Tuesday, April 15, 2025

महापालिकेच्या आपली बसच्या प्रवाशांसाठी नॅशनल कॉमन मोबिलिटी कार्डचे लोकार्पण आयुक्त तथा प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी यांच्या हस्ते शुभारंभ

नागपूर:- महापालिकेच्या आपली बसमध्ये आता प्रवाशांना नॅशनल कॉमन मोबिलिटी कार्डची सुविधा उपलब्ध झाली आहे. या कार्डचे लोकार्पण महापालिका आयुक्त तथा प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी यांच्या हस्ते मंगळवारी (ता. १५)  महापालिकेच्या मुख्यालयातील आयुक्तांच्या सभाकक्षात झाले. डीजीटल प्रथम व भविष्यासाठी सज्ज होण्याच्या दिशेने नागपूर महापालिकेने एक मोठे पाऊल टाकले आहे.यावेळी अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती वसुमना पंतपरिवहन व्यवस्थापक श्री. विनोद जाधवश्री. रविंद्र पागे, श्री. राजू घाटोळे, श्री. योगेश लुंगे, श्री. विनय भारद्वाज, श्री. अरुण पिंपुरडे, श्री. केदार मिश्रा व श्री. समीर परमार आदी उपस्थित होते.पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांच्या एक देशएक कार्डच्या संकल्पनेला मूर्त  देण्याच्या दृष्टीने महापालिकेने हे पाऊल टाकले आहे. रोखविरहित व्यवहारांना चालना देण्यासाठी तसेच आपली बसमध्ये प्रवास करणार्या प्रवाशांना यापुढे रोख रक्कम बाळगण्याची गरज राहणार नाही. नागपूर महापालिकेने तंत्रज्ञान भागीदार चलोसोबत सहकार्य करीत नॅशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) सुरू केले आहे. यामुळे सर्व सार्वजनिक प्रवासासाठी एकत्रित डीजीटल सुविधेमुळे प्रवाशांना प्रवास करणे सुलभ होणार आहे.यावेळी बोलताना महापालिका आयुक्त तथा प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी म्हणालेआपली बसमध्ये यापुढे केवळ हेच कार्ड व्यवहारात राहणार आहे. महापालिकेने यापूर्वी 

जारी केलेले सर्व कार्डची सुविधाही कायम राहणार असून या कार्डची मुदत संपल्यानंतर मात्र प्रवाशांना एनसीएमसी कार्ड जारी करण्यात येणार असल्याचे त्यांनी यावेळी स्पष्ट केले.नागपूर मेट्रोमध्ये अद्याप एनसीएमसी कार्डचा वापर सुरू झालेला नाहीकार्डचा वापर महामेट्रोमध्ये सुद्धा करण्यासाठी प्रयत्न सुरू आहे. महामेट्रो तसेच तांत्रिक बाबींची पूर्तता झाल्यानंतर महामेट्रोमध्ये सुद्धा लवकरच एनसीएमसी कार्डचा वापर करता येणार आहे.यानंतर नागपुरातील प्रवाशांना महामेट्रो व आपली बससाठी वेगवेगळे कार्ड जवळ ठेवण्याची गरज राहणार नाही. जुने कार्ड असलेल्या प्रवाशांना नव्या कार्डसाठी कोणतेही अतिरिक्त शुल्क आकारले जाणार नसल्याचे यावेळी स्पष्ट करण्यात आले.हेच कार्ड रिटेल स्टोअर्सरेस्टॉरंट-कॉमर्ससाठी सुद्धा वापरता येणार आहे, हे एनसीएमसीच्या कार्डचे वैशिष्ट्ये आहे. हे कार्ड वाडीहिंगणापटवर्धन मैदान आणि नाका क्रमांक १३ येथील बस डेपोमध्ये उपलब्ध राहणार आहे. तसेच या कार्डचे रिचार्ज ऑनलाईन पद्धतीने होणार आहे. एनसीएमसी कार्ड बसपास सेंटरबसचे कंडक्टरजवळून सुद्धा घेता येईल. हे कार्ड रिचार्ज करण्याची सुविधा चलो कार्ड अॅपवरसुद्धा देण्यात आलेली आहे. 

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, मध्य क्षेत्र, नागपुर ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 134वीं जयंती मनाई

 भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई)मध्य क्षेत्रनागपुर ने 14 अप्रैल, 2025 को जीएसआई परिसर में डॉ. बाबासाहेब रामजी अंबेडकर की 134वीं जयंती बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और श्री दिनेश वी. गणवीरअतिरिक्त महानिदेशककार्यालय प्रमुख और राष्ट्रीय मिशन प्रमुख II द्वारा औपचारिक मोमबत्ती प्रज्वलित करने के साथ हुई। श्रद्धांजलि के बाद इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई। अपने संबोधन मेंश्री गणवीर ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर के स्मारकीय योगदान पर प्रकाश डालाउन्होंने उन कठिनाइयों को रेखांकित कियाजिन्हें उन्होंने झेला और राष्ट्रीय प्रतीक और भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार के रूप में उभरने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने डॉ. अंबेडकर को एक दूरदर्शी व्यक्ति के रूप में वर्णित कियाजिनके पास गहन ज्ञान और एक अद्वितीय व्यक्तिगत पुस्तकालय था। उनमें समाज की चुनौतियों का समाधान करने और अपनी बुद्धि से राष्ट्र को नया स्वरूप देने की बुद्धि और दूरदर्शिता थी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को ज्ञान के प्रति डॉ. अंबेडकर के समर्पण का अनुकरण करने के लिए प्रोत्साहित किया और उनसे भूविज्ञान के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी प्रगति के साथ अद्यतन रहने का आग्रह किया। समारोह के हिस्से के रूप मेंसभी उपस्थित लोग जीएसआई कार्यालय परिसर में स्थित डॉ. बी. आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने और बुद्ध वंदना करने के लिए एकत्र हुए। यह कार्यक्रम चिंतन और प्रेरणा का क्षण थाजिसने ज्ञानसमानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों की पुष्टि कीजिसका डॉ. अंबेडकर ने अपने पूरे जीवन में समर्थन किया।

हीट स्ट्रोक की रोकथाम के लिए गैर सरकारी संगठनों से सहायता,नगर निगम मुख्यालय में गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

नागपुर :- नागपुर शहर अब हीट स्ट्रोक की रोकथाम के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गैर सरकारी संगठनों के साथ सहयोग करेगा। इसी कारण से नागपुर महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार (15 तारीख) को शहर के गैर सरकारी संगठनों की एक बैठक आयोजित की गई। नगर निगम मुख्यालय में डा. पंजाबराव देशमुख स्मारक स्थायी समिति हॉल में आयोजित बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपक सेलोकर , अतिरिक्त चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र बहिरवार, महामारी विज्ञान अधिकारी डॉ. गोवर्धन नवखरे, क्षेत्रीय चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिल्पा जिचकर, डॉ. विजय तिवारी, डॉ. दीपांकर भिवगड़े, डॉ. सुनील कांबले, डॉ. गजानन पवने, डॉ. जयश्री चन्ने, डॉ. शीतल वांडिले, डॉ. सुलभा शेंडे, डॉ. वर्षा सहित शहर के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे. देवस्थले , उपस्थित थे। नागपुर महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग द्वारा हीटस्ट्रोक की रोकथाम को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाता है। मलिन बस्तियों, श्रमिकों के आवासों और निर्माण स्थलों जैसे क्षेत्रों में हीटस्ट्रोक का खतरा 
अधिक होता है। इसके अलावा, नागपुर शहर में विभिन्न स्थानों पर 10 संभावित हीटस्ट्रोक-प्रवण स्थान घोषित किए गए हैं। गैर सरकारी संगठनों को इन सभी स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था करने तथा उनके लिए विश्राम स्थल बनाने में नगर निगम का सहयोग करना चाहिए। मनपा इस संबंध में सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी और संस्थाओं से संबंधित व्यवस्थाओं के लिए सहयोग स्वीकार करने की अपील करती है, ऐसा मेडिकल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मेड दीपक सेलोकर ने कहा। गैर सरकारी संगठनों को हीटस्ट्रोक की रोकथाम के संबंध में जन जागरूकता पैदा करनी चाहिए। हीटस्ट्रोक के संबंध में क्या करें और क्या न करें ' की जानकारी जनता तक पहुंचाई जानी चाहिए। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों , वंचित और असंगठित श्रमिकों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया , पोस्टर , होर्डिंग्स , नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से जानकारी प्रसारित की जानी चाहिए । स्थानीय स्तर पर कोल्ड स्टोरेज, पानी के स्थान और छाया की सुविधा के साथ आराम क्षेत्र स्थापित करने के लिए सहायता प्रदान की जानी चाहिए। स्कूलों , मंदिरों , सामुदायिक भवनों को कोल्ड स्टोरेज के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए । नगर निगम के सहयोग से स्वास्थ्य सेवाएं जैसे ओआरएस वितरण , ठंडे पानी की सुविधा और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। गैर सरकारी संगठनों को स्वयंसेवकों को हीटस्ट्रोक के लक्षणों को पहचानने के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए। बुखार से पीड़ित व्यक्तियों को शीघ्र अस्पताल रेफर करने के लिए सहायता प्रदान की जानी चाहिए  स्वयंसेवकों का एक नेटवर्क बनाया जाना चाहिए। स्थानीय स्वयंसेवी समूहों का गठन किया जाना चाहिए और आपातस्थिति के दौरान उन्हें सक्रिय रखा जाना चाहिए  गर्मियों के दौरान दैनिक क्षेत्र फीडबैक प्रदान करें और यदि आवश्यक हो तो सहायता के लिए प्रशासन से संपर्क करें । नगर पालिका द्वारा शहर में बेघर लोगों के लिए आश्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। हमें बेघर लोगों को इन केंद्रों तक पहुंचाने में सहयोग करना चाहिए। डॉ. ने इस उद्देश्य के लिए नगर पालिका के स्वास्थ्य और सामाजिक विकास विभागों के साथ समन्वय करने की भी अपील की। सेलोकर द्वारा निर्मित।बैठक में शहर के अधिकांश गैर सरकारी संगठनों ने भाग लिया। नगर स्वास्थ्य विभाग शहर के अन्य गैर सरकारी संगठनों से अपील कर रहा है कि वे हीटस्ट्रोक की रोकथाम के उपायों को लागू करने में सहयोग के लिए आगे आएं।# हीटस्ट्रोक के लक्षण:- जब शरीर का तापमान बढ़ जाता है तो उसे हीट स्ट्रोक कहा जाता है। मतली उल्टी , बुखार , शुष्क त्वचा , थकान , चक्कर आना , सिरदर्द , मूड में बदलाव , चिड़चिड़ापन , जीभ में सूजन , अत्यधिक पसीना आना , पैरों में ऐंठन , पेट दर्द , रक्तचाप में वृद्धि , मानसिक बेचैनी , बेहोशी 
# हीटस्ट्रोक से बचने के लिए सावधानी बरतें:नागरिकों को बिना काम के धूप में बाहर जाने से बचना चाहिए।जब धूप में बाहर जाने का समय हो तो उचित सावधानी बरतनी चाहिए।गर्मियों में बाहर जाने से बचें , खूब पानी पिएं। अपने और दूसरों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। हल्के, पतले और हवादार कपड़े पहनें। बाहर जाते समय चश्मा , छाता या टोपी , तथा जूते या चप्पल पहनें।यात्रा करते समय आपको अपने साथ पानी की बोतल रखनी चाहिएऔर धूप में काम करते समय टोपी या छाता का उपयोग करना चाहिए।
- सिरगर्दन और चेहरे को गीले कपड़े से ढकें। यदि शरीर में पानी की कमी हो गई हो तो नियमित रूप से ओआरएस , नींबू पानी , छाछ आदि पिएं। घर को ठंडा रखें .इसे ठंडा रखने के लिए नम पर्दे , पंखे , कूलर आदि का उपयोग करें # ऐसा करने से बचें:- हीटस्ट्रोक से बचने के लिए गर्मियों में बाहर जाने और धूप में अधिक मेहनत वाला काम करने से बचें। बच्चों या पालतू जानवरों को बंद या पार्क किए गए वाहन में न छोड़ें। गहरे , तंग और मोटे कपड़े पहनने से बचें , धूप में खाना पकाने से बचें और खाना बनाते समय रसोई के दरवाजे और खिड़कियां खुली रखें। शराब , चाय , कॉफी , शीतल पेय से बचें, तथा बासी और उच्च प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ खाने से बचें।

आता नागपूरकरांना माय नागपूर व्हाट्सॲप चॅटबोट सुविधा महापालिका आयुक्त तथा प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी यांच्या हस्ते शुभारंभ

 नागपूर:- नागरिकांना अनेक सुविधा ऑनलाईन उपलब्ध करून देण्यासाठी नागपूर महापालिकेने माय नागपूर एनएमसी  व्हाट्सॲप चॅटबोटची स्मार्ट सेवा सुरू केली आहे. या सुविधेचा शुभारंभ महापालिका आयुक्त तथा प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी यांच्या हस्ते आज महापालिकेच्या मुख्यालयातील आयुक्त कार्यालयातील सभाकक्षात झाला. नागपूर महापालिकेच्या डीजीटल इंडीयाच्या दिशेने टाकलेले हे महत्त्वाचे पाऊल आहे. यावेळी अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती वसुमना पंतअतिरिक्त आयुक्त श्रीमती वैष्णवी बी. उपायुक्त श्री. मिलींद मेश्राम व माहिती व तंत्रज्ञान प्रमुख श्री. स्वप्निल लोखंडे उपस्थित होते.नागरिकांना मालमत्ता कर भरणा करण्यासोबतच इतर सुविधा व्हाट्सअपच्या सहाय्याने करण्यासाठी मनपाच्या माहिती व तंत्रज्ञान विभागाच्या माध्यमातून चॅटबोटची सुविधा सुरू करण्यात आली आहे. चॅटबोटच्या माध्यमातून नागरिक आवश्यक असलेली माहिती सुद्धा मोबाईलवर मिळवू शकतात. नागरिकांना विविध करांचा भरणा या द्वारे करता येणार आहे. या माध्यमातून महापालिकेतर्फे चार सुविधा उपलब्ध करून दिल्या आहेत.चॅटबोटच्या माध्यमातून नागरिक मालमत्ता कर यूपीन नंबर टाकून जमा करू शकतात. यावरून मालमत्ता कराचे मागणी देयक सुद्धा मिळू शकते. यासोबतच चालू वर्षाचे मागणी देयककर भरण्यासाठी असलेल्या सवलतीदंडाची रक्कमऑनलाईन पैसे भरण्याची लिंक सुद्धा यावेळी नागरिकांना उपलब्ध राहील. त्याचप्रमाणे मालमत्ता कराचे कोणतेही देणी बाकी नसल्याचे नो ड्यू सर्टिफिकेट या माध्यमातून नागरिकांना मिळू शकणार आहे. यासाठी सुद्धा नागरिकांना यूपीन टाकल्यास या प्रणालीच्या माध्यमातून माहिती प्रमाणित झाल्यानंतर पीडीएफ स्वरुपात प्रमाणपत्र डाऊनलोड करता येईल. या माध्यमातून मागणीवसुली व शिल्लक थकबाकीचा तपशील मिळवून घेता येईल. यामुळे मालमत्ताधारकांना आपल्या मालमत्तेची आर्थिक स्थिती स्पष्टपणे समजून येईल. त्याचप्रमाणे ग्राहक क्रमांक टाकून पाणी कराचा भरणा करता येणार आहे. या चाटबोरद्वारे चालू थकबाकीमागील भरणा व ऑनलाईन पाणी देयक अदा करण्यासाठी लिंक उपलब्ध होणार आहे. या सुविधेमुळे नागरिकांचा वेळ वाचणार आहे त्याचप्रमाणे सर्व सेवा घरबसल्या  व्हाट्सॲपच्या माध्यमातून  नागरिकांना मिळणार आहे. 

सार्वजनिक ठिकाणी अस्वच्छता पसरविणाऱ्या 49 प्रकरणांची नोंद उपद्रव शोध पथकाची धडक कारवाई

नागपूर:- नागपूर महानगरपालिकेच्या उपद्रव शोध पथकाने सार्वजनिक ठिकाणी लघुशंका करणाऱ्यांवर, कचरा फेकणाऱ्यांवर, थुंकणाऱ्यांवर, 79 मायक्रॉन पेक्षा कमी प्लास्टिक पिशवीचा वापर करणाऱ्यांवर अधिक कठोर कारवाई ची सुरुवात केली आहे. मंगळवार (15) रोजी शोध पथकाने 49 प्रकरणांची नोंद करून 33,500/- रुपयाचा दंड वसूल केला. हाथगाडया, स्टॉल्स, पानठेले, फेरीवाले, छोटे भाजी विक्रेते यांनी लगतच्या परिसरात अस्वच्छता (रु. 400/- दंड) या अंतर्गत 15 प्रकरणांची नोंद करून 6,000/- रुपयांची वसुली करण्यात आली. व्यक्तीने रस्ता, फुटपाथ, मोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे (रु. 400/- दंड) या अंतर्गत 3 प्रकरणांची नोंद करून 300/- रुपयांची वसुली करण्यात आली. दुकानदाराने रस्ता, फुटपाथ, मोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे (रु. 400/- दंड) या अंतर्गत 8 प्रकरणांची नोंद करून 3,200/- रुपयांची वसुली करण्यात आली. मॉल, उपहारगृहे, लॉजिंग, बोर्डींग हॉटेल, सिनेमा हॉल, मंगल कार्यालय, कॅटरर्स सर्व्हीस प्रोव्हायडर इत्यादींनी रस्ता या अंतर्गत 2 प्रकरणांची नोंद करून 4,000/- रुपयांची वसुली करण्यात आली. वाहतूकीचा रस्ता मंडप, कमान, स्टेज इत्यादी रचना करुन अथवा वैयक्तिक कामाकरीता बंद करणे या अंतर्गत 8 प्रकरणांची नोंद करून 4,000/- रुपयांची वसुली करण्यात आली. चिकन सेंटर, मटन विक्रेता, यांनी त्यांचा कचर रस्ता, फुटपाथ मोकळी जागा, अशा ठिकाणी टाकणे या अंतर्गत 1 प्रकरणांची नोंद करून 1,000/- 
रुपयांची वसुली करण्यात आली. वर्कशाप, गॅरेजेस व इतर दुरुस्तीचे व्यवसायीकांने रस्ता, फुटपाथ मोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत 1 प्रकरणांची नोंद करून 1,000/- रुपयांची वसुली करण्यात आली. उपरोक्त यादीत न आढळणारे इतर उपद्रव व्यक्ती असल्यास 15 प्रकरणांची नोंद करून 3,000/- दंड वसूल करण्यात आलेला आहे. उपरोक्त यादीत न आढळणारे इतर उपद्रव संस्था असल्यास 11 प्रकरणांची नोंद करून 11,000/- दंड वसूल करण्यात आलेला आहे. ही कारवाई उपद्रव शोध पथक प्रमुख वीरसेन तांबे यांच्या नेतृत्वात करण्यात आली.तसेच उपद्रव शोध पथकाने हनुमान नगर झोन अंतर्गत मे. डीडीएस अकादमी यांनी विनापरवानगी विद्युत खांबांवर जाहिरातीचे बॅनर लावल्याप्रकरणी असे एकुण रु. 5,000/- चे दंड वसुल करण्यात आले. नेहरु नगर झोन अंतर्गत मे. बाबा किराणा ॲण्ड जर्नल स्टोअर्स यांनी प्लास्टिक पिशवीचा वापर केल्याबद्दल 5,000/- हजार रुपयांचा दंड वसुल केला. गांधीबाग नगर झोन अंतर्गत मे. सेंट झेवियर्स शाळा यांनी विनापरवानगी विद्युत खांबांवर जाहिरातीचे बॅनर लावल्याप्रकरणी असे एकुण रु. 5,000/- चे दंड वसुल करण्यात आले. तसेच मे. स्वप्निल किराणा यांनी प्लास्टिक पिशवीचा वापर केल्याबद्दल  5,000/- हजार रुपयांचा दंड वसुल केला. सतरंजीपूरा झोन अंतर्गत निझाम शेख यांनी चेंबर ब्लॉक केल्याबद्दल रु. 5,000/- चे दंड वसूल करण्यात आले. उपद्रव शोध पथकाने 05 प्रकरणांची नोंद करून रू. 25,000/- दंड वसूल केला

Wednesday, April 9, 2025

उष्माघाताचा धोका वाढतोय ; नागपुरकरांनो आरोग्य सांभाळा नागपूर महानगरपालिकेची आरोग्य यंत्रणा सज्ज

नागपूर:- मागील काही दिवसांपासून सतत तापमान वाढत आहे. नागपूर शहरातील तापमान ४० अंशाच्या पुढे गेले आहे. पुढेही तापमानात वाढ होण्याची शक्यता आहे. त्यामुळे उष्माघाताचा धोका वाढला आहे. उदभवणाऱ्या आरोग्याच्या मस्या टाळण्यासाठी खबरदारी घेऊन आरोग्य जपावेअसे आवाहन नागपूर महानगरपालिकेचे वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. दीपक सेलोकर यांनी नागपुरकरांना केले आहे.वाढत्या तापमानामुळे संभावणारा उष्माघाताचा धोका लक्षात घेता मनपाची आरोग्य यंत्रणा सज्ज झालेली आहे. यासंदर्भात अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती वसुमना पंत यांनी मनपाचे इंदोरा नागरी प्राथमिक आरोग्य केंद्र आणि इंदिरा नगर झोपडपट्टी जरीपटका येथील आयुष्मान आरोग्य मंदिर नागरी आरोग्य वर्धिनी केंद्रांना भेट देऊन पाहणी केली.नागपूर शहरात उष्माघात 
प्रतिबंधात्मक उपाययोजनांची प्रभावीपणे अंमलबजावणी करण्यात आली आहे. मनपाचे रुग्णालय तसेच शहरातील शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व रुग्णालय (मेडिकल) आणि इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व रुग्णालय (मेयो) येथे कोल्ड वार्ड तयार करण्यात आलेले आहेत. यासोबतच मुबलक प्रमाणात औषधांचा साठा देखील उपलब्ध करण्यात आलेला आहे. शहरातील संभाव्य उष्माघात प्रभावित ठिकाणे तसेच अन्य भागातही प्याऊची व्यवस्था करण्यात आलेली आहे. तसेच शहरातील सर्व उयाने सुदधा दुपारच्या वेळी सुरु ठेवण्यात येत आहेत. याशिवाय दहाही झोनस्तरावर नागरिकांना जनजागृती पत्रक वितरीत करुन त्यांना उष्माघातबाबत जागरुक केले जात आहेअशी माहिती देखील मनपाचे वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. दीपक सेलोकर यांनी दिली आहे.
#उष्माघाताची लक्षणे:-शरीराचे तापमान वाढल्यास त्याला उष्माघात म्हणतात. मळमळउलटीतापत्वचा कोरडी पडणेथकवाचक्करडोकेदुखीमनाची स्थिती बिघडतेचिडचिडजीभ जड होणेजास्त घाम येणेपायात गोळे येणेपोटऱ्यात वेदनारक्तदाब वाढणेमानसिक बेचैनीबेशुद्धावस्था. उष्माघात टाळण्यासाठी अशी काळजी घ्या:- नागरिकांनी कामाशिवाय उन्हात निघणे टाळावे.उन्हात जाण्याची वेळ आल्यास योग्य खबरदारी घेतली जावी.उन्हाच्या वेळेत बाहेर फिरणे टाळावेभरपूर पाणी प्यावे. स्वत:सह इतरांच्याही तब्येतीची काळजी घ्यावी हलकीपातळ व सच्छिद्र कपडे वापरावीत बाहेर जाताना गॉगल्सछत्री किंवा हॅटबूट किंवा चप्पलचा वापर करावाप्रवासादरम्यान पाण्याची बाटली सोबत ठेवावीउन्हात काम करताना हॅट किंवा छत्रीचा वापर करावा.ओल्या कपड्याने डोकेमानचेहरा झाकणेशरीरात पाण्याचे प्रमाण कमी होत असल्यास ओआरएसलिंबूपाणीताक आदी पेय नियमीत पिणेघर थंड ठेवण्यासाठी ओलसर पडदेपंखाकुलर आदींचा वापर करावा.हे करणे टाळा:- उष्माघात टाळण्यासाठी उन्हाच्या वेळेत घराबाहेर जाणेउन्हात कष्टाची कामे करणे टाळा.लहान मुले किंवा पाळीव प्राण्यांना बंद असलेल्या व पार्क केलेल्या वाहनात ठेवू नका. गडदघट्ट व जाड कपडे परिधान करणे टाळावेउन्हात स्वयंपाक करणे टाळावेस्वयंपाक करताना स्वयंपाक घराची दारे व खिडक्या उघडी ठेवावीत. मद्यचहाकॉफीसॉफ्टड्रिंक्स ही पेय टाळावीशिळे आणि उच्च प्रथिने असलेले अन्न खाणे टाळावे.

शालार्थ आईडी घोटाला:प्रधानाचार्य तो केवल नाममात्र के हस्ताक्षरकर्ता हैं; असली साजिशकर्ता तो संस्था के निदेशक हैं? विदर्भ शिक्षक संघ का प्रश्न

[Demo Pick]  नागपुर: - विदर्भ शिक्षक संघ ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई है कि राज्य में चल रहे शलार्थ आईडी घोटाले की जांच में केवल उन्हीं प्...