Thursday, December 21, 2023

उपद्रव शोध पथकाची धडक कारवाई... ८६ प्रकरणांची नोंद

नागपूर:नागपूर महानगरपालिकेच्या उपद्रव शोध पथकाने सार्वजनिक ठिकाणी लघुशंका करणाऱ्यांवरकचरा फेकणाऱ्यांवरथुंकणाऱ्यांवर५० मायक्रॉन पेक्षा कमी प्लास्टिक पिशवीचा वापर करणाऱ्यांवर अधिक कठोर कारवाईची सुरुवात केली आहेबुधवार (ता.२०)रोजी उपद्रव शोध पथकाने ८६ प्रकरणांची नोंद करून ४९७०० रुपयाचा दंड वसूल केला.शहराला स्वच्छ ठेवण्यासाठी रस्त्यावरफुटपाथवर कचरा टाकणारेथुंकणारेघाण करणारेलघुशंका करणारेप्लास्टिक पिशवीचा वापर करणाऱ्या नागरिकांवर तसेच दुकानदारांवर दंडात्मक कारवाई सुरु करण्यात आली आहेहाथगाडयास्टॉल्सपानठेलेफेरीवालेछोटे भाजी विक्रेते यांनी लगतच्या परिसरात अस्वच्छता (रु४००/- दंड)या अंतर्गत २९ प्रकरणांची नोंद करून ११६०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीव्यक्तीने रस्ताफुटपाथमोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०२ प्रकरणांची नोंद करून २०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीदुकानदाराने रस्ताफुटपाथ
मोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत  7  प्रकरणांची  नोंद  करून  २८०० रुपयांची  वसुली करण्यात आली.मॉलउपहारगृह,लॉजिंग  बोर्डिंग होर्डिंग सिनेमाहॉलमंगल कार्यालयेकॅटरर्स सर्व्हिस प्रोव्हायडर इत्यादींनी रस्ताफुटपाथमोकळी जागाअशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०४ प्रकरणांची नोंद करून ८००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीवाहतुकीचा रस्ता मंडपकमानस्टेज इत्यादी रचना करुन अथवा वैयक्तिक कामाकरीता बंद करणे या अंतर्गत ०८ प्रकरणांची नोंद करून १३५०० रुपयांची वसुली करण्यात आलीवर्कशॉपगरज  इतर दुरुस्तीचे व्यावसायीकांने रस्ताफुटपाथ मोकळी जागा अशा ठिकाणी कचरा टाकणे या अंतर्गत ०३ प्रकरणांची नोंद करून ३००० रुपयांची वसुली करण्यात आलीउपरोक्त यादीत  आढळणारे इतर उपद्रव (व्यक्तीअसल्यास २८ प्रकरणांची नोंद करून रु ५६०० दंड वसूल करण्यात आलेला आहेउपरोक्त यादीत  आढळणारे इतर उपद्रव संस्था असल्यास ०५ प्रकरणांची नोंद करून रु ५००० दंड वसूल करण्यात आलेला आहेही कारवाई उपद्रव शोध पथक प्रमुख वीरसेन तांबे यांच्या नेतृत्वात करण्यात आली.

Tuesday, December 12, 2023

I.N.D.I.A. गठबंधन गिन रहा अपनी अंतिम साँसे कांग्रेस की हार विपक्षी दलों का हो रहा मोह भंग...

तृणमूल कांग्रेस चीफ व पश्चिम बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों को बीजेपी की जीत नहीं बल्कि कांग्रेस की हार के रूप में गिनाया है। बता दें कि इन 5 राज्यों में से मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने, तेलंगाना में कांग्रेस ने और मिजोरम में ZPM ने जीत दर्ज की है। बीजेपी ने एक तरफ जहां मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखी, वहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ के सूबे उसने कांग्रेस से छीने हैं। यही वजह है कि I.N.D.I.A. गठबंधन के बाकी घटक कांग्रेस को घेर रहे हैं और उसे सबको साथ लेकर चलने की नसीहत दे रहे हैं। तृणमूल के रुख को देखते हुए पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल की संभावित 
रणनीति पर विपक्ष के I.N.D.I.A. ब्लॉक में असमंजस की स्थिति बन गई है। सियासी पंडितों का मानना है कि ममता बनर्जी की पार्टी कांग्रेस पर हमला करके लोकसभा चुनावों में अपनी शर्तों पर सीटों का बंटवारा करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, कुछ लोग मान रहे हैं कि अब I.N.D.I.A. गठबंधन में ज्यादा जान नहीं बची है और यह अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। कांग्रेस की पूरी कोशिश है कि विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन न करने के बावजूद मोलभाव करने की उसकी क्षमता पर कोई असर न हो। 
पार्टी के नेताओं ने कहा भी है कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में भले ही 2 राज्यों में सत्ता गंवा दी हो, लेकिन उसका वोट शेयर अभी भी अच्छा बना हुआ है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस को दबाव में लाने की ममता बनर्जी की कोशिश तभी सफल हो सकती है जब उन्हें I.N.D.I.A. गठबंधन के बाकी दलों का साथ मिले। हाल ही में विपक्ष की तरफ से जो आवाजें उठी हैं उससे लगता है कि आने वाला वक्त कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

AIMIM चीफ ओवैसी हुए चिंतित सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुच्छेद 370 को सही ठहराने से....

AIMIM [ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन] चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि केंद्र के फैसले से सबसे ज्यादा नुकसान जम्मू के डोगरा और लद्दाख के बौद्ध समुदायों को होगा, जिन्हें जनसांख्यिकी बदलाव का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सवाल किया कि राज्य का दर्जा बहाल करने पर कोई समय सीमा क्यों नहीं है? ओवैसी ने कहा कि जम्मू कश्मीर में दिल्ली (केंद्र) के शासन के पांच साल हो गए हैं। राज्य में 2024 के विधानसभा चुनाव के साथ ही यथाशीघ्र विधानसभा चुनाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि राज्य भारत का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन ऐसा होने का यह मतलब नहीं है कि इसका केंद्र के साथ कोई विशेष संवैधानिक 
संबंध नहीं है। ओवैसी ने 2019 की एक संगोष्ठी में प्रधान न्यायाधीश द्वारा की गई एक टिप्पणी को उद्धृत करते हुए कहा कि सार्वजनिक चर्चा हमेशा ही उन लोगों के लिए एक खतरा है जो इसकी अनुपस्थिति में सत्ता हासिल करते हैं। उन्होंने कहा कि संघवाद का यह मतलब है कि प्रांत की अपनी आवाज है और अपनी क्षमता के तहत, इसे संचालित होने की पूरी स्वतंत्रता है। संसद, विधानसभा की जगह कैसे ले सकती है? ओवैसी ने कहा कि जिस तरह से अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया, उनके लिए वह संवैधानिक नैतिकता का उल्लंघन है। ओवैसी ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का सबसे ज्यादा नुकसान जम्मू के डोगरा और लद्दाख के बौद्ध समुदाय को होगा। इन दोनों समुदायों को जनसांख्यिकी बदलावों का सामना करना पड़ेगा। 
उन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र के फैसले को उच्चतम न्यायालय द्वारा बरकरार रखे जाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्सपर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस संवैधानिक संबंध को कश्मीर के संविधान सभा को भंग कर स्थायी बनाया गया था। ओवैसी ने आरोप लगाया कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने संबंधी केंद्र के फैसले को वैधता मिल जाने के बाद, केंद्र सरकार को चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद या मुंबई को केंद्र शासित क्षेत्र बनाने से कुछ भी नहीं रोक पाएगा। ओवैसी ने लद्दाख के उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि इसे उप राज्यपाल द्वारा शासित किया जा रहा है और कोई लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व नहीं है। 

Wednesday, December 6, 2023

कैसे हुई...? महामानव डॉ. भीमराव आंबेडकर की मृत्यु महापरिनिर्वाण दिवस विशेष....

देश का संविधान लागू करने में अहम भूमिका निभाने वाले बाबा साहेब को जातिगत भेदभाव की दिशा में काम करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने खुद भी अपने बचपन में जातिगत भेदभाव को बहुत करीब से देखा और अनुभव किया था। उनके पिता सेना में थे और जब वो रिटायर हो गए तो वह महाराष्ट्र के सतारा में बस गए। यहां जब भीमराव का एडमिशन एक स्कूल में करवाया गया तो उन्हें अछूत जाति कहकर स्कूल के एक कोने में बिठाया जाता था। ऐसे में भीमराव ने ठान लिया कि वह अपनी शिक्षा को जारी रखेंगे और इस कुरीति के लिए लड़ेंगे। भीमराव ने अमेरिका और लंदन में उच्च शिक्षा हासिल की और बैरिस्टर बने। देश जब आजाद हुआ तो पंडित नेहरू के 
मंत्रिमंडल में भीमराव को कानून मंत्री बनाया गया। इसके बाद भीमराव ने संविधान मामलों में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपने जीवन में दलितों, पिछड़ों और महिलाओं को न्याय दिलवाने की दिशा में तमाम काम किए। वह समानता के पक्षधर थे। 6 दिसंबर साल 1956 को उन्होंने आखिरी सांस ली थी। उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। वह अपने माता-पिता की 14वीं संतान थे। उनका उपनाम सकपाल था, जिसे ब्राह्मण शिक्षक की मदद से बदलकर उन्होंने आंबेडकर रखा। डॉ भीमराव आंबेडकर को डायबिटीज ब्लडप्रेशर, न्यूराइटिस और आर्थराइटिस जैसी बीमारियां थीं।

डायबिटीज की वजह से वह काफी कमजोर हो गए थे और गठिया की वजह से वह दर्द से परेशान रहते थे। 6 दिसंबर साल 1956 को दिल्ली स्थित आवास पर नींद के दौरान ही उनकी मौत हो गई थी। मरणोपरांत साल 1990 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था। हर साल 6 दिसंबर को बाबा साहेब की पुण्यतिथि को मनाया जाता है। डॉ भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि को पूरे देश में महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है।

लड़खड़ाई I.N.D.I.A. गठबंधन को विपक्षी दल देंगे अपनी हार की बैसाखी का सहारा

भाजपा के खिलाफ एकजुट हुए विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. की छह दिसंबर को बैठक होने वाली थी जो कैंसिल हो गई है। इस बैठक के कैंसिल होने के पीछे नेताओं के पर्सनल काम बताए जा रहे हैं और कुछ पार्टियों के प्रमुख नेताओं के बैठक में न आ पाने के चलते बैठक को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया गया है। बैठक के कैंसिल होने के बारे में कहा गया कि सपा नेता अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने पहले ही इंडिया की बैठक में जाने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक के नेता एमके स्टालिन ने चक्रवात के कारण पैदा हुए हालात के चलते बैठक में शामिल नहीं हो सकते थे। 
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अस्वस्थता का हवाला दिया है। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी परिवार के एक कार्यक्रम में व्यस्त रहेंगी और बैठक में नहीं आ पाएंगी। कांग्रेस ने पहले कहा कि गठबंधन की बैठक छह दिसंबर को शाम छह बजे होगी, फिर बाद में इसके कैंसिल होने की खबर आई।  यह बैठक ऐसे समय होने जा रही थी जब मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम के हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को करारी हार मिली है। बता दें कि इंडिया गठबंधन की अब तक तीन बैठकें पटना, बंगलूरू और मुंबई में हो चुकी हैं। गठबंधन के घटक दलों के नेताओं की पिछले दिनों मुंबई में हुई बैठक में गठबंधन के भविष्य के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए 14 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन भी किया गया था। 
इंडिया गठबंधन की छह दिसंबर को होने वाली बैठक कैंसिल होने के बाद लालू यादव का बड़ा बयान सामने आया है। लालू यादव ने गठबंधन में कई बड़े नेताओं के शामिल नहीं पर कहा कि,17 दिसंबर को इंडिया गठबंधन की बैठक होगी और इस होने वाली बैठक में सभी लोग होंगे शामिल। मंगलवार को बक्सर में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से जब ये पूछा गया कि क्या इंडिया गठबंधन की बैठक में कई बड़े नेता शामिल नहीं हो रहे है? पत्रकारों के इस सवाल का जवाब देते हुए लालू ने कहा कि 17 दिसंबर को अब इंडिया गठबंधन की बैठक होने जा रही है जिसमें सभी लोग शामिल होंगे।

करारी हार के झटके के बाद राहुल गांधी विदेश यात्रा पर...

भाजपा ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत हासिल किया है और मिजोरम में भी दो सीटें जीती हैं। इस परिणाम के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी विरोधी दलों के निशाने पर आ गए हैं। नवंबर महीने में देश के पांच राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनावों का आयोजन किया गया था। 3 दिसंबर 4 राज्यों और 4 दिसंबर को मिजोरम चुनाव के परिणाम जारी किए गए थे। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया। 
इसके साथ ही मध्य प्रदेश में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता बरकरार रखी। मिजोरम में ZPM ने जीत हासिल की और भाजपा को दो सीट तो वहीं, कांग्रेस को 1 सीट पर जीत मिली। तेलंगाना में कांग्रेस ने केसीआर को सत्ता से बाहर कर के पूर्ण बहुमत से सरकार बना ली है। यहां भाजपा को 8 सीट मिली। हालांकि, दूसरी ओर खबर आई है कि राहुल गांधी चुनाव परिणाम के ठीक बाद विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं। राहुल गांधी 8 दिसंबर से दक्षिण पूर्व एशियाई देशों की 7 दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। वह 8 दिसंबर की शाम को मलेशिया पहुंचेंगे और 10 दिसंबर तक वहीं रहेंगे। 
इसके बाद वह 11 दिसंबर को सिंगापुर पहुंचेंगे और 12 दिसंबर तक वहीं रहेंगे। राहुल सिंगापुर के बाद  13 दिसंबर को जकार्ता पहुंचेंगे। वहीं, 14 दिसम्बर को राहुल हनोई जाएंगे। इसके बाद वह 15 दिसंबर की रात हनोई से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल इन देशों के के कुछ विश्वविद्यालयों में भारतीय प्रवासियों और छात्रों के कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे।

कम जन्मदर से किम जोंग परेशान महिलाओ से कही यह बात....

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष का अनुमान है कि उत्तर कोरिया में जन्मदर लगातार घट रही है। हाल के दशकों में अपने सबसे निचले स्तर पर यह दर पहुंच चुकी है। वर्ष 2023 तक उत्तर कोरिया में एक महिला से जन्म लेने वाले बच्चों की औसत संख्या 1.8 थी। वैसे तो यह उसके पड़ोसी देशों की तुलना में थोड़ी अधिक है, जो पहले से ही बच्चों की गिरती जन्मदर से काफी जूझ रहे हैं। प्रजनन दर में गिरावट से जूझ रहे देशों में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया प्रमुख हैं। चीन को तो अपने देश की सेना में भर्ती होने के लिए नए रंगरूट तक नहीं मिल रहे हैं। दक्षिण कोरिया की प्रजनन दर पिछले साल गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर 0.78 पर आ गई, जबकि जापान में यह आंकड़ा 
गिरकर 1.26 पर आ गया। उत्तर कोरिया में बच्चे कम पैदा हो रहे हैं। इसे लेकर​ तानाशाह किम जोंग खासे परेशान हैं। बच्चे कम पैदा होने की दर को देखते हुए किम जोंग ने राजधानी प्योंगयोंग में एक बड़ा आयोजन किया। इसमें उन्होंने माताओं को देशभर से बुलाया। इस दौरान किम जोंग ने माताओं से अपील की कि वे उत्तर कोरिया में घटती जन्मदर को बढ़ाने के सरकारी प्रयासों को अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से घर संभालने वाली हर महिला को जूझना है। कार्यक्रम में किम ने कहा, जन्म दर में गिरावट को रोकना और बच्चों की अच्छी देखभाल करना सभी माताओं का कर्तव्य हैं जिन्हें हमें काम करते समय भी संभालना होगा।
उत्तर कोरिया ही नहीं, चीन भी अपने देश में घटती जन्मदर से परेशान हैं। खुद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस मामले में अनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। चीन में तो युवा कपल से शादी करने की और बच्चों को जन्म देने की अपील की जा रही है। चीन ने दशक पहले एक बच्चे को जन्म देने का अभियान चलाया था, जब युवाओं की संख्या घटने लगी तो कुछ साल पहले उन्होंने यह अभियान वापस ले लिया। अब तो चीन चाहता है कि जन्मदर बढ़े। चीन में युवा अपने करियर के चलते शादी से भी बचते हैं। इसी कारण युवाओं को शादी करने के लिए बढ़ावा​ दिया जा रहा है। लगभग 25 मिलियन लोगों की आबादी वाले उत्तर कोरिया को हाल के दशकों में भोजन की गंभीर कमी से भी जूझना पड़ा है। इसमें 1990 के दशक में आया घातक अकाल भी शामिल है।




उत्तर कोरिया में अक्सर बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के परिणामस्वरूप फसलों को नुकसान पहुंचता है। उत्तर कोरियाई नेता ने राष्ट्रीय शक्ति को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए माताओं को शुक्रिया अदा किया।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...