Friday, January 12, 2024

९२ प्रकरणांची नोंद - उपद्रव शोध पथकाची धडक कारवाई

नागपूर:नागपूर महानगरपालिकेच्या उपद्रव शोध पथकाने सार्वजनिक ठिकाणी लघुशंका करणाऱ्यांवरकचरा फेकणाऱ्यांवरथुंकणाऱ्यांवर५० मायक्रॉन पेक्षा कमी प्लास्टिक पिशवीचा वापर करणाऱ्यांवर अधिक कठोर कारवाईची सुरुवात केली आहेगुरुवार (ता.११रोजी उपद्रव शोध पथकाने ९२ प्रकरणांची नोंद करून ५४,२०० रुपयाचा दंड वसूल केला.शहराला स्वच्छ ठेवण्यासाठी रस्त्यावरफुटपाथवर कचरा टाकणारेथुंकणारेघाण करणारेलघुशंका करणारेप्लास्टिक पिशवीचा वापर करणाऱ्या नागरिकांवर तसेच दुकानदारांवर दंडात्मक कारवाई सुरु करण्यात आली आहेहाथगाडयास्टॉल्सपानठेलेफेरीवालेछोटे भाजी विक्रेते यांनी लगतच्या परिसरात अस्वच्छता (रु४००/- दंडया अंतर्गत ३८ प्रकरणांची नोंद करून १५,२०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीव्यक्तीने रस्ताफुटपाथमोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०१ प्रकरणांची नोंद करून १०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीदुकानदाराने रस्ताफुटपाथ
मोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे याअंतर्गत १३ प्रकरणांची नोंद करून ५२०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीशैक्षणिक संस्थाकोचिंग क्लासेस अशा संस्थांनी रस्ताफुटपाथमोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे याअंतर्गत  ०१ प्रकरणांची नोंद करून १००० रुपयांची वसुली करण्यात आली.मॉलउपहारगृह,लॉजिंग बोर्डिंग होर्डिंग सिनेमाहॉलमंगल कार्यालयेकॅटरर्स सर्व्हिस प्रोव्हायडर इत्यादींनी रस्ताफुटपाथमोकळी जागाअशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०२ प्रकरणांची नोंद करून ४००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीवाहतुकीचा रस्ता मंडपकमानस्टेज इत्यादी रचना करुन अथवा वैयक्तिक कामाकरीता बंद करणे या अंतर्गत ११ प्रकरणांची नोंद करून ११,५०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीवर्कशॉपगॅरेज  इतर दुरुस्तीच्या व्यावसायिकांनी रस्ताफुटपाथमोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे याअंतर्गत  ०२ प्रकरणांची नोंद करून २००० रुपयांची वसुली करण्यात आली.सार्वजनिक रस्ताफुटपाथमोकळी जागा इत्यादी ठिकाणी बांधकामाचा मलबा,टाकाऊ कचरा 
टाकणे साठवणे , प्रथम ४८ तासात हटविण्याची नोटीस देऊन  हटविल्यास याअंतर्गत  ०१ प्रकरणांची नोंद करून १००० रुपयांची वसुली करण्यात आली.उपरोक्त यादीत  आढळणारे इतर उपद्रव (व्यक्तीअसल्यास ११ प्रकरणांची नोंद करून रु २२०० दंड वसूल करण्यात आलेला आहेउपरोक्त यादीत  आढळणारे इतर उपद्रव संस्था असल्यास १२ प्रकरणांची नोंद करून रु १२००० दंड वसूल करण्यात आलेला आहेही कारवाई उपद्रव शोध पथक प्रमुख वीरसेन तांबे यांच्या नेतृत्वात करण्यात आली.


Thursday, January 11, 2024

सिम्बायोसिस स्कूल ऑफ प्लानिंग आर्किटेक्चर एंड डिजाइन में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत 10 जनवरी से.....

नागपुर:- डिजाइन शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी सिंबोसिस स्कूल आफ प्लैनिंग आर्किटेक्चर एंड डिजाइनर 4 साल के स्थानक कार्यक्रम के तहत गेम डिजाइन और एनिमेशन फिल्म डिजाइन नामक दो नवीन शाखाएं शुरू करने जा रहा है,जिसमें अधिक मांग वाले पाठ्यक्रम गेम डिजाइन और एनिमेशन फिल्म डिजाइन, डिजाइन शिक्षा आदि का समावेश होगा। ऐसी जानकारी सिंबोसिस की डायरेक्टर डॉ.नंदिनी कुलकर्णी ने एक पत्र परिषद में दी। डॉ.कुलकर्णी ने आगे बताया कि अपनी प्रतिष्ठा के आधार पर SSPAD में पहले से ही इंटीरियर डिजाइन ग्राफिक हूँ डिजाइन यूजर एक्सपीरियंस डिजाइन के विभाग हैं जिसमें प्रोडक्ट डिजाइन रिटेल डिजाइन फैशन 
कम्युनिकेशन जैसे विषय शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नागपुर के वाठोड़ा परिसर में स्थित सिंबोसिस स्कूल अपने विद्यार्थियों को पेशेवर और अनुभवी शिक्षक उपलब्ध कराता है जो विद्यार्थियों के भविष्य को निखारने में असीम मदद करते है। डॉ नंदिनी कुलकर्णी के अनुसार 10 जनवरी से भावी छात्रों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो रही है और 23 से 25 अप्रैल के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया में छात्रों के काम को प्रदर्शित करने वाले व्यक्तिगत साक्षात्कार और पोर्टफोलियो प्रस्तुतियां शामिल की जाएगी। मेरिट सूची 2 मई तक घोषित की जाएगी। कार्यक्रम जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होगा। 12 वीं तक शिक्षा प्राप्त या उसके समकक्ष इस वर्ष न्यूनतम 50% अंक के साथ परीक्षा में शामिल हो रहे है। विद्यार्थी इसका हिस्सा बन सकते है। उन्होंने विद्यार्थी और पालकों से अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। पत्रकार परिषद में डॉ.नंदिनी कुलकर्णी,डॉ. पुरवा मांगे,प्रोफेसर कृति कुसुम व प्रीतम परए व सदस्य उपस्थित थे।

Monday, January 1, 2024

उपद्रव शोध पथकाची धडक कारवाई

नागपूर:नागपूर महानगरपालिकेच्या उपद्रव शोध पथकाने सार्वजनिक ठिकाणी लघुशंका करणाऱ्यांवरकचरा फेकणाऱ्यांवरथुंकणाऱ्यांवर५० मायक्रॉन पेक्षा कमी प्लास्टिक पिशवीचा वापर करणाऱ्यांवर अधिक कठोर कारवाईची सुरुवात केली आहेरविवार (ता.३१आणि सोमवार (ता.रोजी उपद्रव शोध पथकाने १६५ प्रकरणांची नोंद करून ,०२,९०० रुपयाचा दंड वसूल केला.शहराला स्वच्छ ठेवण्यासाठी रस्त्यावरफुटपाथवर कचरा टाकणारेथुंकणारेघाण करणारेलघुशंका करणारेप्लास्टिक पिशवीचा वापर करणाऱ्या नागरिकांवर तसेच दुकानदारांवर दंडात्मक कारवाई सुरु करण्यात आली आहेहाथगाडयास्टॉल्सपानठेलेफेरीवालेछोटे भाजी विक्रेते यांनी लगतच्या परिसरात अस्वच्छता (रु४००दंडया अंतर्गत ८८ प्रकरणांची नोंद करून ३५२०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीव्यक्तीने
स्ताफुटपाथमोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०२ प्रकरणांची नोंद करून २०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीदुकानदाराने रस्ताफुटपाथमोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे याअंतर्गत ०५ प्रकरणांची नोंद करून २००० रुपयांची वसुली करण्यात आली.मॉलउपहारगृह,लॉजिंग बोर्डिंग होर्डिंग सिनेमाहॉलमंगल कार्यालयेकॅटरर्स सर्व्हिस प्रोव्हायडर इत्यादींनी रस्ताफुटपाथमोकळी जागाअशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०३ प्रकरणांची नोंद करून ६००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीवाहतुकीचा रस्ता मंडपकमानस्टेज इत्यादी रचना करुन अथवा वैयक्तिक कामाकरीता बंद करणे या अंतर्गत ०५ प्रकरणांची नोंद करून ६५०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीवर्कशॉपगरज  इतर दुरुस्तीचे व्यावसायीकांने रस्ताफुटपाथ मोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०१ प्रकरणांची नोंद करून १००० रुपयांची वसुली करण्यात आली

सार्वजनिक रस्ता फुटपाथमोकळी जागा इत्यादी ठिकाणी बांधकाम मलबा टाकून कचरा टाकणेसाठवणेप्रथम ४८ तासात हटविण्याची नोटीस देऊन  हटविणे या अंतर्गत ०१ प्रकरणांची नोंद करून ५००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीउपरोक्त यादीत  आढळणारे इतर उपद्रव (व्यक्तीअसल्यास ४० प्रकरणांची नोंद करून रु ८००० दंड वसूल करण्यात आलेला आहेउपरोक्त यादीत  आढळणारे इतर उपद्रव संस्था असल्यास १९ प्रकरणांची नोंद करून रु १९००० दंड वसूल करण्यात आलेला आहेहरित लवाद यांनी दिलेल्या दि.०३.०७.२०१७ च्या आदेशाप्रमाणे  दिलेल्या निर्देशाप्रमाणे विवाह सभागृह  लाॅन्स  यावर कार्यवाही करणे या अंतर्गत ०१ प्रकरणांची नोंद करून २०००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीही कारवाई उपद्रव शोध पथक प्रमुख वीरसेन तांबे यांच्या नेतृत्वात करण्यात आली.

Tuesday, December 26, 2023

1200 सालों तक मरम्मत की जरुरत नहीं, बिना लोहे और सीमेंट से बन रहा अयोध्या राम मंदिर....

अयोध्या राम मंदिर के निर्माण में कई प्रांतों के कारीगरों ने अपनी भूमिका निभाई है। पत्थरों को तराशने के काम में राजस्थान, ओडिशा और मध्य प्रदेश के शिल्पकारों ने लंबे वक्त तक काम किया है। वहीं इसमें लगने वाले पिंक कलर के सैंड स्टोन राजस्थान के भरतपुर के वंशीपहाडपुर गांव से लाए गए हैं। गुलाबी रंग के ये पत्थर सबसे मजबूत माने जाते हैं। राम मंदिर के फर्श का निर्माण मकराना के पत्थरों से हुई है जबकि इसमें लगने वाले ग्रेनाइट तेलंगाना और कर्नाटक से लाए गए हैं। राम मंदिर के निर्माण में लोहे और सीमेंट का प्रयोग 
नहीं किया जा रहा है। मंदिर का निर्माण इस तरह से किया जा रहा है कि लगभग 1200 सालों तक मरम्मत की जरुरत नहीं पड़ेगी। साथ ही मंदिर की नींव में 40 मीटर ऑर्टफिशियल रॉक डाला गया है। वहीं 21 फिट तक ग्रेनाइट डाला गया है। श्री राम मंदिर जन्मभूमि निर्माण ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार श्री राम मंदिर का निर्माण इस तरह किया जा रहा है कि अगले 1200 सालों तक मरम्मत की कोई जरुरत नहीं पड़ेगी। मंदिर निर्माण में किसी तरह का लोहे और कंक्रिट का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। चंपत राय के अनुसार उत्तरी भारत में ऐसा कोई मंदिर नहीं जो इस तरह के पत्थरों के द्वारा बनाया गया हो। दक्षिण भारत के अधिकांश मंदिर को पत्थरों से बनाया गया है। 
सभी मंदिरों में परकोट का प्रयोग किया गया हैं। दरवाजे की डिजाइनिंग करने वाले कारीगर कन्याकुमारी के हैं। हैदराबाद की एक कंपनी को दरवाजे बनवाने का काम दिया गया है। मंदिर के निर्माण कार्य में विभिन्न राज्यों के 300 से अधिक कारीगर काम कर रहे हैं। रामलला की 51 इंच की दिव्य और भव्य प्रतिमा के निर्माण में तीन विशेषज्ञ मूर्तिकार लगाए गए हैं, जो मूर्तियों को श्याम संगमरमर पत्थर से बना रहे हैं। इनमें से दो मूर्तियां कर्नाटक के श्याम पत्थर से तराशी गई हैं। कर्नाटक के गणेश भट्ट और अरूण योगिराज ने श्याम पत्थर से रामलला की प्रतिमा को बनाएं है। राजस्थान के जयपुर के सत्यनारायण पांडे ने संगमरमर पत्थर से रामलला की दिव्य प्रतिमा को तराशा है।

308 करोड़की कमाई, फ़्राड और धोखेबाज,छात्रों के भविष्य से करता है खिलवाड़….मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा

करियर 360 के फाउंडर महेश्वर पेरी ने विवेक पर कई घोटाले करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि विवेक का 10 दिन का एमबीए कोर्स पूरी तरह से गैरकानूनी है। पेरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा है कि इस व्यक्ति ने एक मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में शुरुआत की। वह आसानी से पैसा बनाने के लिए धर्म और राष्ट्रवाद का इस्तेमाल करते हैं। पेरी ने आगे लिखा कि विवेक का पर्दाफाश संदीप सेमिनार ने भी किया। पेरी का कहना है कि मेरी नजर उनपर तब गई जब उन्होंने भारत के जॉब की तलाश कर रहे 25 हजार से ज्यादा छात्रों के लिए 10 दिन का एमबीए कोर्स लॉन्च किया। पेरी ने आगे फिर इस पूरे मामले में रिसर्च 
करनी शुरु की। पेरी ने विवेक बिंद्रा के कोर्सेज के बारे में भी कई दावे किए। उन्होंने कहा कि विवेक ने इंटरनेशनल बिजनेस कंसल्टेंट (आईबीसी) नामक एक कार्यक्रम शुरू किया। यह कोर्स वादा करता है कि आप हर महीने 1 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। आप एक बिजनेसमैन बनने के लिए 50,000 की फीस का भुगतान करते हैं,लेकिन आखिर में एक सेल्समैन बन जाते हैं जो कमीशन कमाने के लिए बिंद्रा का कोर्स बेचता है। 








पेरी ने आगे कहा कि इस कार्यक्रम की वजह से छात्रों ने समय, पैसा और आशा खो दी, लेकिन बिंद्रा नकदी गिन रहे हैं। कोर्स की फीस के अलावा, विवेक बिंद्रा नॉन-रिफंडेबल फ्रेंचाइजी फीस भी लेते हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2022 और 2023 में विवेक ने 308 करोड़ की कमाई की। महेश्वर पेरी तब सुर्खियों में आए जब दो दशक पहले उन्होंने आईआईपीएम और अरिंदम चौधरी के कथित धोखाधड़ी की पोल खोली। पेरी ने आईआईपीएम बिजनेस स्कूल की रैंकिंग डेटा में और प्लेसमेंट रिकॉर्ड में गड़बड़ी का खुलासा किया था। साल 2008 में उन्होंने आउटलुक में एक कॉलम लिखा था। इसमें उन्होंने बताया कि कैसे शिक्षा का व्यवसाय छात्रों के लिए हानिकारक होता जा रहा है।
इसमें उन्होंने आईआईपीएम का भी जिक्र किया था। इस आर्टिकल के पब्लिश होने के बाद आईआईपीएम के साथ 6 साल लंबी कानूनी लड़ाई चली। जिसके बाद आखिरकार साल 2015 में आईआईपीएम को अपने सभी कैंपस को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा। बता दें कि 1991 में 21 साल की उम्र में चार्टर्ड अकाउंटेंसी परीक्षा पास करने वाले पेरी देश के सबसे कम उम्र के छात्रों में से एक थे। 

शालार्थ आईडी घोटाला:प्रधानाचार्य तो केवल नाममात्र के हस्ताक्षरकर्ता हैं; असली साजिशकर्ता तो संस्था के निदेशक हैं? विदर्भ शिक्षक संघ का प्रश्न

[Demo Pick]  नागपुर: - विदर्भ शिक्षक संघ ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई है कि राज्य में चल रहे शलार्थ आईडी घोटाले की जांच में केवल उन्हीं प्...