Wednesday, December 6, 2023

लड़खड़ाई I.N.D.I.A. गठबंधन को विपक्षी दल देंगे अपनी हार की बैसाखी का सहारा

भाजपा के खिलाफ एकजुट हुए विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. की छह दिसंबर को बैठक होने वाली थी जो कैंसिल हो गई है। इस बैठक के कैंसिल होने के पीछे नेताओं के पर्सनल काम बताए जा रहे हैं और कुछ पार्टियों के प्रमुख नेताओं के बैठक में न आ पाने के चलते बैठक को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया गया है। बैठक के कैंसिल होने के बारे में कहा गया कि सपा नेता अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने पहले ही इंडिया की बैठक में जाने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक के नेता एमके स्टालिन ने चक्रवात के कारण पैदा हुए हालात के चलते बैठक में शामिल नहीं हो सकते थे। 
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अस्वस्थता का हवाला दिया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी परिवार के एक कार्यक्रम में व्यस्त रहेंगी और बैठक में नहीं आ पाएंगी। कांग्रेस ने पहले कहा कि गठबंधन की बैठक छह दिसंबर को शाम छह बजे होगी, फिर बाद में इसके कैंसिल होने की खबर आई।  यह बैठक ऐसे समय होने जा रही थी जब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम के हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को करारी हार मिली है। बता दें कि इंडिया गठबंधन की अब तक तीन बैठकें पटना, बंगलूरू और मुंबई में हो चुकी हैं। गठबंधन के घटक दलों के नेताओं की पिछले दिनों मुंबई में हुई बैठक में गठबंधन के भविष्य के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए 14 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन भी किया गया था। 
इंडिया गठबंधन की छह दिसंबर को होने वाली बैठक कैंसिल होने के बाद लालू यादव का बड़ा बयान सामने आया है। लालू यादव ने गठबंधन में कई बड़े नेताओं के शामिल नहीं पर कहा कि,17 दिसंबर को इंडिया गठबंधन की बैठक होगी और इस होने वाली बैठक में सभी लोग होंगे शामिल। मंगलवार को बक्सर में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से जब ये पूछा गया कि क्या इंडिया गठबंधन की बैठक में कई बड़े नेता शामिल नहीं हो रहे है? पत्रकारों के इस सवाल का जवाब देते हुए लालू ने कहा कि 17 दिसंबर को अब इंडिया गठबंधन की बैठक होने जा रही है जिसमें सभी लोग शामिल होंगे।

करारी हार के झटके के बाद राहुल गांधी विदेश यात्रा पर...

भाजपा ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत हासिल किया है और मिजोरम में भी दो सीटें जीती हैं। इस परिणाम के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी विरोधी दलों के निशाने पर आ गए हैं। नवंबर महीने में देश के पांच राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनावों का आयोजन किया गया था। 3 दिसंबर 4 राज्यों और 4 दिसंबर को मिजोरम चुनाव के परिणाम जारी किए गए थे। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया। 
इसके साथ ही मध्य प्रदेश में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता बरकरार रखी। मिजोरम में ZPM ने जीत हासिल की और भाजपा को दो सीट तो वहीं, कांग्रेस को 1 सीट पर जीत मिली। तेलंगाना में कांग्रेस ने केसीआर को सत्ता से बाहर कर के पूर्ण बहुमत से सरकार बना ली है। यहां भाजपा को 8 सीट मिली। हालांकि, दूसरी ओर खबर आई है कि राहुल गांधी चुनाव परिणाम के ठीक बाद विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। राहुल गांधी 8 दिसंबर से दक्षिण पूर्व एशियाई देशों की 7 दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। वह 8 दिसंबर की शाम को मलेशिया पहुंचेंगे और 10 दिसंबर तक वहीं रहेंगे। 
इसके बाद वह 11 दिसंबर को सिंगापुर पहुंचेंगे और 12 दिसंबर तक वहीं रहेंगे। राहुल सिंगापुर के बाद  13 दिसंबर को जकार्ता पहुंचेंगे। वहीं, 14 दिसम्बर को राहुल हनोई जाएंगे। इसके बाद वह 15 दिसंबर की रात हनोई से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल इन देशों के के कुछ विश्वविद्यालयों में भारतीय प्रवासियों और छात्रों के कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे।

कम जन्मदर से किम जोंग परेशान महिलाओ से कही यह बात....

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष का अनुमान है कि उत्तर कोरिया में जन्मदर लगातार घट रही है। हाल के दशकों में अपने सबसे निचले स्तर पर यह दर पहुंच चुकी है। वर्ष 2023 तक उत्तर कोरिया में एक महिला से जन्म लेने वाले बच्चों की औसत संख्या 1.8 थी। वैसे तो यह उसके पड़ोसी देशों की तुलना में थोड़ी अधिक है, जो पहले से ही बच्चों की गिरती जन्मदर से काफी जूझ रहे हैं। प्रजनन दर में गिरावट से जूझ रहे देशों में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया प्रमुख हैं। चीन को तो अपने देश की सेना में भर्ती होने के लिए नए रंगरूट तक नहीं मिल रहे हैं। दक्षिण कोरिया की प्रजनन दर पिछले साल गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 0.78 पर आ गई, जबकि जापान में यह आंकड़ा 
गिरकर 1.26 पर आ गया। उत्तर कोरिया में बच्चे कम पैदा हो रहे हैं। इसे लेकर​ तानाशाह किम जोंग खासे परेशान हैं। बच्चे कम पैदा होने की दर को देखते हुए किम जोंग ने राजधानी प्योंगयोंग में एक बड़ा आयोजन किया। इसमें उन्होंने माताओं को देशभर से बुलाया। इस दौरान किम जोंग ने माताओं से अपील की कि वे उत्तर कोरिया में घटती जन्मदर को बढ़ाने के सरकारी प्रयासों को अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से घर संभालने वाली हर महिला को जूझना है। कार्यक्रम में किम ने कहा, जन्म दर में गिरावट को रोकना और बच्चों की अच्छी देखभाल करना सभी माताओं का कर्तव्य हैं जिन्हें हमें काम करते समय भी संभालना होगा।
उत्तर कोरिया ही नहीं, चीन भी अपने देश में घटती जन्मदर से परेशान हैं। खुद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस मामले में अनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। चीन में तो युवा कपल से शादी करने की और बच्चों को जन्म देने की अपील की जा रही है। चीन ने दशक पहले एक बच्चे को जन्म देने का अभियान चलाया था, जब युवाओं की संख्या घटने लगी तो कुछ साल पहले उन्होंने यह अभियान वापस ले लिया। अब तो चीन चाहता है कि जन्मदर बढ़े। चीन में युवा अपने करियर के चलते शादी से भी बचते हैं। इसी कारण युवाओं को शादी करने के लिए बढ़ावा​ दिया जा रहा है। लगभग 25 मिलियन लोगों की आबादी वाले उत्तर कोरिया को हाल के दशकों में भोजन की गंभीर कमी से भी जूझना पड़ा है। इसमें 1990 के दशक में आया घातक अकाल भी शामिल है।




उत्तर कोरिया में अक्सर बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के परिणामस्वरूप फसलों को नुकसान पहुंचता है। उत्तर कोरियाई नेता ने राष्ट्रीय शक्ति को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए माताओं को शुक्रिया अदा किया।

छत्तीसगढ़ सीएम की रेस में कौन मारेगा बाजी किसका कटेगा पत्ता...?

बीजेपी ने इस बार विधानसभा चुनाव में 4 सांसदों को मैदान में उतारा था जिसमें से तीन सांसद अपना चुनाव जीतकर विधायक बने हैं। विधायक बने दो सांसदों ने संसद पद से अपना इस्तीफा दे दिया है। छत्तीसगढ़ के दो सांसद अरुण साव और गोमती साय ने बधुवार को संसद पद से इस्तीफा दे दिया है। सांसदों के इस्तीफा देने के बाद सीएम पद को लेकर सस्पेंस और बढ़ गया है। बड़ी बात ये है कि सीएम फेस की प्रबल दावेदारों में से एक रेणुका सिंह ने अभी तक इस्तीफा नहीं दिया है। राज्य में बड़े दावेदारों की बात करें तो पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अलावा केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह, गोमती साय, राम विचार नेताम, अरुण साव और विष्णु देव साय के नाम 
सबसे ऊपर चल रहे हैं। इसके साथ ही ओपी चौधरी को लेकर भी कयासबाजी जारी है। राज्य में भाजपा किसी आदिवासी या पिछड़े वर्ग पर दांव लगा सकती है। इन वर्गों की महिला नेता भी हो सकती है, यही कारण है कि संभावित नाम में सबसे ऊपर रेणुका सिंह, विष्णु देव साय, राम विचार नेताम हैं। मुख्यमंत्री को लेकर रस्साकशी का दौर जारी है। कई नामों की चर्चा है, मगर फैसला पार्टी हाईकमान को करना है। राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से 54 पर भाजपा को जीत मिली है और पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया है। अब रायपुर से लेकर दिल्ली तक मुख्यमंत्री कौन होगा, इसकी चर्चाएं जोरों पर है। राज्य में कई दिग्गज चुनाव जीते हैं और यही कारण है कि एक नहीं, कई नाम की चर्चा हर तरफ है। 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री को लेकर चौंकाएगी, ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य के प्रभारी ओम माथुर ने भी चुनाव के दौरान एक बात कही थी कि जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, वह नाम चौंकाने वाला होगा। यही कारण है कि लोगों की नजर उस चेहरे पर है जो राज्य का नया मुख्यमंत्री बनने वाला है।

ममता चोर लिखी हुई टी-शर्ट पहन किया प्रदर्शन भाजपा नेताओं पर FIR…

बीजेपी नेता एक सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान ममता चोर लिखी हुई टी-शर्ट पहने हुए थे। राज्य की वित्तमंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने मैदान और हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशनों में एफआईआर दर्ज कराई हैं। चंद्रिमा ने अपनी शिकायत में दावा किया कि ऐसा कृत्य मुख्यमंत्री का घोर अपमान है, जो राज्य की कार्यकारी प्रमुख हैं। बीजेपी विधायक दल के सदस्य पूरे शीतकालीन सत्र के लिए विपक्ष के नेता को निलंबित करने के अध्यक्ष बिमान बनर्जी के फैसले के खिलाफ विधानसभा परिसर के पास रेड रोड पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पश्चिम बंगाल में 
सोमवार को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ बीजेपी के अन्य विधायकों ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने 'ममता चोर' लिखी हुई टी-शर्ट पहन रखी थी। इसे लेकर टीएमसी के नेताओं ने ऐतराज जताया। पश्चिम बंगाल  कैबिनेट के एक वरिष्ठ मंत्री ने शुभेंदु अधिकारी सहित अन्य बीजेपी नेताओं के खिलाफ कोलकाता के दो पुलिस स्टेशनों में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई है। 






शुभेंदु अधिकारी को अध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए 28 नवंबर को निलंबित कर दिया गया था। अधिकारी विरोध प्रदर्शन में बीजेपी विधायकों का नेतृत्व कर रहे थे, जहां सभी प्रदर्शनकारी पार्टी विधायकों ने ममता चोर लिखी टी-शर्ट पहन रखी थी।

Monday, December 4, 2023

अयोध्या में श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 15 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा...

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माणाधीन एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उनके साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने एयरपोर्ट के निर्माण से जुड़े प्रेजेंटेशन को भी देखा और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बताया कि अयोध्या में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का निर्माण कार्य 15 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। अयोध्या की देश और दुनिया के साथ कैसी कनेक्टिविटी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अयोध्या में पहले मात्र 178 एकड़ में बहुत छोटी सी एयरस्ट्रिप थी। इसे एक बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 
रूप में तैयार किया गया है। 821 एकड़ लैंड राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी इंडिया द्वारा नये एयरपोर्ट का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। अयोध्या के विकास के लिए जो इन्फ्रास्ट्रक्चर आवश्यक है वो अयोध्यावासियों को प्राप्त होगा। अयोध्या को उसका गौरव पुन: प्रदान करने के लिए सरकार पूरी गंभीरता के साथ प्रयास कर रही है। अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 15 दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसी के साथ उड़ान भी शुरू हो जाएगी। यहां 2200 मीटर के रनवे शुरू होने जा रहा है, जिस पर छोटे विमानों के साथ ही बोइंग 737, एयरबस 319 और एयरबस 320 जैसे बड़े विमान भी लैंड कर सकेंगे। 
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि अयोध्या के हवाईअड्डे में यहां की सांस्कृतिक क्षमता को परिलक्षित करने की कोशिश हुई है। पहले चरण में 65 हजार वर्ग फुट का हवाईतल बनने जा रहा है। इसकी क्षमता प्रतिघंटे 2 से 3 फ्लाइट की होगी। यहां 2200 मीटर के रनवे का क्रियान्वयन होने जा रहा है, जिस पर छोटे विमानों के साथ ही बोइंग 737, एयरबस 319 और एयरबस 320 जैसे बड़े विमान भी लैंड कर सकेंगे। शुरुआत में यहां 8 एप्रन बनाए गये हैं। वहीं पहले फेज के समीप ही दूसरे फेज के विमानतल को तैयार किया जाएगा, जोकि 5 लाख स्क्वाएर फुट का होगा।

RJ-MP-CG BJP के ये होंगे CM..बैठक में हुआ मंथन

बीजेपी केंद्रीय कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद एक  बैठक हुई थी। इस बैठक में RJ-MP-CG तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री के नामों पर चर्चा की गई थी। बताया जा रहा है कि नाम तय हो गए हैं। हालांकि अभी तीनों राज्यों के प्रभारियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के बाद ही नामों का ऐलान किया जाएगा, लेकिन इतना तय है कि बीजेपी इस फैसले में आगामी लोकसभा चुनाव का भी ख्याल रखेगी।  हालांकि बीजेपी ने अभी तक इन नामों का खुलासा नहीं किया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश
राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को प्रचंड जीत हासिल हुई है। मध्य प्रदेश में बीजेपी ने 163, राजस्थान में 115 और छत्तीसगढ़ में 54 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं कांग्रेस को तीनों ही राज्यों में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। मध्य प्रदेश में जीत के बाद शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बने रहने की संभावना है। क्योंकि शिवराज सिंह चौहान एमपी बीजेपी के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं। 2023 में, शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी निर्वाचन क्षेत्र से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ा, जो 2006 से उनका गढ़ रहा है। 
राजस्थान में महंत बालकनाथ और वसुंधरा राजे सीएम पद की रेस में हैं। दोनों ही नेताओं की इस चुनाव में काफी चर्चा रही है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत के नाम की भी यहां पर चर्चा हो रही है। वहीं छत्तीसगढ़ में रमन सिंह का नाम चर्चा में है। वह फिर से सीएम बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। हालांकि ये तो वक्त ही बताएगा कि बीजेपी इन राज्यों में किसे मौका देगी। 
 

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में क्यू जीती भाजपा प्रशांत किशोर ने बताई वजह....

दरभंगा के सिंहवाड़ा प्रखंड में सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी को वोट मिलने के चार कारण हैं, पहला- हिंदुत्व जो उनकी एक विचारधारा है, इससे जुड़ा हुआ एक बहुत बड़ा वर्ग बीजेपी को इसलिए वोट करता है, क्योंकि उन्हें बीजेपी के हिंदुत्व वाली विचाराधार पर यकीन है। दूसरा, जो न्यू राष्ट्रवाद की बात शुरू हो गई है, जो गांव-देहात में आप सुनते हैं कि भारत विश्वगुरु बना गया है, पूरे विश्व में भारत की शान मोदी ने बढ़ा दी है। ये जो सारी बाते हैं, पुलवामा के बारे में 
आपने सुना होगा, इस राष्ट्रवाद की भावना की वजह से भी बीजेपी को वोट मिलता है। तीसरा, एक बहुत बड़ा वर्ग केंद्र की योजनाओं के लाभार्थियों का है, चाहे वो किसान स्वनिधि योजना हो, आवास योजना हो, जिसकी धनराशि सीधे केंद्र सरकार लाभार्थियों को भेज रही है। चौथा, जो बीजेपी का अपना संगठन है, उसकी जो संगठनात्मक और आर्थिक ताकत है उससे भी बहुत फर्क पड़ता है। मान लीजिए कि आप आरजेडी से चुनाव लड़ रहे हैं, तो आप तीन-चार करोड़ रुपये देकर चुनाव लड़ते हैं, क्योंकि ऐसी पार्टियां आपको टिकट देंगी और पैसा लेंगी। अगर आप बीजेपी से चुनाव लड़ रहे हैं, तो पार्टी आपको चुनाव लड़ने के लिए पैसा दे रही है और कहती है कि जाइए अच्छे से जनसंपर्क करिए और चुनाव लड़िए। 
ऐसे में इन चार विषयों में से कम से कम तीन के लिए आप बेहतर प्रयास नहीं करेंगे, जैसे कि जो बीजेपी का हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और जो लाभार्थियों के बीजेपी कर रही है उससे बेहतर मॉडल आपके पास होना चाहिए। 
प्रशांत किशोर से जब पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने स्पष्टता से अपनी राय रखी। प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा जिसको उनके विरोधी दल हराना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले ये समझना होगा कि उनकी ताकत क्या है? बीजेपी को वोट लोग क्यों देते हैं? जब तक आप उसकी ताकत को समझकर उससे बेहतर प्रयास नहीं करेंगे, तब लोग आपको वोट क्यों देंगे? बीजेपी को जो वोट मिलता है, वो मोदी के ग्राफ के ऊपर-नीचे होने से नहीं मिलता है। 

प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी के संगठन की जितनी ताकत है उसके मुकाबले में अन्य पार्टियों का संगठन बेहतर होना चाहिए। जब तक इन चार में से तीन पर कम से कम आप बेहतर प्रयास नहीं करेंगे, तब तक आपको दस में से सात या आठ चुनावों में हार का सामना करना होगा। एक दो जगह जहां जीत ​हासिल हो भी जाती है, उसका कोई बहुत असर नहीं है। भाई! लोगों को लग रहा है कि कांग्रेस कर्नाटक और तेलंगाना जीत गई, तो उनको मैं बता दूं कि ये वोट कांग्रेस को नहीं मिला है, ये वोट वहां की तत्कालीन सरकारों के खिलाफ है। लोग केसीआर के खिलाफ वोट करना चाहते थे, वहां दल के रूप में कांग्रेस ही है, तो कांग्रेस को ही वोट दिया। ये इनकंबेंसी का वोट है। अगर जहां आपकी सरकार है और लोग आपको चुनें तो फिर वो बात है।
 

चुनाव जीतते ही दिया गलियों और सड़कों से नॉन वेज के ठेले हटाने का आदेश....

भारतीय जनता पार्टी ने  राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचंड बहुमत प्राप्त किया। 199 सीटों में बीजेपी को 115 सीटों पर जीत मिली है। वहीं कांग्रेस केवल 69 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी। इन 115 सीटों में से एक सीट जयपुर के हवा महल इलाके की भी है, जहां से बालमुकुंद ने कांग्रेस के प्रत्याशी को मात दी। अब बालमुकुंद विधायक पद की शपथ लेने से पहले ही एक्शन में आ गए हैं। सोमवार सुबह उन्होंने एक अधिकारी को फोन किया और कहा कि उनके इलाके से सभी गलियों और सड़कों से नॉन वेज के ठेले हट जाने 
चाहिए। उन्होंने चेतवानी देते हुए कहा कि सड़कों पर कोई भी नॉन वेज फ़ूड नहीं बेचा जाना चाहिए और शाम तक सभी गलियां साफ़ हो जानी चाहिए। उन्होंने फ़ोन पर अधिकारी से बात करते हुए कहा कि मुझे नहीं पता है कि कौन अधिकारी है। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने हमला बोला है। कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद ये भाजपा की सबका साथ - सबका विकास की सच्चाई है, भाजपा के राजस्थान से नवनिर्वाचित विधायक महोदय को नॉन वेज दूकानों से इतनी परेशानी है कि अपने शपथ लेने से पहले चिंता दूकानों को बंद करवाने की है। 
उन्होंने कहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे जनप्रतिनिधियों पर लगाम लगायेंगे? इस पूरे मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि वह एक अधिकारी से पूछ रहे हैं कि रोड पर खुले में नॉन वेज बेचा जा सकता है क्या? सीधे हां या ना में उत्तर दो। इस पर अधिकारी उधर से कुछ कहता है। इसके बाद बीजेपी विधायक कहते हैं कि तो आप समर्थन कर रहे हो। उन्होंने कहा कि जो भी रोड पर नॉन वेज के ठेले और बनाकर बेच रहे हैं वो नहीं दिखने चाहिए। मैं शाम को रिपोर्ट लूंगा और मुझे नहीं मालूम कि कौन अधिकारी है।

Friday, December 1, 2023

चुनाव आते ही धोखाधड़ी के मामलों में अदालत राजनीतिक मुकदमेबाजी का केंद्र बन जाती है सुप्रीम कोर्ट जज डी. वाई. चंद्रचूड़

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कल ही मुझे धोखाधड़ी के एक मामले से निपटना पड़ा शीर्ष अदालत हर दिन धोखाधड़ी के मामलों से निपटती है कुछ अदालतों में धोखाधड़ी के मामलों की संख्या अधिक होती है और जब-जब चुनाव आते हैं, इस अदालत में धोखाधड़ी के मामलों की संख्या बढ़ने लग जाती है तथा हम न्यायाधीशों के रूप में इसे महसूस करते हैं चुनाव खत्म होने के बाद चीजें शांत हो जाती हैं और जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, अदालत राजनीतिक मुकदमेबाजी का केंद्र बन जाती है यह हमारे समाज की सच्चाई है। 
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता और संविधान का अटूट संबंध हैप्रधान न्यायाधीश डी.वाई.चंद्रचूड़ ने बृहस्पतिवार को कहा कि चुनाव नजदीक आने के साथ ही उच्चतम न्यायालय में धोखाधड़ी के मामलों की संख्या बढ़ने लग जाती है और यह अदालत राजनीतिक मुकदमेबाजी का केंद्र बन जाती है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा शीर्ष अदालत में आयोजित संविधान दिवस समारोह में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा,हम सभी का सह-अस्तित्व है और भारतीय संविधान हमें बताता है कि या तो हम जीवित रहेंगे या एक साथ नष्ट हो जाएंगे। उन्होंने कहा,लेकिन सबसे हटकर, मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि संविधान का जश्न मनाने के दिन हम न्याय के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करना सीखें न्याय के लिए हमारा कर्तव्य व्यक्तिगत मामलों में सफलता या विफलता से कहीं अधिक है

सिखों के पवित्र सिंबल (खंदा साहिब) वाली महिलाओं की पैंटी और अंडरगारमेंट्स बेचने से सिख समुदाय में रोष....

दिल्ली स्थित गांधी नगर में कपड़ों के होलसेल बाजार में महिलाओं की पैंटी और अंडरगारमेंट्स [के अंतःवस्त्र] बेचने वाले एक व्यापारी पर आरोप लगा है। आरोप है कि व्यापारी की ओर से सिखों से जुड़े एक महत्वपूर्ण और पवित्र सिंबल (खंदा साहिब) प्रिंट वाली पैंटी बेची जा रही है। इसकी जानकारी मिलते ही सिख समुदाय में रोष फैल गया और वे इसका विरोध करने लगे। इस मामले में शिकायत के बाद अब पुलिस ने व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान और जागो पार्टी के अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह जीके नेतृत्व में गढ़ी गुरुद्वारा साहिब के उप प्रधान हरविंदर सिंह सिड़ी समेत दर्जन भर अन्य सिख समुदाय के लोगों ने अमर कॉलोनी थाने में सिख समुदाय के महत्वपूर्ण और पवित्र सिंबल (खंदा साहिब) प्रिंट वाली अंडरगारमेंट्स को 
बनाने (फैक्ट्री) और बाजारों में बेचने वालों (दुकानदारों) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने दिल्ली पुलिस से अपील की है कि जल्द से जल्द फैक्ट्री मालिक और सभी दुकानदारों के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन ली जाए। इस मामले को लेकर गढ़ी, ईस्ट ऑफ कैलाश, अमर कॉलोनी, लाजपत नगर और महरौली समेत अन्य इलाके के लोग काफी आक्रोशित हैं और वे सभी उनलोगों के खिलाफ सख्त करवाई चाहते हैं। सिख समुदाय के लोगों का कहना है ये कोई राजनीति मसला नही है, ये सिखों के सम्मान और स्वाभिमान की बात है।  इस मामले में शिकायतकर्ता की तरफ से वकील जसलीन ने बताया कि खुलेआम गांधी नगर बाजार में सिखों के पवित्र सिंबल वाली महिलाओं की पैंटी बेची जा रही है। 

इस बारे में व्यापारी से बात कर उन अंडरगारमेंट्स को हटाने की मांग भी की गई, लेकिन उसके बाद भी व्यापारी उन अंडरगारमेंट्स को बेच रहे हैं। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई। उनका कहना है कि व्यापारी के खिलाफ 295A (नॉन बेलेबल) के तहत कार्रवाई के साथ यह पता लगाया जाए कि ये अंडरगारमेंट्स कहां बनाये जा रहे हैं और उस पर भी तत्काल रोक लगाई जाए। इस बारे में दिल्ली पुलिस से कार्रवाई का आश्वासन उन्हें दिया गया है और उम्मीद है कि पुलिस व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार करेगी। वहीं इस मामले के शिकायतकर्ता ने बताया कि वे 25 नवंबर को जब गांधी नगर मार्केट से गुजर रहे थे तो उनकी नजर क्लासिक ट्रेडिंग कंपनी नाम से मार्केट की एक दुकान ओर पड़ी, जहां महिलाओं के अंडरगारमेंट्स बेचे जाते हैं। उस शॉप की डिस्प्ले में सिखों के पवित्र और धार्मिक सिंबल (खंदा साहिब) प्रिंट वाली महिलाओं की पैंटी लगी हुई थी। उन्होंने कहा कि वे व्यापारी के पास गए और उनसे उस सिंबल के बारे में बात की तो व्यापारी ने कहा कि उन्हें पता है कि ये सिखों से संबंधित है और उसने गुरुद्वारे में इस सिंबल को देखा है।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने व्यापारी से उस तरह के अंडरगारमेंट्स को डिस्पले से हटाने और न बेचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अगर सिख समुदाय को इसकी जानकारी हो गई तो फिर बात बढ़ सकती है। इसके बावजूद व्यापारी नहीं माना और जब अगले दिन शिकायतकर्ता वापस गांधी नगर मार्केट गया तो पाया कि व्यापारी उस अंडरगारमेंट्स की अभी भी बिक्री कर रहा है। ऐसे में उन्होंने वकील के माध्यम से दिल्ली पुलिस में इसकी शिकायत दी। यह मामला एक समुदाय विशेष की धार्मिक भावना से जुड़ा हुआ है, इसलिए दिल्ली पुलिस ने भी इसमें उनका साथ देने और व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उनकी मांग है कि तुरंत ही इस तरह की पैंटी बेचने और बनाने पर रोक लगाई जाए।

शालार्थ आईडी घोटाला:प्रधानाचार्य तो केवल नाममात्र के हस्ताक्षरकर्ता हैं; असली साजिशकर्ता तो संस्था के निदेशक हैं? विदर्भ शिक्षक संघ का प्रश्न

[Demo Pick]  नागपुर: - विदर्भ शिक्षक संघ ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई है कि राज्य में चल रहे शलार्थ आईडी घोटाले की जांच में केवल उन्हीं प्...