Thursday, April 25, 2019

नही हो पाते जल्दी फैसले क्योकि हाई कोर्टों के हर जज के सामने करीब 4,500 मामले लंबित....सरकार


विधि मंत्रालय के अनुसार प्रत्येक हाई कोर्ट के जज के सामने लगभग 4,500 लंबित मामले हैं जबकि अधीनस्थ न्यायपालिका के प्रत्येक जज को लगभग 1,300 लंबित मामलों का निपटारा करना है। राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड के अनुसार, 2018 के अंत में, जिला और अधीनस्थ अदालतों में 2.91 करोड़ मामले लंबित थे जबकि 24 उच्च न्यायालयों में 47.68 लाख मामले लंबित थे। तेलंगाना का अपना उच्च न्यायालय बनने के बाद एक जनवरी से देश में उच्च न्यायालयों की संख्या 25 हो गई है। आंकड़े के अनुसार उच्च न्यायालयों में प्रति न्यायाधीश 4,419 मामलें लंबित हैं और प्रत्येक निचली अदालत के न्यायाधीश के सामने 1,288 मामले हैं। 
इसमें कहा गया है कि अधीनस्थ न्यायालयों की स्वीकृत संख्या 22,644 है, जिसमें इस समय 17,509 न्यायिक अधिकारी हैं। इस तरह 5,135 न्यायिक अधिकारियों की कमी है। इसी तरह उच्च न्यायालयों में स्वीकृत संख्या 1,079 हैं जिसमें फिलहाल 695 न्यायाधीश है और इस तरह 384 न्यायाधीशों की कमी है। कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने हाल में उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से आग्रह किया था कि वे निचली न्यायपालिका के लिए न्यायिक अधिकारियों की भर्ती में तेजी लाए
क्योंकि उनके अनुसार मामलों के अधिक संख्या में लंबित होने के मुख्य कारणों में से एक न्यायिक अधिकारियों के रिक्त पदों को भरने में अत्यधिक विलंब है। मंत्री ने मुख्य न्यायाधीशों से निचली अदालतों के लिए न्यायाधीशों की भर्ती के वास्ते समय पर परीक्षा और साक्षात्कार लिए जाने का अनुरोध किया था।

खाने पीने का कोई भी आइटम किसी ऐसी चीज से पैक नहीं होगा, जो सेहत के लिए नुकसानदायक होगा.... फूड पैकेजिंग के नए नियम


एफएसएसआई (fssai)  फूड पैकेजिंग के नए नियमों पर लंबे समय से काम कर रही है। मौजूदा नियमों के मुताबिक पैकेजिंग के लिए एल्यूमिनियम, ब्रास, कॉपर, प्लास्टिक और टिन का इस्तेमाल किया जाता है,लेकिन अब खाने-पीने की चीजों की पैकेजिंग में शरीर को हानी पहुंचाने वाले खनिज का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एफएसएसआई की तरफ से यह कदम उठाया जा रहा है। जिस खनिज से किसी भी फूड की पैकेजिंग की जाएगी, उसकी मात्रा तय की जाएगी। साथ ही रीसाइकल किया गया प्लास्टिक भी पैकिंग में प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। 
नए नियम के तहत सस्ते और घटिया किस्म के उत्पाद पैकिंग में इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे। मिनरल वाटर या पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर ट्रांसपेरेंट, कलरलेस डिब्बे में ही पैक होंगे। एक अनुमान के मुताबिक 2020 तक भारत का फूड मार्केट 18 बिलियन डॉलर का होगा।  साल 2016 में यह मार्केट 12 अरब डॉलर का है। यही नहीं एफएसएसआई का मानना है कि इससे खाद्य पदार्थों की बर्बादी को भी रोका जा सकेगा। नए नियमों में साफ लिखा होगा कि जिस भी खनिज का इस्तेमाल पैकेजिंग में हो रहा है उसकी मात्रा क्या होगी। खाने पीने का कोई भी आइटम किसी ऐसी चीज से पैक नहीं होगा, जो सेहत के लिए नुकसानदायक होगा। 
साथ ही नए नियमों के तहत मल्टीलेयर पैकेजिंग की जाएगी, ताकी खाने की चीजें सीधे पैकेट के टच में न आ सके। इसके अलावा सेहत का ध्यान रखने के लिए प्रिंटिंग इंक का भी खास ध्यान रखा जाएगा। न्यूज पेपर या किसी भी प्रकार से लिखे हुए कागज से कुछ भी पैक करना गलत होगा। अभी बीआईएस के पास पैकेजिंग के नियम थे, लेकिन ये अनिवार्य नहीं थे,लेकिन अब एफएसएसआई के नियम अनिवार्य होंगे।  बीआईएस पैकेजिंग से ज्यादा लेबलिंग पर ध्यान देता है,लेकिन अब एफएसएसआई ने फूड पैकेजिंग को तीन हिस्सों में बांट दिया है। 
पैकेजिंग, लेबलिंग और क्लेम एंड एडवरटाइजमेंट। जिसमें से पैकेजिंग के नियम आने जा रहे हैं, क्लेम एंड एडवरटाइजमेंट के नियम आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार एफएसएसएआई (fssai) इसको लेकर इसी हफ्ते नोटिफिकेशन जारी कर सकती है। नया नियम लागू होने के बाद खान-पीने की चीजों की पैकेजिंग पूरी तरह बदल जाएगी।

कांग्रेस और भाजपा ने पिछले 70 साल में देश को लूटा है, जो काम कांग्रेस और भाजपा नहीं कर पाई वह आप पार्टी ने कर दिखाया....अरविंद केजरीवाल


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की जोड़ी को देश के लिये खतरनाक बताते हुए आरोप लगाया कि जिस तरह से उन्होंने बिना सोचे समझे और किसी से पूछे बगैर नोटबंदी की, उससे यह साफ जाहिर होता है कि या तो उनकी नीयत और नीति खराब है या उनकी सोच बुरी है। आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव देश के लिये बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मोदी और शाह की जोड़ी को बाहर का रास्ता दिखाएं। केजरीवाल रैली में लोगों को संबोधित करते हुए दिल्ली में स्कूलों और अस्पतालों का जिक्र किया और कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधते हुए हरियाणा सरकार की खामियां गिनायीं। 
उन्होंने कहा,पिछले 70 साल में दिल्ली में जो काम कांग्रेस और भाजपा नहीं कर पाई उनकी पार्टी ने वह काम दिल्ली में सिर्फ चार साल में कर दिखाया है।  कांग्रेस और भाजपा ने पिछले 70 साल में देश को लूटा है और अब भी लूट रहे हैं। उन्होंने कहा, दिल्ली के स्कूल और अस्पताल आज अच्छी हालत में हैं। यही नहीं 10 लाख रुपये तक के ऑपरेशन भी मुफ्त किये जा रहे हैं। मोहल्ला क्लिनिक में आम आदमी को आज डॉक्टर मौजूद मिलते हैं और इलाज भी मुफ्त मिलता है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में एक रुपया प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध है लेकिन हरियाणा में सात रुपये यूनिट बिजली दी जा रही है।
पत्रकारों से बात करते हुए केजरीवाल ने हरियाणा की जनता से अपील की की आने वाला लोकसभा चुनाव देश के लिए बहुत महत्पूर्ण है और मोदी-अमित शाह की जोड़ी देश के लिए खतरनाक है क्योंकि प्रधानमंत्री ने बिना सोचे और बिना पूछे जिस तरह से नोटबंदी की उससे साफ़ जाहिर है की या तो उनकी नीयत खराब है या फिर उनकी सोच खराब है। इसलिए इस जोड़ी को आने वाले चुनाव में बाहर का रास्ता दिखाना होगा। उन्होंने कहा की नोटबंदी के चलते देश के लोगों का रोजगार खत्म हो गया, फैक्ट्रियां और दुकाने बंद हो गयीं।

सेक्स से जुड़े उन आठ गंभीर रोगों की जानकारी होनी चाहिए हर जवान लड़के-लड़कियों को....


 आमतौर पर देखा गया है की आज के युवा सेक्स के प्रति जागरूक जरूर है लेकिन कई ऐसी बाते है जिसे वे नजर अंदाज कर देते है। यह तो सभी को पता ही होता है की यौन संक्रमण से HIV ( ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस) यानी एड्स जैसे रोग होने की संभावनाए बड़ जाती है। यौन संचारित रोग या एसटीडी (STDs) यौन संपर्क के माध्यम से संक्रमित संक्रमण होते हैं। ये रोग किसी भी प्रकार की यौन गतिविधि के माध्यम से फैल सकते हैं। 
 आजकल के जवान लड़के-लड़कियों में एसटीडी को लेकर कई गलत धारणाएं हैं। तेजी से बदलते लाइफस्टाइल का असर यह है कि कई लड़के-लड़कियां एक से अधिक लोगों के साथ यौन रिश्ता रखते हैं। आपको बता दें कि आपके इस कदम से आप कई जानलेवा बीमारियों की गिरफ्त में आ सकते हैं। दिल्ली के मशहूर सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर विनोद रैना आपको कुछ ऐसी ही बीमारियों के बारे में बता रहे हैं जो सीधे रूप से किसी भी तरह की यौन गतिविधि से जुड़ी हैं। आपको इनके कारण और लक्षणों की जानकारी होनी चाहिए ताकि आप खुद को और अपने साथी को जोखिम से बचा सकें। 
1) क्लैमाइडिया (Chlamydia) :- क्लैमाइडिया बैक्टीरिया से होने बाला यौन संचरित संक्रमण (STD) है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों में होता है। इससे महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा में संक्रमण, पुरुषों में मूत्रमार्ग, गुदा और गले पुरुषों और महिलाओं दोनों की आंखों में संक्रमण हो सकता है। यह खतरनाक बीमारी महिलाओं के गर्भवती होने की क्षमता को भी बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। इससे पीड़ित महिलाओं को उनके पेल्विक हिस्से में लगातार दर्द होता रहता है। कुछ मामलों में इससे शिकार महिलायें गर्भधारण करने की क्षमता पूरी तरह खो देती हैं।
2) गोनोरिया (Gonorrhoea) :- गोनोरिया, निसेरिया गोनोरीए नामक बैक्टीरिया से होता है। यह वायरस बहुत तेजी से फैलता है। यह आपके गले, मूत्र नली, योनि और गुदा को संक्रमित कर सकता है। हालांकि इसका इलाज संभव है, लेकिन इसके दुष्‍प्रभावों को रोकने के लिए सही समय पर इलाज किया जाना जरूरी है। असुरक्षित यौन, गुदा या मुख मैथुन गोनोरिया के मुख्‍य कारण हो सकते हैं। इसके लिए किसी दूसरे व्यक्ति का वीर्यपात का होना जरूरी नहीं है। यह संक्रमण गर्भवती महिलाओं से उनके होने वाले बच्‍चों में भी हो सकता है। किसी नए साथी के साथ सेक्स करने या एक से अधिक लोगों के साथ सेक्स करने से गोनोरिया का खतरा बढ़ जाता है। 
3) ट्रिकोमोनिसिस (Trichomoniasis):- ट्रिकोमोनिसिस परजीवी की वजह से होने वाला यौन संचारित रोग है। संक्रमित साथी के साथ संभोग से आपको यह हो सकता है। कई लोगों में लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। यदि आपको लक्षण दिखाई देते हैं तो सामान्यतः ये संक्रमित होने के 5 से 28 दिन बाद होते हैं। इसकी वजह से महिलाओं को वैजिनाइटिसया योनिशूल हो सकता है। इसके लक्षणों में शामिल हैं- योनि से पीला या हरा स्राव, सेक्स के दौरान पीड़ा, योनि की बदबू, पेशाब में जलन, योनि में या इसके आसपास खुजली। ज्यादातर पुरुषों में कोई लक्षण नहीं होता है। यदि होता है तो उनके लिंग से सफेद स्राव हो सकता है या पेशाब और वीर्यपात में दर्द या कठिनाई हो सकती है। 
4) एचआईवी (HIV):- एचआईवी ( ह्यूमन इम्यूनो डेफिशियेंसी वायरस) वायरस के संक्रमण से मनुष्य में एड्स होता है। एचआईवी मनुष्य की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून) को खत्म देता है। जिससे मनुष्य अन्य बीमारियों से लड़ने की ताकत को खो देता है। इसीलिए एड्स को सिंड्रोम कहते हैं। एड्स से बीमार आदमी को कोई अन्य बीमारी हो जाए तो ज्यादातर चांस होता है कि उस बीमारी का इलाज नहीं हो पाएगा। इसलिए आप कह सकते हैं कि एड्स का मरीज एड्स के कारण नहीं मरता है, वह तो किसी अन्य बीमारियों या संक्रमण या दोनों से मरता है। 
5) हर्पीस (Herpes):-  ओरल हर्पीस ओरल हर्पीस में मुंह या होंठो पर इंफेक्‍शन हो जाता है जिसकी वजह से उस जगह पर लाल रंग के दर्द भरे छाले निकल आते हैं। यह दानें दाद की तरह दिखाई देते हैं। ओरल हर्पीस एचएसवी 1 वायरस और संक्रमित व्‍यक्‍ति से ओरल सेक्‍स से फैलता है। यहां तक कि अगर आप रोगी का लिप बाम भी शेयर कर रहे हों तो भी आपको यह हो जाएगा। जेनाइटल हर्पीस यौन-अंगों के ऊपर अथवा आसपास या गुदा मार्ग में छाले दिखाई देते हैं। इनमें जलन और खुजलाहट होती है। एक बार ठीक होने के बाद कुछ हफ्तों अथवा महीनों के बाद ये छाले फिर से हो सकते हैं। 
6) जेनाइटल वार्टस (Genital Warts) :- जेनाइटल वार्टस पूरे विश्व में सबसे आम पाया जाने वाला यौनसंचारित रोग है। इसमें जननांगों पर मस्‍से (वार्टस) हो जाते है। जननांगों पर मस्से होने का कारण ह्यूमन पैपीलोमावारस (एचपीवी) होता है। जननांग पर होने वाले वार्टस का कोई इलाज नहीं है। यह या तो अपने-आप ठीक हो जाते हैं अथवा इन्हें दबाने के लिए आपको उपाय तलाशने होते हैं। जेनाइल वार्टस, लिंग, योनि या गुदा (जननांगों) पर एचपीवी संक्रमण हो सकता है, इसके साथ-साथ यह आपके मुंह और गले में भी हो सकता है। वार्टस का पता नहीं होने से एचपीवी से संक्रमित अधिकांश लोगों को इसके बारे में पता नहीं चलता। फिर भी संक्रमित व्यक्ति से यह दूसरों को हो जाता है। 
7) हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B) :- यह एक संक्रामक बीमारी है, जो हेपेटाइटिस बी वायरस (एचबीवी) के कारण होती है। यह बीमारी लीवर को संक्रमित करती है। यह बीमारी धीरे-धीरे खतरनाक रूप ले लेती है। इससे सिरोसिस (लीवर की संरचना में क्षति, जिससे उसके क्रियाकलाप प्रभावित होते हैं),लीवर का काम नहीं करना, लीवर कैंसर आदि हो जाते हैं। हेपेटाइटिस बी यौन क्रिया के द्वारा भी फैल सकता है। 
8) सिफलिस (Syphilis):- सिफलिस एक व्‍यक्ति से दूसरे व्‍यक्ति में फैलने वाली यौन संचारित बीमारी है। सिफलिस की शुरुआत ट्रेपोनेमा पल्लिडम नामक जीवाणु से होती है। यदि गर्भवती महिला को यह बीमारी है, तो यह उसके गर्भ में पल रहे बच्‍चे को भी हो सकती है। जब आप किसी सिफलिस से संक्रमित किसी व्‍यक्ति से संबंध बनाते हैं, तो यह बीमारी 9 से 10 दिन बाद शुरू हो जाती है। इसमें होने वाला घाव संक्रमण के स्थान पर फुन्सी यानी सूजन के साथ शुरू होता है। कुछ दिनों बाद उस जगह पर छाला बन जाता है। महिलाओं में घाव योनि के बाहर या अन्दर या गर्भाशयग्रीवा में हो सकता है। 

Wednesday, April 24, 2019

पढ़े बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निष्पक्ष और पूरी तरह से गैर राजनीतिक इंटरव्यू की दिलचस्प बाते....


बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निष्पक्ष और पूरी तरह से गैर राजनीतिक  इंटरव्यू के दौरान पीएम की निजी जिंदगी से जुड़े तमाम सवाल किए। इस दौरान अक्षय ने पीएम से उनकी स्कूली जीवन से लेकर राजनीतिक सफर से जुड़े प्रश्न पूछे। पीएम ने इस दौरान परिवार, खान-पान और हंसी-मजाक से जुड़े तमाम किस्से भी साझा किए। इस दौरान एक सवाल के जवाब में पीएम ने कहा मेरे अंदर भी गुस्सा होता होगा लेकिन मैं उसे व्यक्त करने से रोक लेता हूं। इसी इंटरव्यू के दौरान अक्षय कुमार ने पीएम से उनके बैंक अकाउंट से जुड़ा सवाल पूछा तो इस बारे में उन्होंने यह जानकारी दी। प्रश्न : आपका बैंक बैलेंस कितना है? प्रधानमंत्री मोदी ने बैंक बैलेंस के सवाल पर बताया कि विधायक बनने से पहले मेरा बैंक खाता नहीं खुला था। 
विधायक बनने के बाद ही मेरा बैंक अकाउंट खुला था। इसके बाद मैं गुजरात का सीएम बना तो अकाउंट में वेतन आना शुरू हो गया,लेकिन इन पैसों की मुझे कोई जरूरत नहीं थी। मैंने वेतन से इकट्ठा हुए इस पैसे में से 21 लाख रुपये सचिवालय के ड्राइवर, सेक्रेटरी के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिए दे दिए। उन्होंने बताया सरकार की तरफ से एक प्लॉट मिलता है, कुछ कम दाम में मिलता है। फिर मैंने वो पार्टी को दे दिया। हालांकि कुछ नियम है जिस पर सुप्रीम कोर्ट में मामला है। जैसे ही वह क्लीयर होगा, प्लॉट मैं पार्टी के नाम कर दूंगा। इससे पहले उन्होंने बताया कि बचपन में स्कूल में देना बैंक वाले अधिकारी आए थे। उन्होंने उस दौरान स्कूली बच्चों को गुल्लक दी और कहा कि इसमें पैसे एकत्रित करके हर महीने जमा कराना,लेकिन मेरी गुल्लक में पैसे नहीं थे तो खाते में भी पैसे जमा नहीं हुए। इसके बाद मैं गांव छोड़कर चला गया।  30-32 साल बाद बैंक अधिकारियों को पता चला कि मैं अब राजनीति में हूं। तब वो मेरे पास आए और अकाउंट बंद कराने के लिए मेरे से हस्ताक्षर कराए। 
इंटरव्यू के दौरान अक्षय कुमार ने पीएम से सबसे पहला सवाल किया कि मेरे ड्राइवर की बेटी ने सवाल पूछा था कि क्‍या हमारे पीएम आम खाते है। अगर खाते हैं तो क्‍या काटकर खाते हैं या आम तौर पर जैसे गुठली के साथ बिना काटे खाया जाता है, वैसे खाते हैं? इसके जवाब में पीएम ने कहा कि, हां मैं आम खाता भी हूं और मुझे पसंद भी है। गुजरात में तो आम रास की परंपरा भी है।   जब मैं छोटा था तो आम खरीदना हमारे बस की बात नहीं थी। दरसअल, हमारे किसान बड़े उदार होते हैं। हम जब खेतों में जाते थे तो हमारे किसान आम खाने से नहीं रोकते थे। हां आम चोरी करने पर डांटते जरूर थे। मुझे पेड़ पर लगे पके हुए आम खाना ज्‍यादा पसंद था'। पीएम नरेंद्र मोदी ने बताया- अब उन्‍हें आम खाने से पहले क्‍यों दस बार सोचना पड़ता है?

गीतकार-राइटर जावेद अख्तर ने किसे कहा हिटलर.....?

श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर हुए बम धमाकों ने पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है। श्रीलंका में हुए इन हमलों में मरने वालों की संख्या 359 तक पहुंच गई है। श्रीलंका के इन बम धमाकों की बॉलीवुड ने भी खूल आलोचना की है। बॉलीवुड के जाने-माने गीतकार-राइटर जावेद अख्तर ने भी इन हमलों की निंदा की है और ट्वीट करके इसकी कड़ी भर्त्सना की है। जावेद अख्तर ने आईएसआईएस (ISIS) के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। जावेद अख्तर का ये ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। 
Javed Akhtar @Javedakhtarjadu The way the civilised world had united against Hitler time has come to get united the same way against IS. This not just terrorism it is a war .गीतकार-राइटर जावेद अख्तर ने श्रीलंका बम धमाकों पर ट्वीट किया है। जिस तरह सभ्य समाज हिटलर के खिलाड़ एकजुट हो गया था उसी तरह आईएस (IS) के खिलाफ एकजुट होने का समय भी आ गया है। यह सिर्फ आतंकवाद नहीं है बल्कि यह एक युद्ध है। 
इस तरह जावेद अख्तर ने आईएस के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया है। वैसे भी जावेद अख्तर सोशल मीडिया पर सामाजिक सरोकारों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, श्रीलंका में होटल और चर्च को निशाना बनाने वाले नौ आत्मघाती हमलावरों में एक महिला भी थी। यह दावा श्रीलंका की रक्षामंत्री ने किया है। 
न्यूज एजेंसी रॉयर्टस के हवाले से मंत्री का बयान जारी हुआ है। रविवार को ईस्टर के मौके पर हुई इस धमाके में मरने वालों की संख्या 359 तक पहुंच गई है। जिसमें 39 विदेशी हैं। इस घटना में पुलिस ने शक के आधार पर अब तक 60 लोगों को गिरफ्तार किया है। मंत्री लक्ष्मण किरियेला ने कहा कि घटना में सौ से अधिक लोगों के गिरफ्तार किए जाने की संभावना है। उधर श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि भारत ने श्रीलंका के साथ खुफिया जानकारी शेयर की थी, लेकिन इस पर कार्रवाई करने को लेकर हमसें लापरवाही हुई।

आपकी डायबिटीज को घरेलू चीजें करेंगी कंट्रोल …?


डायबिटीज आज एक आम रोग बन गई है। अगर आप डायबिटीज हैं, तो आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना की जरूरत है। ऐसे में आपको बहुत सी सलाह भी मि‍लती होंगी जैसे शुगर से बचें बहुत ज्यादा आलू न खाएं, वजन कम करें, चीनी की जगह अन्य चीजों का इस्तेमाल करें या ऐसी ही और सलाहें हर डायबि‍टीक को सुनने को मि‍लती होंगी। तो अब सोचने वाली बता यह होती है कि कौन सी सलाह मानी जाए और कौन सी नहीं अगर आप यह जानना चाहते हैं कि डायबिटीज या मुधमेह क्या है। तो हम आपको बता दें कि डायबिटीज में पेनक्रियाज इंसुलि‍न बनाना या तो बहुत कम कर देता है या फिर बंद ही कर देता है। आपका आहार डायबिटीज को मैनेज करने में काफी मददगार साबित हो सकता है। डायबिटीज या मधुमेह दुनियाभर में तेजी से फैल रही है। हर मिनट के साथ ही डायबिटीज के मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। एक अध्ययन की बात करें तो साल 2030 तक 98 मिलियन यानी 9.8 करोड़ भारतीय डायबिटीज से पीडित होंगे। मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ित लोगों को दिल की बीमारियों (Type 2 Diabetes and Heart Disease) से मौत का खतरा बढ़ जाता है। टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में लगभग 58 प्रतिशत मौतें हृदय संबंधी परेशानियों के कारण होती हैं। कई आहार, फल, सब्जियां हैं जो डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद करती हैं। 

ऐसे कई मसाले हम आहार में शामिल कर सकते हैं जो मधुमेह में लाभकारी साबित हो सकते हैं। फल आपको नेचुरली डायबिटीज मैनेज करने में मदद करते हैं। तो चलिए हम आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करेंगे। डायबिटीज के लिए घरेलू नुस्खों में शामिल करें कुट्ट:- कुट्टू का आटा आपने अक्सर व्रत या ऐसे ही खास मौकों पर खाया होगा। कुट्टू के आटे से आम तौर  पर पूडियां या पकोड़े बनाए जाते हैं। असल में कुट्टू का आटा अनाज नहीं, बल्कि फल से बनता है और अनाज का बेहतर विकल्प होने के साथ पौष्टिक तत्वों भरपूर भी होता है। इतना ही नहीं कुट्टू का आटा सेहत के लिए भी बहुत  फायदेमंद है। कुट्टू का आटा प्रोटीन से भरपूर होता है। यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जिन्हें गेहूं से एलर्जी हो। कुट्टू का आटा सेहत के लिए बहुत  फायदेमंद है। यही वजह है कि व्रत के दौरान इसे खास महत्व दिया जाता है।  यह कई बीमारियों से भी लड़ने की ताकत रखता है। इतना ही नहीं वजन कम करने के आपके इरादे में भी कुट्टू का आटा मददगार साबित हो सकता है।   फाइबर से भरपूर और ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होने से यह डायबिटीज वालों के लिए बेहतर विकल्प है। 
कुट्टू के आटे का ग्लिसेमिक इंडेक्स 47 होता है। यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (United States Department of Agriculture (USDA) के अनुसार डायबिटीक को अपने आहार का तकरीबन 50 फीसदी हिस्सा होलग्रेन यानी अनाज के रूप में लेना चाहिए। क्योंकि होलग्रेन या अनाज फाइबर से भरपूर होते हैं, तो वे ब्लड में अचानक से होने वाले ग्लूकोज एब्जोब्शन को धीमा करते हैं। इन्हें लेने से अचानक ब्लड शुगर लेवल स्पाइकिंग को रोका जा सकता है। कहने का मतलब है कि इनसे ब्लड शुगर लेवल अचानक से नहीं बढ़ता। इसके साथ ही साथ यह लो ग्लाइसेमिक आहार होते हैं जो कि ब्लड शुगर लेवल में उछाल नहीं आने देते और टाइप-2 डायबिटीज (Type-2 diabetes) के खतरे को कम करते हैं। तो अब आप सोच रहे होंगे कि कौन-कौन से होलग्रेन यानी अनाज आपके लिए अच्छे हैं, तो चलिए शुरुआत करते है सबसे बेहतर वाले से। यह है रागी, जिसे इंग्लिश में फिंगर माइलेट्स (Finger millets) कहा जाता है। मूली कम ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स के लिए जानी जाती है। यानी कि इसे खाने से ब्‍लड शुगर पर असर नहीं होता है। रोजाना सुबह खाने में मूली का सेवन करने से डायबिटीज से जल्द छुटकारा मिल सकता है। मूली खाने से ब्‍लड शुगर पर असर नहीं होता है। 
भिंडी असल में ओकरा एक ऐसी सब्जी है, जिसका भारत में खूब इस्तेमाल किया जाता है। इसे कई मसालों के साथ पकाया जाता है और चपातियों के साथ खाया जाता है। कौन जानता था कि यह हमें मधुमेह के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है! यह सब्जी बहुत ही लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली होती है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स एक रेंकिंग है जो खाने के आपके ब्लड शुगर पर होने वाले असर के अनुसार मापा जाता है। लो जीएल फूड ब्लड शुगर को स्टेबल रखते हैं और जो शुगर रिलीज करता है उसे आराम से पचाने में मदद करता है। क्या आप इस बात पर यकीन करेंगे कि 100 ग्राम भिण्डी में सिर्फ 7.45 ग्राम कार्बस होते हैं। यही वजह है कि भिंडी को डायबिटीज के लिए सुरक्षित माना जाता है। भिंडी में काफी मात्रा में फाइबर होता है जो पाचन क्रिया दुरूस्त करने में मददगार है। इतना ही नहीं यह आंतो में जमी गंदगी बाहर करता है। भिंडी का पानी डायबिटीज में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। भिंडी का पानी या 'ओकरा वाटर' पीने से आप डायबिटीज जैसी समस्या पर कंट्रोल कर सकते हैं।
करेला हरी सब्जियां खाने से शरीर को काफी सेहतमंद बनाया जा सकता है। हरी सब्जियों की मदद से शरीर में कई पोषक तत्वों की पूर्ति आसानी से की जा सकती है। करेला भी उन्हीं हरी सब्जियों में से एक है जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है।
करेले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं। जिनकी मदद से कई बीमारियों से निजात पाई जा सकती है। करेले के सेवन से इम्यून सिस्टम को भी मजबूती प्रदान की जा सकती है। डायबिटीज में करेले का जूस आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। सुबह एक गिलास करेले के जूस के सेवन से ब्लड शुगर लेवल को संतुलित और नियमित करने में काफी सहायता मिलती है। ये आपका ब्लड शुगर लेवल नियमित करने में काफी मददगार होता है। करेले का जूस आपके शरीर में इन्सूलिन को सक्रिय करता है जिससे ब्लड में मौजूद शुगर फैट में नहीं बदल पाता और बॉडी उसका सही इस्तेमाल कर पाती है। शुगर के फैट में न बदलने के कारण वजन कम करने में भी मदद भी मिलती है। सुबह एक गिलास करेले के जूस के सेवन से ब्लड शुगर लेवल को संतुलित और नियमित करने में काफी सहायता मिलती है।

महिलाएं क्यों करती हैं व्यभिचार....? पति को देती हैं धोखा...


भारत में औसतन 10 में से सात महिलाएं अपने पति को धोखा देती हैं, क्योंकि वे घरेलू कामों में हिस्सा नहीं लेते हैं। कई महिलाओं ने अपने साथियों को इसलिए धोखा दिया, क्योंकि उनकी शादी नीरस हो गई थी। ग्लीडेन, जिसका भारत में पांच लाख से अधिक लोग उपयोग करते हैं ने 'महिलाएं क्यों व्यभिचार करती हैं' शीर्षक से एक सर्वेक्षण में खुलासा किया कि बेंगलुरू, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में ऐसी महिलाओं की अधिकतम संख्या है, जो अपने पतियों को धोखा देती हैं।
ग्लीडेन में विपणन विशेषज्ञ, सोलेन पैलेट ने बताया, 10 में से चार महिलाओं का मानना है कि अजनबियों के साथ मौजमस्ती के बाद उनके जीवनसाथी के साथ उनका रिश्ता और अधिक मजबूत हुआ है। पांच लाख भारतीय ग्लीडन यूजर्स में से 20 फीसदी पुरुषों और 13 फीसदी महिलाओं ने अपने जीवनसाथी को धोखा देने की बात स्वीकार की। ग्लीडन एप को 2009 में फ्रांस में लॉन्च किया गया था। यह 2017 में भारत में आया और आज, भारत में इसके 30 प्रतिशत सदस्य हैं। 
इनमें 34 साल और 49 साल आयु-वर्ग की विवाहित महिलाएं शामिल हैं। लगभग 77 प्रतिशत भारतीय महिलाओं ने इस बात को माना कि उनके अपने पति को धोखा देने का कारण यह था कि उनकी शादी नीरस हो गई थी और शादी से बाहर एक साथी को खोजने से उन्हें अपने जीवन में उत्साह का अहसास हुआ। सर्वेक्षण से यह भी पता चला है कि भारत में, पारंपरिक विवाह में फंसे समलैंगिक लोगों को भी बढ़ती संख्या में अपने लिए इसकी मदद से साथी मिल रहे हैं।

कुछ छोटे टिप्स जिससे गर्मियों में होने वाली स्किन प्रॉब्लम्स से छुटकारा पाया जा सकता है....?


अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा साफ और दमकती हुई दिखे, तो आपको जीवनशैली और खास तौर पर आपके खाने की आदतों को भी वैसा ही होना चाहिए। इन सरल नियमों का पालन कर आप अपनी त्वचा की सेहत गर्मियों में भी बरकरार रख सकते हैं। गर्मियों में कील, मुंहासे, फुंसियां, झाइयां, टैनिंग और रूखी बेजान त्वचा से आमतौर पर सभी लोग परेशान होते हैं। इसकी मुख्य वजह है। तेज धूप, गर्म हवाएं और जीवनशैली। हम क्या खाते हैं, क्या पीते हैं, कैसे रहते हैं, यह सब हमारे चेहरे पर झलकता है। उपयुक्त मात्रा में पानी न पीना, अधिक मात्रा में जंक फूड खाना और त्वचा की साफ सफाई को नजरअंदाज करना। यह सभी चीजें चेहरे से रौनक छीन लेती हैं। लाइफस्टाइल में कुछ सरल बदलाव करके आप अपने चेहरे पर चमक कायम रख सकते हैं।
# पानी से दोस्ती कीजिए:- अधिक तापमान और ज्यादा समय बाहर बिताने के कारण हमारे शरीर में डिहाइड्रेशन यानी पानी की मात्रा कम हो जाती है। इससे न केवल सिरदर्द व चक्कर आते हैं, बल्कि त्वचा की चमक भी मध्यम हो जाती है। आपको चाहिए कम से कम दस गिलास सादा पानी रोज पिएं। यदि आप चाय या कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय पीते हैं तो इस से तीन गुना अधिक मात्रा में आपको सादा पानी पीना चाहिए। मेकअप के साथ कभी न सोएं:- गर्मियों में मेकअप उतारे बिना आप कभी न सोएं। इसका पालन न करने की वजह से त्वचा की ऊपरी सतह पर गन्दगी की एक परत सी जमने लगती है। यही परत वास्तव में मुहासों का सबसे बड़ा कारण बनती है। इस से झाइयां और पिगमेंटेशन यानी त्वचा का रंग बेरंग होने जैसी समस्याएं भी होती हैं। यदि आप मेकअप लगाते हैं तो रात में सोने से पहले उसे जरूर उतार दें।
# मॉइस्चराइज करना न भूलें:- त्वचा को मॉइस्चराज्ड या नम रखने की अहमियत को नजरअंदाज न करें।  आपकी त्वचा जितनी सूखी और बेजान होगी, वह उतनी ही पर्यावरण द्वारा किए गए नुकसान को झेल नहीं पाएगी। प्रदूषण और सूरज की तेज किरणों का सबसे बुरा असर सूखी त्वचा पर ही होता हैं। ऐसे में सनस्क्रीन को भी बिलकुल न भूलें। # स्क्रब का प्रयोग न करें:- अपने चेहरे और शरीर को साफ रखने के लिए सौम्य क्लीन्जर का प्रयोग करें. जेल बेस्ड क्लीन्जर या शावर जेल सबसे उत्तम हैं, पर इन्हें भी बहुत ज्यादा न रगड़ें। इस से त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान होता है।
# स्किनकेयर ट्रीटमेंट्स लें:- कई ऐसी सुविधाएं या ट्रीटमेंट्स हैं जो न केवल त्वचा को साफ व क्लियर रखती हैं साथ ही चेहरे की त्वचा को जवान और स्वस्थ रखने में भी मदद करती हैं। पार्लर में जाना चाहें तो क्लीन अप फेशियल या क्लेरिफाइंग फेशियल फायदेमंद हैं। त्वचा विशेषज्ञ या डर्मेटोलॉजिस्ट के पास मेडिकल फेशियल अधिक फायदा पहुंचा सकते हैं।

# कार्बन पील ट्रीटमेंट:- यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिस से फायदा उसी दिन दिखता है और लम्बे समय तक इसका असर आपके चेहरे पर बरकरार रहता है। यह एक बहुत ही स्पेशलिज्ड ट्रीटमेंट है जिसमे त्वचा विशेषज्ञ या डर्मेटोलॉजिस्ट त्वचा पर पहले कार्बन लगाते हैं। उसके बाद एक बहुत ही हल्का लेजर लगाया जाता है जिस से यह कार्बन के पार्टिकल्स फूट जाते हैं और त्वचा की ऊपरी परत की सफाई करते हैं। इस प्रक्रिया में झाइयां, दाग-धब्बे, निशान वगैरह सभी मिट जाते हैं और चेहरे के ऊपर बारीक बाल भी प्राकृतिक रूप से ब्लीच हो जाते हैं।

Tuesday, April 23, 2019

क्या पासपोर्ट और वीजा ये दो अलग-अलग दस्तावेज है....?

आप विदेश की यात्रा करना चाहते हैं तो आपके पास पासपोर्ट होना जरूरी है।  इसके अलावा वीजा की भी जरूरत होती है। ऐसे में बड़ी उलझन रहती है कि पासपोर्ट होने के बावजूद वीजा की क्या जरूरत है। वीजा क्या होता है और क्या वीजा के बिना विदेश की यात्रा की जा सकती है। वीजा के बिना विदेश की यात्रा संभव नहीं है। 
ये अलग बात है कि कुछ देश ऑन अराईवल वीजा देते हैं। जबकि, कुछ ऐसे भी देश हैं जहां जाने के लिए पहले वीजा लेना जरूरी है। वीजा मिलने के बाद ही आप उस देश में जा सकते हैं। पासपोर्ट एक सरकारी दस्तावेज है। भारत सरकार अपने देश के नागरिकों को पासपोर्ट जारी करती है। इसमें उस व्यक्ति का नाम, फोटो, नागरिकता, पता, माता-पिता का नाम, लिंग, व्यवसाय समेत कई अन्य जानकारी होती है। इसलिए पासपोर्ट जारी करने से पहले बहुत लंबी प्रक्रिया होती है। आवेदनकर्ता की गहनता से जांच पड़ताल की जाती है।
हर स्तर पर जांच करने के बाद किसी भी शख्स का पासपोर्ट जारी किया जाता है। इसलिए, विदेश जाने पर पासपोर्ट को सबसे महत्वपूर्ण आईडी के तौर पर स्वीकार किया जाता है।# पासपोर्ट कई तरह के होते हैं:- ऑर्डिनरी पासपोर्ट गहरा नीले रंग का होता है। इसमें 30 से 60 पेज होते हैं। इसे पी-टाइप पासपोर्ट कहते हैं। ऑफिशियल पासपोर्ट- यह पासपोर्ट उन सरकारी अधिकारियों को जारी किया जाता है जो दूसरे देशों में अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।  यह सफेद रंग का होता है। इसे एस-टाइप पासपोर्ट कहते हैं। 


(एस का मतलब सर्विस होता है) डिप्लमैटिक पासपोर्ट- यह पासपोर्ट भारतीय राजनयिकों और हाई रैंक अधिकारियों को जारी किया जाता है। यह मैरुन रंग का होता है। इसे डी-टाइप पासपोर्ट कहते हैं। डी का मतलब डिप्लोमैटिक होता है। अब बात वीजा की करते हैं। वीजा का मतलब एक शख्स को मिलने वाली अनुमति है जिस आधार पर वह अस्थाई रूप से उस देश में रह सकता है, जहां से वीजा को मंजूरी मिली है। अगर आप अमेरिका की यात्रा करना चाहते हैं तो वीजा की अनुमति अमेरिका देगा। इससे भारत सरकार का कोई लेना-देना नहीं है। वीजा भी कई तरह के होते हैं। टूरिस्ट वीजा- जब आप किसी देश में घूमने के मकसद से जाते हैं तब टूरिस्ट वीजा जारी किया जाता है। 
कई देश हैं जो टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ऑन अराईवल वीजा की सुविधा दे रहे हैं। ट्रांजिट वीजा:- यह शॉर्ट टर्म वीजा होता है।
बिजनेस वीजा:- बिजनेस के मकसद से इस वीजा को जारी किया जाता है। वर्कर वीजा:- यह वीजा स्थाई मजदूरों के लिए जारी किया जाता है ताकि वे वैध रूप से काम कर सकें। फियांसी वीजा:- यह वीजा उसे जारी किया जाता है जिसकी मंगेतर दूसरे देश की होती है और वह इस देश की यात्रा करना चाहती है। उदाहरण के तौर पर अगर एक भारतीय ब्रिटेन की महिला से शादी करना चाहता है तो महिला को भारत आने के लिए फियांसी वीजा जारी किया जाएगा।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...