Saturday, June 15, 2019

'हलाल नाइटक्लब' मक्का मदीना के पास खोला जा रहा है, पहला नाइट क्लब...


सऊदी अरब सिर्फ मक्का मदीना के लिए नहीं बल्कि अपने रॉयल लाइफस्टाइल के लिए भी जाना जाता है। फुटबॉल क्लब, महंगी गाड़ियां, शेर और चीते पालने का शौक के चलते सऊदी अरब अपनी किंग साइज़ लाइफ के लिए फेमस है।  अब इस कड़ी में एक चीज़ और जुड़ने जा रही है,वो है एक नाइट क्लब। ये क्लब किसी ऐसी-वैसी जगह पर नहीं बल्कि मक्का मदीना के पास खोला जा रहा है, जिसका नाम है 'हलाल'। सऊदी अरब में यह पहला नाइट क्लब है, जो जेद्दाह शहर में खुल रहा है। 
इसका नाम रखा गया है 'हलाल नाइटक्लब'। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्लामी आहार कानून के तहत इस क्लब में शराब सर्व नहीं की जाएगी। इस क्लब को बनाने वाली कंपनी व्हाइट सऊदी अरेबिया ने अपने फेसबुक पेज पर इस नाइट क्लब में यूएस सिंगर ने-यो की परफॉर्मेंस का ऐड भी डाल दिया है। इस क्लब के सीईओ ने अरेबियन बिज़नेस को बताया कि ये नाइट क्लब इंटरनेशनल टूरिस्ट्स के लिए शानदार एक्सपीरिएंस होने वाला है।  
सऊदी मार्केट बहुत ही बढ़िया है, यहां के लोग बाहर घूमना पसंद करते हैं। इसलिए हमनें जेद्दाह में आईरिश कैफे बनाया। इस कैफे में म्यूज़िक, ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर के साथ-साथ इनडोर, आइटडोर और रूफटॉप पर सर्विस भी अवेलेबल है।

Wednesday, June 12, 2019

आखिर आपकी पार्टनर किस चीजों से खुश होती हैं...?


हर लड़का या फिर का अलग स्वभाव होता है। कुछ ऐसे होते है जो कि अपने बेबाक बोलने के कारण जाने जाते हैं और कुछ ऐसे होते है जो कि बहुत ही शर्मीले होते हैं,लेकिन आज के समय में रिश्तों की बात करें तो कपल बोलने से ज्यादा फीलिंग पर विश्वास करते हैं। अधिकतर लोगों को मामना है कि अगर सामने वाला आपसे प्यार करता है तो आपके मन की हर बात को बिना बोले ही जान लें। एक लड़की अपने पार्टनर को खुश करने के लिए हर कोशिश करती हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर आपकी पार्टनर किस चीजों से खुश होती हैं। ऐसे में हम आपकी थोड़ी सी मदद कर देते है। 
#तारीफ करना:- हर एक महिला को तारीफ सुनना बहुत ही पसंद है,लेकिन जरुरी नहीं कि आप बेकार में ही तारीफ करने लगे। इससे वह समझ जाएगी कि आप उसे बटर लगाने की कोशिश कर रहे हो। उसके ड्रेसअप, खाने या फिर किसी अन्य चीज की तारीफ करें। इससे आप दोनों के बीच प्यार और बढ़ जाएगा। # टाइम सपेंड करना:- एक सक्सेसफुल रिलेशनशिप के लिए यह बहुत ही जरुरी चीज है। आज के समय में टाइम की कमी के कारण की रिश्तों के टूटने का कारण बनता जा रहा है। हर एक लड़की चाहती है कि उसका पार्टनर उसके साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं। जिससे कि वह अपने दिल की बात आराम से बचा के। 
इसलिए अगर आप भी अपने रिलेशन को लंबा तक ले जाना चाहते है तो पार्टनर को थोड़ा टाइम जरुर दें। # कुछ काम पार्टनर की पसंद के करे:- अगर आप चाहते है कि आपकी पार्टनर हमेशा खुश रहें तो कुछ काम ऐसे करें जिससे कि वह आपको प्यार के साथ रिसपेक्ट करें। जैसे कि कभी-कभी आप उसकी पंसद के कपड़े पहन सकते है।# केयरिंग पार्टनर:- हर एक लड़की को केयरिंग पार्टनर बहुत ही ज्यादा पसंद होते है। अगर आप अपने पार्टनर की सही और गलत बातों में सपोर्ट करते हैं। किसी भी प्रॉब्लम में उसके साथ खडे रहते हैं। तो समझ लें कि वह भी हमेशा आपको हर सुख-दुख की साथी बनकर साथ खड़ी जाएगी।
# रोमांस:- किसी की रिलेशनशिप को अगर लंबा तक ले जाना है तो रोमांस एक जरुरी पार्ट बनता है। हर एक लड़की चाहती है कि आपके बीच कभी प्यार कम ना हो। वह बदलते हुए रिश्तों को देखकर काफी दुखी हो जाती है। इसलिए हमेशा अपने पार्टनर के दिल को आप नए-नए तरीके से जीते।   


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन को एक-दूसरे से प्यार हो गया है....


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्हें उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन का एक खूबसूरत पत्र मिला है। किम पर विश्वास कायम रखने का संकेत देते हुए ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि उत्तर कोरियाई नेता अपनी बात पर कायम रहे। यह मेरे लिए अहम है। हालांकि, ट्रंप ने इस बात की कोई जानकारी नहीं दी कि पत्र में क्या लिखा था। उन्होंने पहले के पत्रों को खूबसूरत बताया और कहा कि उन्हें और उत्तर कोरियाई नेता को एक-दूसरे से प्यार हो गया है। 
हनोई में फरवरी में हुई शिखर वार्ता असफल रहने की तमाम अटकलों के बावजूद ट्रंप ने कहा कि वह तीसरी बैठक को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसा हो सकता है। वाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने भी नई शिखर वार्ता का समर्थन किया। व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने भी नई शिखर वार्ता का समर्थन किया। बोल्टन ने मंगलवार को वॉल स्ट्रीट जर्नल से कहा, हम तैयार हैं जब भी वे चाहें। बता दें बीते माह आई एक रिपोर्ट में सामने आया था कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच दूसरी शिखर वार्ता असफल रहने के बाद उत्तर कोरिया ने अमेरिका के लिये अपने विशेष दूत को मौत के घाट उतार दिया है।

Monday, June 10, 2019

जानिए मालदीव के बारे कुछ अनजानी जानकारी.... ?


मालदीव करीब 1200 द्वीपों का समूह है। ये हिंद महासागर में स्थित एक द्वीप देश है। ये भारत के बहुत करीब है। मालदीव के 200 द्वीपों पर ही स्थानीय आबादी रहती है जबकि 12 द्वीप सैलानियों के लिए हैं, जहां रिसोर्ट, होटल और सैलानियों के घूमने के लिहाज से सुविधाएं हैं। यहां हर साल करीब छह लाख सैलानी आते हैं। मालदीव में सात प्रांत हैं। हर द्वीप का प्रशासकीय प्रमुख, द्वीप मुख्याधिकारी (कथीब) होता है, जिसे राष्ट्रपति नियुक्त करता है। मालदीव हिंद महासागर में सामरिक रूप से काफी महत्वपूर्ण जगह पर स्थित है।  यह हमारे देश के लक्षद्वीप समूह से महज 700 किमी. दूर है। 
मालदीव एक ऐसे महत्वपूर्ण जहाज मार्ग से सटा हुआ है जिससे होकर चीन, जापान और भारत जैसे कई देशों को ऊर्जा की आपूर्ति होती है। भारत का करीब 97 फीसदी अंतरराष्ट्रीय व्यापार हिंद महासागर के द्वारा ही होता है। हिंद महासागर इलाके में 40 से ज्यादा देश और दुनिया की करीब 40 फीसदी आबादी रहती है। चीन ने एंटी पायरेट्स अभियान के नाम पर 10 साल पहले हिंद महासागर में अदन की खाड़ी तक अपने नौसैनिक जहाज भेजने शुरू किए। 
जिससे मालदीव का महत्व बढ़ता गया। अब ये अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति का केंद्र बन गया है। पिछले कुछ सालों में चीन के साथ मालदीव की नजदीकियां बढ़ीं थीं। तब चीन का मालदीव के साथ बढ़ता आर्थिक सहयोग भारत के लिए चिंता की बात है।  मालदीव के विदेशी कर्ज में करीब 70 फीसदी हिस्सा चीन का हो गया है। चीन का दूतावास भी मालदीव में 2011 में ही खुला। भारत 1972 में ही वहां अपना दूतावास खोल चुका था।
हाल के बरसों में जब चीन का दखल बढ़ा तो मालदीव की पिछली सरकार में उसने बड़े पैमाने पर निवेश किया और कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए देश को कर्ज भी दिए। इस समय मालदीव पर चीन का काफी ज्यादा कर्ज है। हालांकि नई सरकार चीन के प्रोजेक्ट्स को सीमित कर रही है। साथ ही फिर से भारत से दोस्ती को बहाल कर रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में मोदी का अपने दूसरे कार्यकाल में सबसे पहले वहां की यात्रा करना अहम है। चीन ने पिछली सरकार में मालदीव के 10 द्वीपों को लीज पर ले रखा है, जहां वो बड़े पैमाने पर अपने जहाजों के रुकने के साथ सैन्य गतिविधियां भी विकसित कर रहा है। 
मालदीव को 1965 में अंग्रेजों से आजादी मिली। सबसे पहले इस देश को मान्यता भारत ने ही दी थी। यूं भी सदियों से धार्मिक, सांस्कृतिक तौर पर मालदीव भारत के करीब रहा है। मालदीव में करीब 25,000 भारतीय रहते हैं, जो दूसरा सबसे बड़ा विदेशी समुदाय है। मालदीव में हर साल जाने वाले पर्यटकों का करीब छह फीसदी भारत का है,लेकिन हाल के बरसों में चीन के पर्यटक भी बड़े पैमाने पर वहां जाने लगे हैं। मालदीव एक सुन्नी मुसलमान बहुल देश है। 
 पिछले राष्ट्रपति यमीन ने देश में धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा दिया। यहां से काफी नौजवान सीरिया जाकर आईएसआईएस में भर्ती हुए। बारहवीं शताब्दी तक मालदीव हिंदू राजाओं के अधीन रहा। बाद में ये बौद्ध धर्म का भी केंद्र बना। यहां तमिल चोला राजा भी शासन कर चुके हैं,लेकिन उसके बाद ये धीरे धीरे मुस्लिम राष्ट्र में बदलता चला गया। इस्लाम ही मालदीव का शासकीय धर्म है। एक गैर मुस्लिम मालदीव का नागरिक नहीं बन सकता।


5G इंटरनेट और 5G स्मार्टफोन से आने वाले दिनो में आएगी क्रांती...


 केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पद ग्रहण करने के बाद कहा कि हमारा पहला लक्ष्य 100 दिन के भीतर देश में 5जी का ट्रायल शुरू करना है। उन्होंने कहा कि सरकार इस साल 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी करने को प्रतिबद्ध है। साथ ही कई रेडियो फ्रीक्वेंसी की भी नीलामी की जाएगी। ट्राई ने भी 5जी समेत करीब 8,644 मेगाहर्ट्ज टेलीकॉम फ्रीक्वेंसी की नीलामी की सिफारिश भेजी है।  इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। इसके अलावा देश भर में 5 लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट बनाने की योजना पर भी तेजी से काम किया जाएगा। खबर यह भी थी कि बीएसएनएल ने अमेरिका की नेटवर्किंग सेवा देने वाली कंपनी 'सिएना' के साथ करार किया है। ये करार कंपनी की 5जी सेवाओं की फील्ड ट्रायल के लिए किया गया है। 
अगले कुछ हफ्तों तक अलग-अलग नेटवर्क इलाकों वाली जगहों पर 5जी सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए दोनों कंपनियां मिलकर काम करेंगी। कई देशों में इसकी टेस्टिंग भी की जा रही है।  चीन ने इसके कमर्शियल इस्तेमाल को लेकर हरी झंडी दे दी है। इसके बाद भारत में भी इस तकनीक को लाने को लेकर कवायद शुरू हो गई है। इस टेक्नॉलजी का आना विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में एक नए युग के आरंभ जैसा होगा। हाल ही में कुछ महीने पहले सैमसंग ने अपना पहला 5जी स्मार्टफोन साउथ कोरिया में लॉन्च किया था, वहीं सैमसंग के अलावा चिपसेट निर्माता कंपनी क्वॉलकॉम और हुवावे जैसी कंपनियां भी 5जी को लेकर काम कर रही हैं। क्या है 5जी नेटवर्क:- 5जी मोबाइल फोन वायरलेस सेवा की पांचवी पीढ़ी है। 
पिछली जेनरेशन की तुलना में इसकी स्पीड काफी अच्छी होगी। 5जी टेक्नोलॉजी के बाद इंटरनेट के उपयोगकर्ताओं को डेटा की हाई डेन्सिटी मिलने लगेगी, बेहतर कवरेज मिलेगा और मोबाइल उपकरणों की बैटरी भी कम खर्च होगी। मई 2013 से ही इस टेक्नोलॉजी पर काम शुरू हो गया था। 5जी जिस तरह से तैयार किया जा रहा है उसके मुताबिक यह मौजूदा एलटीई नेटवर्क पर काम कर सकेगा। एक अनुमान के अनुसार साल 2025 तक दुनिया की एक-तिहाई आबादी को 5जी नेटवर्क का कवरेज मिलेगा। 5जी की सहायता से सेल्फ ड्राइविंग कार को भारत में लॉन्च करने में मदद मिलेगी। क्योंकि ऐसी कारों के लिए ज्यादा से ज्यादा डेटा बहुत कम समय में ट्रांसफर होना चाहिए। हालांकि, इसके लिए सरकार को पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना होगा पर इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। 5जी आ जाने के बाद टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में भी काफी प्रोग्रेस होगी। इससे न सिर्फ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक हेल्थकेयर को पहुंचाया जा सकेगा बल्कि रोबोटिक सर्जरी भी की जा सकेगी। टेक्नॉलजी की एक खासियत यह होती है कि इससे गलतियां होने की संभावना काफी कम होती हैं और एक्युरेसी रेट काफी अच्छा होता है। 
5जी की वजह से एग्रीकल्चर की फील्ड में भी भारत को काफी फायदा मिल सकता है।  इसके माध्यम से उपकरणों से पता लगाया जा सकता है कि खेत की मिट्टी की क्या स्थिति है जिससे सही मात्रा में फर्टिलाइज़र, पानी और पेस्टीसाइड्स प्रयोग करके पैदावार को बढ़ाया जा सकेगा। पानी की कमी जिस तरह से आज कल समस्या बनती जा रही है उसे देखते हुए सिंचाई के लिए ज़रूरी पानी ही खेतों तक पहुंचाया जाएगा जिस पानी की बर्बादी को भी रोका जा सकेगा। होम ऑटोमेशन और ऊर्जा मैनेजमेंट- होम ऑटोमेशन के ज़रिए एनर्जी की काफी बचत की जा सकेगी। जैसे- मान लीजिए कि आपको वॉशिंग मशीन से कपड़े धोने हैं तो आप इसमें टाइम सेट कर सकते हैं कि मशीन शाम को चार बजे से चलकर पांच बजे तक बंद हो जाए। इसी तरह से घर के दूसरे उपकरणों पंखा, एसी, फ्रिज के लिए भी टाइमर सेट किया जा सकता है। कुल मिलाकर कहा जाए तो जहां-जहां सेंसर्स यूज़ हो सकते हैं वहां-वहां हर जगह इसका प्रयोग किया जा करके लाभ लिया जा सकता है।

Saturday, June 8, 2019

Google Pay ऐप से पैसे भी बचाए और सफर का मजा भी पाए ट्रेन टिकट बुकिंग पर नही लगेगा एक्स्ट्रा चार्ज जाने और भी फायदे....


 Google Pay इस ऐप से आप पैसे ट्रांसफर करने के साथ-साथ बिल भी पे कर सकते हैं। रेलवे का टिकट बुक करने के लिए हमारे पास कई विकल्प हैं,लेकिन गूगल का UPI ऐप Google Pay के जरिए ट्रेन का टिकट बुक करना न सिर्फ काफी आसान है बल्कि फायदेमंद भी है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) से पावर्ड यह सर्विस एंड्रॉयड और आईओएस दोनों तरह के यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी और Trains सेक्शन में जाकर कोई भी टिकट बुक कर सकता है। यह सेक्शन Businesses सेक्शन के भीतर मिलेगा। Google Pay से ऐसे बुक करें ट्रेन टिकट:- ऐप स्टोर से Google Pay ऐप डाउनलोड करें और बिजनेस सेक्शन में जाकर Trains पर टैप करें। इसके बाद Book Train Tickets का ऑप्शन आएगा उस पर क्लिक करें। 
इसके बाद आपको डेस्टिनेशन और यात्रा की तारीख और कौन सा टिकट चाहते हैं वो डालना होगा। ऐसा करने के बाद आपको नीचे वहां जाने वाली ट्रेन्स दिख जाएंगी जिसमें आप सीट अवेलेबिलिटी भी चेक कर सकते हैं। इसके बाद जिस ट्रेन में टिकट खाली है उसे सेलेक्ट करने के बाद आगे जाएं। ऐसा करने के बाद आपको अपना IRCTC यूजर आईडी और पासवर्ड डालना होगा फिर पैसेंजर का नाम फीड करना होगा। यह सब फीड करने के बाद Continue पर टैप करें। इसके बाद पेमेंट मैथड सेलेक्ट करें और प्रोसीड पर टैप करें और फिर UPI PIN डालें। ऐसा करने के बाद आपको IRCTC पासवर्ड और Captcha डालना होगा और फिर Submit बटन पर क्लिक करना होगा। 
यह करने के बाद आपका टिकट बुक हो जाएगा और आपके स्क्रीन पर उसकी जानकारी आ जाएगी। कैंसिल भी कर सकते हैं टिकट:-यूजर्स इस गूगल पे ऐप के जरिए ट्रेन सर्च करने, बुकिंग करने के साथ-साथ कैंसिल भी कर सकेंगे। इसके अलावा वे आसानी से सीट अवेलेबिलिटी, जर्नी ड्यूरेशन, ट्रैवल टाइम आदि की भी जानकारी इस ऐप से पा सकेंगे। टिकट बुकिंग फीचर को एक्सेस करने के लिए यूजर्स के पास IRCTC अकाउंट होना जरूरी है और इस ऐप से टिकट बुकिंग करने पर कोई भी एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाएगा। 

Friday, June 7, 2019

अगर आप 10वीं पास हैं तो ले सकते हैं गैस एजेंसी...जाने पूरी प्रक्रिया...


देश की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) की अगले एक साल में 5000 नए गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स नियुक्त करने की योजना है। सरकार ने हाल में 2000 नए लाइसेंस जारी किए है। अगर आप भी गैस एजेंसी लेने के लिए इच्छुक है तो आपको पहले से पूरी तैयारी करनी होगी। इसीलिए हम आपको नियम, शर्तों और प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे रहे है। गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स का लाइसेंस मिलने के बाद गैस एजेंसी को चालू करने में सामान्‍यतौर पर एक साल का समय लग जाता है। इसमें तमाम स्थानीय प्रशासनिक मंजूरियां लेने के साथ ही साथ ऑफि‍स और गोदाम निर्माण भी शामिल है।
नए डिस्‍ट्रीब्‍यूटर्स विशेषकर उत्‍तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और महाराष्‍ट्र में बनाए जाएंगे, क्‍योंकि इन्‍हीं राज्‍यों में उपभोक्‍ताओं की संख्‍या सबसे ज्‍यादा बढ़ी है। LPG डीलरशिप हासिल करने की बेहद कड़े नियम और शर्तें हैं। ऐसे में जरूरी है कि इस साल जब गैस कंपनियां डीलरशिप के लिए आवेदन आमंत्रित करें तो आपके पास तैयारी पूरी होनी चाहिए। स्टेप-1: देश की तीनों सरकारी कंपनियां इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस समय-समय पर नए डीलर बनाने के लिए आवेदन आमंत्रित करती हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की राजीव गांधी ग्रामीण एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन योजना (आरजीजीएलवी) के तहत भी आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। 
इसमें गैस कंपनियां एजेंसी और गोदाम की जमीन के लिए कंपनियां वार्ड, मुहल्‍ला या निश्चित स्‍थान विज्ञापन या नोटिफिकेशन में बताती हैं। एप्‍लीकेशन भेजने के बाद एक निर्धारित तिथि पर कैंडिडेट का इंटरव्‍यू किया जाता है। इसमें विभिन्‍न आधार पर नंबर दिए जाते हैं। इन्‍हीं नंबरों के विभिन्‍न पैरामीटर्स आधार पर कैंडिडेट का इवैल्‍युएशन किया जाता है। इसका रिजल्‍ट नोटिसबोर्ड पर सभी पैरामीटर्स पर प्राप्‍त अंकों के आधार पर किया जाता है। स्टेप-2: मैरिट में अंकों के प्रदर्शित होने के बाद गैस कंपनी का एक पैनल सभी कैंडिडेट की दी गई डिटेल के संबंध में फील्‍ड वैरिफिकेशन करता है। इसमें जमीन से लेकर सभी अन्‍य बातों की गहन पड़ताल की जाती है। इसके बाद ही गैस एजेंसी अलॉट की जाती है। इसके लिए कैंडिडेट को एक तय समय सीमा दी जाती है। इसके भीतर ही उसे गैस एजेंसी शुरू करनी होती है। 
जरूरी शर्तें:- गैस एजेंसी या डीलरशिप लेने के लिए सबसे जरूरी शर्त पर्मानेंट एड्रेस और जमीन की होती है। कैंडिडेट के पास पर्मानेंट रेजिडेंस एड्रेस होना चाहिए। इसके अलावा उसके पास गैस एजेंसी ऑफिस और गोदाम के लिए पर्याप्‍त जमीन या स्‍थान भी होना चाहिए। जमीन किस मुहल्‍ले, वार्ड या स्‍थान पर होनी चाहिए, इसकी जानकारी विज्ञापन में दी जाती है। इसके अलावा कैंडिडेट 10वी पास अवश्‍य होना चाहिए। साथ उसकी उम्र 21 साल होनी चाहिए।  इसके साथ ही आपके पास बैंक बैलेंस और डिपॉजिट राशि भी होनी चाहिए। इन लोगों को मिलता है रिजर्वेशन:- गैस एजेंसी के लिए सरकार द्वारा तय मानकों के आधार पर रिजर्वेशन दिया जाता है। 50 फीसदी रिजर्वेशन सामान्‍य श्रेणी के लिए होता है। 
वहीं अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों के साथ ही सामाजिक रूप से अक्षम लोगों, भूतपूर्व सैनिक, स्‍वतंत्रता सेनानी, खिलाड़ी, सशस्‍त्र बल, पुलिस या सरकारी कर्मचारियों को भी आरक्षण दिया जाता है। जमीन और डिस्ट्रिब्‍यूशन चैनल जरूरी:- गैस एजेंसी हासिल करने के लिए सबसे जरूरी यह है कि आपके पास पर्याप्‍त जमीन और सिलेंडर डिलिवरी के लिए पर्याप्‍त स्‍टाफ होना चाहिए।  गोदाम के लिए गैस कंपनी निर्धारित मानक तय करती है। सभी गोदाम का आकार, उसमें सुरक्षा के इंतजाम आदि इसी पर आधारित होते हैं।

Thursday, June 6, 2019

माता के जगरातों में बड़ी बहन सोनू के संग भजन गाती थीं नेहा कक्कड़...


फिल्म इंडस्ट्री में अपने गाने और दिलकश आवाज से जादू बिखरने वाली नेहा कक्कड़ आइए जानते है उनकी जिंदगी से जुड़ी अहम बातें:- माता के जगरातों में बड़ी बहन सोनू के संग भजन गाती थीं नेहा कक्कड़ का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा था। नेहा ने छोटी उम्र में ही अपनी बहन सोनू कक्कड़ के साथ जगरातों में भजन गाना शुरु कर दिया था। जगरातों में गाने के लिए नेहा को 500 रुपये मिलते थे। जगरातों में भजन गाने पर नेहा के परिवार को लोगों के ताने भी सुनने पड़े। 
हालांकि नेहा ने कभी हार नहीं मानी और आखिरकार वो फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहीं। मशहूर सिंगर नेहा कक्कड़ ने अपने  फिल्म इंडस्ट्री में अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत सन् 2006 में सोनी टीवी पर आने वाले शो इंडियन आइडल से की थी। उस वक्त नेहा 11वीं कलास में थी। हालांकि शो में फाइनल्स तक पहुंचने के बाद भी नेहा शो को जीत नहीं पाई थीं,लेकिन इस सबके बावजूद आज नेहा उसी शो की जज बन गई हैं। 2008 में नेहा कक्कड़ की पहली एल्बम नेहा- द रॉकस्टार' रिलीज हुई थी।
इस एल्बम ने नेहा को रातों-रात मशहूर कर दिया था। इसके बाद नेहा की लगातार कई एल्बम आईं जिन्होंने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री तक पहुंचा दिया। आज नेहा कक्कड़ फिल्म इंडस्ट्री की बेहतरीन सिंगर्स में से एक हैं। उनके सभी गान सुपरहिट होते हैं। मशहूर सिंगर नेहा कक्कड़ अपने कद को लेकर भी हमेशा चर्चा में रही हैं। हमेशा से उनकी छोटी हाइट को लेकर लोगों ने खूब मजाक उड़ाया हालांकि नेहा ने भी फिल्म इंडस्ट्री में अपना कद ऊंचा करके लोगों को करारा जबाव दिया।
नेहा, सोनू और टोनी इन तीनों भाई बहनों ने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई हैं। इन तीनों ने अपनी बेजोड़ सिंगिंग से सभी के दिलों पर राज किया है। हालांकि टोनी ने अभी कुछ समय पहले ही सिंगिंग की दुनिया में कदम रखा हो,लेकिन उन्होंने गानों की कम्पोजिंग करना बचपन में ही शुरू कर दिया था।


कैसे पाएं मानसिक शांति...?


कई बार जब हमारा मन एकदम बेचैन हो जाता है और खुद पर काबू पाना काफी मुश्किल होता है। ऐसे हालात में कई बार लोग एकदम घातक कदम उठा लेते हैं ऐसे में बहुत जरूरी है कि हम अपने मन पर नियंत्रण स्थापित करना सीख पाएं। दुनिया में अगर सब कुछ मिल भी जाए,लेकिन मन शांत न हो तो कोई भी बहुमूल्य चीज अपना महत्त्व खो देती है। आइए जानते हैं मानसिक शान्ति पाने के तरीके:-इस बात को अच्छी तरह समझ लें कि दिमाग एक बेकाबू घोड़े की तरह है जिसपर पूरी तरह काबू पाना मुश्किल काम 
है। अगर आप पूरी तरह से उस पर नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं,तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं हो सकता। आपको कब, कहां और किस तरह अपने दिमाग को फोकस करना है, यह फैसला पूरी तरह से आपको लेना होगा। अपने मन-मष्तिष्क को एकदम आजाद छोड़ दें। कोई भी काम करने से पहले उसके बारे में कोई राय न बना लें। खुद के प्रति जजमेंटल होकर आप केवल खुद के बनाए दायरों में कैद होकर रह जाएंगे। ध्यान रखें कि जीवन अथाह और अनंत है। 
इसलिए आपकी क्षमताएं भी अनन्त तक हैं। मन पर काबू कर आप कुछ भी हासिल कर सकते हैं। जब आपको ऐसा महसूस हो कि आप अपने लक्ष्य पर या जीवन पर ध्यान नहीं केंद्रित कर पा रहे हैं तो थोड़ी देर अकेले में बैठ कर मन को शांत करने की कोशिश करें। अगर किसी भी कारण से आपके मन में हलचल है तो आप जीवन के किसी भी क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे।

Wednesday, June 5, 2019

प्लास्टिक से ईंधन कचरे से उड़ सकेगा विमान....


वैज्ञानिकों ने पानी की बोतलों एवं प्लास्टिक बैग जैसे रोजाना के प्लास्टिक अपशिष्ट को विमान ईंधन में बदलने का नायाब तरीका तलाशा है। अमेरिका की वॉशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने विमान ईंधन बनाने के लिए प्लास्टिक अपशिष्ट को एक्टिवेटेड कार्बन बढ़े हुए सतह क्षेत्र के साथ प्रसंस्कृत कार्बन के साथ ऊंचे तापमान पर पिघलाया। विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर हानवु लेई ने कहा, प्लास्टिक कचरा विश्व भर में एक बड़ी समस्या है।  यह इन प्लास्टिकों के पुनर्चक्रण का यह बहुत अच्छा, साधारण तरीका है। 
शोधकर्ताओं ने पानी की बोतलों, दूध की बोतलों, प्लास्टिक बैग आदि जैसे उत्पादों को तीन मिलिमीटर या चावल के दाने जितना महीन पीस लिया। इन दानों को एक ट्यूब संयंत्र में 430 से 571 डिग्री सेल्सियस जैसे उच्च तापमान पर एक एक्टिवेटेड कार्बन के ऊपर रखा गया। विभिन्न तापमानों पर किए गए इन परीक्षणों के जरिए उन्हें 85 प्रतिशत विमान ईंधन एवं 15 प्रतिशत डीजल ईंधन का मिश्रण प्राप्त हुआ। यह शोध अप्लाईड एनर्जी में प्रकाशित हुआ है।

Tuesday, June 4, 2019

अखबारो में खबरे लिखने का काम करेगा रोबोट जर्नलिस्ट....


ग्लोबल न्यूजरूम पिछले कई साल से ऑटोमेटेड जर्नलिज्म कर रहा है। ब्लूमबर्ग और एसोसिएटेड प्रेस जैसी अमेरिकी संस्थाओं ने इस टैक्नॉलजी को काफी पहले हीअपना लिया था,लेकिन इस नई टेक्नॉलजी का इस्तेमाल ज्यादातर फॉर्मूला बेस्ड या रिजल्ट बेस्ड स्टोरियों के लिए किया गया है। हालांकि रेडार जनरल इंट्रेस्ट से जुड़ी स्टोरीज कवर करता है। इसका सॉफ्टवेयर हेल्थक्राइम,एजुकेशन और हाउसिंग जैसी फील्ड्स से जुड़े ताजा आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट्स जनरेट करता है। यूनाइटेड किंगडम के एक रिपोर्टर ने देश के अलग-अलग पब्लिकेशंस के लिए एक महीने में हजारों स्टोरियां निकाली हैं। 
आप सोच रहे होंगे कि इतना काम कोई इनसान आखिर कैसे कर सकता है। बता दें कि ये सुपर एफर्ट देने वाला पत्रकार पूरी तरह से इनसान नहीं है। दरअसल इतनी बड़ी संख्या में जो आर्टिकल छप सके हैं वो रोबोट की मदद से छप सकें हैं। इस इनोवेशन के पीछे ऑटोमेटेड न्यू एजेंसी, रेडार (रिपोर्ट्स एंड डेटा एंड रोबोट्स) का हाथ है। इसकी मदद से कई बार फ्रंट पेज भी बनाए जा सके हैं। रेडार में काम करने वाले छह में से किसी एक कर्मचारी को एक टेम्प्लेट तैयार करना होता है। जैसे की अगर क्राइम में बढ़ोतरी हुई है या कमी आई है,तो इस खबर का एक टेम्प्लेट तैयार कर दिया जाता है।
इसके बाद एक क्लिक करते ही यूके के 391 लोकल अथॉरिटी के लिए स्टोरी के अलग वर्जन क्रिएट हो जाते हैं। रेडार को 2017 में लॉन्च किया गया था। ये प्रेस एसोसिएशन और डेटा जर्नलिज्म की स्टार्ट अर्ब्स मीडिया के बीच एक ज्वाइंट वेंचर है। रेवेन्यू की कमी के चलते रीजनल जर्नलिस्टों में आई कमी और लोकल रिपोर्टिंग को बढ़ाने के मकसद से इसे लॉन्च किया गया है। इसकी स्टोरीज छोटी से छोटी पब्लिकेशंस से लेकर स्कॉट्समैन और यॉर्कशॉयर जैसे बड़े रीजनल अखबारों में देखने को मिलती है।
रेडार का सबसे बड़ा क्लाइंट जेपीआई मीडिया है,जिसे पहले जॉन्सटन प्रेस के नाम से जाना जाता था। जेपीआई करीब 160 ब्रांड्स को मैनेज करता है और रेडार से इसे हर हफ्ते करीब 700 स्टोरीज मिलती हैं।


भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...