Tuesday, March 19, 2024

डूबते जहाज [कांग्रेस] भागते चूहे [कद्दावर दलबदलू नेता] जिम्मेदार कौन...?

कांग्रेस की ओर से भारत जोड़ो यात्राएं की जा रही हैं,लेकिन इसका असर चुनावों के दौरान देखने को नहीं मिल रहा है। विधानसभा चुनावों से लेकर आम चुनाव तक हर जगह कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक ही साबित हो रहा है। कांग्रेस का हाथ छोड़ने का सिलसिला भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। 2014 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद से ही पार्टी से नेताओं का मोह भंग होना भी शुरू हो गया। कई कद्दावर नेताओं ने पार्टी का हाथ छोड़ना शुरू कर दिया। कांग्रेस के बिखरते कुनबे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है 
कि बीते 10 वर्षों में पार्टी के 12 पूर्व मुख्यमंत्रियों ने कांग्रेस छोड़ी। सबसे पहले 31 जनवरी 2014 में ही लोकसभा रिजल्ट से पहले विजय बहुगुणा ने पार्टी छोड़ी और मई में बीजेपी का दामन थाम लिया। वहीं 16 सितंबर 2016 को पेमा खांडू ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर दिसंबर के महीने में बीजेपी जॉइन कर ली। इसी साल अजीत जोगी ने भी कांग्रेस को अलविदा कह दिया और अपनी नई पार्टी का ऐलान किया। वर्ष 2017 में दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने कांग्रेस को टाटा कह दिया। इनमें 28 जनवरी को एसएम कृष्ण और 18 जनवरी को एनडी तिवारी शामिल हैं। 
यह दोनों ही नेता बीजेपी में शामिल हो गए। कांग्रेस के लिए वर्ष 2018 से 2020 तक के तीन वर्ष थोड़े राहत भरे रहे क्योंकि इस दौरान कोई पूर्व सीएम पार्टी छोड़कर नहीं गया,लेकिन इसके बाद 29 सितंबर 2021 को लुइजिन्हो फलेरियो और 2 नवंबर 2021 को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस से अपना नाता तोड़ लिया। इन दोनों के अलावा इसी वर्ष 7 दिसंबर को रवि नाइक भी पार्टी से अलग हो गए। वहीं वर्ष 2022 में गुलाम नबी आजाद और दिगंबर कामत ने भी कांग्रेस की अपनी लंबी पारी को विराम दे दिया और पार्टी से अलग हो गए। वहीं इस साल यानी 2024 में अशोक चव्हाण ने भी कांग्रेस से अपना दाना-पानी बंद कर बीजेपी का राह पकड़ ली। बीते कुछ वर्षों में कई दिग्गज और कद्दावर नेताओं ने कांग्रेस से अपना नाता तोड़ा है। 




इनमें हिमंत बिस्वा सरमा, चौधरी बीरेंदार सिंह, रंजीत देशमुख, जीके वासन, जयंती नटराजन, रीता बहुगुणा जोशी, एन बीरेन सिंह, शंकर सिंह वाघेला, टॉम वडक्कन, ज्योतिरादित्य सिंधिया, केपी यादव, प्रियंका चतुर्वेदी, जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा, बाबा सिद्दीकी, बसवराज पाटिल जैसे नेता शामिल हैं।

मक्का में बार-बार उमरा करने पर बैन लगा दिया सऊदी अरब ने....

उमराह की प्रक्रिया को मक्का मस्जिद अल हराम में रमजान के महीने दुनिया भर के मुसलमान पहुंचते हैं। जहां वह रोजा (उपवास) रखने के साथ-साथ दिन में 5 बार नमाज अदा करते हैं।  इसको इबादत कहा जाता है। इस्लाम में रमजान पवित्र महीना माना जाता है, इसमें दुनिया का हर मुसलमान मस्जिद अल हरम मक्का की ग्रैंड मस्जिद में करना चाहते हैं। इसके लिए दुनिया भर से मुसलमान मक्का पहुंचते हैं। जिसकी वजह से वहां काफी भीड़ हो जाती है। इसी को कम करने के लिए सऊदी ने एक बार से ज्यादा उमराह करने पर 
अब प्रतिबंध लगा दिया है। जिससे भीड़ को कम किया जा सके। रमजान के महीने में एक बार से ज्यादा उमराह खासकर करते हैं जो सऊदी अरब में काम करने के लिए गए हैं या जिनका टूरिस्ट वीजा होता है। सऊदी अरब ने रमजान के महीने में बार-बार उमरा करने पर बैन लगा दिया है। यह फैसला मक्का में उमराह के दौरान होने वाली भारी भीड़ को कम करने के लिए लिया है। इस फैसले से ऐसे लोग प्रभावित होंगे जो बार-बार रमजान के लिए महीने में उमराह करने के लिए पहुंच जाते हैं।  रमजान इस्लाम का पवित्र महीना माना जाता है। 
इस पवित्र महीने में लोग रोजा (उपवावस) रखते हैं और दिन में 5 बार नमाज पढ़ते हैं। गल्फ न्यूज एजेंसी के मुताबिक सऊदी हज और उमराह मंत्रालय ने रमजान के महीने में एक बार से ज्यादा बार उमराह करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। मंत्रालय ने बताया कि अब एक आदमी रमजान के महीने में सिर्फ एक बार ही उमराह कर सकता है। मंत्रालय ने कहा कि रमजान में दो बार ये इससे ज्यादा उमरा करने के लिए कोई परमिट जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा सऊदी अरब में अधिकारियों ने रमजान के दौरान आने वाले लोगों का ध्यान रखने के लिए बहुत सारे उपाय किए हैं।






सऊदी अरब ने रमजान के शुरु होने से पहले फैसला लेते हुए मस्जिदों में आयोजित होने वाली इफ्तार पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस बार सऊदी अरब में 11 मार्च से रमजान का रोजा शुरु हुआ है। 9 अप्रैल को रमजान का महीना खत्म हो जाएगा। इसके बाद 11 अप्रैल को इद मनाई जायेगी।

हिंदुओं के लिए कार्तिक पूर्णिमा तो मुस्लिमों के लिए माहे रमजान होता है पवित्र-मोक्ष का महिना..

भारत में रमजान का महीना इस साल में 12 अप्रैल से शुरु हुआ। इस दिन से देश भर के मुसलमान रोजा रखना शुरु कर दिए,दिन में 5 बार नमाज का आयोजन भी मस्जिदों में शुरु हो गया है। इस्लाम में रमजान महीनें का बहुत महत्व है। यह इस्लामिक कैलेंडर का 9वां महीना है। रमजान महीना इस्लाम में शाबान महीने के बाद आता है, जो इस्लामिक कैलेंडर का आठवां महीना होता है। रमजान महीना इस्लामिक कैलेंडर का पवित्र महीना है। इस महीने में मुसलमान रोजा (उपवास) रखते हैं। जो शाम में मगरिब के समय शाम में सूरज डूबने के उपवास खोला जाता है। इस्लाम में रमजान को पवित्र महीना कहा जाता है इसलिए इस महीने का विशेष महत्व है। इस महीने 
में आपको दिन में 5 बार नमाज अनिवार्य रुप से पढ़नी चाहिए। अपने जकात और फितरा को (एक प्रकार का इस्लामिक कर) को ईद से पहले जरुरतमंदो को अदा कर देनी चाहिए। ऐसा करने से ईश्वर आपके पाप को माफ कर देता है। इन कामों को करने से आपकी बहुत सारी मुरादें पूरी हो सकती हैं। रमजान के महीने में ज्यादा से ज्यादा नेक काम करें। इस पाक महीने में ज्यादा से ज्यादा आपको गरीबों की मदद करनी चाहिए। जो गरीब है उसके खाने और इफ्तार का इंतजाम भी कर सकते हैं। किसी की बात को दिल से न लगाएं। लोगो की छोटी से छोटी गलतियों को माफ करें। अपने मन में बुरे ख्याल न आने दें। किसी की बुराई न करें। इस महीने इस्लाम के अनुयायी रोजा रखने के साथ दिन की 5 नमाजों को पाबंदी के साथ अदा करते हैं। 
इसमें रात की नमाज जिसको इसा की नमाज कहा जाता है उसमें तरावी की नमाज होती है। तरावी रमजान के महीने में रात की नमाज अदा करने के बाद विशेष रुप से पढ़ी जाती है। इस महीने में दुनिया भर के मुसलमान ज्यादा से ज्यादा इबादत करते है। इस महीने को मुसलमानों के लिए मोक्ष का महीना माना जाता हैं।

पर्यटक स्थलों के लिए चलेगी इलेक्ट्रिक बसें 30% किराया कम 0 % प्रदूषण....

केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आने वाले दिनों के लिए मेगा प्‍लान बताया है। उन्होने बताया कि दिल्ली से सभी पर्यटक स्थलों के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।  ताकि यात्रियों को किराए में छूट के साथ प्रदूषण मुक्त सफर मिल सके। यही नहीं परिवहन मंत्री ने ये भी बताया कि अगले पांच साल में देश के लगभग सभी शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। जिसके 
बाद देश से प्रदूषण काफी हद तक समाप्त हो जाएगा। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, इलेक्ट्रिक बसों के आने से पर्यटकों और यात्रियों को भी फायदा होगा। क्योंकि इलेक्ट्रिक बसों में सामान्य बसों की तुलना में 30 फीसदी तक किराया कम होगा। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि देश में बैटरी का निर्माण शुरू होने के बाद इसकी कीमतों में तेजी से गिरावट आ रही है। उन्होने बताया कि देश में लीथियन आधारित बैटरी का उत्‍पादन 3 गुना से भी ज्‍यादा बढ़ चुका है। जिससे इंडिया को काफी फायदा होने वाला है।  क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन में सबसे ज्यादा कीमत बैटरी की ही होती है। लीथियम ऑयन बैटरी की कीमत 150 डॉलर प्रति किलोवॉट से गिरकर 120 डॉलर प्रति किलोवॉट तक आ चुकी है। यदि लीथियम की बैटरी की कीमतों में और कटौती होती है तो इलेक्ट्रिक वाहन मे आने वाला खर्च लगभग 10 फीसदी तक कम हो जाएगा।
यदि आप पेट्रोल डीजल में प्रतिमाह 20 हजार रुपए खर्च कर रहे हैं तो इलेक्ट्रिक में सिर्फ 2 हजार रुपए ही खर्च कर पाएंगे। बताया जा रहा है कि बहुत जल्द देश से पेट्रोल-डीजल की निर्भरता खत्म हो जाएगी। साथ ही देश को प्रदूषण मुक्त भी बनाया जाएगा। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के पीछे सरकार का यही उद्देश्य है।

11 हैवी व्हिकल [गाड़ियों] के ड्राइविंग लाइसेंस है 71 साल की मणि अम्मा के पास...

राधामणि अम्मा उर्फ मणि अम्मा, भारत की ऐसी इकलौती महिला हैं जिनके पास इस उम्र में 11 अलग-अलग कैटेगरी के गाड़ियों के ड्राइविंग लाइसेंस हैं। उनके पास मोबाइल क्रेन, रफ ट्रेन क्रेन, अर्थ मूवर्स, फोर्क लिफ्ट, ट्रेलर जैसी गाड़ियों का भी लाइसेंस है। इन सब से ज्यादा खास बात ये है कि बस-ट्रक हो या फिर भारी JCB हर वाहन के स्टीयरिंग पर राधामणि अम्मा अपनी उंगलियां नचा चुकी हैं। जिनमें ट्रक, ट्रैक्टर, बड़े-बड़े ट्राले और यहां तक कि बुलडोजर व क्रेन भी शामिल हैं। उम्र के इस 
पड़ाव में भी बुलडोजर चलाने के कारण लोग उन्हें बुलडोजर अम्मा और बुलडोजर वाली दादी कहते हैं। दरअसल, राधामणि अम्मा की मानें तो उन्हें इन सब की प्रेरणा 30 साल की उम्र में उनके पति द्वारा मिली थी। वो बताती हैं कि उन्होंने मिलकर एक भारी वाहन ड्राइविंग स्कूल की स्थापना की। तभी भारी वाहन चलाने का लाइसेंस भी मिला था। उन्होंने बताया कि, उस जमाने में केरल में हैवी व्हिकल लाइसेंस मिलना कोई आसान बात नहीं थी। इसके अलावा राधामणि अम्मा ये भी बताती हैं कि कैसे मैंगलोर में उन्होंने व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया। यही नहीं लाइसेंस प्राप्त करने में भी उनकी मदद की थी। कुछ समय बाद मणि अम्मा और उनके पति की मेहनत रंग लाई और उन्हें केरल में पहला भारी वाहन ड्राइविंग स्कूल स्थापित करने की अनुमति मिली। 
इस समय वो अपना एक ड्राइविंग इंस्टीट्यूट चला रही हैं। राधामणि अम्मा ने ये भी बताया कि 2004 में पति के देहांत के बाद शुरुआत में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा,लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और ड्राइविंग स्कूल की कमान संभाली। समय के साथ उनका A to Z ड्राइविंग स्कूल, A to Z ड्राइविंग इंस्टिट्यूट में बदल गया।

Sunday, March 17, 2024

चुनावी बांड के पैसे से बीजेपी ने सरकार, विधायक, सांसद खरीदे,मोदी सरकार से करप्ट कोई नहीं है…जीतू पटवारी

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कल आचार संहिता लगी, चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। पटवारी ने कहा,मध्य प्रदेश में भी चुनाव है,लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद जिस तरह भारतीय जनता पार्टी और पीएम नरेंद्र मोदी की गारंटियां पूरी नहीं हुईं,इससे आम जनता हताश और निराश है। उन्होंने कहा,मध्य प्रदेश की जनता कांग्रेस पार्टी की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रही है। 2014 से लेकर 2023 तक एक भी मोदी गारंटी पूरी नहीं हुई। जीतू पटवारी ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में 

शामिल होने वाले नेताओं पर जुबानी हमला बोला. हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश पचौरी का नाम लिए बिना जीतू पटवारी ने कहा कि अभी हमारे एक वरिष्ठा नेता गए हैं, वे तीसरी रो में बैठक फोटो खिंचवा रहे हैं। पटवारी ने कहा कि जो लोग छोड़कर गए उनका कितना सम्मान बचा सब देख रहे हैं। इलेक्टोरल बांड को लेकर जीतू पटवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनावी बांड के पैसे से बीजेपी ने सरकार, विधायक, सांसद खरीदे। इलेक्टोरल बांड करप्शन सामने आने के बाद साफ हो गया कि मोदी सरकार से करप्ट कोई नहीं है। उन्होंने कहा, चुनावी बांड जबरन वसूली का उदाहरण बना है। सुप्रीम कोर्ट की लताड़ के बाद डाटा सामने आया है। 
जीतू पटवारी ने इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि वे पर्ची वाले मुख्यमंत्री हैं,सीएम अपरिपक्व हैं। मध्य प्रदेश में हर जगह लूट मची है। अधिकारियों की स्थिति नहीं संभल रही है,कई पद खाली पड़े हैं। वह एक नाकाम मुख्यमंत्री साबित हुए। मध्य प्रदेश में किसानों के हक की लड़ाई कांग्रेस पूरे दम से लड़ती रहेगी।
 
 

BPSC Paper Leak एडमिट कार्ड में ही उत्तर कॉपी, तेजस्वी यादव ने बताई हकीकत....

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बिहार लोक सेवा आयोग की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई)-3 में कथित प्रश्न पत्र लीक होने के संबंध में झारखंड के हजारीबाग जिले में 270 से अधिक अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया है आर्थिक अपराध इकाई द्वारा शनिवार को जारी बयान के अनुसार, ईओयू के अधिकारियों ने एक खुफिया सूचना के आधार पर 14 और 15 मार्च को हजारीबाग में कई स्थानों पर तलाशी ली और पाया कि बिहार में कई स्थानों से लाए गए टीआरई-3 के अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए गए थे। 
जहां बिहार में बीपीएससी पेपर लीक (BPSC Paper Leak) का मामला अभी गरमाया हुआ है इस मुद्दे को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए रविवार को एक्स पर एक एडमिट कार्ड का फोटो शेयर किया है, जिसमें उत्तर लिखा हुआ हैइस फोटो के साथ उन्होंने लिखा कि 'बीपीएससी शिक्षक भर्ती के तीसरे चरण में प्रतियोगी परीक्षाओं के विश्व इतिहास में प्रथम बार एडमिट कार्ड में ही आंसर की बताई जा रही हैतेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा कि हमारे 17 महीनों का सुनहरा कार्यकाल जिसमें पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से युवाओं को 4 लाख से अधिक नौकरियां दी गई, वह बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं का स्वर्णिम काल था 
अब नीतीश-बीजेपी सरकार ने डेढ़ महीने में ही 17 साल के पुराने कारनामों को दोहराते हुए नकल माफिया को इतना प्रोत्साहन दे दिया कि बीपीएससी शिक्षक भर्ती के तीसरे चरण में प्रतियोगी परीक्षाओं के विश्व इतिहास में प्रथम बार एडमिट कार्ड में ही आंसर की बताई जा रही है और तो और पेपर लीक कराने वाले नकल माफिया को बचाने के लिए इनके वरिष्ठ मंत्री प्रशासन पर दबाव बना रहे हैंपुलिस को फोन कर रहे मंत्रियों का नाम-बूझों तो जाने?

मिसगाइड करने में माहिर है अरविंद केजरीवाल….बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का दावा है कि प्रधानमंत्री सुनिधि योजना से अब तक दिल्ली के 1,75,714 रेहड़ी-पटरी वाले लाभान्वित हो चुके हैं। इन लोगों को कुल मिलाकर 238.51 करोड़ रुपये छोटे-छोटे लोन के रूप में दिए गए हैं। इसलिए केजरीवाल को पता होना चाहिए कि अब वे फेरीवालों और अन्य रेहड़ी-पटरी वालों को गुमराह नहीं कर सकते। उन्होंने ये भी बताया कि साल 2021-22 में तत्कालीन तीनों एमसीडी में बीजेपी प्रशासन ने फेरीवालों के लिए स्ट्रीट वेंडर्स पॉलिसी को अंतिम रूप दिया था, लेकिन पिछले साल के दौरान आम आदमी पार्टी का प्रशासन इस पॉलिसी पर कुंडी मारकर बैठ गया। वेंडर पॉलिसी के तहत दूसरे सर्वेक्षण को आगे नहीं 
बढ़ाया। सीएम हॉकर्स नीति सर्वेक्षण लाने की झूठी उम्मीदों और अपने लुभावने शब्दों से फेरीवालों को गुमराह करने की कोशिश में अभी से जुट गए हैं।  सचदेवा ने दिल्ली के लोगों विशेषकर हॉकरों को गुमराह करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की निंदा की है।  उन्होंने कहा कि केजरीवाल अच्छी तरह से जानते हैं कि केंद्र सरकार की सुनिधि योजना से लाभान्वित होने के कारण न केवल दिल्ली बल्कि पूरे भारत के फेरीवाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं। वह अब फेरीवालों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। 
दरअसल,दो दिन पहले सीएम अरविंद केजरीवाल ने राजधानी दिल्ली के सभी रेहड़ी पटरी वालों के लिए बड़ा अनाउंसमेंट किया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली के साथ अब आम आदमी पार्टी की सरकार MCD में भी है तो हमारे रेहड़ी पटरी वाले भाईयों को सालों से हो रही परेशानी का निपटारा किया जाएगा।  MCD द्वारा सभी रेहड़ी पटरी वालों का सर्वे कराने का फैसला लिया गया है,ताकि आने वाले समय मे सभी रेहड़ी पटरी वालों के लिए तय जगह पर दुकान दी जा सके। उनके कारोबार को व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि वो अपने काम को व्यवस्थित तरीके से चला सकें।

दत्तात्रेय होसबाले बने RSS के सरकार्यवाह....

दत्तात्रेय होसबाले का जन्म 1 दिसंबर 1954 को कर्नाटक के शिमोगा जिले के होसबाले गांव में हुआ था। विश्व संवाद केंद्र, भारत के अनुसार, दत्तात्रेय होसबाले का परिवार पहले से ही आरएसएस से जुड़ा हुआ था, इसलिए 1968 में वह भी संघ में शामिल हो गए। वह जब संघ के स्वयंसेवक बने तब वह 13 वर्ष के थे। उन्होंने बैंगलोर विश्वविद्यालय से अंग्रेजी से पोस्ट ग्रेजुएशन की थी। एक जानकारी के अनुसार, देश में आपातकाल के दौरान दत्तात्रेय होसबाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्य थे और आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम (एमआईएसए) के तहत 14 महीने से ज्यादा समय तक जेल में रहे थे। वह 1972 में एबीवीपी से से जुड़े थे। राष्ट्रीय 

स्वयं सेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह पद पर दत्तात्रेय होसबाले को फिर से चुना गया हैउन्हें आरएसएस की प्रतिनिधि सभा ने 2024 से 27 तक के लिए फिर से इस पद पर चुना है संघ में जनरल सेक्रेटरी (महासचिव) को सरकार्यवाह कहते हैं दत्तात्रेय होसबाले 2021 से सरकार्यवाह की जिम्मेदारी निभा रहे हैंछह साल के अंतराल के बाद आरएसएस की वार्षिक तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा उसके मुख्यालय नागपुर में आयोजित की गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नई कार्यकारिणी में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से 2024-27 के कार्यकाल के लिए 6 सहसरकार्यवाह नियुक्त किए गए हैं। जिनमे कृष्ण गोपाल,मुकुंद,अरुण कुमार,रामदत्त चक्रधर,अतुल लिमये,आलोक कुमार शामिल है। 

Saturday, March 16, 2024

दिव्यांगों के चेहरे पर खुशी ही मेरी कमाई है,केंद्रीय मंत्री श्री. नितिन गडकरी: सौर ऊर्जा चलित मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल का वितरण

नागपुर:- मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि नागपुर सहित विदर्भ में किसी को भी शारीरिक विकलांगता के कारण जीविकोपार्जन में कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य से कृत्रिम अंग प्रत्यारोपित करने, ट्राइसाइकिल देने का काम चल रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि दिव्यांगों के चेहरे पर खुशी ही मेरी सबसे बड़ी कमाई है। श्री। नितिन गडकरी ने आज (शनिवार) कियाकेंद्रीय मंत्री श्री. नितिन गडकरी द्वारा संकल्पित, एकीकृत क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास और विकलांगता सशक्तिकरण केंद्र (सीआरसी) की ओर से और आंध्र प्रदेश मेड टेक जोन (एएमटीजेड) विशाखापत्तनम के विशेष सहयोग से नागपुर में दिव्यांगों को सौर 
ऊर्जा चालित मोटर चालित तिपहिया साइकिलें वितरित की गईं। शनिवार (16 मार्च) सुबह 11 बजे मंत्री आवास पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया श्री गडकरी ने कहा,मुझे शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों, गरीबों की सेवा करने में मजा आता है और यही मेरे लिए असली राजनीति हैट्राइसाइकिल मिलने के बाद दिव्यांगों को रोजगार का एक बड़ा साधन उपलब्ध हो गया है। उनके चेहरे पर खुशी बेहद संतुष्टिदायक है 'जे का रंजले गांजले, त्यासी जो आपुलेन... वह साधु जानें, वहां भगवान जानें' पंक्ति से तुकाराम महाराज कहते हैं कि सेवा ही धर्म है। मैं इसी तर्ज पर काम करता हूं। नागपुर लोकसभा क्षेत्र के सभी लोग मेरा परिवार हैं। मैं हर किसी के जीवन को सहनीय 

बनाने की कोशिश करता हूं। मैं सारा काम नहीं कर सकता,लेकिन मेरी कोशिशें लगातार जारी हैं और इसे करते वक्त मैं जात-पात, धर्म के बारे में नहीं सोचता श्री नितिन गड़करी ने कहा इस गाड़ी की स्पीड 23 किमी प्रति घंटा तक है जो सौर ऊर्जा से 5 घंटे में फुल चार्ज हो जाती है। इसके अलावा यह अधिकतम 40 किमी का माइलेज देने की क्षमता रखती है। एक बहुत ही मजबूत डिजाइन और कॉम्पैक्ट फॉर्म फैक्टर, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल में एक इलेक्ट्रिक ब्रेक कंट्रोल सिस्टम भी शामिल है। दिलचस्प बात यह है कि इस गाड़ी की इलेक्ट्रिक चार्जिंग भी संभव है। उस उद्देश्य के लिए एक पावर केबल प्रदान की जाती है। एडजस्टेबल हैंडल और बैटरी लेवल इंडिकेटर ट्राइसाइकिल की कुछ अन्य विशेषताएं हैं।

मेरे कार्यकर्ता ही मेरा परिवार हैं - केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गड़करी

नागपुर:- पिछले दस वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने जो काम किया है उसे जनता तक पहुंचाना बहुत जरूरी हैइसके लिए जनता से सीधा संपर्क जरूरी है और यह काम कार्यकर्ता ही कर सकते हैं। क्योंकि उनकी मेहनत अहम है केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने जोर देकर कहा कि मैं अपने कार्यकर्ताओं को अपना परिवार मानता हूं। श्री नितिन गडकरी ने पश्चिमनागपुर के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के साथ तेलंगखेड़ी बगीचा में आयोजित सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, मैं अपने बच्चों से उतना ही 

प्यार करता हूं जितना मैं अपने कार्यकर्ताओं से करता हूं क्योंकि मेरे राजनीतिक उत्तराधिकारी मेरे कार्यकर्ता हैं। वे स्थायी हैं मैं जात-पात-धर्म में विश्वास नहीं रखता विरोधी हमारी पार्टी के बारे में भ्रम फैलाएंगे, लेकिन कार्यकर्ताओं को अपने विचारों और पार्टी पर 

कायम रहना चाहिएइसी उद्देश्य से हम चुनाव में काम करना चाहते हैं। हमने कोरोना के दौरान लोगों की जान बचाने का काम किया। जाति-धर्म का विचार नहीं किया गयाजनसेवा ही एकमात्र उद्देश्य थाउन्होंने यह भी कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास की नीति अपनाई गई है उन्होंने चुनाव में नागरिकों से सीधे संपर्क पर जोर देने के भी निर्देश दिये। 

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...