Tuesday, December 26, 2023

बच्चों को सांता क्लॉस की जगह हनुमानजी की पूजा के लिए प्रेरित करें...बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री ने बताई वजह....

मीडिया से बात करते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा कि ये क्रिसमस सनातनी संस्कृति के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को सांता क्लॉस के पास ना भेजकर आसपास के मंदिरों में हनुमानजी की पूजा के लिए भेजना चाहिए। आज मातृ-पितृ पूजन और तुलसी पूजन दिवस भी है। मातृ-पितृ पूजन करवाया जाए और तुलसी पूजन कराया जाए। उन्होंने आगे कहा कि सांता क्लॉस आएगा गिफ्ट लाएगा। ये क्या हम पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण कर रहे हैं? भारतीय और सनातनियों को इस बारे में विचार करना चाहिए और 
पाश्चात्य संस्कृति का बहिष्कार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को हनुमानजी, मीराबाई और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों की ओर प्रेरित करना चाहिए, ना कि पाश्चात्य संस्कृति की तरफ। उन्होने लोगों से अपील की है कि क्रिसमस डे का सेलिब्रेशन पाश्चात्य संस्कृति का प्रतीक है और सनातन को मानने वाले लोगों को इस पाश्चात्य संस्कृति का अनुसरण नहीं करना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को सांता क्लॉस की जगह हनुमानजी की पूजा के लिए प्रेरित करें।

ज्यादा नमक के सेवन से हो रही हैं मौतें जाने WHO की चौंकाने वाली रिपोर्ट से...

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाली बात निकलकर सामने आई है। अगर आप भी अपने खाने में ज्यादा नमक डालते हैं, तो इस आदत को तुरंत छोड़ दें। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार पूरे विश्व में वयस्क रोजाना 10.78 ग्राम नमक का सेवन कर रहे हैं, जो दो चम्मचों के बराबर होता है। इसके अंदर 4310 मिली ग्राम सोडियम पाया जाता है, जो हमारी रोज की जरुरत से काफी अधिक है। ज्यादा नमक का सेवन करने से जानलेवा बीमारियां हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह बताया कि एक दिन में 
सिर्फ 2000 मिलीग्राम सोडियम का सेवन करना चाहिए। दूसरे शब्दों में 1 चम्मच नमक का इस्तेमाल करना चाहिए। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि अधिक नमक खाने से हर साल करीब 18.9 लाख लोगों की मौते होती है। अधिक सोडियम के सेवन से करोड़ो लोगो गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है। लोगों को लगता है कि नमक खाने से नुकसान नहीं होता है,लेकिन उनकी सोच गलत है कि इससे कोई नुकसान नहीं होता है और ज्यादा नमक खाने से किसी तरह का फायदा नहीं होता है। WHO के अनुसार नमक का अधिक सेवन करने से आप गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज, गैस्ट्रिक कैंसर, ओबेसिटी यानी मोटापा, किडनी डिजीज, ऑस्टियोपोरोसिस समेत तमाम गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप इन सभी बिमारियों के मरीज हैं तो आप डॉक्टर की सलाह मानें और ज्यादा नमक का सेवन न करें।

वीर बालक दिना निमित्त विनम्र अभिवादन.... NMC तर्फे स्मरण करण्यात आले

नागपूरनागपूर महानगरपालिकांतर्फे वीर बाल दिवसाच्या निमित्ताने मंगळवारी (२६रोजी सकाळी गुरु गोविंद सिंह यांचे वीर पुत्र साहिबजादे जोरावर सिंहसाहिबजादे फतेह सिंह, साहेबजादे अजित सिंह, साहेबजादे जुझार सिंह यांचे वीरता,साहसतेचे स्मरण करण्यात आले. त्यांच्या तैलचित्रावर  माल्यार्पण  करून विनम्र  अभिवादन  करण्यात आले.  या  प्रसंगी अतिरिक्त  आयुक्त डॉ सुनील लहाने उपायुक्त श्री निर्भय जैनरवींद्र भेलावे सुरेश बगळेविधी अधिकारी श्री प्रकाश बरडेस्थापत्य अधिकारी  श्री पंकज पराशर जनसंपर्क अधिकारी श्री मनीष सोनीश्री राजेश गजभियेश्री प्रमोद वानखेडे, श्री किशोर चौरेश्री अविनाश जाधवश्री अमोल तपासे आदी  उपस्थित होते।  


दूसरी खबर  उपद्रव शोध पथकाची धडक कारवाई....
नागपूर:नागपूर महानगरपालिकेच्या उपद्रव शोध पथकाने सार्वजनिक ठिकाणी लघुशंका करणाऱ्यांवरकचरा फेकणाऱ्यांवरथुंकणाऱ्यांवर५० मायक्रॉन पेक्षा कमी प्लास्टिक पिशवीचा वापर करणाऱ्यांवर अधिक कठोर कारवाईची सुरुवात केली आहेमंगळवार (ता.२६)रोजी उपद्रव शोध पथकाने ६० प्रकरणांची नोंद करून ४८१०० रुपयाचा दंड वसूल केला.शहराला स्वच्छ ठेवण्यासाठी रस्त्यावरफुटपाथवर कचरा टाकणारेथुंकणारेघाण करणारेलघुशंका करणारेप्लास्टिक पिशवीचा वापर करणाऱ्या नागरिकांवर तसेच दुकानदारांवर दंडात्मक कारवाई सुरु करण्यात आली आहेहाथगाडयास्टॉल्सपानठेलेफेरीवालेछोटे भाजी विक्रेते यांनी लगतच्या परिसरात अस्वच्छ
ता (रु४००/- दंड या  अंतर्गत १५ प्रकरणांची नोंद करून ६००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीव्यक्तीने रस्ताफुटपाथमोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०२ प्रकरणांची नोंद करून १०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीदुकानदाराने रस्ताफुटपाथमोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे याअंतर्गत ०३ प्रकरणांची नोंद करून १२०० रुपयांची वसुली करण्यात आली.मॉलउपहारगृह,लॉजिंग बोर्डिंग होर्डिंग सिनेमाहॉलमंगल कार्यालयेकॅटरर्स सर्व्हिस प्रोव्हायडर इत्यादींनी रस्ताफुटपाथमोकळी जागाअशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०१ प्रकरणांची नोंद करून २००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीवाहतुकीचा रस्ता मंडपकमानस्टेज इत्यादी रचना करुन अथवा वैयक्तिक कामाकरीता बंद करणे या अंतर्गत १० प्रकरणांची नोंद करून २५००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीसार्वजनिक रस्ता फुटपाथमोकळी जागा इत्यादी ठिकाणी बांधकाम मलबा टाकून कचरा टाकणे/साठवणेप्रथम ४८ तासात हटविण्याची नोटीस देऊन  हटविणे या अंतर्गत ०३ प्रकरणांची नोंद करून ३००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीउपरोक्त यादीत  आढळणारे इतर उपद्रव (व्यक्तीअसल्यास १८ प्रकरणांची नोंद करून रु ३६०० दंड वसूल करण्यात आलेला आहेउपरोक्त यादीत  आढळणारे इतर उपद्रव संस्था असल्यास ०७ प्रकरणांची नोंद करून रु ७००० दंड वसूल करण्यात आलेला आहेही कारवाई उपद्रव शोध पथक प्रमुख वीरसेन तांबे यांच्या नेतृत्वात करण्यात आली.
 

Monday, December 25, 2023

महिलाओं के खिलाफ अत्याचार को लेकर क्या है प्रावधान? संसद में पारित नए आपराधिक कानूनों में बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव क्या हैं?

 
मॉब लिंचिंग और नफरती अपराधों के लिए बढ़ाई गई सजा:- वर्तमान में जो कानून है उसमें मॉब लिंचिंग और नफरती अपराध के लिए कम से कम सात साल की सजा का प्रावधान था। इस नियम के अनुसार जब पांच या उससे ज्यादा लोगों का समूह किसी व्यक्ति के जाति या समुदाय के आधार पर उसकी हत्या के मामले में शामिल पाया जाता है। तो उस समूह के सभी सदस्यों को न्यूनतम सात साल की कैद की सजा दी जाएगी,लेकिन नए कानून में इस तरह के मामलों में दोषी पाए गए लोगों को की आजीवन कारावास कर दिया गया है। #

आतंकवादी गतिविधि को परिभाषित किया गया:- पहली बार आतंकवादी गतिविधी को भारतीय न्याय संहिता के तहत पेश किया गया था। नए विधेयक में इसके कानून में कुछ बदलाव किए गए है। नया विधेयक के तहत अब आर्थिक सुरक्षा को खतरा भी आतंकवादी गतिविधि के अंतर्गत आएगा। इसके अलावा तस्करी या नकली नोटों का उत्पादन करके देश की वित्तीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाना भी आतंकवादी अधिनियम के अंतर्गत आएगा। भारत में रक्षा या किसी सरकारी उद्देश्य के लिए गए संपत्ति को विदेश में नष्ट करना भी आतंकवादी गतिविधि का ही हिस्सा होगा। देश में सरकारों को कुछ भी करने पर मजबूर करने के लिए किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लेना या किसी भी व्यक्ति का अपहरण करना भी आतंकवादी गतिविधि ही माना जाएगा।
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छोटे अपराध को किया गया परिभाषा:- वर्तमान में जो कानून है उसमें संगठित समूहों द्वार किए गए अपराध जैसे गाड़ियों की चोरी, फोन स्नैचिंग के लिए दंड का प्रावधान किया गया था,अगर इससे आम जनता को असुरक्षा की भावना पैदा होती हो तो,लेकिन नए कानून में असुरक्षा की भावना की यह अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। # कोर्ट कार्यवाही प्रकाशित करने पर भी सजा का प्रावधान:- नए विधेयक में नया प्रावधान जोड़ा गया है जिसके जो कोई भी रेप के मामलों के अदालती कार्यवाही की खबर बिना कोर्ट के अनुमति के प्रकाशित करता है तो ऐसी स्थिति में उसे 2 साल तक की जेल हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। 


#मानसिक बीमार नहीं विक्षिप्त दिमाग:- वर्तमान के कानून में यानी आईपीसी में मानसिक रूप से बीमार लोगों को सजा में छूट दी जाती है,लेकिन नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता में इस मानसिक बीमारी शब्द का नाम बदल दिया गया था। अब ऐसे अपराधि को विक्षिप्त दिमाग वाला अपराधी कहा जाएगा। # सामुदायिक सेवा को किया गया परिभाषा:- नई विधेयक में (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) में सामुदायिक सेवा को विस्तार में परिभाषित किया गया है। इसके अनुसार सामुदायिक सेवा एक ऐसी सजा को कहा जाएगा जो समुदाय के लिए फायदेमंद होगी और इसके लिए अपराधी को कोई पारिश्रमिक नहीं दिया जाएगा। इन नए विधेयकों में छोटे-मोटे अपराध जैसे चोरी, नशे में धुत होकर परेशान करना, जैसे अपराधों के लिए सजा के तौर पर सामुदायिक सेवा की शुरुआत की गई थी।




##महिलाओं के खिलाफ अत्याचार को लेकर क्या है प्रावधान?:- नए बिल में गैंगरेप के मामलों में अब 20 साल की सजा या आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा झूठे वादे करके या अपनी पहचान छुपाकर यौन संबंध बनाना भी अब अपराध की श्रेणी में शामिल होगा। इसमें 18 साल से कम आयु की लड़की से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास या मृत्यु दंड का प्रावधान किया गया है। नए विधेयक में यौन हिंसा के मामलों में पिड़िता का बयान महिला न्यायिक मजिस्ट्रेट ही रिकॉर्ड करेगी। यह बयान पीड़िता के आवास पर महिला पुलिस अधिकारी के सामने दर्ज किया जाएगा। बयान रिकॉर्ड करते वक्त पीड़िता के माता/पिता या अभिभावक मौजूद रह सकते हैं

शालार्थ आईडी घोटाला:प्रधानाचार्य तो केवल नाममात्र के हस्ताक्षरकर्ता हैं; असली साजिशकर्ता तो संस्था के निदेशक हैं? विदर्भ शिक्षक संघ का प्रश्न

[Demo Pick]  नागपुर: - विदर्भ शिक्षक संघ ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई है कि राज्य में चल रहे शलार्थ आईडी घोटाले की जांच में केवल उन्हीं प्...