Friday, September 6, 2019

साढ़े नौ घंटे या उससे ज़्यादा वक्त तक बैठे रहने से मौत का खतरा बढ़ जाता है....रिसर्च


ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिसर्च में ये सामने आया है कि साढ़े नौ घंटे से ज़्यादा होने पर हर एक घंटे के साथ जल्दी मौत का ये खतरा भी उसी अनुपात में बढ़ता जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, नींद के समय को छोड़कर दिनभर में साढ़े नौ घंटे या उससे ज़्यादा वक्त तक बैठे रहने से मौत का खतरा बढ़ जाता है। ये रिसर्च नॉर्वे के ओस्लो में नॉर्वेजियन स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स साइंसेज़ में की गई है। इस रिसर्च के लिये 36,383 प्रतिभागियों पर करीब 6 वर्षों तक नज़र रखी गई। इन लोगों की औसत उम्र 62.6 साल थी। इस रिसर्च के लिये एक्सेलेरोमीटर का उपयोग किया गया।  य एक पहनने योग्य उपकरण है, जो जागने के घंटो के दौरान गतिविधि की मात्रा और उसकी तीव्रता को ट्रैक करता है।
रिसर्च के दौरान 2149 यानि 5.9 फीसदी प्रतिभागियों की मौत हो गयी। डॉक्टर्स भी बताते हैं कि अगर हम दिन में कई घंटे बैठे-बैठे बिता देते हैं, तो इसका असर हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है।  लंबे अर्से तक इस तरह की लाइफस्टाइल से शरीर में कई तरह की दिक्कतें आने लगती है। पीठ दर्द, कमर दर्द जैसी दिक्कतें तो होती ही हैं। ज़्यादा वक्त बैठे-बैठे गुज़ार देने से शरीर का मेटाबॉलिज़्म रेट भी कम हो जाता है, जिसे मेटाबॉलिक सिंड्रोम भी कहते हैं। इसकी वजह से शरीर में डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर, अनियंत्रित कोलेस्ट्रॉल और हार्ट डिज़ीज का खतरा बढ़ जाता है। हार्ट अटैक के चांसेज़ भी बढ़ जाते हैं। अगर आप कंप्यूटर या टीवी के सामने बैठते हैं, तो आंखों भी कमज़ोर हो जाती है और लंबे समय तक धूप में नहीं निकलने की वजह से विटामिन डी की कमी भी हो सकती है, जिससे ह़ड्डियां कमज़ोर हो सकती हैं।  
हालांकि, इस रिसर्च में ये भी देखा गया है कि जब दिन में 300 मिनट यानि पांच घंटे हल्की फुल्की फिज़िकल एक्टिविटी यानि धीरे-धीरे चलना या खाना पकाने, बर्तन धोने, जैसे काम किये गये या फिर लगभग 24 मिनट मध्यम गति की एक्टिविटी जैसे तेज़ चलना यानि ब्रिस्क वॉकिंग जैसे काम किये गये तो शारीरक गतिविधि बढ़ने की वजह से मौतें बहुत कम हो गईं। फिटनेस एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हम चाहें तो ऐसी कई एक्सरसाइज हैं जिससे कुर्सी पर बैठे-बैठे भी आप खुद को फिट रखने में मदद कर सकते हैं। दिन में कुछ मिनट ही ये स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ कर के आप कमर दर्द या पीठ दर्द जैसी समस्याओं में फर्क नोटिस कर सकते हैं। अगर आपके ऑफिस में थोड़ी जगह है तो आप काम से कुछ मिनट निकाल कर कुछ और एक्सरसाइज़ भी कर सकते हैं जिसके लिये आपको किसी मशीन या इक्विपमेंट की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइंस के मुताबिक भी 18 से 64 साल की उम्र के लोगों के लिये भी हफ्ते में कम से कम 150 मिनट तक मध्यम या 75 मिनट तक बहुत कड़ा शारीरिक परिश्रम करने की सलाह दी गयी है।

जियो गीगा फाइबर फायदे का सौदा या नुकसान का जाने.....?


रिलांयस जियो गीगा फाइबर (Jio Giga Fiber) गुरुवार को लॉन्च हो गया।  जानकारी के मुताबिक रिलायंस जियो करीब 1600 शहरों में अपनी सर्विस देगा। जियो गीगाफाइबर के रेंटल प्लान 699 रुपये से 8,499 रुपये की रेंज में हैं। 699 रुपये वाले शुरुआती प्लान में 100 mbps की स्पीड मिलेगी। वहीं, 8,499 रुपये वाले प्लान में यूजर्स को 1gbps तक की स्पीड मिलेगी। गोल्ड और इससे ऊपर वाले प्लान में टेलीविजन भी मिलेगा। ये 9 सर्विस देगा जियो:- 1. अल्ट्रा-हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड (1 जीबीपीएस तक) 2. मुफ्त घरेलू वॉयस कॉलिंग, कॉन्फ्रेंसिंग और इंटरनेशनल कॉलिंग 3. टीवी वीडियो कॉलिंग और कॉन्फ्रेंसिंग 4. एंटरटेनमेंट ओटीटी एप्स 
5. गेमिंग 6. होम नेटवर्किंग 7. डिवाइस सिक्योरिटी 8. वर्चुअल रियलिटी का अनुभव 9. प्रीमियम कंटेंट प्लेटफॉर्म। 699 रुपये वाले प्लान में क्या-क्या मिलेगा:- जियो का शुरुआती प्लान Bronze है। इसमें यूजर्स को 100 mbps तक की स्पीड मिलेगी। इस प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड डेटा (100GB+50GB एक्स्ट्रा) मिलेगा। इस प्लान में फ्री वॉइस कॉलिंग का फायदा मिलेगा। इस प्लान में यूजर्स भारत में किसी भी नंबर पर कॉल कर सकेंगे। 849 रुपये वाले प्लान में ग्राहकों को 100 mbps तक की स्पीड मिलेगी। 
इस प्लान में ग्राहकों को अनलिमिटेड डेटा (200GB+200GB एक्स्ट्रा) मिलेगा। प्लान में यूजर्स को फ्री वॉयस कॉलिंग का फायदा मिलेगा। इस प्लान में भी यूजर्स भारत में किसी भी नंबर पर कॉल कर सकेंगे। जियो के 1,299 रुपये वाले गोल्ड प्लान में यूजर्स को 250 mbps की स्पीड मिलेगी। इस प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड (500GB+250GB एक्स्ट्रा) डेटा मिलेगा। यूजर्स को इस प्लान में फ्री वॉयस कॉलिंग का भी फायदा मिलेगा। इस प्लान में यूजर्स को 4K स्मार्ट टेलिविजन भी मिलेगा। 
गोल्ड के ऊपर डायमंड प्लान है, जिसका मंथली रेंटल 2,499 रुपये है। प्लैटिनम प्लान का मंथली रेंटल 3,999 रुपये है। जबकि सबसे महंगा प्लान टाइटेनियम है। इस प्लान का मंथली रेंटल 8,999 रुपये है। इन सभी प्लान में कस्टमर्स को 4K स्मार्ट टेलिविजन मिलेगा।

Wednesday, September 4, 2019

डॉक्टरों और नर्सों पर किया हमला तो दर्ज होगा संज्ञेय अपराध....


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और इस पर जनता से सुझाव और आपत्ति मांगी गई है। इसका नाम द हेल्थकेयर सर्विस पर्सनल और क्लिनिकल इस्टेबलिशमेंट (प्रोहिबिह्शन ऑफ वायलेंस और डेमेज टू प्रॉपर्टी) बिल 2019. 'The healthcare service personnel and clinical establishments(prohibition of violence and damage to property) Bill 2019' नए कानून के तहत डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े किसी भी कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना को संज्ञेय अपराध माना जाएगा और ये गैर जमानती होगा। नए कानून के तहत निजी तौर पर प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टरों को भी सरंक्षण। 
डॉक्टरों, नर्सों या फिर स्वास्थ्य सेवा से जुड़े किसी भी तरह के स्टॉप के साथ मारपीट करना गंभीर अपराध की श्रेणी में होगा और ये गैर जमानती अपराध होगा। नए कानून में डॉक्टरों, नर्सो और स्वास्थ्य कर्मी के साथ किसी तरह की अपशब्दों का इस्तेमाल भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगी। नए कानून के तहत स्वास्थ्य कर्मी के साथ ऐसे किसी भी तरह के अपराध में शामिल व्यक्ति को कम से कम छह माह से लेकर 5 साल तक की सजा का प्रावधान है और जुर्माना लगेगा वो अलग से। जुर्माने की राशि कम से कम 50 हजार होगी और अधिकतम 5 लाख जबकि ऐसी हेल्थकेयर स्टॉफ के साथ ऐसी हिंसा जो भारतीय दंड संहिता 320 के तहत कवर होती है ऐसे मामलों में नए कानून में कम से कम 3 साल और अधिकतम 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा और 2 लाख से लेकर 10 लाख तक जुर्माना ऐसे मामलों की जांच डिप्टी सुपरीडेंट आफ पुलिस के स्तर का अधिकारी या उसके ऊपर का अधिकारी ही जांच कर पाएगा। 
सरकार ने नए ड्राफ्ट का नोटिस जारी कर दिया है और 30 दिन के भीतर कोई भी इस ड्रॉफ्ट को लेकर सुझाव और आपत्तियां दे सकता है। इस ड्राफ्ट में कहा गया है कि ऐसी घटनाएं या हरकत जिससे किसी स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मचारी को चोट पहुंचती हैउसकी जान-माल का नुकसान करती है या फिर संस्थान को क्षति पहुचाती हैं। इस कानून के दायरे में होगी। ऐसी घटनाएं अपराधिक की श्रेणी में आएगी और ऐसा करना गैर जमानती होगा। जो डॉक्टर, नर्स या फिर कोई कर्मचारी घायल होता है या उसकी जानमाल का नुकसान होता है तो उसको क्षतिपूर्ति का प्रावधान भी नए कानून में होगा। 
महत्तपूर्ण बात ये है कि नये कानून में अस्पताल,नर्सिंग होम, डिस्पेंसरी, डायग्नोस्टिक सेंटर के अलावा वे सारे इस्टेबलिशमेंट कवर होंगे जहा किसी तरह की स्वास्थ्य सेवा का संचालन किया जाता है। कोई भी सरकारी डिपार्टमेंट के अलावा कोई भी ट्रस्ट वह चाहे पब्लिक हो या प्राइवेट, लोकल अथारिटी का हो या फिर सिंगल डॉक्टर सभी को इस नए कानून में सरंक्षण दिया गया है। ड्राफ्ट से साफ है कि नजी तौर पर प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टर से भी यदि किसी ने मारपीट की घटना की तो उस पर भी इसी कानून के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। मेडीकल और नर्सिंग स्टूडेंट से लेकर एंबूलेंस के नर्स और ड्राईवर और हेल्पर को भी इस कानून के तहत सरंक्षण मिलेगा।

Friday, August 30, 2019

कौनसे देश के यूजर्स करते है सबसे अधिक इंटरनेट इस्तेमाल.....?


ब्रॉडबैंड रिव्यू वेबसाइट businessfibre.co.uk  ने एक रिसर्च में दुनिया के उन देशों के बारे में बताया है, जो ऑनलाइन कॉन्टेंट देखने के लिए मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर, स्मार्ट टीवी की स्क्रीन के साथ सबसे ज्यादा वक्त बिताते हैं। हाई स्पीड इंटरनेट और बेस्ट ऑनलाइन कॉन्टेंट होने के कारण किसी को भी लग सकता है कि अमेरिका इस सूची में सबसे ऊपर होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। आपको जानकर हैरानी होगी कि स्क्रीन के सामने सबसे ज्यादा वक्त बिताने वाले टॉप पांच देशों में अमेरिका शामिल नहीं है। अमेरिका में फिक्स्ड इंटरनेट की औसत स्पीड 108.8 Mbps है। वहीं, यहां मोबाइल इंटरनेट स्पीड आमतौर पर 32Mbps रहती है। 
इसके बावजूद भी अमेरिकी लोग किसी भी डिवाइस पर इंटरनेट को औसतन 6 घंटे 31 मिनट तक इस्तेमाल करते हैं। अमेरिका में 18 से 29 वर्ष की आयु वाले 100% यूजर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। वहीं इंटरनेट यूज करने वाले 65 वर्ष या उससे ज्यादा की उम्र वाले यूजर्स की संख्या 73% है। रिसर्च में यह भी कहा गया है कि एक अमेरिकी सोशल मीडिया पर रोज लगभग 2 घंटे 4 मिनट का वक्त बिताता है। अमेरिका सबसे ज्यादा इंटरनेट यूज करने वाले देशों की सूची में 12वें स्थान पर है। 
रिसर्च में फिलीपींस को ऑनलाइन और स्क्रीन के सामने सबसे ज्यादा वक्त बिताने वाले देशों की सूची में पहला स्थान मिला है। यहां के लोग रोज लगभग 10 घंटे ऑनलाइन रहते हैं। फिलीपींस के बाद इस सूची में ब्राजील, कोलंबिया और थाइलैंड शामिल हैं, जो रोज 9 घंटे से ज्यादा समय तक ऑनलाइन रहते हैं। भारत में इंटरनेट यूजर्स औसतन मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर या इंटरनेट कनेक्टेड किसी भी प्रकार की स्क्रीन के सामने रोज 7 घंटे 47 मिनट बिताते हैं। पिछले कुछ सालों में भारत में इंटरनेट डेटा की दरों में काफी कमी आई है। यूजर्स इंटरनेट सर्फिंग के साथ ही विडियो स्ट्रीमिंग सर्विस को भी काफी इस्तेमाल कर रहे हैं। 
ऐसे में कहा जा सकता है कि अगले साल तक भारत इस सूची में और ऊपर पहुंच सकता है। यूके के यूजर्स की बात करें तो यहां के यूजर्स रोज इंटरनेट से लगभग 5 घंटे 46 मिनट तक कनेक्टेड रहते हैं। रिसर्च में 41 देशों को शामिल किया गया था। इस सूची में जापान सबसे निचले पायदान पर है। यहां के लोग रोज लगभग 3 घंटे 45 मिनट इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। बता दें जापान में 94% लोगों के पास इंटरनेट ऐक्सेस है।

Tuesday, August 27, 2019

जाने रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया [RBI] के पास कहा से आते है करोड़ो रुपए....?


देश की आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया [RBI] ने सरकार की बड़ी मदद की है। RBI ने अपने सरप्लस (RBI Surplus Cash Reserve) फंड से सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर करेगा। इन पैसों का इस्तेमाल मोदी सरकार अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए करेगी। अब सवाल उठता है कि RBI की आमदनी कैसे होती है। साथ ही, और कौन से रिजर्व आरबीआई अपने पास रखता है। आपको बता दें कि RBI बोर्ड बैठक में बिमल जालान कमेटी की सिफारिशों को मान लिया गया है। इसके बाद ही सरकार को पैसे ट्रांसफर किए जा रहे है। 
केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 1.76 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित करने की मंजूरी आरबीई बोर्ड ने दी है। RBI की बैलेंस शीट के बारे में जानिए:- RBI की बैलेंस शीट आम कंपनियों की तरह नहीं होती है। आरबीई की प्रॉपर्टी का 26 फीसदी हिस्सा रिजर्व के रूप में होता है। इसका ही इन्वेस्टमेंट विदेशों में, भारत सरकार के बॉन्ड्स और गोल्ड में किया जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, RBI के पास करीब 600 टन के आस-पास गोल्ड रिजर्व है।  इसे विदेशी मुद्रा भंडार के साथ जोड़ दिया जाए तो यह बैंक की कुल संपत्ति का 77 फीसदी बैठता है। RBI अपने पास रखता है इमरजेंसी फंड (CF)- अगर आम भाषा में कहें तो यह एक विशेष प्रावधान होता है जो मॉनिटरी पॉलिसी और एक्सचेंज रेट को मैनेज करने के चलते अचानक आन पड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल होता है। 
मतलब साफ है कि इसका इस्तेमाल जरुरतों के हिसाब से और कोई भी इमरजेंसी आने पर इस फंड का इस्तेमाल होता है।  साल 2017-18 में CF का आकार 2.32 लाख करोड़ था, जो RBI के कुल ऐसेट्स का 6.4% था। वित्त वर्ष 2013-14 से तीन साल तक आरबीआई ने CF में बिल्कुल पैसा नहीं रखा था क्योंकि टेक्निकल कमिटी का मानना था कि उसके पास पहले से ही काफी बफर (आर्थिक पूंजी/बफर पूंजी) है। हालांकि, बीते साल में बैंक ने CF रखा। RBI की आमदनी का जरिया क्या है?-  मनीकंट्रोल के डिप्टी एडिटर गौरव चौधरी का कहना है आरबीआई की आमदनी का मुख्य जरिया सरकारी बॉन्ड, गोल्ड पर किया गया इन्वेस्टमेंट और विदेशी मार्केट में फोरेक्स और बॉन्ड ट्रेडिंग होता है। 
RBI के पास इस बार रिकॉर्ड सरप्लस था क्योंकि पिछले साल बैंक ने गोल्ड और विदेशी मुद्रा बाजार, दोनों बाजारों में वह ऐक्टिव रहा। बैंक ने बड़े प्रॉफिट पर डॉलर बेचे और मुद्रा बाजार में रेकॉर्ड बॉन्ड खरीदे, जिनपर अच्छा रिटर्न मिला है। RBI का सरप्लस क्या होता है:- यह वो रकम  होती है। जिसे RBI सरकार को ट्रांसफर करता है। RBI अपनी जरूरतें पूरी करने के बाद जो सरप्लस बचता है उसे सरकार को ट्रांसफर करना होता है। वित्त वर्ष  2017-2018 में आरबीआई के खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा 14,200 करोड़ रुपये का था, जो उसने कंटिंजेंसी फंड से किया था। जितना बड़ा हिस्सा कंटिंजेंसी फंड (CF) में जाएगा, सरप्लस उतना घटेगा।

भारत की स्‍टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु एक साल में कितना पैसा कमाती हैं.....?


भारत की स्‍टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने महिला सिंगल्‍स में वर्ल्‍ड चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-7, 21-7 से हराकर सिंधु यह टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय बन गईं। फॉर्ब्‍स की सबसे कमाई करने वाली टॉप 15 महिला खिलाड़ियों में सिंधु इकलौती भारतीय हैं। कमाई के मामले में दुनिया में उनकी रैंकिंग 13 है। फोर्ब्स की लिस्ट में 50 लाख अमेरिकी डॉलर से ज्यादा कमाने वाली दुनियाभर की महिला खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। 
सिंधु ने बीते साल 55 लाख डॉलर यानी करीब 39 करोड़ रुपए विज्ञापन और टूर्नामेंट में प्राइज मनी जीतकर कमाए थे। सिंधु ने 50 लाख डॉलर की कमाई अकेले विज्ञापनों के जरिए की, जबकि 5 लाख डॉलर उन्होंने प्राइज मनी के तौर पर जीते थे। उन्होंने बैक ऑफ बड़ौदा, ब्रिजस्टोन, जेबीएल, पैनासोनिक और दूसरे कई बड़े ब्रांड्स का विज्ञापन किया है। फॉर्ब्‍स ने सिंधु के लिए लिखा, सिंधु भारत की मोस्‍ट मार्केटेबल महिला खिलाड़ी हैं। वह 2018 का बीडब्‍ल्‍यूएफ वर्ल्‍ड ट्यूर फाइनल्‍स जीतने वाली पहली भारतीय हैं। 
भारतीय खिलाड़ियों में विराट कोहली कमाई में सबसे आगे हैं। फॉर्ब्‍स की लिस्‍ट के अनुसार, उन्‍हें पिछले साल 25 मिलियन डॉलर की कमाई हुई थी। इसमें 21 मिलियन डॉलर विज्ञापनों और 4 मिलियन डॉलर मैच फीस व बीसीसीआई कॉन्‍ट्रेक्‍ट से आते हैं। दुनिया में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली खिलाड़ियों की बात करें तो सबसे पहला नाम सेरेना विलियम्स का आता है। उन्होंने एक साल में 2.92 करोड़ डॉलर कमाए। जबकि दूसरे नंबर पर 2.43 करो़ड़ डॉलर के साथ नोआमी ओसाका का नाम आता है।

Thursday, August 22, 2019

दीवारों पर पत्थरों को तराश कर रामायण, महाभारत और कृष्ण लीला का चित्रण सहित वर्णन मिलता है इस मंदिर में....


उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक ऐसा अनोखा मंदिर है जिसके बारे में जानकार आप भी वहां एक बार दर्शन करने की इच्छा करने लगेंगे। इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां की दीवारों पर पत्थरों को तराश कर रामायण, महाभारत और कृष्ण लीला का चित्रण सहित वर्णन किया गया है। यह अनोखा मंदिर उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के एक छोटे से गांव खण्डह में स्थित है। इस गांव का नाम मराठा सरदार खण्डराव पेशवा के नाम पर खण्डह पड़ा है। इस मंदिर का निर्माण मराठाओं के शासन काल में करवा गया था। इस मंदिर के निर्माण में लाल पत्थर का इस्तेमाल किया गया है जो कि चित्रकूट के पहाड़ी इलाकों से मंगवाया गया था।
जानकारी के मुताबिक इस मंदिर की चारों तरफ दीवारों पर पत्थर को काट कर नायाब हस्तशिल्प कला द्वारा अद्भुत आकृति और अनोखी शिल्पकलाओं का प्रदर्शन किया गया है। मंदिर की दीवारों पर शिल्पकारों द्वारा की गई नक्कासी को देखकर आप भी दंग हो जाएंगे। इस मंदिर की खास बात यह है कि इस मंदिर की दीवारों पर पूरी रामायण राम जन्म से लेकर रावण युद्ध आदि का उल्लेख चित्रण द्वारा किया गया है। ऐसे ही कृष्ण जन्म से लेकर कंश वध तक और पूरी महाभारत का भी चित्रण किया गया है। मंदिर की दीवारों पर उकेरी गई इस कलाकृति को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।
यही नहीं इस मंदिर में एक शिवलिंग भी स्थापित है जो अपने आप मे चमत्कारी है। यहां के लोगों का मानना है कि सच्चे मन से आप जिस चीज के लिए प्राथना करते हैं वह मुराद जल्द ही पूरी हो जाती है। शायद यही वजह है कि लोग इस मंदिर में अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए दूर-दूर से खिंचे चले आते हैं। आपको बता दें कि यह मंदिर मराठा काल से अब तक अनेकों रहस्य समेटे हुए है। यह एक ऐसा मंदिर है जिसमें एक भी मूर्तियों को मुगल शासन काल में खण्डित नहीं किया गया,लेकिन समय के साथ-साथ अब इसे भी देख-रेख की जरूरत होने लगी है। 
इस अनोखे मंदिर में पत्थरों को तराश कर अनूठी कलाकृतियों को उभारा गया है जो शायद आपको खजुराहो के मंदिरों में भी देखने को नहीं मिलेगी। इस नायब नक्कासी को अब प्रदेश सरकार की मदद का इंतजार है। क्योंकि अब यह मंदिर धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खोता जा रहा है।

Tuesday, August 20, 2019

सोने के तरीके से पता लगाए पार्टनर के साथ रिश्ता कैसा है आपका....?


यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ने कुछ समय पहले ही इस विषय पर अध्ययन किया और पाया कि जो लोग रात में देर तक जागते हैं और सुबह देर तक सोते रहते हैं वो साथी से संबंध बनाते वक्त काफी आक्रामक होते हैं उन लोगों की तुलना में जिनका रूटीन सामान्य होता है। इस अध्ययन के मुताबिक़, लोगों के नींद लेने का पैटर्न कई तरह से उनके व्यवहार पर असर डालता है। आपके बीच रिश्ता कैसा ये कई चीज़ों से झलकता है। बात करना,उठना-बैठना यहां तक सोना भी। जी हां सोने के तरीके से भी आप पता लगा सकते है कि पार्टनर के साथ रिश्ता कैसा है। वो आपसे प्यार करते हैं या नहीं,आपके बीच समझ कैसी है। 
ये सभी सोने के अंदाज से पता लगाया जा सकता है। इस सिलसिले में हाल में ही एक स्टडी हुई जिसमें पता चला कि जिन लोगों की सुबह देर तक सोने की आदत होती है वो अपने प्रेम के प्रति समर्पित नहीं रहते और वो एक टिकाऊ साथी भी साबित नहीं होते हैं। आप अपने पार्टनर के साथ किस तरह से सोते हैं और कैसी है आपकी लव-लाइफ जानिए:- 
# बाहों में छिपाकर- अगर आपका पार्टनर कमर से पकड़कर या बाहों में भरकर आपको सुलाता है, तो ये दर्शाता है कि वो आपसे बहुत प्यार करता/ती है, साथ ही आपको खोने से भी डरते हैं। # अलग-अलग दिशा में सोते समय अगर आप दोनों का सिर अलग दिशा में होता है,आपकी बॉडी को कोई हिस्सा उन्हें छूता नहीं है तो समझिए आप दोनों ही पर्सनल स्पेस को बहुत तवज्जो देते हैं।
# अगल दिशा में पर साथ- दोनो अलग दिशा में सोते हैं पर अपकी बॉडी एक दूसरे को छूती है तो इसका मतलब है आप एक-दूसरे को पूरी आजादी देते हैं, साथ ही एक-दूसरे तो भी महत्व देना नहीं भूलते। # ज्यादा जगह:-आप में से एक साथी आधे से ज्यादा बिस्तर घेरकर सोता है तो ये दिखाता है कि वो रिश्ते में डॉमिनेन्स यानी स्वामित्व दिखाता है।
# पैरों में पैर फंसाकर- अगर साथी पैरों में पैर या हाथों में हाथ फंसाकर सोता है तो इसका मतलब है कि वो आप पर बहुत डिपेंड यानी निर्भर रहता है। हो सकता है उनका ये बर्ताव कभी-कभी परेशान कर देता हो। # एक पार्टनर दूसरी तरफ- अगर एक साथी दूसरी तरफ मुंह करके सोता है और दूसरा उसके कंधे पर या सटकर तो माना जाता है दूसरा पार्टनर काफी पॉज़ेसिव है।

Friday, August 16, 2019

जाने क्यू पुरुषों में स्पर्म काउंट में आती गिरावट.....?


एक सेहतमंद पुरुष में प्रति सेकेंड करीब 1,500 स्पर्म्स का निर्माण होता है।  आजकल की फास्ट लाइफ से तालमेल बिठाने के चक्कर में कहीं न कहीं अनजाने में ही लोग अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अनियमित रहन सहन और खानपान के कारण हमारे जीवन में कई दिक्कतें आती हैं। पुरुषों में स्पर्म काउंट में आती गिरावट भी एक ऐसी ही समस्या है। स्पर्म की गुणवत्‍ता ठीक नहीं होने की वजह से फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ रहा है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे देसी नुस्खे जिन्हें अपनाकर आप स्पर्म काउंट की संख्या और क्वालिटी में इजाफा कर सकते हैं:-ज़िंक स्पर्म काउंट बढ़ाने का एक अच्छा स्त्रोत है। 
ऑयस्टर ( घोंघा) में प्रचुर मात्रा में यह तत्व (जिंक) पाया जाता है। इससे तेजी से स्पर्म का निर्माण होता है लिहाजा कम स्पर्म काउंट की समस्या का निदान हो जाता है। इस कमी से छुटकारा पाने के लिए पुरुष नियमित रूप से 50 ग्राम घोंघे का सेवन करें,लेकिन इससे पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें। पालक में मौजूद फॉलिक एसिड स्वस्थ शुक्राणु के उत्पादन में मदद करता है। शरीर में फॉलिक एसिड की कमी होने पर अस्वस्थ स्पर्म्स पनपते हैं। जिसके कारण स्पर्म्स को एग्स तक पहुंचने में दिक्कत होती है। डार्क चॉकलेट्स स्पर्म काउंट बढ़ाने में मदद करती है। डार्क चॉकलेट में अमिनो एसिड्स,एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं,जो पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित करने वाले फ्री रेडिकल्स को दूर करने में मददगार होते हैं,लेकिन ज़्यादा चॉकलेट नहीं खाना चाहिए,
क्योंकि इससे वज़न बढ़ता है। जिससे शरीर में टेस्टोस्टेरॉन नामक हार्मोन का संतुलन को बिगड़ जाता है, जिससे नतीजतन स्पर्म काउंट कम होता है। दिनभर में एक डार्क चॉकलेट का एक टुकड़ा काफ़ी में अमिनो एसिड्स पाए जाते हैं। लहसुन में एलिसिन पाया जाता है, जो पुरुषों के सेक्सुअल ऑर्गन में ब्लड फ्लो को बढ़ाता है। स्पर्म को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। लहसुन में सेलेनियम भी होता है जो शुक्राणुओं की गतिशीलता को बढ़ाता है। प्रति दिन दो लहसुन की कलियां खाना काफी होगा। डायट में अखरोट भी शामिल कर सकते हैं। इसमे मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड्स मेल ऑर्गन्स में ब्लड फ्लो बढ़ाने में हेल्पफुल है।
रोज एक मुट्ठी अखरोट खाने से स्पर्म की संख्या और गुणवत्‍ता बेहतर होती है। टमाट खाएं:-  इसमें मौजूद लाइकोपिन स्पर्म काउंट,क्वालिटी और स्ट्रक्चर को बेहतर करता है।  टमाटर को ऑलिव ऑयल में पकाकर खाने से काफी फायदा होता है। केले में ब्रोमेलिन एंज़ाइम,विटामिन सी,ए और बी 1 पाया जाता है। ये पुरुषों में शुक्राण पैदा करता है। सेक्स हार्मोन्स को नियंत्रित करने में मदद करता है।

Thursday, August 8, 2019

वॉट्सऐप पर कैसे वापस पाए अनजाने में डिलीट हुए जरूरी चैट और मेसेज....?


वॉट्सऐप का इस्तेमाल ज्यादातर यूजर्स जहां तक चैटिंग के लिए ही करते हैं, वहीं प्लैटफॉर्म पर फोटोज, फाइल्स, लोकेशन, ऑडियो और स्टिकर्स भी भेजे जा सकते हैं। ऐसे में कई जरूरी बातें इस ऐप के जरिए यूजर्स आपस में करते हैं और उनका बैकअप होना जरूरी है। अगर आपने गलती से कोई मेसेज या चैट डिलीट कर दिया है तो इसे वापस पाने का भी एक तरीका है। वॉट्सऐप अपने यूजर्स के डिवाइस पर हुए चैट्स का एक बैकअप तैयार कर देता है। इसके इलावा ऐंड्रॉयड डिवाइस यूजर्स को गूगल ड्राइव और iOS डिवाइस यूजर्स को iCloud पर अपने मेसेज का बैकअप तैयार करने का विकल्प मिलता है। आप ऐप की सेटिंग्स से चैट और यहां बैकअप में जाकर गूगल ड्राइव या iCloud पर बैकअप तैयार कर सकते हैं। यहीं आपको ऑटोबैकअप का ऑप्शन भी मिल जाता है। 
आप चुन सकते हैं कि ऐप कब गूगल ड्राइव या iCloud पर आपके चैट्स का बैकअप तैयार करेगा। इसकी मदद से पुराने मेसेज रिकवर किए जा सकेंगे। आप मेसेजेस को ऐसे रिकवर कर सकते हैं# गूगल ड्राइव/iCloud बैकअप की मदद से:- चैट डिलीट हो गया हो, तो वॉट्सऐप अनइंस्टॉल कर दें। अब इसे प्ले स्टोर/ऐप स्टोर से दोबारा इंस्टॉल करें। अपनी पुराने नंबर से ही वॉट्सऐप सेटअप करें। लास्ट में आपको बैकअप रीस्टोर करने का ऑप्शन मिलेगा। यहां रीस्टोर पर टैप करें और मेसेज रीस्टोर होने का इंतजार करें। आपके डिलीट हो चुके मेसेज और चैट वापस आ जाएंगे। (नोट: अगर मेसेज डिलीट होने के बाद ऑटो बैकअप तैयार हो चुका है, तो वे वापस वहीं आएंगे। इसके लिए आप लोकल बैकअप की मदद ले सकते हैं।) 
# लोकल बैकअप की मदद से:- लोकल बैकअप की मदद से मेसेज वापस पाने का यह तरीका केवल ऐंड्रॉयड फोन पर काम करता है। वॉट्सऐप रोज रात दो बजे (नेट ऑन होने पर) डिवाइस में एक लोकल बैकअप भी तैयार कर देता है, जो इसमें आपकी मदद करेगा। ये स्टेप्स फॉलो करें ऐंड्रॉयड फोन के फाइल मैनेजर में जाएं। यहां Whatsapp फोल्डर में Database का फोल्डर ओपन करें। इसमें कई फाइल्स दिखेंगी और यहां आप msgstore.db.crypt12 को सेलेक्ट करें। इसका नाम बदलकर msgstore-newest.db.crypt12 कर दें। अब यहां मौजूद किसी दूसरी डेटाबेस फाइल का नाम msgstore.db.crypt12 कर दीजिए। 
गूगल ड्राइव में पिछला बैकअप डिलीट कर दें। इसके लिए ड्राइव ऐप के मेन्यू में बैकअप में जाना होगा। अब वॉट्सऐप को अनइंस्टॉल करने के बाद फिर से इंस्टॉल करें। वॉट्सऐप सेटअप करें और लास्ट में आपको लोकल बैकअप रीस्टोर करने का विकल्प मिलेगा। यहां Restore पर टैप करें और आपके डिलीट चैट रीस्टोर हो जाएंगे।


Wednesday, August 7, 2019

दफ्तर या काम करने की जगह में तनाव से कैसे बचे....?


आपकी नई नौकरी में शायद ही कोई महीना ऐसा हो जब आप खुद को डिप्रेस्ड महसूस करने लगे हों? यह एक सामान्य लक्षण नहीं है, बल्कि ये बेहद गंभीर समस्या है, जिसे वर्कप्लेस डिप्रेशन कहा जाता है। यह कई युवाओं को होने वाली एक गंभीर बीमारी है। वर्कप्लेस डिप्रेशन आपके काम करने के तरीके, अनुभव और वहां किए जा रहे व्यवहार के द्वारा समझा जा सकता है। यह आपके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है साथ ही आपके काम पर भी निगेटिव इफेक्ट डालता है। इसका सीधा असर आपकी परफॉर्मेंस पर पड़ता है।  वर्कप्लेस डिप्रेशन से निपटने की दिशा पहला स्टेप ये है कि आपको इस बारे में जानकारी हो कि आप इससे गुज़र रहे हैं।
जानिए क्या हैं वर्कप्लेस डिप्रेशन के कारण और उससे निपटने के तरीके,वर्कप्लेस डिप्रेशन के कारण:-1. काम के बारे में कम जानकारी:- अगर आपको जॉब के दौरान काम के बारे में कम जानकारी है तो भी आप तनाव महसूस कर सकते हैं। ऐसा तब होता है जब आप किसी के प्रति हीन भावना महसूस करने लगते हैं। ऐसे में नियमित रूप से आपको इस पर नियंत्रण पाने की कोशिश करनी होगी। 2. जॉब सिक्योरिटी की कमी:- जॉब सिक्योरिटी की कमी भी आपको डिप्रेशन का शिकार बनाती है।  नौकरी खोने का डर लोगों को वर्कप्लेस डिप्रेशन का शिकार बनाने लगता है। 3. ऑफिस पॉलिटिक्स:- अक्सर ऐसा देखा जाता है कि हम कभी-कभी ऑफिस पॉलिटिक्स या चुगली का शिकार बन जाते हैं। ऐसे में हम डिप्रेशन का शिकार होने लगते हैं। इसमें कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार न होना या अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल भी आपको इसका शिकार बना सकता है। 
4. काम का प्रेशर बढ़ना:- ऑफिस में काम के माहौल में दबाव बढ़ने पर भी आप तनाव का शिकार हो सकते हैं, जिसकी वजह से वर्कप्लेस डिप्रेशन आपको घेर सकता है। 5. माता-पिता के प्रति अपराधबोध:- माता-पिता के प्रति अपराधबोध भी डिप्रेशन का बड़ा कारण हो सकता है। हमें लगता है कि हम माता-पिता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह से खरे नहीं उतर रहे हैं, ऐसे में भी वर्कप्लेस डिप्रेशन आपको घेर लेता है। वर्कप्लेस डिप्रेशन के प्रभाव:- 1. ध्यान केंद्रित करने में परेशानी:- वर्कप्लेस डिप्रेशन से पीड़ित होने पर आप आमतौर पर दिमाग में चल रही अन्य गितिविधियों और विचारों से पीड़ित रहते हैं। इस वजह से आप वर्कप्लेस पर काम में ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते। इसका सीधा असर आपके काम पर पड़ता है। 2. चिंतित महसूस करना:- वर्कप्लेस डिप्रेशन की वजह से आप खुद को चिंतित महसूस करने लगते हैं। चिंता की भावना आपके काम पर भी असर डालने लगती है। आप ऑफिस के माहौल में खुद को असहज महसूस करने लगते हैं। 3. उत्साह और ऊर्जा की कमी:- वर्कप्लेस डिप्रेशन की वजह से लोगों में काम के प्रति रुचि कम होने लगती है। आपका उत्साह कम होने से इससे काम की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है।
4. दिमाग का स्थिर न रहना:- चीजों को भूल जाना आमतौर पर या ब्लैक आउट करना वर्कप्लेस डिप्रेशन की वजह से हो सकता है। जब आप तनाव में होते हैं तो आपका दिमाग अस्थिर होता है। इसकी वजह से आप अच्छा प्रदर्शन भी नहीं कर पाते। 5. थकान महसूस करना:- वर्कप्लेस डिप्रेशन की वजह से आप थकान महसूस करने लगते हैं। जब आप डिप्रेशन का शिकार होते हैं तो आपको ऑफिस का काम भी बोरिंग लगने लगता है। वर्कप्लेस डिप्रेशन रोकने के सुझाव:- वर्कप्लेस डिप्रेशन का शिकार कोई भी हो सकता है। इसका किसी व्यक्ति की शारीरिक संरचना या दिमाग से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में इसे ठीक करने के लिए इसकी पहचान करना बेहद जरूरी है। 1. अपनी भावनाओं को पहचानें:- हमेशा यह जानने की कोशिश करें कि आप अपनी भावनाओं के बारे में कैसा महसूस कर रहे हैं। एक बार जब आप यह महसूस करना शुरू करते हैं कि आप क्या चाहते हैं तो आप इसका सॉल्यूशन ढूंढ़ने की कोशिश करने लगते हैं। 
2. सपोर्ट हासिल करें। एक बार जब आप अपनी फीलिंग्स को पहचानने लगते हैं तो कोशिश करें कि सभी के साथ पॉजिटिव तरीके से बातचीत की जाए। इससे आपको लोगों का सपोर्ट मिलेगा और आप अपनी भावनाओं को मैनेज कर पाएंगे। ऐसे में उन लोगों के सुझाव भी आपके काम आ सकते हैं जो आपके बारे में सकारात्मक नजरिया रखते हैं। आपके अच्छे व्यवहार से लोगों में आपके प्रति विश्वास बढ़ेगा। 3. ब्रेक लें:- यह भी वर्कप्लेस डिप्रेशन से निपटने की कारगर तकनीक साबित हो सकती है। मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सकों का सुझाव है कि काम के घंटों के बीच ब्रेक लेने से आप जल्दी विचलित होने से बच सकते हैं। आप जब ब्रेक के बाद काम करना शुरु करते हैं तो आप खुद को रिफ्रेश महसूस करते हैं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...