Tuesday, July 9, 2019

अपने बच्चे को टॉपर बनाने के लिए घर में आजमाएं ये तरीका....


बामबर्ग विश्वविद्यालय हुए शोध के प्रमुख लेखक सिमोन लेहरल ने कहा,हमारे परिणाम न केवल साक्षरता, बल्कि संख्यात्मकता में भी विकास के लिए बच्चों को पुस्तकों के लिए उजागर करने के महान महत्व को रेखांकित करते हैं। उन्होंने कहा,प्रारंभिक भाषा कौशल न केवल एक बच्चे के पढ़ने में सुधार करते हैं, बल्कि उसकी गणितीय क्षमता को भी बढ़ाते हैं। जीवन के शुरुआती सालों में ही यदि बच्चों को घर में पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल मिल जाए, तो वे होम लर्निग के माध्यम से भविष्य में अच्छी श्रेणी में उत्तीण हो सकते हैं और पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। एक शोध में यह बात सामने आई है।
स्कूल प्रभावशीलता और स्कूल सुधार' में प्रकाशित शोध में यह बात सामने आई है कि जिन बच्चों के माता-पिता ने स्कूल भेजने से पहले ही बच्चों के साथ पढ़ा और किताबों के बारे में बात की, वे सभी 12 साल की उम्र में गणित के विषय में अच्छे अंक लेकर आए। निष्कर्ष के लिए शोधकर्ताओं ने 229 जर्मन बच्चों का तीन साल की उम्र से लेकर माध्यमिक विद्यालय तक अध्ययन किया। 
प्रतिभागियों की साक्षरता और संख्यात्मक कौशल का परीक्षण उनके तीन साल के पूर्वस्कूली (उम्र 3-5) में किया और दूसरी बार फिर जब वे 12 या 13 वर्ष के हुए तब यह परीक्षण किया गया। उन्होंने पाया कि बच्चों ने अपने पूर्वस्कूली वर्षों में साक्षरता, भाषा और अंकगणितीय कौशल घर के प्रोत्साहन से प्राप्त किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने इसके बाद घर में सीखने के माहौल की परवाह किए बिना माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने और गणितीय कौशल में उच्च परिणाम प्राप्त किए।


अपनाएं वॉट्सऐप से ब्रेक लेने का यह तरीका, बिना अकाउंट डिलीट किए ऐसे हो जाएं 'गायब'….?


सबसे पॉप्युलर चैटिंग ऐप्स में से एक वॉट्सऐप में एक बड़ा फीचर नहीं है, यह यूजर्स को ऐप से ब्रेक लेने या गायब होने का विकल्प नहीं देता। ट्विटर, फेसबुक या स्नैपचैट जैसे प्लैटफॉर्म्स से आसानी से 'लॉग आउट' कर वक्त बिताया जा सकता है। वॉट्सऐप आपके स्मार्टफोन में इंटरनेट कनेक्शन होने के चलते हमेशा ऐक्टिव रहता है और इसे ऑफ नहीं किया जा सकता। ऐसे में अगर आप बोर हो गए हैं और ऐप से गायब होना चाहते हैं तो अकाउंट डिलीट करना ही  अकेला ऑप्शन बचता है। बार-बार अकाउंट डिलीट करना और वॉट्सऐप फिर से इंस्टॉल करना आसान नहीं है। साथ ही मेसेज भेजने वाले तो भी डबल टिक मिलते ही समझ आ जाता है कि आप वॉट्सऐप चला रहे हैं। वॉट्सऐप पर ऐक्टिव होने पर दूसरे कॉन्टैक्ट को आप ऑनलाइन भी दिख जाएंगे। ऐसे में कोई वन-टैप सॉल्यूशन तो नहीं है, लेकिन बिना डिवाइस को रूट किए इन सेटिंग्स को बदलकर आप वॉट्सऐप से ब्रेक ले सकते हैं
# वॉट्सऐप नोटिफिकेशन टोन करें डिसेबल:- वॉट्सऐप पर नोटिफिकेशन के लिए No Ringtone का कोई ऑप्शन नहीं है। अगर आप वॉट्सऐप मेसेज का नोटिफिकेशन नहीं सुनना चाहते तो फोन साइलेंट करना पड़ता है। मजे की बात यह है कि आप खुद की साइलेंट टोन बना सकते हैं। इसके लिए किसी शांत जगह पर दो सेकेंड के लिए ऑडियो रिकॉर्ड करें और इसे ढंग का फाइल नेम देने के बाद ऐप की सेटिंग्स में जाकर नोटिफिकेशन और कॉल रिंगटोन बना दें। # नए मेसेजेस के लिए नोटिफिकेशन पॉप-अप को करें डिसेबल:- अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप्स में जाएं और वॉट्सऐप को खोजकर उस पर टैप करें। यहां आपको सभी नोटिफिकेशन डिसेबल करने का ऑप्शन मिलेगा। आपको वाइब्रेशन और पॉप-अप भी डिसेबल कर देना है। इससे कोई नया मेसेज आने पर आपको नोटिफिकेशन नहीं आएगा और बिना ऐप ओपन किए आपको कोई नया मेसेज नहीं दिखेगा। इस तरह वॉट्सऐप आपको परेशान नहीं करेगा।
# नोटिफिकेशन लाइट भी कर दें ऑफ:- अगर आपके स्मार्टफोन में नोटिफिकेशन लाइट दी गई है तो आपके स्मार्टफोन सेटिंग्स में जाना होगा। यहां नोटिफिकेशन सेटिंग्स में जाकर आप नोटिफिकेशन लाइट के लिए none सेलेक्ट कर सकते हैं। इस तरह वॉट्सऐप मेसेज आने पर भी आपको उनका अलर्ट नहीं मिलेगा और आपको बार-बार फोन नहीं देखना पड़ेगा। ऐसे में आप वॉट्सऐप से ब्रेक ले सकते हैं।# वॉट्सऐप के लिए मोबाइल डेटा ऐक्सेस कर दें ऑफ:- अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर आप वॉट्सऐप के लिए मोबाइल डेटा ऐक्सेस भी ऑफ कर सकते हैं। इसके लिए आपको ऐप्स में जाकर वॉट्सऐप सेलेक्ट करना होगा और यहां 'Force Stop' पर टैप करना होगा। कुछ फोन्स में यह ऑप्शन अलग से भी मिल जाता है।

Monday, July 8, 2019

सिम कार्ड निकाल देने या फोन का आइएमईआइ नंबर बदलने पर भी मिलेगा चोरी गया मोबाइल फोन...


केंद्र सरकार एक नई तकनीक की शुरुआत अगले महीने अगस्त से करेगी जिसके द्वारा चोरी हुए फोन आसानी से मिल जाएंगे एक अधिकारी ने बताया कि अगर मोबाइल चोरी होते ही फोन से सिम कार्ड निकाल दिया जाता है या उसका आइएमईआइ नंबर बदल दिया जाता है, तब भी नई टेक्नोलॉजी से मोबाइल को ट्रेस किया जा सकेगा। इसके लिए दूरसंचार विभाग ने देश के सभी मोबाइल फोन्स का डेटाबेस तैयार किया है जिसे सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर का नाम दिया गया है। इसमें देश के सभी मोबाइल फोन्स का IMEI नंबर रेजिस्टर किया गया है। 
अगर आपका फोन चोरी हो जाता है तो पुलिस में शिकायत करने के बाद यहां से आपका फोन ब्लॉक कर दिया जाएगा, फिर वह किसी भी ऑपरेटर के नेटवर्क पर काम नहीं करेगा। इस डेटाबेस की वजह से पुलिस को भी यह फोन ढंढ़ने में आसानी हो जाएगी। देश में कहीं भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा हो पुलिस आसानी से इसे खोज निकालेगी। गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन से सिम कार्ड निकाले जाने या उसका आइएमईआइ नंबर बदल दिए जाने के बावजूद सीईआइआर(CEIR) मोबाइल फोन की सारी सुविधा ब्लॉक कर देगा, चाहे भले ही वह डिवाइस किसी भी नेटवर्क पर चलाया जा रहा हो। 
सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DoT) ने टेक्नोलॉजी तैयार कर ली है। दूरसंचार विभाग (डीओटी) के अधिकारी ने कहा कि संसद का सत्र खत्म होने के बाद दूरसंचार विभाग इस टेक्नोलॉजी को लॉन्च करने के लिए मंत्री से संपर्क करेगा। संसद का चालू सत्र 26 जुलाई को समाप्त होगा, इसलिए उम्मीद है कि देशभर में इसे अगस्त में लॉन्च कर दिया जाएगा। सबसे पहले इसका ट्रायल महाराष्ट्र सर्किल में किया गया, जहां यह काफी सफल रहा। इसे देखते हुए दूरसंचार अब इसे पूरे देश में लागू करने पर विचार किया गया है। इसके अलावा सरकार ने फोन का IMEI बदलने पर तीन साल की सज़ा का प्रावधान भी कर रखा है। 
इसके बावजूद अगर कोई फोन का IMEI बदलता है तो उसे भी ब्लॉक कर दिया जाएगा। कुल मिलाकर किसी भी हालत में चोरी किए हुए फोन को शिकायत दर्ज करने के बाद यूज़ नहीं किया जा सकेगा।  

Friday, July 5, 2019

कब पेश हुआ था देश का पहला आम बजट,कैसे तैयार होता है,क्यू होती है बजट की छपाई से पहले हलवे की रस्‍म.....?


देश का पहला आम बजट 7 अप्रैल 1860 को ब्रिटिश सरकार के वित्त मंत्री जेम्स विल्सन ने बजट पेश किया था। वहीं आजादी के बाद देश के पहले वित्‍त मंत्री आरके षणमुखम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को बजट पेश किया था। संविधान गठन के बाद पहला बजट 28 फरवरी 1950 को पेश हुआ था। देश की पहली महिला वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण आज देश का आम बजट संसद में पेश किया। संसद में वित्‍तीय वर्ष 2019-20 के लिए आम बजट पेश करने से पहले कैसे तैयार होता है बजट और उससे जुड़ी कुछ खास बातें। वार्षिक वित्त रिपोर्ट को सामान्‍य बोलचाल की भाषा में आम बजट कहा जाता है। आम बजट संविधान के अनुच्छेद 112 में आय-व्यय का लेखा-जोखा है। आम बजट तैयार करने में वित्‍त मंत्रालय के साथ-साथ योजना आयोग, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और प्रशासनिक मंत्रालय भी अहम भूमिका अदा करते हैं। बजट बनाने की प्रक्रिया सामान्‍य रूप से सितंबर में शुरू हो जाती है। 
प्रक्रिया के पहले चरण में सभी मंत्रालयों और विभागों से उनके खर्चों का लेखा-जोखा मांगा जाता है।  जिसके बाद सभी मंत्रालयों और विभागों से उनके फंड को लेकर चर्चा की जाती है। चर्चा के बाद वित्‍त मंत्रालय, नीति आयोग के साथ मिलकर विभिन्‍न मंत्रालयों और विभागों के फंड का ब्‍लू प्रिंट तैयार करते हैं। इसी ब्‍लू प्रिंट के आधार पर अक्‍टूबर से नबंवर के बीच अन्‍य मंत्रालयों के साथ बैठक कर चर्चा की जाती है।  वित्‍त मंत्रालय बजट को अंतिम रूप देने से पहले देश के विभिन्‍न कॉपरेट हाउस और बैंकिंग सेक्‍टर के प्रतिनिधियों से भी बातचीत करता है। विभिन्‍न मंत्रालयों, राज्‍य सरकारों, कॉपरेट हाउस और बैंकिंग सेक्‍टर से विचार विमर्श के बाद बजट की ड्राफ्ट कॉपी तैयार की जाती है। बजट का यह ड्राफ्ट नीले रंग का होता है।
सबसे पहले बजट की ड्राफ्ट कॉपी वित्‍त मंत्री को सौंपी जाती है। ड्राफ्ट कॉपी के निरीक्षण के बाद वित्‍त मंत्री बजट की छपाई का निर्देश जारी करती हैं। वहीं, बजट को पेश करने से पहले राष्‍ट्रपति से अनुमति ली जाती है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बजट को केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जाता है। केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी के बाद बजट को संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाता है। यह बजट सामान्‍यत: दो हिस्‍सों में बंटा होता है। पहले हिस्से में आर्थिक सर्वे और नीतियों का ब्यौरा होता है और दूसरे हिस्से में प्रत्यक्ष और परोक्ष कर के प्रस्ताव रखे जाते हैं। बजट की छपाई से पहले वित्‍त मंत्रालय में हलवा खाने की रस्‍म निभाई जाती है। वित्‍त मंत्रालय की परंपरा है कि हलवा के कड़ाहे पर अंतिम कलछी चलाने के बाद वित्‍त मंत्री बजट तैयारी से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हलवा बांटते हैं।
हलवा की रस्‍म पूरी होने के बाद बजट से जुड़े दस्‍तावजों की छपाई की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। उल्‍लेखनीय है कि हलवे की रस्‍म शुरू होने से पहले बजट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को नार्थ ब्‍लॉक में एकत्रित किया जाता है। इसके बाद, ये अधिकारी और कर्मचारी संसद में बजट पेश होने के बाद ही नार्थ ब्‍लॉक से बाहर आते हैं। इस बीच इन अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने परिवार से भी संपर्क करने की इजाजत नहीं होती है।

स्‍वामी विवेकानंद जी के प्रेरणा दायक विचार जो बदले आपका जीवन....


स्‍वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था। स्‍वामी विवेकानंद का वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। स्‍वामी विवेकानंद ने न सिर्फ भारत के उत्‍थान के लिए काम किया बल्‍कि लोगों को जीवन जीने की कला भी सिखाई। स्‍वामी विवेकानंद का जीवन बड़ा ही संघर्षमयी था। मात्र 25 साल की उम्र में अपने गुरु से प्रेरित होकर उन्‍होंने सांसारिक मोह-माया त्‍याग दी और संन्‍यासी बन गए। स्‍वामी विवेकानंद जीवन भर संन्‍यासी रहे और अपनी आख‍री सांस तक वह समाज की भलाई के लिए काम करते रहे। स्‍वामी विवेकानंद की कही बातें दुनिया भर के लोगों को प्रेरणा देती हैं। 
आज स्‍वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि के मौके पर हम आपको उनकी कही 10 ऐसी बातों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपना कर आप अपने जीवन में परिवर्तन ला सकते हैं। खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है। ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हमी हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है। जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है। किसी की निंदा न करें। अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो जरूर बढाएं। अगर नहीं बढ़ा सकते तो अपने हाथ जोड़िए, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिए। जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो। सोचो, तुम्हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर वो तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं।
ज्ञान स्वयं में वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है। जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप भागवान पर विश्वास नहीं कर सकते। हम जितना ज्यादा बाहर जाएं और दूसरों का भला करें, हमारा ह्रदय उतना ही शुद्ध होगा और परमात्मा उसमे बसेंगे। तुम्हें अंदर से बाहर की तरफ विकसित होना है। कोई तुम्‍हें पढ़ा नहीं सकता, कोई तुम्‍हें आध्यात्मिक नहीं बना सकता। तुम्हारी आत्मा के आलावा कोई और गुरू नहीं है। दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो।
महान दार्शनिक स्‍वामी विवेकानंद 39 वर्ष की उम्र में 4 जुलाई 1902 को उनका निधन हो गया था।

Thursday, July 4, 2019

जाने सबसे ताकतवर पासपोर्ट किस देश का है.....?


कुछ देशों के पासपोर्ट इतने ताकतवर होते हैं कि दुनिया घूमने में आपको कोई दिक्‍कत नहीं आती। हेनले पासपोर्ट इंडेक्‍स ने इस साल की लिस्‍ट जारी करते हुए बता दिया है कि सबसे ताकतवर पासपोर्ट किस देश का है। तो इस लिस्‍ट के मुताबिक जापान और सिंगापुर के पासपोर्ट सबसे ताकतवर हैं क्‍योंकि इसके जरिए आप 189 देशो में जाकर घूम सकते हैं और वो भी वीजा के बिना।  
इससे पहले 2018 में जर्मनी के पासपोर्ट को सबसे ताकतवर करार दिया था।  
वहीं दूसरी तरफ इस लिस्‍ट में भारतीय पासपोर्ट 86वें नंबर पर है और उसका मोबिलिटी स्‍कोर 58 है। इस मोबिलिटी स्‍कोर का मतलब है कि अगर आपके पास भारतीय पासपोर्ट है तो आप बिना वीजा के 58 देशों की यात्रा कर सकते हैं। हालांकि सिर्फ भारत ही 86वें नंबर पर नहीं है। भारत के साथ-साथ इस स्‍थान पर मार्टियाना, साओ टोम और प्रिंसिपे भी हैं। 
आपको बता दें कि इस लिस्‍ट में 199 पासपोर्ट और 227 पर्यटक स्‍थलों का जिक्र है। इस लिस्‍ट में यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, बेल्जियम, कनाडा, ग्रीस, आयरलैंड और नॉर्वे समेत आठ देश छठे स्‍थान पर हैं। वहीं डेनमार्क, इटली और लग्‍जमबर्ग तीसरे स्‍थान पर हैं, जबकि फ्रांस, स्‍पेन और स्‍वीडन चौथे नंबर पर हैं।
इसके अलावा इराक और अफगानिस्‍तान इस लिस्‍ट में अभी भी सबसे नीचे हैं। इराकी नागरिक बिना वीजा के 27 और अफगानी 25 देशों की यात्रा कर सकते हैं।


Tuesday, July 2, 2019

हवा से बनेगा शुद्ध पानी, जानें कैसे और क्या होगी कीमत....?


देश में पहली बार 2005 में वॉटरमेकर नाम की कंपनी ने इस तरह की मशीन की शुरूआत की थी। इस कंपनी को शुरू करने वाले मेहर भंडारा ने एक मीडिया समूह को बताया कि शुरूआत में इन मशीनों को लेकर मुश्किलें आईं लेकिन पिछले करीब तीन सालों से इनकी बिक्री होने लगी है। आपने मौसम की तमाम खबरों से गुज़रते हुए आर्द्रता या ह्यूमिडिटी शब्द सुना है। इस शब्द का मतलब हवा में पानी की मौजूदगी से ही समझा जाता है। एटमॉसफेरिक वॉटर जनरेटर इसी तकनीक पर काम करता है कि हवा में मौजूद पानी को लिक्विड के रूप में निकाला जा सके। ये मशीन बिजली से चलती है, जिसमें कॉइल्स लगी होती हैं।  इनकी मदद से हवा में मौजूद पानी कंडेन्स होकर द्रव रूप में आ जाता है। फिर इस मशीन में फिल्टर लगाए गए हैं, जिनके ज़रिए ये पानी शुद्ध रूप में आपको मिलता है। ये कंपनी घरों, स्कूलों और क्लीनिकों में हवा से पानी निकालने वाली मशीनें सप्लाई कर रही है। 
वहीं, कोलकाता में भी ऐसी एक कंपनी एक्वो है और इसके प्रमुख नवकरण बग्गा का कहना है कि ये मशीन आपको पानी का एक स्वतंत्र स्रोत देती है, जिसके लिए आपको किसी और पर निर्भर नहीं रहना होता। हैदराबाद में मैत्री एक्वाटेक ने इस मशीन को मेघदूत नाम दिया है और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ एक समझौता करते हुए ऐसी एक लाख मशीनें बनाने का ज़िम्मा उठाया है। अभी तक इन मशीनों का इस्तेमाल कॉरपोरेट्स या लद्दाख जैसे कठिन इलाकों में सेना और नौसेना के लिए होता रहा है,लेकिन जलसंकट के चलते अब इन मशीनों को आम जनता तक पहुंचाने की कोशिशें हो रही हैं। भारी क्षमता वाली इन मशीनों को अब 25 से 100 लीटर पानी उत्पादन करने की क्षमता वाला बनाया जा रहा है, जो घरों के उपयोग के लिहाज़ से है। घरों में उपयोग के लिहाज़ से 25 से 30 लीटर पानी क्षमता वाली ये मशीनें बनाई जा रही हैं और विभिन्न कंपनियों की कीमतों के हिसाब से ऐसी एक मशीन आपको 45 से 70 हज़ार रुपये तक की कीमत में मिल सकेगी। वहीं दफ्तरों, स्कूलों या बड़ी कंपनियों के लिहाज़ से 5000 लीटर पानी पैदा करने वाली क्षमता तक की मशीनें भी बन रही हैं। 
मैत्री कंपनी की 1000 लीटर क्षमता वाली मशीन की कीमत करीब दस लाख रुपये है। अब सवाल ये है कि हवा में अगर प्रदूषण के तत्व पाए जाते हैं तो इससे निकलने वाला पानी कैसे शुद्ध होगा। इस बारे में मशीन बनाने वाली कंपनियां दावा कर रही हैं कि इन मशीनों में फिल्टर की तकनीक लगाई गई है, जिनके ज़रिए पानी शुद्ध और पीने लायक निकलेगा। पांच स्टेप में पानी फिल्टर होगा और ये फिल्टर स्टेप हैं कचरा हटाना, प्री कार्बन, पोस्ट कार्बन, खनिज गुणवत्ता सुधार और यूवी फिल्टर। इन मशीनों की उपलब्धता के बाद फायदा तो ये होगा कि आपको पानी के लिए किसी और स्रोत पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा,लेकिन इसकी एक शर्त भी होगी। वो ये कि हवा में अगर आर्द्रता ज़्यादा होगी, तभी पानी निकल सकेगा। यानी हवा में अगर ह्यूमिडिटी 20 फीसदी से कम है, तो ये मशीन पानी नहीं निकालेगी।  मैत्री कंपनी के एमडी रामकृष्णन कहते हैं कि ये मशीनें भविष्य हैं। उनकी मानें तो अगर हम वातावरण से सिर्फ 0.1 फीसदी आर्द्रता को ही कन्वर्ट कर लेंगे तो हम सबके लिए पीने का पर्याप्त पानी होगा।

Sunday, June 30, 2019

कब फायदे मंद और कब नुकसान दायक है नारियल पानी पीना....?


नारियल पानी सेहत के काफी अच्छा होता है और इसके बहुत से फायदे भी होते हैं,लेकिन क्या आप जानते हैं कि नारियल पानी पीने के बहुत से नुकसान भी होते हैं। अगर आप नहीं जानते तो आज अपने इस लेख में हम आपको नारियल पानी से होने वाले नुकसानों के बारे में आपको बताने वाले हैं। साथ ही आपको यह भी बताएंगे कि आप कब नारियल पानी पीना चाहिए और कब नहीं। मुख्य रूप से लोग गर्मियों के मौसम में खुद को तरोताजा रखने के लिए नारियल पानी पीना काफी पसंद करते हैं। आपको बता दें, नारियल के पानी में विटामिन, कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम और खनिज पदार्थ जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं और नारियल में वसा की मात्रा बिल्कुल न के बराबर होती है। 
साथ ही इसमें कॉलेस्ट्रोल भी नहीं होता इसलिए हृदय रोगियों और मोटापे से ग्रसित लोगों के लिए नारियल किसी वरदान से कम नहीं है। नारियल पानी पीने से शरीर में पानी की कमी दूर होती है। एक नारियल में लगभग 200 से 250 मिलिलीटर पानी होता है,लेकिन जिन लोगों को सोडियम और पोटेशियम संबंधित कोई समस्या होती है उन्हें नारियल पानी का संभलकर सेवन करना चाहिए क्योंकि इससे उनके शरीर को नुकसान हो सकता है। अगर आप आफ्टर वर्कआउट खुद को एनर्जी देने के लिए नारियल पानी पीना पसंद करते हैं तो बेहतर होगा कि आप इसकी जगह सादा पानी पीएं क्योंकि नारियल के पानी में सोडियम की मात्रा सादे पानी के मुकाबले काफी अधिक होती है और सोडियम की मात्रा काफी अधिक होती है और सोडियम की मात्रा अधिक होने से आपको अधिक प्यास लगेगी। 
नारियल पानी में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है,लेकिन इसमें पोटेशियम के गुण दस गुना अधिक होते हैं। इस वजह से अगर आपको कमजोरी या अधिक थकान रहती है तो ऐसी स्थिति में आपको नारियल पानी का सेवन नहीं करना चाहिए। नारियल पानी से आपके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ जाता है आपको अधिक कमजोरी महसूस होने लगती है। गर्मियों में कई लोग ऊर्जा की आपूर्ति के लिए नारियल पानी पीने की सलाह देते हैं। हालांकि, इस दौरान ध्यान रखें कि नारियल पानी से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ती है। इसके 300 मिली में 60 कैलोरी होती हैं इसलिए इसका अधिक सेवन न करें।
नारियल पानी मीठा होता है और इसलिए इसमें कार्बोहाइड्रेट्स और कैलोरी की अधिक मात्रा होती है। नारियल पानी का अधिक सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा सकता है। जिनके रक्त में शुगर का स्तर पहले से ही ज्यादा है उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए। लो ब्लड प्रेशर वालों को भी नारियल पानी का नहीं करना चाहिए अधिक सेवन साथ ही नारियल पानी का सेवन करने से आपका ब्लड प्रेशर भी कम हो सकता है।  इसलिए जिन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या है उन्हें भी इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। अधिक उम्र के लोगों को मुख्य रूप से जोड़ो में दर्द की शिकायत रहती है और क्योंकि नारियल पानी की तासीर ठंडी होती है। इसलिए उन्हें भी इसके सेवन से बचना चाहिए। जिन लोगों की मांसपेशियां कमजोर हैं, उन्हें भी इसके सेवन से बचना चाहिए क्योंकि आगे चलकर उन्हें जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है।

Thursday, June 27, 2019

भगवान विष्णु के अवतार बृहस्पति को पीला रंग क्यू अति प्रिय जाने महत्व....?


शास्‍त्रों के अनुसार भगवान बृहस्पति जो विष्णु का अवतार हैं इन्हें पीला रंग बहुत प्रिय है। भगवान विष्णु धन-धान्य एक देवता है और पीला रंग संपन्‍नता का प्रतीक है,यही वजह है कि पीला रंग इस दिन को समर्पित किया गया है। भगवान विष्णु की पूजा के लिए गुरुवार का दिन बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा और कथा भी सुनी जाती है। इसी दिन साईं बाबा की भी पूजा-अर्चना की जाती है। भगवान विष्णु की पूजा थाली में पीले रंग के फूल, प्रसाद और हल्दी बहुत शुभ माने गए हैं। हल्दी का तिलक, चने और गुड़ का भोग और पीले रंग के फूल से भगवान जल्द प्रसन्न होते हैं और मनचाहा वरदान देते हैं। 
भगवान विष्‍णु को पीला रंग बहुत प्रिय है इसलिए इस दिन पीले वस्‍त्र धारण करने चाहिए और पीली वस्‍तुओं का दान करना चाहिए है। गुरुवार की पूजा विधि-विधान के अनुसार की जानी चाहिए और बृहस्पति देव के पूजन में पीले फूल, चने की दान, पीली मिठाई, पीले चावल आदि का उपयोग करना शुभ रहता है। आज के दिन केले के पेड़ का पूजन करना चाहिए और संभव हो तो इसके पास बैठकर ही बृहस्पति देव का पूजन और कथा पाठ करना चाहिए।  वहीं दूसरी तरफ आज कुछ चीजों को करने से परहेज करना भी बहुत जरूरी है। भगवान बृहस्पति देव की पूजा मात्र से आपके घर में गुरु का वास होता है।
आज के दिन मन से सभी बुरे विचार त्याग कर भगवान के चरणों में अपने जीवन को अर्पण करना चाहिए। आज के दिन घर में पोछा नहीं लगना चाहिए और न ही कपड़े धोने या प्रेस करने को चाहिए। आज के दिन किसी को पैसे नहीं देने चाहिए। जो लोग गुरुवार का व्रत करें उन्‍हें नमक ग्रहण नहीं करना चाहिए और पीला भोजन करना चाहिए।


Tuesday, June 25, 2019

वास्तव में सुखी कौन…..?


एक भिखारी किसी किसान के घर भीख माँगने गया। किसान की स्त्री घर में थी, उसने चने की रोटी बना रखी थी। किसान जब घर आया, उसने अपने बच्चों का मुख चूमा, स्त्री ने उनके हाथ पैर धुलाये, उसके बाद वह रोटी खाने बैठ गया। स्त्री ने एक मुट्ठी चना भिखारी को डाल दिया, भिखारी चना लेकर चल दिया। रास्ते में भिखारी सोचने लगा:- हमारा भी कोई जीवन है? दिन भर कुत्ते की तरह माँगते फिरते हैं। फिर स्वयं बनाना पड़ता है। इस किसान को देखो कैसा सुन्दर घर है। घर में स्त्री हैं, बच्चे हैं, अपने आप अन्न पैदा करता है। बच्चों के साथ प्रेम से भोजन करता है। वास्तव में सुखी तो यह किसान है। इधर वह किसान रोटी खाते-खाते अपनी स्त्री से कहने लगा:- नीला बैल बहुत बुड्ढा हो गया है, अब वह किसी तरह काम नहीं देता, यदि कही से कुछ रुपयों का इन्तजाम हो जाये, तो इस साल का काम चले। साधोराम महाजन के पास जाऊँगा, वह ब्याज पर दे देगा।
भोजन करके वह साधोराम महाजन के पास गया। बहुत देर चिरौरी बिनती करने पर 1रु. सैकड़ा सूद पर साधों ने रुपये देना स्वीकार किया। एक लोहे की तिजोरी में से साधोराम ने एक थैली निकाली और गिनकर रुपये किसान को दे दिये। रुपये लेकर किसान अपने घर को चला, वह रास्ते में सोचने लगा- हम भी कोई आदमी हैं, घर में 5 रु. भी नकद नहीं। कितनी चिरौरी विनती करने पर उसने रुपये दिये है। साधो कितना धनी है, उस पर सैकड़ों रुपये है वास्तव में सुखी तो यह साधो राम ही है। साधोराम छोटी सी दुकान करता था, वह एक बड़ी दुकान से कपड़े ले आता था और उसे बेचता था। दूसरे दिन साधोराम कपड़े लेने गया, वहाँ सेठ पृथ्वीचन्द की दुकान से कपड़ा लिया। वह वहाँ बैठा ही था, कि इतनी देर में कई तार आए कोई बम्बई का था। कोई कलकत्ते का, किसी में लिखा था 5 लाख मुनाफा हुआ, किसी में एक लाख का। साधो महाजन यह सब देखता रहा, कपड़ा लेकर वह चला आया। रास्ते में सोचने लगा हम भी कोई आदमी हैं, सौ दो सौ जुड़ गये महाजन कहलाने लगे। पृथ्वीचन्द कैसे हैं, एक दिन में लाखों का फायदा वास्तव में सुखी तो यह है। उधर पृथ्वीचन्द बैठा ही था, कि इतने ही में तार आया कि 5 लाख का घाटा हुआ। 
वह बड़ी चिन्ता में था, कि नौकर ने कहा:- आज लाट साहब की रायबहादुर सेठ के यहाँ दावत है। आपको जाना है, मोटर तैयार है। पृथ्वीचन्द मोटर पर चढ़ कर रायबहादुर की कोठी पर चला गया। वहाँ सोने चाँदी की कुर्सियाँ पड़ी थी, रायबहादुर जी से कलक्टर-कमिश्नर हाथ मिला रहे थे। बड़े-बड़े सेठ खड़े थे। वहाँ पृथ्वी चन्द सेठ को कौन पूछता, वे भी एक कुर्सी पर जाकर बैठ गया। लाट साहब आये, राय बहादुर से हाथ मिलाया, उनके साथ चाय पी और चले गये। पृथ्वी चन्द अपनी मोटर में लौट रहें थे, रास्ते में सोचते आते है, हम भी कोई सेठ है 5 लाख के घाटे से ही घबड़ा गये। राय बहादुर का कैसा ठाठ है, लाट साहब उनसे हाथ मिलाते हैं। वास्तव में सुखी तो ये ही है। अब इधर लाट साहब के चले जाने पर रायबहदुर के सिर में दर्द हो गया, बड़े-बड़े डॉक्टर आये एक कमरे वे पड़े थे। कई तार घाटे के एक साथ आ गये थे। उनकी भी चिन्ता थी, कारोबार की भी बात याद आ गई।
वे चिन्ता में पड़े थे, तभी खिड़की से उन्होंने झाँक कर नीचे देखा, एक भिखारी हाथ में एक डंडा लिये अपनी मस्ती में जा रहा था। राय बहदुर ने उसे देखा और बोले:- वास्तव में तो सुखी यही है, इसे न तो घाटे की चिन्ता न मुनाफे की फिक्र, इसे लाट साहब को पार्टी भी नहीं देनी पड़ती सुखी तो यही है। इस कहानी से हमें यह पता चलता है, कि हम एक दूसरे को सुखी समझते हैं पर वास्तव में सुखी कौन है, इसे तो वही जानता है। जिसे आन्तरिक शान्ति है। जिसे अंतरिक्ष सुकून है। आप चाहे भिखारी हो, चाहे करोड़पति हो लेकिन आप के मन में जब तक शांति नहीं है तब तक आपको सुकून नहीं मिल सकता। मित्र गोबिन्द सिंग वाधवा [रायपुर,छतीसगढ़ ]

सत्संग का असर...


एक सेठ जी किसी के कहने पर सतसंग गये, सतसंग गेट पर सेवादार ने कहा आईये, हाल के अन्दर सेवादार ने कहा बैठिये, सत्संग समाप्त हुआ तो सेवादार ने कहा जाईये। रास्ते मे उनके मैनेजर ने पूछा कि सत्संग मे आनन्द आया तो बोले कि कैसा आनन्द, मैने तो सिर्फ 3 शब्द सुने आईये, बैठिये, जाईये क्योकि वहॉ मैं सो गया था। पहली बार सत्संग जाने का असर ये हुआ कि 3 शब्द रात मे सोते समय भी मुँह से निकले, एक चोर उनके कमरे मे चोरी करने घुसा, सेठ बोले आईये, चोर डर गया, फिर सेठ बोले बैठिये, चोर डर के मारे बैठ गया, फिर सेठ बोले जाईये, जान बचाकर चोर भाग गया। सुबह चोर माफी मॉगने आया तो सेठ ने कहा कि हमे कुछ पता नही, ये 3 शब्द सत्संग मे सुने जो सोते समय मुह से निकले जिसके कारण मेरा सामान बच गया अगर जाग कर पूरे सत्संग का आनन्द लेता तो बहुत कुछ मिल सकता है और सेठ प्रतिदिन सत्संग जाने लगा। 
सत्संग जाने पर कुछ न कुछ जरूर मिलता है, हम क्या लाते हैं हमारे ऊपर निर्भर है। मित्र गोबिन्द सिंग वावा [रायपुर,छतीसगढ़ ]

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...