिस प्रोव्हायडर इत्यादींनी रस्ताफुटपाथमोकळी जागाअशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०४ प्रकरणांची नोंद करून ८००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीवाहतुकीचा रस्ता मंडपकमानस्टेज इत्यादी रचना करुन अथवा वैयक्तिक कामाकरीता बंद करणे या अंतर्गत ०८ प्रकरणांची नोंद करून १३५०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीवर्कशॉपगरज  इतर दुरुस्तीचे व्यावसायीकांने रस्ताफुटपाथ मोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०३ प्रकरणांची नोंद करून ३००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीउपरोक्त यादीत  आढळणारे इतर उपद्रव (व्यक्तीअसल्यास २८ प्रकरणांची नोंद करून रु ५६०० दंड वसूल करण्यात आलेला आहेउपरोक्त यादीत  आढळणारे इतर उपद्रव संस्था असल्यास ०५ प्रकरणांची नोंद करून रु ५००० दंड वसूल करण्यात आलेला आहेही कारवाई उपद्रव शोध पथक प्रमुख वीरसेन तांबे यांच्या नेतृत्वात करण्यात आली.

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...