Tuesday, October 24, 2023

PM - मोदी को मिले उपहारों की होगी नीलामी...

संस्कृति केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने यहां राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय में पत्रकारों से बातचीत की तथा ई-नीलामी में शामिल वस्तुओं की सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से आगे आकर इस नीलामी में भाग लेने की अपील की। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, भगवान लक्ष्मी नारायण विट्ठल, देवी रूक्मिणी, अरणमूला कन्नडी, भगवान राम, सीता, लक्ष्मी और हनुमान की कांस्य प्रतिमा भी लोकप्रिय सामानों में शामिल हैं। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राम दरबार की प्रतिमा, अमृतसर के स्वर्णमंदिर का मॉडल, कामधेनु 
और यरूशलम की स्मारिका लोकप्रिय वस्तुओं में शामिल हैं, जिनके प्रति निविदाकर्ताओं में आकर्षण है। मोढेरा के सूर्य मंदिर, चितौड़गढ़ के विजय स्तंभ की प्रतिकृतियां, चंबा रूमाल, वाराणसी के घाट को दर्शाने वाली पेंटिंग उन 912 सामानों में शामिल हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री को मिले उपहारों और स्मृतिचिह्नों को ई-नीलामी के नवीनतम दौर में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिये गए उपहारों और स्मृति चिह्नों की नीलामी के नवीनतम दौर में रामदरबार की प्रतिमा, अमृतसर के स्वर्णमंदिर का मॉडल, कामधेनु और यरूशलम की स्मारिका लोकप्रिय वस्तुओं में शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह नीलामी दो अक्टूबर को शुरू हुई थी, जो 31 अक्टूबर को समाप्त होगी।

आज भी राशन व जॉब कार्ड पर रावण और विभीषण ले रहे सरकारी योजनाओ का लाभ....

भारत में ऐसे कई जगह हैं, जहां न केवल रावण की पूजा होती है,बल्कि उसको एक आदर्श किरदार के रूप में आज भी पूजा जाता है। कुछ ऐसे ही कहानी राजस्थान के जनजाति बाहुल्य जिलों की है। आज भी जनजाति बाहुल्य जिले बांसवाड़ा-डूंगरपुर से जयपुर तक कई लोग रावण नाम के साथ जीवन बसर रहे हैं। पिता की ओर से जन्म के बाद से रखा गया यह नाम लोगों की जुबां पर आने के साथ ही सरकारी रिकार्ड में भी दर्ज हो चुका है। ऐसे में इसी नाम से राशन कार्ड भी बने और खाद्य सुरक्षा योजना के लाभांवितों की सूची में भी यही हाल है। इतना ही नहीं रावण नाम के व्यक्ति का मनरेगा में भी बकायदा जॉब कार्ड भी बना हुआ है। यह बात दीगर है कि 
नामकरण के प्रारंभिक दौर में कई तरह की परेशानियां भी आईं,लेकिन वक्त बीतने के साथ अब इसी नाम के साथ वे जीवन बसर करने की आदत हो गई है। इधर, रावण के भाई विभीषण के नाम पर भी बांसवाड़ा के अरथूना ब्लॉक में एक व्यक्ति का नाम है। खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग की सूची के अनुसार अकेले बांसवाड़ा जिले की पंचायत समिति अरथूना में 9, बागीदौरा, बांसवाड़ा, गढ़ी में एक- एक, घाटोल में दो रावण नाम के व्यक्तियों के बकायदा राशन कार्ड बने हुए है। 




बांसवाड़ा शहर की एक कॉलोनी में भी रावण नाम का एक व्यक्ति है.ये बीपीएल, स्टेट बीपीएल, एपीएल की सूची में पंजीकृत होने के साथ ही राशन सामग्री का लाभ भी ले रहे हैं। रावण नाम के लोग प्रदेश के जयपुर के आमेर ब्लॉक से लेकर जनजाति क्षेत्र बांसवाड़ा-डूंगरपुर तक है। डूंगरपुर जिले के आसपुर ब्लॉक में तीनसीमलवाड़ा में दो, सागवाड़ा में 6, झोथरी ब्लॉक में 2, गलियाकोट में 14 सहित अन्य जिलों में भी कई लोग इस नाम के साथ जी रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में गढ़ी उपखण्ड के एक गांव के रावण नाम के व्यक्ति का बकायदा जॉब कार्ड भी बना हुआ है। हालांकि फिलहाल योजना में काम शुरू नहीं किया है,लेकिन रिकार्ड में यह नाम अब भी दर्ज हैं। बांसवाड़ा के घाटोल ब्लॉक के 40 वर्षीय रावण नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि उनका यह नाम उनके पिता ने नाम रखा है। इसीलिए वह नाम के साथ जीवन-यापन कर रहे है। प्रारंभिक दिनों में नाम को लेकर दिक्कत आई थी,लेकिन अब कोई समस्या नहीं हैं। लोगों की पहचान नाम से नहीं उनके काम से बनती है। इस व्यक्ति का एक बेटा है जो कि सरकारी स्कूल में सातवीं का छात्र है। उसने बताया कि उसे कई बार उसके पिता के नाम से स्कूल में उसके साथी चिढ़ाते है।

Monday, October 23, 2023

अंध भक्तों से मत उलझना,सबसे बड़ी देशभक्ति भाजपा को 2024 में हटाना....अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर इंडिया एलाइंस टिक गया तो 2024 में बीजेपी की सरकार नहीं बनेगी। अभी तक लोग कहते थे कि कोई विकल्प नहीं है, लेकिन अब इंडिया एलाइंस को लोग विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। जब से इंडिया एलाइंस बना है, तब से मेरे पास बहुत से लोगों के संदेश आए कि अगर इंडिया एलाइंस टिक गया तो 2024 में उनकी सरकार दोबारा नहीं बनने वाली। केजरीवाल ने कहा कि आज सबसे बड़ी देशभक्ति का काम अगर कोई है तो वो ये कि भाजपा को 2024 में हटाओ। अरविंद 
केजरीवाल ने अपनी विधानसभा नई दिल्ली के वॉलिंटियर्स को संबोधित करते हुए ये बात कही। मुझे लगता है कि 2024 में इनको हटाना सबसे बड़ी देशभक्ति का काम है, देश तभी तरक्की करेगा। 2014 और 2019 में देश के लोगों ने इन्हें बहुत भारी बहुमत देकर जिताया था, ऐतिहासिक बहुमत था।  इनके पास मौका था अगर चाहते तो देश को जबरदस्त तरक्की के रास्ते पर ले जा सकते थे,  लेकिन आज देश में चारों तरफ माहौल इतना खराब हो गया है। खूब लड़ाई-झगड़े हो रहे हैं, इतनी गुंडागर्दी, इतनी मारपीट, इतनी लूटमार,कहीं शांति नजर नहीं आती और अगर शांति नहीं होगी तो देश तरक्की नहीं कर सकता। केजरीवाल ने कहा कि अंध भक्तों से मत उलझना, देशभक्तों से बात करना,जो देशभक्त है, वह आपकी बात सुनेगा। आपके साथ बात करेगा,जो अंधभक्त हैं, उनका देश से कोई लेना-देना नहीं है। 
उसको बस एक आदमी से प्यार है और अब 2 मिनट में पता चल जाता है कि कौन देशभक्त है कौन अंधभक्त है,जो अंधभक्त हैं वह देशभक्त हो ही नहीं सकता और जो देशभक्त है, वह अंधभक्त हो ही नहीं सकता। दोनों बिल्कुल अलग-अलग जातियां हैंआप लोगों की जिम्मेदारी है एक-एक घर में जाकर लोगों से, अपने रिश्तेदारों से, अपनी कॉलोनी वालों से बात करने की,अगर तरक्की चाहते हो तो इस बार इनको भगाओ। अगर परिवार का भला चाहते हो तो अपने परिवार की सोचो।

भाजपा अन्याई और धोखेबाजी करने वालों का समर्थन कर रही...भाजपा छोड़ तमिल अभिनेत्री गौतमी तडिमल्ला ने खोली पोल

तमिल अभिनेत्री गौतमी तडिमल्‍ला ने कहा कि उन्होंने भारी मन और निराशा के साथ पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला किया है। तडिमल्ला ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' अकाउंट पर अपलोड किए गए एक बयान पोस्ट में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा और पार्टी की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख के.अन्नामलाई सहित अन्य लोगों को टैग किया है। उन्‍होंने आरोप लगाया,एक विशेष व्यक्ति ने मेरे पैसे, संपत्ति और दस्तावेजों की धोखाधड़ी की। मुझे पार्टी और नेताओं से तो कोई समर्थन नहीं मिला, बल्कि मुझे यह पता चला है कि 
उनमें से कई लोग सक्रिय रूप से उसी व्यक्ति की मदद और समर्थन कर रहे हैं, जिसने मेरे विश्वास को धोखा दिया और मेरे जीवन की कमाई की धोखाधड़ी की। तडिमल्‍ला ने एक बार फिर बताया कि उन्होंने इस धोखाधड़ी के बारे में पुलिस में शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री एम.के.स्टालिन और न्यायिक प्रणाली से उम्मीद है। गौतमी तडिमल्ला ने कहा कि उन्हें 2021 के चुनावों के दौरान राजपलायम निर्वाचन क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और वह आश्वस्त थीं कि उन्हें वहां से चुनाव मैदान में उतारा जाएगा, जिसके बाद उन्होंने खुद को जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए समर्पित कर दिया। 
उन्होंने खेद व्यक्त किया कि संगठन में 25 साल की सेवा के बाद भी कोई समर्थन नहीं मिला। तडिमल्ला के अनुसार, पार्टी के कई वरिष्ठ सदस्य उस व्यक्ति को सक्षम बना रहे थे, जिसने उन्हें धोखा देकर न्याय को चकमा दिया और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी पिछले 40 दिनों से फरार हैउन्होंने कहा कि वह बड़ी पीड़ा और दुख में लेकिन बहुत दृढ़ संकल्प के साथ इस्तीफा पत्र लिख रही हैं।

घर बैठे आसानी से इस तरह बनाए पासपोर्ट...

पासपोर्ट भारत से विदेश जाने के लिए कई तरह के यात्रा दस्तावेजों की व्यवस्था की जा सकती है। साधारण पासपोर्ट यानि नीले रंग की उपलब्ध बुकलेट आम नागरिकों के लिए होती है। इसके बाद डिप्लोमैटिक पासपोर्ट बनाया जाता है। भारतीय राजनयिक और सरकारी अधिकारी यानी आईएएस रैंक और आईपीएस रैंक के लोग इस पासपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। डिप्लोमैटिक पासपोर्ट का रंग मैरून होता है। इसके बाद आधिकारिक पासपोर्ट आता है जो सफेद रंग का होता है। यदि कोई सरकारी अधिकारी या सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाला व्यक्ति है और वह किसी आधिकारिक या सरकारी काम के लिए विदेश जाता है, तो वह सफेद पासपोर्ट का उपयोग करता है। इसके अलावा विदेश जाने के लिए सरकार द्वारा आपातकालीन प्रमाणपत्र और पहचान प्रमाणपत्र का भी उपयोग किया जा सकता है। 
यदि आपके पास पासपोर्ट नहीं है और कोई आपात स्थिति है तो इस प्रकार के प्रमाणपत्र का उपयोग किया जा सकता है।# पासपोर्ट फॉर्म ऑनलाइन कैसे भरें?:- चाहे नया पासपोर्ट बनवाना हो या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण, दोनों ही मामलों में चरण समान हैं। सबसे पहले आपको पासपोर्ट सेवा पोर्टल में अपनी आईडी बनानी होगी। अगर आपकी आईडी पहले से बनी हुई है तो उसी पर लॉग इन करें, लेकिन अगर नहीं है तो आपको नया रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आजकल पासपोर्ट फॉर्म ऑनलाइन भरा जा रहा है,इसलिए कई लोग एजेंटों के जरिए भी यह काम करवा रहे हैं। ऐसा न करें और फॉर्म खुद भरें। पासपोर्ट सेवा पोर्टल में पंजीकरण करने के बाद आपको होम पेज दिखाई देगा जिसमें आपको नया पासपोर्ट/पासपोर्ट पुनः जारी करने के लिए आवेदन करें विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपके सामने एक ई-फॉर्म आएगा। 
इस ई-फॉर्म में लगभग 5-6 पेज होंगे और हर बार आपको एक विंडो में विवरण भरना होगा और वैलिडेट एंड सेव बटन पर क्लिक करना होगा। ऐसा इसलिए ताकि एक बार फॉर्म भरने के बाद आपकी डिटेल्स सेव रहें। ऐसे में अगर किसी भी चरण पर विंडो बंद हो तो भी उससे पहले की डिटेल्स सेव हो जाएंगी। सारी जानकारी भरने के बाद आखिरी पेज पर आपका आवेदन सबमिट हो जाएगा। आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपके आवेदन में सभी विवरण आपके पहचान पत्र के अनुसार ही होने चाहिए।



# पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए अपॉइंटमेंट लें:- एक बार पासपोर्ट फॉर्म ऑनलाइन भरने के बाद आपको पासपोर्ट सेवा केंद्र जाकर अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना होगा। पासपोर्ट सेवा पोर्टल में ही आपको एक विकल्प दिया गया होगा जिसमें पे एंड शेड्यूल अपॉइंटमेंट लिखा होगा। इस विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद सबसे पहले अपने नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र का पता लगाएं। इसके बाद इसे सेलेक्ट करें और आपको कई तारीख के विकल्प दिखाई देंगे। आपको केवल वही तारीखें दिखेंगी जिनमें स्लॉट खाली है। इसके बाद आप अपनी तारीख चुनें और अब बारी आती है पासपोर्ट फीस की। 30 पेज की बुकलेट के लिए 1500 रुपये और 60 पेज की बुकलेट के लिए 2000 रुपये चुकाने होंगे। 

आप फीस का भुगतान ऑनलाइन भुगतान, क्रेडिट या डेबिट कार्ड भुगतान, इंटरनेट बैंकिंग या एसबीआई चालान के माध्यम से कर सकते हैं। एक बार जब आपको अपॉइंटमेंट मिल जाएगा, तो आपको एक एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर (एआरएन) मिलेगा। जिस दिन आपकी अपॉइंटमेंट बुक हो, उस दिन अपने सभी पहचान प्रमाणों के साथ जाएं और अपना बायोमेट्रिक सत्यापन करवाएं। एक बार बायोमेट्रिक्स पूरा हो जाने के बाद, यह जांचने के लिए पुलिस सत्यापन होगा कि आपके सभी दस्तावेजों में आपका नाम और पता सही है या नहीं और आप अपने बताए गए पते पर रहते हैं या नहीं। हालांकि अब पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को लगभग समाप्त कर दिया गया है। ये सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 दिन के अंदर आपका पासपोर्ट प्रिंट हो जाएगा। पासपोर्ट फॉर्म भरते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके दस्तावेज में सारी जानकारी एक जैसी होनी चाहिए। अगर यह अलग है तो पासपोर्ट आवेदन खारिज कर दिया जाएगा। पासपोर्ट वेरिफिकेशन में सिर्फ आधार कार्ड ही नहीं, बल्कि तीन पहचान प्रमाण की जरूरत होती है, जिसमें 10वीं की मार्कशीट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस आदि शामिल हैं।

रेखा की खातिर अमिताभ बच्चन ने की थी व्यक्ति की धुनाई....

अमिताभ बच्चन और रेखा का अफेयर बॉलीवुड में सबसे ज्यादा चर्चित रहा। दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे। एक बार अमिताभ बच्चन ने रेखा के लिए एक शख्स को बुरी तरह पीट दिया था। बात साल 1976 की है,जब फिल्म दो अंजाने की शूटिंग चल रही थी। उस दौरान रेखा और अमिताभ के बीच खूब नज़दीकियां बढ़ गईं थीं। दोनों इस रिश्ते को दुनिया से छिपाकर निभा रहे थे, लेकिन एक फिल्म की शूटिंग के दौरान इस रिश्ते के बारे में सबको पता चल गया। दरअसल अमिताभ ने एक शख्स को रेखा के लिए बुरी तरीके से पीट 
दिया था। अमिताभ और रेखा जयपुर में अपनी फिल्म गंगा की सौगंध की शूटिंग कर रहे थे। इस दौरान दोनों को देखने के लिए काफी भीड़ आई। भीड़ में एक शख्स रेखा को बुरी नजर से देख रहा था। इस दौरान फिल्म के क्रू मेंबर ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वह शख्स नहीं माना,उसके बाद उस शख्स ने रेखा पर फब्तियां कसना शुरू कर दिया। इसके बाद बिग बी को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने उस शख्स को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। 
इस घटना के बाद दोनों के अफेयर की खबरें सबकी जुबां पर आ गई।  अमिताभ बच्चन और एक्ट्रेस रेखा का प्यार एक समय खूब परवान चढ़ा, लेकिन इनका प्यार मुकाम तक न पहुंच सका और दोनों के रास्ते जुदा हो गए।

Sunday, October 22, 2023

लैपटॉप-कंप्यूटर इंपोर्ट पर सरकार की पैनी नजर 1 नवंबर से नई लाइसेंसिंग प्रणाली होगी लागू.....

नई लाइसेंस व्यवस्था भारत की विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर (टैबलेट कंप्यूटर सहित), माइक्रो कंप्यूटर, बड़े या मेनफ्रेम कंप्यूटर और कुछ डेटा प्रोसेसिंग मशीनों पर लागू है. डीजीएफटी ने कहा कि एक इंपोर्टर्स अभी से इंपोर्ट लाइसेंस प्राप्त करने के लिए सिस्टम पर आवेदन कर सकता है। इसमें वैल्यू, प्राइस या किसी देश पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। नए सिस्टम की तैयारी में राजस्व विभाग भी शामिल है और पूरी आवेदन प्रक्रिया में लगभग 10 मिनट का समय लगेगा और सरल लाइसेंस स्वचालित तरीके से जारी किया जाएगा। दरअसल केंद्र सरकार ने लैपटॉप और कंप्यूटर जैसे आईटी हार्डवेयर प्रोडक्ट  के इंपोर्ट के लिए लाइसेंसिंग नियमों में बदलाव किया है। अब ऐसे प्रोडक्ट्स के इंपोर्टर्स के लिए एक ऑनलाइन ऑथराइजेशन सिस्टम स्थापित की गई है। 
विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) संतोष कुमार सारंगी ने कहा,नई लाइसेंसिंग या ऑथराइजेशन सिस्टम का उद्देश्य मुख्य रूप से इन प्रोडक्ट्स के इंपोर्ट की निगरानी करना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे विश्वसनीय स्रोतों से आ रहे हैं। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी। उन्होंने कहा कि इंपोर्ट पर अंकुश को लेकर स्टेकहोल्डर्स की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पॉलिसी में कुछ बदलाव किए गए हैं और इंपोर्टर्स के लिए एंड-टू-एंड ऑनलाइन सिस्टम शुरू की गई है। सारंगी ने कहा कि यह सिस्टम सिस्टम के लिए बिना कहीं जाए और बिना कॉन्टेक्ट डिटेल्स भरने की सुविधा प्रदान करेगी। 



यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार ने चार अगस्त को घोषणा की थी कि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और चीन जैसे देशों से इंपोर्ट में कटौती करने के उद्देश्य से इंपोर्टर्स को एक नवंबर से इन वस्तुओं के इंपोर्ट के लिए लाइसेंस की जरूरत होगी। सारंगी ने कहा,अस्वीकृत इकाई सूची में शामिल कंपनियों को लाइसेंस नहीं मिलेगा। ऐसी सूची में वे कंपनियां शामिल हैं जिन्होंने अग्रिम प्राधिकरण और निर्यात संवर्धन पूंजीगत सामान (ईपीसीजी) जैसी योजनाओं का लाभ उठाकर निर्यात दायित्वों को पूरा नहीं किया है या चूक की है या उनके खिलाफ डीआरआई (राजस्व आसूचना निदेशालय) के मामले चल रहे हैं।



पुराना सामान या नवीनीकृत वस्तुओं का आयात करने की इच्छुक कंपनियों को भी इस लाइसेंस के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी क्योंकि उनके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग है। सारंगी ने कहा,हालांकि एक ऑनलाइन सिस्टम लागू की गई है, लेकिन ये आईटी हार्डवेयर प्रोडक्ट अब भी अंकुश की श्रेणी के अंतर्गत हैं और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

आपराधिक रिकॉर्ड छुपा रहे प्रत्याक्षी,छत्तीसगढ़ में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू...

छत्तीसगढ़ विधान सभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद कांग्रेस ने राज्य की कुल 90 सीटों में से अब तक 83 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। वहीं राज्य में 07 और 17 नवंबर, 2023 को दो चरण में मतदान होगा। बीजेपी ने रायपुर में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कर 83 कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बीजेपी ने ये दावा किया है कि कांग्रेस प्रत्याशियों ने अपने चयन के 48 घंटों के भीतर चुनाव आयोग को अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं दी। हालांकि कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ झूठे आरोप लगा रही है। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि 

उन्होंने आपराधिक प्रवृत्ति' वाले लोगों को टिकट नहीं दिया है और वे निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मापदंडों को पूरा करेंगे। भाजपा के राज्य विधि प्रकोष्ठ के संयोजक जय प्रकाश चंद्रवंशी ने एक बयान में कहा कि शनिवार को सीईओ को सौंपी गई शिकायत में भाजपा ने उच्चतम न्यायालय के उस आदेश का हवाला दिया है जिसके अनुसार, राजनीतिक दलों को उम्मीदवारों के चयन के 48 घंटे के भीतर उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी निर्वाचन आयोग को देनी होती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने अपने 83 उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड निर्वाचन आयोग को न तो सौंपे और न ही इसे पार्टी की वेबसाइट, सोशल मीडिया या एक राष्ट्रीय और एक स्थानीय सहित दो समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया, जो कि शीर्ष अदालत के आदेश का उल्लंघन है।


चंद्रवंशी ने कहा कि जिन कांग्रेस उम्मीदवारों ने अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं दी है। उनकी सूची शिकायत के साथ संलग्न है। उन्होंने बताया कि शिकायत में उच्चतम न्यायालय के आदेशों की कथित अवमानना के लिए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि उनकी पार्टी ने आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों को टिकट नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों की रक्षा करना और उन्हें चुनाव में खड़ा करना भाजपा का चरित्र है।  


उन्होंने कहा कि भाजपा उन कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ झूठे आरोप लगा रही है जिनकी छवि साफ है। कांग्रेस नेता ने कहा, हम निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा करेंगे।

एक- एक रुपए के 10 हजार सिक्के लेकर नामांकन दाखिल करने पहुँचा निर्दलीय प्रत्याशी....

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव बिलासपुर जिले की 6 विधानसभा सीटों पर नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। पहले दिन नामांकन दाखिल करने वालो में अनिलेश मिश्रा ने बिलासपुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी दावेदारी पेश करने वाले अनिलेश मिश्रा पूर्व में बिलासपुर लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। इस दौरान सभी अधिकारी और कर्मचारियों की निगाहें बिलासपुर विधानसभा सीट से नामांकन के लिए आए निर्दलीय प्रत्याशी अनिलेश मिश्रा पर टिक गईं।  अनिलेश मिश्रा नामांकन फार्म की राशि के लिए अपने साथ एक- एक रुपए के 10 हजार सिक्के साथ लेकर आए 
और कर्मचारियों के पास जमा कर दिए। इन सिक्कों को गिनते हुए निर्वाचन कर्मचारियों के भी पसीने छूट गए। अनिलेश मिश्रा चुनाव में कितने वोट लाएंगे ये तो किसी को नहीं पता लेकिन अपने नामांकन के लिए दस हजार सिक्के लाकर वह सबकी नजरों में तो आ ही गए हैं। छत्तीसगढ़ में 7 और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान होना है और शनिवार को नामांकन की शुरुआत हो गई और पहले ही दिन 10 हजार के सिक्के लेकर एक प्रत्याशी भी आ गया। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव- 2023 के लिए नामांकन के पहले दिन प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल करना शुरू कर दिए।

पहले सुहागरात,घोटुल परंपरा कंघी चुराने के बाद होती है शादी....

छत्तीसगढ़ के जनजातीय इलाके में पाई जाने वाली घोटुल प्रथा की परंपरा आदिवासी इलाकों में रहने वाले माड़िया और मुरिया जनजाति में आज भी निभाई जाती है। यह जनजाति छत्तीसगढ़ के बस्तर और महाराष्ट्र के चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों में पाई जाती है। माड़िया जनजाति मूल रूप से गोंड जनजाति की उपजाति है। घोटुल के दौरान मिट्टी की बनी झोपड़ी में आदिवासी समुदाय के युवक-युवतियों को इकट्ठा किया जाता है। इस दौरान युवाओं को एक-दूसरे से मिलने और जानने-समझने का मौका मिलता है। घोटुल में भाग लेने वाली लड़कियों को मोतियारी और लड़कों को छेलिक कहा जाता है। घोटुल के दौरान ये लोग बुजुर्ग व्यक्तियों की देख-रेख में रहते हैं।  घोटुल में शामिल होने के लिए लड़कों और लड़कियों के लिए निश्चित उम्र सीमा निर्धारित है। इसके लिए लड़कों की उम्र 21 वर्ष और लड़कियों 
की 18 वर्ष होती है। घोटुल में रहने वाले युवक-युवतियों को कपल बनने से पहले अपने आप को एक दूसरे के साथ सहज महसूस करने के लिए सात दिनों तक साथ रहना पड़ता है। इस दौरान वे एक-दूसरे के समूह के सदस्यों के साथ समय बिताते हैं और वैवाहिक जीवन से जुड़ी विभिन्न शिक्षाएं प्राप्त करते हैं। घोटुल में शामिल हुए लड़कों को बांस की एक कंघी बनानी होती है। यह कंघी बनाने में वह अपनी पूरी ताकत और कला झोंक देता है, क्योंकि यही कंघी तय करती है कि वह किस लड़की को पसंद आएगी। 
घोंटुल में आई लड़की को जब कोई लड़का पसंद आता है तो वह उसकी कंघी चुरा लेती है। यह संकेत होता है कि वह उस लड़के को चाहती है। जैसे ही वह लड़की यह कंघी अपने बालों में लगाकर निकलती है, सबको पता चल जाता है कि वह किसी को चाहने लगी है।  इसके बाद दोनों एक ही झोंपड़ी में रहने लगते हैं। घोटुल एक बड़े कुटीर को कहते हैं, जिसमें पूरे गांव के बच्चे या किशोर सामूहिक रूप से रहते हैं। इसके लिए विवाहित पारिवारिक जोड़े इकट्ठा होते हैं और एक नई झोपड़ी का निर्माण करते हैं। यह जनजातीय गांवों का सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र होता है। जिसे रंगों की मदद से आदिवासी शैली में सजाया जाता है। 


जिसके लिए मिट्टी, लकड़ीतख्तियां और बारूद का उपयोग किया जाता है। यह एक प्रकार का सामूहिक आयोजन होता है, जहां लोग अपनी बोली, नाच, गाने और परंपरागत रिवाजों के साथ आयोजन का आनंद लेते हैं। घोटुल संबंधी परंपराओं में अलग-अलग क्षेत्रों में अंतर देखने को मिलता है। कुछ क्षेत्रों में जवान लड़के-लड़कियां घोटुल में ही सोते हैं। जबकि कुछ क्षेत्रों में वे दिन भर घोटुल में रहने के बाद रात को अपने-अपने घरों पर सोने जाते हैं। वहीं कुछ क्षेत्रों में नौजवान लड़के-लड़कियां आपस में मिलकर जीवन साथी चुनते हैं। हालांकि यह परंपरा अब धीरे-धीरे कम हो रही है।

Saturday, October 21, 2023

ऑनलाइन सट्टेबाजी 6,000 करोड़ रुपये का महादेव ऐप घोटाला 19 नामचीन लोग शामिल...ईडी

ईडी अधिकारी के अनुसार बॉलीवुड सितारों, प्रभावशाली लोगों और टीवी अभिनेताओं पर केंद्रित है। जिन्हें कथित तौर पर ऐप को बढ़ावा देने के लिए हवाला के जरिये भुगतान किया गया था। ईडी के अधिकारियों ने कहा कि कम से कम 19 ए-लिस्टर्स, जिनमें सौरभ चंद्राकर की शादी में प्रोग्राम करने वाले लोग भी शामिल हैं, रडार पर हैं। पांडेय ने अभियोजन शिकायत दर्ज होने के बाद रायपुर जिला अदालत में रणबीर कपूर,श्रद्धा कपूर और हुमा कुरेशी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है लेकिन वे सहयोग नहीं कर रहे हैं। हम अपने पास मौजूद कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 44 और 45 के तहत 14 लोगों के 
खिलाफ महादेव ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले में अपनी पहली चार्जशीट दायर की है। जांच एजेंसी ईडी के वकील सौरभ पांडेय ने इसकी पुष्टि की है। ईडी के अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि घोटाला 6,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। ईडी ने अपराध की आय के रूप में कुल 41 करोड़ रुपये पहले ही अस्थायी रूप से जब्त किए हैं। घोटाले के कथित किंगपिन और महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को ईडी ने मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नामित किया है। एजेंसी ने दोनों पर ऐप के जरिए जुआ खेलने और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। 
आरोपी सतीश चंद्राकर को रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर के दुबई भाग जाने पर महादेव ऐप के संचालन में मदद करने के लिए नामित किया गया है।  पांडेय ने बताया कि सतीश ने पैसे दिए और महादेव ऐप के लिए आईडी खरीदी। इस आईडी का उपयोग ऐप का उपयोग करके दूसरों को दांव लगाने के लिए किया जाता था। आय को सतीश चंद्राकर और दुबई स्थित प्रमोटरों द्वारा 70-30 फीसदी के हिसाब से बांटा गया था। ईडी की 197 पन्नों की चार्जशीट में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, विकास छापरिया, चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर, अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, विशाल आहूजा, धीरज आहूजा, सृजन एसोसिएट्स के जरिये से पुनाराम वर्मा, शिव कुमार वर्मा

पुनाराम वर्मा, शिव कुमार वर्मा, यशोदा वर्मा और पवन नैथानी का नाम आरोपियों की लिस्ट में शामिल है। सबूत के रूप में 8,800 से अधिक पेज के दस्तावेजों का हवाला दिया गया है। अदालत 25 नवंबर को इस पर फैसला कर सकती है।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...