Monday, January 26, 2026

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले, हम भारत के लोग, उत्साह के साथ, गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मैं, आप सभी को गणतन्त्र दिवस के राष्ट्रीय पर्व की हार्दिक बधाई देती हूं। गणतन्त्र दिवस का पावन पर्व हमारे अतीत, वर्तमान और भविष्य में देश की दशा और दिशा का अवलोकन करने का अवसर होता है। स्वाधीनता संग्राम के बल पर, 15 अगस्त 1947 के दिन से, हमारे देश की दशा बदली। भारत स्वाधीन हुआ। हम अपनी राष्ट्रीय नियति के निर्माता बने।26 जनवरी 1950 के दिन से, हम अपने गणतन्त्र को, संवैधानिक आदर्शों की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। उसी दिन, हमने अपने संविधान को पूरी तरह से लागू किया। लोकतन्त्र की जननी, भारतभूमि, उपनिवेश के विधि-विधान से मुक्त हुई और हमारा लोक-तंत्रात्मक गणराज्य अस्तित्व में आया। हमारा 
संविधान, विश्व इतिहास में आज तक के सबसे बड़े गणराज्य का आधार-ग्रंथ है। हमारे संविधान में निहित न्याय, स्वतन्त्रता, समता और बंधुता के आदर्श हमारे गणतन्त्र को परिभाषित करते हैं। संविधान निर्माताओं ने राष्ट्रीयता की भावना तथा देश की एकता को संवैधानिक प्रावधानों का सुदृढ़ आधार प्रदान किया है। लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने हमारे राष्ट्र का एकीकरण किया। पिछले वर्ष 31 अक्तूबर को, कृतज्ञ देशवासियों ने उत्साहपूर्वक उनकी 150वीं जयंती मनाई। उनकी 150वीं जयंती के पावन अवसर से जुड़े स्मरण-उत्सव मनाए जा रहे हैं। ये उत्सव देशवासियों में राष्ट्रीय एकता तथा गौरव की भावना को मजबूत बनाते हैं। उत्तर से लेकर दक्षिण तक तथा पूर्व से लेकर पश्चिम तक, हमारी प्राचीन सांस्कृतिक एकता का ताना-बाना हमारे पूर्वजों ने बुना था। 



राष्ट्रीय एकता के स्वरूपों को जीवंत बनाए रखने का प्रत्येक प्रयास अत्यंत सराहनीय है। पिछले वर्ष, 7 नवंबर से, हमारे राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम्की रचना के 150 वर्ष सम्पन्न होने के उत्सव भी मनाए जा रहे हैं। भारत माता के दैवी स्वरूप की वंदना का यह गीत, जन-मन में राष्ट्र-प्रेम का संचार करता है। राष्ट्रीयता के महाकवि सुब्रमण्य भारती ने तमिल भाषा में वन्दे मातरम् येन्बोम्अर्थात हम वन्दे मातरम् बोलेंइस गीत की रचना करके वन्दे मातरम् की भावना को और भी व्यापक स्तर पर जनमानस के साथ जोड़ा। अन्य भारतीय भाषाओं में भी इस गीत के अनुवाद लोकप्रिय हुए। श्री ऑरोबिंदो ने वन्दे मातरम्का अंग्रेजी अनुवाद किया। ऋषितुल्य बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वन्दे मातरम्हमारी राष्ट्र-वंदना का स्वर है। आज से दो दिन पहले, यानी 23 जनवरी को देशवासियों ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के दिन उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित की। 

वर्ष 2021 से नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवसके रूप में मनाया जाता है ताकि देशवासी, विशेषकर युवा, उनकी अदम्य देशभक्ति से प्रेरणा प्राप्त करें। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का नारा जय हिन्दहमारे राष्ट्र-गौरव का उद्घोष है। प्यारे देशवासियो,आप सब, हमारे जीवंत गणतन्त्र को शक्तिशाली बना रहे हैं। हमारी तीनों सेनाओं के बहादुर जवान, मातृभूमि की रक्षा के लिए सदैव सतर्क रहते हैं। हमारे कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान, देशवासियों की आंतरिक सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। हमारे अन्नदाता किसान, देशवासियों के लिए पोषण सामग्री उत्पन्न करते हैं। हमारे देश की कर्मठ और प्रतिभाशाली महिलाएं अनेक क्षेत्रों में नए प्रतिमान स्थापित कर रही हैं। हमारे सेवाधर्मी डॉक्टर, नर्स और सभी स्वास्थ्य-कर्मी देशवासियों के स्वास्थ्य की देखभाल करते हैं। हमारे निष्ठावान सफाई मित्र, देश को स्वच्छ रखने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। 
हमारे प्रबुद्ध शिक्षक, भावी पीढ़ियों का निर्माण करते हैं। हमारे विश्व-स्तरीय वैज्ञानिक और इंजीनियर, देश के विकास को नई दिशाएं देते हैं। हमारे मेहनती श्रमिक भाई-बहन, राष्ट्र का नव-निर्माण करते हैं। हमारे होनहार युवा और बच्चे, अपनी प्रतिभा और योगदान से देश के स्वर्णिम भविष्य के प्रति हमारा विश्वास मजबूत करते हैं। हमारे प्रतिभाशाली कलाकार, शिल्पकार और साहित्यकार, हमारी समृद्ध परम्पराओं को आधुनिक अभिव्यक्ति दे रहे हैं। अनेक क्षेत्रों के विशेषज्ञ, देश के बहुआयामी विकास को दिशा दे रहे हैं। हमारे ऊर्जावान उद्यमी, देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं। निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करने वाले व्यक्ति और संस्थान, अनगिनत लोगों के जीवन में प्रकाश का संचार कर रहे हैं। सरकारी तथा गैर-सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में काम करने वाले सभी कर्तव्यपरायण लोग, राष्ट्र-निर्माण में अपनी सेवाएं समर्पित कर रहे हैं। 


जन-सेवा के लिए प्रतिबद्ध जनप्रतिनिधि देशवासियों की आकांक्षाओं के अनुरूप कल्याण एवं विकास के लक्ष्यों को प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रकार,सभी जागरुक एवं संवेदनशील नागरिक, हमारे गणतन्त्र की प्रगति यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे गणतंत्र को सशक्त बनाने के प्रयासों में कार्यरत सभी देशवासियों की मैं हृदय से सराहना करती हूं। प्रवासी भारतीय, हमारे गणतंत्र की छवि को विश्व-पटल पर गौरव प्रदान करते हैं। मैं उनकी विशेष सराहना करती हूं।प्यारे देशवासियो,आज के दिन, यानी 25 जनवरी को हमारे देश में राष्ट्रीय मतदाता दिवसमनाया जाता है। जनप्रतिनिधियों के निर्वाचन के लिए हमारे वयस्क नागरिक उत्साहपूर्वक मतदान करते हैं। बाबासाहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर मानते थे कि मताधिकार के प्रयोग से राजनैतिक शिक्षा सुनिश्चित होती है। हमारे मतदाता, बाबासाहब की सोच के अनुरूप, अपनी राजनैतिक जागरूकता का परिचय दे रहे हैं। मतदान में महिलाओं की बढ़ती हुई भागीदारी हमारे गणतन्त्र का एक शक्तिशाली आयाम है। महिलाओं का सक्रिय और समर्थ होना देश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा एवं आर्थिक सशक्तीकरण हेतु किए जा रहे राष्ट्रीय प्रयासों से अनेक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओअभियान से बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन मिला है। प्रधानमंत्री - जन धन योजनाके तहत अब तक 57 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इनमें महिलाओं के खाते लगभग 56 प्रतिशत हैं। हमारी बहनें और बेटियां, परंपरागत रूढ़ियों को तोड़कर आगे बढ़ रही हैं। महिलाएं देश के समग्र विकास में सक्रिय योगदान दे रही हैं। दस करोड़ से अधिक
self-help-groups से जुड़ी बहनें विकास की नई परिभाषा लिख रही हैं। महिलाएं, खेत-खलिहानों से लेकर अन्तरिक्ष तक, स्व-रोजगार से लेकर सेनाओं तक, अपनी प्रभावी पहचान बना रही हैं। खेल-कूद के क्षेत्र में हमारी बेटियों ने विश्व-स्तर पर नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। पिछले वर्ष नवंबर में, भारत की बेटियों ने ICC Women’s Cricket World Cup और उसके बाद Blind Women’s T20 World Cup जीतकर स्वर्णिम इतिहास रचा है। पिछले ही वर्ष Chess World Cup का फाइनल मैच भारत की ही दो बेटियों के बीच खेला गया। ये उदाहरण खेल-जगत में हमारी बेटियों के वर्चस्व का प्रमाण हैं। ऐसी बेटियों पर देशवासियों को गर्व है। पंचायती राज संस्थाओं में महिला जन-प्रतिनिधियों की संख्या लगभग 46 प्रतिशत है। महिलाओं के राजनैतिक सशक्तीकरण को नई ऊंचाई देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियमसे, महिलाओं के नेतृत्व द्वारा विकास की सोच को अभूतपूर्व शक्ति मिलेगी। विकसित भारत के निर्माण में नारी-शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। 

उनके बढ़ते हुए योगदान से, हमारा देश महिला-पुरुष समानता पर आधारित समावेशी गणतन्त्र का उदाहरण प्रस्तुत करेगा। समावेशी सोच के साथ, वंचित वर्गों के कल्याण और विकास के लिएअनेक योजनाओं को कार्यरूप दिया जा रहा है। पिछले वर्ष 15 नवंबर को, देशवासियों ने, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के दिन पांचवां जनजातीय गौरव दिवसमनाया तथा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष में मनाए गए उत्सव सम्पन्न हुए। आदि कर्मयोगीअभियान के माध्यम से, जनजातीय समुदाय के लोगों में नेतृत्व क्षमता को निखारा गया। विगत वर्षों में सरकार ने, जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास से देशवासियों का परिचय कराने के लिए, संग्रहालयों के निर्माण सहित अनेक कदम उठाए हैं। उनके कल्याण और विकास को प्राथमिकता दी गई है। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशनके तहत अब तक 6 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी हैं। एकलव्य मॉडल रेजीडेंशियल स्कूलों में लगभग एक लाख चालीस हजार विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं तथा अनेक विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। स्वास्थ्य और शिक्षा के ऐसे अभियान, जनजातीय समुदायों की विरासत और विकास का समन्वय कर रहे हैं। 
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियानतथा पीएम-जनमन योजनाके द्वारा PVTG समुदायों सहित, सभी जनजातीय समुदायों का सशक्तीकरण हुआ है। हमारे अन्नदाता किसान, हमारे समाज के तथा अर्थ-व्यवस्था के मेरुदंड हैं। किसानों की परिश्रमी पीढ़ियों ने हमारे देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाया है। किसानों के परिश्रम के बल पर ही हम कृषि आधारित उत्पादों का निर्यात कर पा रहे हैं। अनेक किसानों ने सफलता के अत्यंत प्रभावशाली उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। किसान भाई-बहनों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिले, रियायती ब्याज पर ऋण मिले, प्रभावी बीमा सुरक्षा मिले, खेती के लिए अच्छे बीज मिलें, सिंचाई की सुविधाएं मिलें, अधिक उत्पादन के लिए उर्वरक उपलब्ध हों, उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ा जाए तथा जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए, इन सभी विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है। पीएम किसान सम्मान निधिके द्वारा किसान भाई-बहनों के योगदान को आदर दिया जा रहा है तथा उनके प्रयासों को संबल प्रदान किया जा रहा है। दशकों से गरीबी के साथ जूझ रहे करोड़ों देशवासियों को, गरीबी की सीमा-रेखा से ऊपर लाया गया है। साथ ही,ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि वे पुनः गरीबी से पीड़ित न होने पाएं। अंत्योदय की संवेदना को कार्यरूप देने वाली, विश्व की सबसे बड़ी योजना, ‘पीएम गरीब कल्याण अन्न योजनाइस सोच पर आधारित है कि 140 करोड़ से अधिक आबादी वाले हमारे देश में कोई भी भूखा न रहे। इस योजना से लगभग 81 करोड़ लाभार्थियों को सहायता मिल रही है। गरीब परिवारों के लिए बिजली-पानी तथा शौचालय की सुविधा से युक्त 4 करोड़ से अधिक पक्के घरों का निर्माण करके, उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने तथा आगे बढ़ने का आधार प्रदान किया गया है। गरीबों के कल्याण के हित में किए गए ऐसे प्रयास महात्मा गांधी के सर्वोदय के आदर्श को कार्यरूप देते हैं। विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी हमारे देश में है। गर्व की बात है कि हमारे युवाओं में असीम प्रतिभा है। हमारे युवा उद्यमी, खिलाड़ी, वैज्ञानिक और professionals, देश में नई ऊर्जा का संचार कर रहे हैं तथा विश्व-स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। आज बड़ी संख्या में हमारे युवा, स्व-रोजगार की सफलता के प्रभावशाली उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। हमारे युवा ही, हमारे राष्ट्र की विकास यात्रा के ध्वज-वाहक हैं। मेरा युवा भारतया ‘MY भारत’, टेक्नोलॉजी की सहायता से संचालित एक अनुभव-आधारित शिक्षा व्यवस्था है। यह युवाओं को नेतृत्व और कौशल-विकास सहित, कई क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के साथ जोड़ती है। हमारे देश में स्टार्ट-अप्स की प्रभावशाली सफलता का प्रमुख श्रेय हमारे युवा उद्यमियों को जाता है। युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं पर केन्द्रित नीतियों और कार्यक्रमों के बल पर देश के विकास को गति मिलेगी। मुझे विश्वास है कि वर्ष 2047 तक, विकसित भारत के निर्माण में युवा-शक्ति की प्रमुख भूमिका रहेगी। प्यारे देशवासियो, भारत विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थ-व्यवस्था है। विश्व-पटल पर अनिश्चितता के बावजूद भारत में निरंतर आर्थिक विकास हो रहा है। हम, निकट भविष्य में, विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विश्व-स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में निवेश करके, हम अपनी आर्थिक संरचना का उच्च-स्तर पर पुनर्निर्माण कर रहे हैं। आर्थिक नियति के निर्माण की यात्रा में, आत्म-निर्भरता और स्वदेशी हमारे मूलमंत्र हैं। स्वाधीनता के बाद देश के आर्थिक एकीकरण के लिए सबसे महत्वपूर्ण निर्णय, GST को लागू करने से One Nation, One Market की व्यवस्था स्थापित हुई है। GST व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के हाल ही के निर्णय से हमारी अर्थ-व्यवस्था को और अधिक शक्ति मिलेगी। श्रम सुधार के क्षेत्र में चार ‘Labour Codes’ जारी किए गए हैं। इससे हमारे श्रमिक भाई-बहन लाभान्वित होंगे तथा उद्यमों के विकास को भी गति मिलेगी।प्यारे देशवासियो,प्राचीन काल से ही, पूरी मानवता हमारी सभ्यता, संस्कृति तथा आध्यात्मिक परम्परा से लाभान्वित होती रही है। आयुर्वेद, योग तथा प्राणायाम को विश्व समुदाय ने सराहा है, अपनाया है। अनेक महान विभूतियों ने हमारी आध्यात्मिक एवं सामाजिक एकता की धारा को अविरल प्रवाह दिया है।
 

महानगर पालिका मुख्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया

नागपुर:- नागपुर नगर निगम के आयुक्त और प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी ने जोर देकर कहा कि जन प्रतिनिधियों और नागपुर नगर निगम प्रशासन के सहयोग से नागपुर में विकास के एक नए युग की शुरुआत होगी। नागपुर नगर निगम ग्रीन में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय ध्वज सलामी समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती वासुमाना पंत, मुख्य अभियंता श्री मनोज तालेवार, मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी श्री सदाशिव शेल्के, नगर निगम के उपायुक्त श्री निर्भय जैन, उपायुक्त श्री मिलिंद मेश्राम, उपायुक्त डॉ. रंजना लाडे, उपायुक्त डॉ. मेघना वासंकर, उपायुक्त श्री मंगेश खवाले, उपायुक्त श्री गणेश राठौड़
उपायुक्त श्री राजेश भगत, अधीक्षक अभियंता श्रीमती लीना उपाध्याय, अधीक्षक अभियंता डॉ. श्वेता बनर्जी, सभी सहायक आयुक्त और अधिकारी, अन्य कर्मचारी, अग्निशमन कर्मी और नगर निगम विद्यालय के छात्र उपस्थित थे। दमकल दस्ते ने नगर निगम मुख्यालय में आयुक्त एवं प्रशासक डॉ.अभिजीत चौधरी का स्वागत किया। इसके बाद आयुक्त ने ध्वजारोहण किया। दमकल कर्मियों ने जुलूस में भाग लिया। आयुक्त डॉ. चौधरी ने दमकल कर्मियों से सलामी ली और दस्ते का निरीक्षण किया। इसके बाद, सभा को संबोधित करते हुए आयुक्त डॉ. चौधरी ने कहा कि कुछ दिन पहले नागपुर के मतदाताओं ने नगर निगम के आम चुनाव में बड़ी संख्या में भाग लेकर लोकतंत्र के प्रति अपनी निष्ठा और कर्तव्य का निर्वाह किया है। उनका सहयोग नागपुर नगर निगम के कार्य को जनहितैषी बनाने में सहायक होगा। आयुक्त ने चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तथा लोकतंत्र के इस महान उत्सव को सफल बनाने वाले सभी जागरूक मतदाताओं को धन्यवाद दिया। नागपुर नगर निगम के अमृत जयंती वर्ष में नागपुर ने विकास के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। यह देश के विकसित शहरों में शुमार हो गया है। जनहितैषी प्रशासन प्रदान करने के प्रयास जारी हैं। अमृत योजना 1 और 2 के तहत शहर के उन क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं जहां जल आपूर्ति सेवा उपलब्ध नहीं है। वहां जल नहरें बिछाने का कार्य चल रहा है। 

साथ ही, जल टैंकरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। डॉ. चौधरी ने बताया कि इससे अधिक से अधिक क्षेत्रों में चौबीसों घंटे जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। नगर निगम ने शहर में नाग नदी और पोहरा नदी में प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाओं को लागू करने के लिए कदम उठाए हैं। डॉ. चौधरी ने कहा कि नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर के गरीबों को किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इस योजना के माध्यम से गरीबों को अधिकतम आवास उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। नागपुर नगर निगम ने अपनी बस सेवा का विस्तार किया है। पीएम ई-बसों के तहत वर्तमान में शहर में 550 बसें सेवा में हैं। ये ई-बसें शहर में प्रदूषण नियंत्रण में सहायक होंगी। शहर में पर्यावरण अनुकूल सतत विकास परियोजनाएं भी लागू की जा रही हैं। भंडवाड़ी में पुराने कूड़े के ढेरों को कम करने का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही नगर प्रशासन भंडवाड़ी में 50 एकड़ से अधिक कूड़े के ढेरों को मुक्त कराने में सफल रहा है। यहां प्रतिदिन 800 टन कूड़े के प्रसंस्करण की क्षमता विकसित की गई है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन एक हजार टन कूड़े के प्रसंस्करण की महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द ही लागू किया जाएगा। नगर निगम के हॉट मिक्स प्लांट की मदद से शहर में गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। शहर में 100 से अधिक स्वास्थ्य केंद्र और 6 नए अंग्रेजी माध्यम के स्कूल शुरू किए जा रहे हैं। इसके अलावा, शहर के सौंदर्यीकरण के लिए रॉक गार्डन, एडवेंचर गार्डन, वर्टिकल गार्डन जैसे विभिन्न थीम आधारित उद्यान बनाए जा रहे हैं। 



अग्निशमन विभाग को सशक्त बनाने के प्रयास जारी हैं। 14 नए टेंडर और 70 मीटर ऊंचे हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से शहर की ऊंची इमारतों में लगी आग पर काबू पाना संभव होगा। इसके साथ हीअग्निशमन विभाग के लिए एक आधुनिक नियंत्रण कक्ष का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम ने नागरिकों के लिए चैट बॉट सुविधा 'स्मार्ट मित्र' के माध्यम से संपत्ति कर और संपत्ति कर मूल्यांकन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग किया गया है और वेबसाइट को अपडेट किया गया है। यह नगर निगम के प्रशासन को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने का प्रयास है। नगर पालिका प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिए कदम उठाए गए हैं। कई वर्षों से लंबित भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इनमें से लगभग 400 कर्मचारियों की नियुक्ति प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से की गई है। 
सफाई कर्मचारियों के लिए आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 400 से अधिक कर्मचारियों के लिए आवास उपलब्ध कराने के लिए कार्य आदेश जारी किए गए हैं। स्थानापन्न कर्मचारियों को भूमि-पृष्ठ समिति की अनुशंसाओं का लाभ प्रदान करने के लिए कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही, कर्मचारियों के हित में निर्णय लिए जा रहे हैं। नगर निगम के पन्नालाल देवड़िया स्कूल के विद्यार्थियों ने इस अवसर पर देशभक्ति पर आधारित नृत्य प्रस्तुति दी। इस अवसर पर संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई। साथ ही, कुष्ठ रोग उन्मूलन की शपथ ली गई। आरंभ में अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती वासुमाना पंत ने आयुक्त और प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी का एक प्रतिष्ठित दुपट्टा और तुलसी का पौधा भेंट करके स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी श्री मनीष सोनी और श्रीमती शुभांगी पोहरे ने किया। श्री मनीष सोनी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

Wednesday, January 21, 2026

हिंगना से वर्धा तक का मार्ग अधिक सुगम हो जाएगा…

नागपुर :- हिंगना मार्ग को वर्धा से जोड़ने वाली सड़क का काम अंतिम चरण में है। इस सड़क के पूरा होने के बाद, हिंगना मार्ग से वर्धा जाने वाले नागरिकों के लिए यात्रा करना आसान हो जाएगा। उन्हें वर्धा रोड तक पहुंचने के लिए और अधिक यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। नगर आयुक्त और प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी ने आज (दिनांक 20) इस सड़क का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्य अभियंता श्री मनोज तालेवार , अधीक्षण अभियंता श्रीमती. लीना उपाध्ये , कार्यपालन अभियंता श्री अनिल गेडामउप अभियंता श्री राजीव गौतम उपस्थित थे। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों को कुछ आवश्यक सुझाव दिए। हिंगना मार्ग से चंद्रपुर , बुटीबोरी और वर्धा 
मार्ग की ओर जाने वाले रिंग रोड पर यातायात अधिक होने के कारण, टाकली सीम पर सीमेंट की सड़क अधिक सुविधाजनक होगी। इस सड़क का निर्माण नगर निगम द्वारा इस क्षेत्र के नागरिकों की मांग पर किया गया है और इसे ऑरेंज सिटी स्ट्रीट से जोड़ा गया है। वर्धा रोड से हिंगना मार्ग तक 5.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण राज्य सरकार की मूलभूत सुविधाओं के तहत प्राप्त 63 करोड़ रुपये की धनराशि से किया गया है। इस सड़क के निर्माण के लिए यहां की झुग्गियों को हटाया गया और 12,619 वर्ग फुट का एक निजी भूखंड 9 करोड़ रुपये में अधिग्रहित किया गया। सड़क पर आकर्षक खंभों पर सुंदर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। साथ ही, वर्षा जल निकासी के लिए नाले पर स्टील की ग्रिल लगाई गई है।

नगरपालिका आयुक्त ने IITMS परियोजना की समीक्षा की…

नागपुर:- नागपुर नगर निगम सुचारू यातायात प्रबंधन के लिए नवीनतम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआईटीएस) पर आधारित एकीकृत बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईआईटीएमएस) का उपयोग करेगा। नगर आयुक्त और इस परियोजना के प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी ने मंगलवार (दिनांक 20) को पुलिस कमांड कंट्रोल सेंटर और लेडीज क्लब चौक पर आईआईटीएमएस प्रणाली के कामकाज की समीक्षा की। इस अवसर पर नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती वैष्णवी बी., नगर निगम के कार्यकारी अभियंता श्री राजेंद्र राठौड़ , सहायक अभियंता श्री भास्मे, कनिष्ठ अभियंता श्री रजत माली, श्री सागर मालवी, आशीष पटेल, श्री अजय रामटेके और नगर निगम के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। नगर निगम शहर के 171 स्थानों पर एकीकृत बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली 
(आईआईटीएमएस) तैयार कर रहा है। इसके लिए कमांड कंट्रोल सेंटर में एक सर्वर स्थापित किया जाएगा, जो साइबर सुरक्षा के मामले में अत्याधुनिक है। आयुक्त ने इस प्रणाली का निरीक्षण किया। आयुक्त ने कमांड कंट्रोल सेंटर में स्थित एनओसी कक्ष, बटररी कक्ष और निगरानी कक्ष का भी निरीक्षण किया। बाद में, आयुक्त ने लेडीज क्लब चौक जंक्शन पर स्थापित की जा रही आईआईटीएमएस प्रणाली के कामकाज की प्रत्यक्ष समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सीखा कि वाहन चलाते समय नागरिकों द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन की स्थिति में IITMS प्रणाली वास्तव में कैसे काम करती है। इस दौरान, नगर आयुक्त ने विभिन्न चौराहों पर वाहनों की संख्या , विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन , वास्तविक समय , ग्रीन कॉरिडोर , सिग्नल टाइमिंग और डेटा स्टोरेज के बारे में जानकारी प्राप्त की।

सार्वजनिक स्थानों पर अस्वच्छता फैलाने के 41 मामले दर्ज,उपद्रव का पता लगाने वाली टीम की अप्रत्याशित कार्रवाई

नागपुर:- नागपुर नगर निगम की उपद्रव जांच टीम सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करनेकूड़ा फेंकने,थूकने और 79 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है  बुधवार (दिनांक 21) को जांच टीम ने 41 मामले दर्ज किए और 25,800 रुपये का जुर्माना वसूला हाथगाड़ियों , स्टॉलों, पंथेलों, फेरीवालों और छोटे सब्जी विक्रेताओं पर आसपास के क्षेत्र में अस्वच्छ स्थिति पैदा करने के लिए 22 रुपये का जुर्माना लगाया गया है (कुल जुर्माना 400 रुपये है)। मामले दर्ज किए गए और 8,800 रुपये बरामद किए गए। सड़कों, फुटपाथों, खुले स्थानों आदि पर कूड़ा फेंकने के मामले में एक मामला दर्ज किया गया और 100 रुपये बरामद किए गए। दुकानदार द्वारा सड़कों, फुटपाथों और खुले स्थानों पर कूड़ा फेंकने पर 400 रुपये का जुर्माना ) 1 वर्ष से कम आयु के बच्चों पर जुर्माना लगाया जाएगा। एक मामला दर्ज किया गया और 400 रुपये बरामद किए गए। मॉल, रेस्तरां, लॉजिंग, बोर्डिंग होटल, सिनेमा हॉल, मार्ग कार्यालय, खानपान सेवा प्रदाताओं आदि द्वारा सड़कों, फुटपाथों और खुले 
स्थानों पर कचरा फेंकने के मामले में 2 मामले दर्ज किए गए और 4,000 रुपये बरामद किए गए। सड़क पर मंडपमेहराब , मंच आदि का निर्माण करना या उसे निजी काम के लिए बंद करना भी इसके अंतर्गत आता है। 12 मामले दर्ज किए गए और 8,500 रुपये वसूल किए गए। इनमें से 2 मामले वर्कशॉप, गैराज और अन्य मरम्मत पेशेवरों द्वारा सड़कों, फुटपाथों और खुले स्थानों पर कचरा फेंकने के आरोप में दर्ज किए गए और 2,000 रुपये वसूल किए गए। 1 मामला सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों और खुले स्थानों पर निर्माण मलबे और कचरे को फेंकने/इकट्ठा करने के आरोप में दर्ज किया गया और 2,000 रुपये वसूल किए गए। यदि उपरोक्त सूची में शामिल न किए गए अन्य उपद्रवी व्यक्ति पाए गए, तो 10 मामले दर्ज किए गए और उन पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई उपद्रव जांच दल के प्रमुख वीरसेन तांबे के नेतृत्व में की गई। इसके अलावा, उपद्रव जांच टीम ने लक्ष्मी नगर जोन के अंतर्गत आने वाले देवघर अपार्टमेंट से सड़क पर निर्माण सामग्री फेंकने के लिए 10,000 रुपये का जुर्माना वसूला। साथ ही, पुराने भवन को ध्वस्त करते समय सावधानी न बरतने के लिए तलोधा विधि अपार्टमेंट से 5,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। धरमपेठ जोन के अंतर्गत, अथवाले क्लासेस स्टेट और सीबीएससी फाउंडेशन से बिना अनुमति के बिजली के खंभे पर साइनबोर्ड लगाने के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया । हनुमाननगर जोन के अंतर्गत, तृप्ति बिल्डर्स से सड़क पर निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट फेंकने के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। धंतोली जोन के अंतर्गत, वास्तु शिल्प-3 से सड़क पर निर्माण सामग्री फेंकने के लिए 10,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। गांधीबाग जोन के अंतर्गत, बाबूराव स्वीट्स और सविता स्वीट भंडार पर जुर्माना लगाया गया। प्लास्टिक बैगों का प्रतिबंधित तरीके से उपयोग करने पर प्रत्येक पर 10,000 रुपये का जुर्माना जुर्माना वसूला गया। सतरंजीपुरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अंजली स्वीट्स नामक कंपनी से। प्रतिबंधात्मक प्लास्टिक बैग का उपयोग करने पर 5,000 रुपये का जुर्माना  आशीनगर जोन के अंतर्गत आने वाले मनोज किराना स्टोर्स से प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करने के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।  जुर्माना वसूल लिया गया। अशोक बंगाडे ने मंगलवार को इस जोन के अंतर्गत जुर्माना वसूला। प्रतिबंधात्मक प्लास्टिक बैग का उपयोग करने पर 5,000 रुपये का जुर्माना  जुर्माना वसूल लिया गया। उपद्रव जांच दल  10   मामले दर्ज किए गए और 60,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया 

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...