नागपूर:- नागपूर महानगरपालिका आणि चर्मकार सेवा संघ
यांच्या वतीने श्री. संत रविदास यांच्या जयंती निमित्त विनम्र अभिवादन करण्यात
आले.मनपा मुख्यालयातील दालनात आयोजित छोटेखानी कार्यक्रमात मनपाचे जनसंपर्क
अधिकारी श्री. मनीष सोनी, श्री.
अमोल तपासे, श्री.
जांभुळकर, चर्मकार
सेवा संघाचे सर्वश्री अध्यक्ष भैय्यासाहेब बिघाने, कार्याध्यक्ष पंजाबराव सोनेकर, भाऊराव तांडेकर, माणिकराव रामेकर, महादेवराव बोडखे, मनोज बिंझाडे, कृष्णा भोंडेकर, रमेश सटवे, संतोष चांदेकर, सुखदास अहिरकर, संतोष सोनेकर, विनोद वर्दे, नरेश बिंझाडे, शिवलाला गर्दे, सनोज बिंझाडे, कोमल खराले, शिकारी भोंडेकर, धनराज रहाटे, दुर्गाप्रसाद जगणे, काजू चकरे, रामराव तांडेकर, दिलीप मोहजे, दिनेश चांदेकर, राजेंद काहोळे, राज सोनेकर, हेमंत कोलते, धर्मशील वासनकर आदि मान्यवर
उपस्थित होते.
Saturday, February 24, 2024
फर्जी डॉक्टर से बचाने डॉ. विंकी रुघवानी बनाएंगे एक उच्चस्तरीय प्लॅटफॉर्म,डॉ.रुघवानी महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के प्रशासक नियुक्त...
डॉ विंकी रूघवानी ने पिछले 5 वर्षों में
महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल के उपाध्यक्ष के रूप में काम किया है। उन्होंने कोविड
समय के दौरान ऑनलाइन परामर्श सहित कई नए उपक्रम लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसी के मद्देनजर डॉ. विंकी रुघवानी को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल का प्रशासक नियुक्त किया गया
है। यह गवर्नमेंट नोटिफिकेशन आज जारी कर दिया गया। डॉ. विंकी रुघवानी ने बताया कि फास्ट ट्रैक पंजीकरण सेवाएं प्रदान करने पर ध्यान दिया जाएगा। निकट भविष्य
में मेडिकल नेग्लिजेंस के मामलों का निर्णय समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। उन्होंने
कहा कि फर्जी डॉक्टर एक बड़ी चुनौती है,जिससे निपटने के लिए रोगी अपने डॉक्टर की
संपूर्ण जानकारी ले पाए ऐसी सुविधा की
जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टरों को नवीनतम प्रशिक्षण देने के लिए ऑनलाइन
कन्टीन्यूस प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्लॅटफॉर्म को मजबूत किया जाएगा ताकि डॉक्टरों का
समय बचाया जा सके। डॉ. विंकी रुघवानी नागपुर के बालरोगतज्ञ हैं और पिछले 25 वर्षों
से थैलेसीमिया और सिकलसेल रोगियों की रोकथाम और कल्याण के लिए काम कर रहे हैं।
उनकी नियुक्ति पर चिकित्सा जगत व कई संगठनों ने उन्हें बधाई दी है। डॉ. विंकी
रुघवानी ने अपनी नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और वैद्यकीय शिक्षण मंत्री हसन मुश्रीफ को
धन्यवाद दिया है।
Wednesday, February 21, 2024
वीआईपी कल्चर खत्म करने आम जनता की तरह सड़क पर दौड़ेगा RJ-CM भाजनलल शर्मा का काफिला
राजस्थान सरकार के
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि अति विशिष्ट लोगों की आवाजाही के दौरान आम आदमी और
गंभीर रोगियों को होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने राजस्थान में वीआईपी कल्चर को खत्म करने की
दिशा में एक बड़ा कदम है। सीएम
भजनलाल शर्मा की तरफ से निर्देश दिए गए हैं कि अब
ट्रैफिक में आम आदमी की तरह चलेंगे और लाल बत्ती पर भी रूकेंगे। मुख्यमंत्री
भजनलाल शर्मा ने यह फैसला अति विशिष्ट लोगों की आवाजाही के दौरान बार-बार लगने
वाले ट्रैफिक जाम से आमजन को
राहत दिलाने और जाम में गंभीर मरीजों को परेशानी से
बचाने के लिये लिया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को राजस्थान के
पुलिस महानिदेशक यू.आर. साहू को इस फैसले के संबंध में निर्देश दिये। हालांकि, मुख्यमंत्री को प्रदान किया गया सुरक्षा घेरा यथावत जारी रहेगा।
पुलिस महानिदेशक यू.आर. साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री को प्रदान की गई सुरक्षा कवर
में कोई बदलाव नहीं होगा। अति विशिष्ट व्यक्ति की आवाजाही के दौरान नयी व्यवस्था
का निर्णय आम लोगों और मरीजों को होने वाली यातायात समस्याओं के मद्देनजर लिया गया
है। दरअसल राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने फैसला लिया है कि अब वे आम आदमी
की तरह बिना रूट लगवाए सड़कों पर चलेंगे।
लैपटॉप को डेस्कटॉप कंप्यूटर की तरह इस्तेमाल करने के लिए करे इनका इस्तेमाल....
लैपटॉप में सीमित स्टोरेज स्पेस हो सकती है। आप अपना डेटा
स्टोर करने के लिए एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में एक
एक्सटर्नल हार्ड ड्राइव आपको अपनी फाइल्स, डॉक्यूमेंट्स और मीडिया को स्टोर करने के लिए अतिरिक्त जगह
देता है। लैपटॉप पर लंबे समय तक टाइप करते हैं, तो एक वायरलेस कीबोर्ड आपके हाथों और कलाई को अधिक आराम प्रदान
कर सकता है। यह आपके लैपटॉप को डेस्कटॉप कंप्यूटर की तरह इस्तेमाल करने में भी मदद
करता है। वायरलैस कीबोर्ड होने से आप उसे लैपटॉप
से थोड़ी दूर रखकर भी इस्तेमाल कर
सकते हैं। यह काफी सुविधाजनक भी होता है। लैपटॉप स्टैंड आपके लैपटॉप को ऊंचाई पर
रखता है, जिससे आपकी
पोजीशन में सुधार होता है। लैपटॉप स्टैंड का इस्तेमाल करने से गर्दन और पीट पर कम असर
पड़ता है और दर्द कम होता है। साथ ही इससे लैपटॉप हीट नहीं होता। लैपटॉप स्टैंड आपके लैपटॉप को ठंडा रखने में भी
मदद करता है। लैपटॉप के टचपैड का उपयोग करना हमेशा सुविधाजनक नहीं होता है। एक
पोर्टेबल माउस आपको ज्यादा अच्छा कंट्रोल प्रदान कर सकता है।
एक पोर्टेबल माउस
आपको लैपटॉप पर काम करते समय अच्छा फील दे सकता है और यह काम करते समय बहुत उपयोगी
होता है। पोर्टबल माउस होने से आपको बार-बार टचपैड को हाथ लगाने की जरूरत नहीं
पड़ेगी।
अपने बच्चों को सुधारने की कोशिश न करें...अध्यात्मिक गुरु जग्गी वासूदेव सद्गुरु ने क्यू कहा ऐसा...?
ईशा फाउंडेशन के फाउंडर और अध्यात्मिक गुरु जग्गी वासूदेव सद्गुरु ने अपने एक वीडियो में उन्होंने पेरेंट्स को समझाते
हुए यह कहा है कि यदि आप अपने बच्चों को सुधारने की कोशिश में लगे हैं, तो बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं। सद्गुरु कहते हैं कि ज्यादातर
पेरेंट्स हर समय अपने बच्चों को सुधारे की कोशिश में लगे रहते हैं, लेकिन यह चीज गलत है। क्योंकि आपके और आपके बच्चे के बीच में
कौन ज्यादा खुशहाल है? आपका बच्चा, तो सोचिए काउंसलिंग की जरूरत आपको है या उसे। सद्गुरु बताते
हैं कि जिंदगी का
मकसद खुश रहना है, तो ऐसे में
आपका बच्चा इस बारे में आपसे ज्यादा जागरूक है। हां, यह जरूर है कि आप उसे इस दुनिया में जीने के कुछ ट्रिक्स सिखा
सकते हैं, लेकिन उससे
जिंदगी के अलग-अलग आयामों दूर करना यह गलत है। क्योंकि आखिर में हम सब खुश रहना
चाहते हैं। बच्चों के बेहतर ग्रोथ के लिए पेरेंट्स को केवल एक अच्छा माहौल और सही
तरह से पालन-पोषण को सुनिश्चित
करने की जरूरत होती है। इससे ज्यादा एक बच्चे के विकास के लिए कुछ जरूरी नहीं होता
है।
बचपन मासूमियत से भरा होता है, शायद इसलिए बच्चे बड़ों की तुलना में ज्यादा खुश रहते हैं। बिना किसी की परवाह किए वह सिर्फ अपने मन की करते हैं,लेकिन इस फ्रीडम को बड़े होने के बाद समझ पाना बहुत मुश्किल हो जाता है, जिससे उसकी नादानियों को पेरेंट्स गलती समझकर सुधारने में लग जाते हैं। उसे एक ऐसा इंसान बनाने की कोशिश करने लगते हैं जिसके लिए खुश रहना मुश्किल हो जाए।
विद्यार्थ्यांच्या विकासासाठी पालकांनी मुलांच्या शिक्षणाविषयी जागरूक रहावे...मनपाच्या अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती आंचल गोयल
नागपूर:- मुलांच्या सर्वांगिण विकासाचे केंद्र
शाळा आहे.शाळेमध्ये विद्यार्थ्यांना अभ्यासासोबतच इतर क्षेत्राचेही ज्ञान देउन
त्यांचा विकास साधण्याचा प्रयत्न होतो या मौलीक कार्यात पालकांची भूमिका अत्यंत
महत्वाची आहे.विद्यार्थ्यांच्या विकासासाठी पालकांनी मुलांच्या शिक्षणाविषयी
जागरूक रहावे, असे आवाहन मनपाच्या अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती
आंचल गोयल यांनी केले.नागपूर महानगरपालिका
शिक्षण विभागाच्या नवचेतना उपक्रमाअंतर्गत बुधवारी (ता.२१) रेशीमबाग येथील कविवर्य
सुरेश भट सभागृहात 'शाळा व्यवस्थापन
समिती व पालक मेळावा’चे आयोजन करण्यात आले. यावेळी श्रीमती आंचल गोयल बोलत होत्या. मंचावर मनपाचे वैद्यकीय
आरोग्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र बहिरवार, बाल कल्याण विभागाचे श्री मुश्ताक पठाण, मनपा बालरोग तज्ज्ञ
डॉ. अर्चना जयस्वाल, मनपा
शिक्षणाधिकारी श्रीमती
साधना सयाम, सहायक कार्यक्रम अधिकारी श्री. धनलाल चौलीवार, आकांक्षा
फाउंडेशनच्या श्रीमती जयश्री ओबेरॉय, मनपा शाळेचे माजी विद्यार्थी श्री. झाकीर हुसेन, आयएपीएच्या श्रीमती अमरजा
खेडीकर यांच्यासह इतर पालक, शिक्षक, विद्यार्थी व मनपा कर्मचारी
उपस्थित होते. मनपा शाळेतील शाळा समिती सदस्य व पालकांना शिक्षण
विभागातर्फे राबविल्या जाणा-या विविध उपक्रमांची माहिती, मनपा शाळेचे अमूल्य कार्य, मनपातर्फे राबविल्या
जाणाऱ्या विविध योजना तसेच शालेय विद्यार्थांना दिले जाणारे शालेय साहित्य, शिक्षणाचे महत्व, पालकांची त्यांच्या
पाल्याविषयीची जागरूकता व पालकांचा शालेय कार्यकलपात सहभाग या सर्व विषयांवर अतिरिक्त आयुक्त
श्रीमती आंचल गोयल यांनी मार्गदर्शन केले.
मनपाच्या प्रत्येक शाळेत सुपर-75, ‘माझी शाळा सुंदर शाळा’ असे उपक्रम शाळेचा शिक्षणाचा दर्जा
उंचावण्यासाठी घेतले जातात. शिक्षकांनी येणाऱ्या नवीन सत्रात दर महिन्यात
एक पालकसभा घ्यावी जेणेकरून शिक्षक आणि पालक यांच्यात एक नाते प्रस्थापित होईल व
मुलांच्या प्रगतीविषयी देखील माहिती मिळेल, असे निर्देश यावेळी अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती आंचल गोयल
यांनी शिक्षण विभागाला दिले. यावेळी पालकांना मार्गदर्शन
करताना त्या म्हणाल्या की, पालकांनी त्यांच्या पाल्याविषयी जागरूक
राहावे. तसेच शाळेत जाऊन
शिक्षकांना पाल्याच्या प्रगतीविषयी विचारणा करावी व आपल्या मुलामुलींना नीट समजून
घ्यावे, असे त्या म्हणाल्या.नवीन शैक्षणिक धोरणात मनपा शाळेच्या ५००
मीटर अंतरावर असलेल्या अंगणवाड्यांना मनपा शाळेत जागा देण्यात येणार असून मनपा शाळेत बालवाडी
सुरु करण्यात येणार असल्याचेही त्यांनी सांगितले. नवचेतना उपक्रमाअंतर्गत मा. आयुक्त तथा प्रशासक डॉ. अभिजित
चौधरी यांच्या मार्गदर्शनात मनपा शाळेच्या विकासासाठी सतत प्रयत्न सुरु आहेत.
मागील वर्षी ऑक्टोबर महिन्यामध्ये सर्वेक्षण करण्यात आले वत्यात आढळलेल्या त्रुटींचे एक रिपोर्टकार्ड बनविण्यात आले असून
ते मुख्याध्यापकांनी शाळा व्यवस्थापन समितीला द्यावे, असे निर्देश यावेळी अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती आंचल गोयल यांनी मुख्याध्यापकांना दिले. या त्रुटी भरून काढण्यासाठी व शाळा
अत्याधुनिक बनविण्यासाठी मनपा सतत प्रयत्नशील आहे. येणाऱ्या शैक्षणिक सत्रात मनपा
शाळेच्या भौतिक विकासात चांगलीच प्रगती होणार असल्याचे त्यांनी सांगितले.मनपाचे
वैद्यकीय आरोग्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र बहिरवार यांनी विद्यार्थ्यांना आरोग्याचे महत्व पटवून दिले. सकाळी लवकर उठण्याचे फायदे, किशोरावस्थेतील लसीकरण आदींची माहिती दिली. लसीकरणाकडे
दुर्लक्ष केल्याने होणारे दुष्परिणाम देखील त्यांनी उदाहरणासह विषद केले. शिक्षणाधिकारी श्रीमती
साधना सयाम यांनी शाळेत घेण्यात येणा-या विविध उपक्रमांची माहिती, मनपाकडून विद्यार्थांना मिळणारे शालेय साहित्य, पोषण आहार याविषयी
माहिती दिली. मनपा बाल रोग तज्ज्ञ डॉ. अर्चना जयस्वाल यांनी दैनंदिन जीवनात मुलांना
स्वच्छतेच्या सवयी लावणे, त्यांना
पोषक आहार देण्याचे आवाहन केले. मनपा शाळेचे माजी विद्यार्थी श्री. झाकीर हुसेन यांनी स्वतःचे शालेय अनुभव
सांगितले. श्री. झाकीर हुसेन हे एका प्रतिष्ठित कंपनीत उच्च पदावर कार्यरत आहे. त्यांनी घेतलेली मेहनत आणि
त्यातून मिळविलेले यश याबाबत माहिती दिली. आयएपीएच्या श्रीमती अमरजा खेडीकर यांनी पॉक्सो कायद्याविषयी सविस्तर माहिती दिली. यात
त्यांनी ‘गुड टच’, ‘बॅड
टच’, मुलांचे अधिकार व कायदे समजावून सांगितले. सहायक कार्यक्रम अधिकारी श्री. धनलाल चौलीवार यांनी मनपा शाळा
व्यवस्थापन समितीचे कार्य सर्वांसमोर मांडले. जी. एम. बनातवाला शाळेची विद्यार्थिनी इफ्रा हिने इंग्रजी भाषेत मनपा कार्याविषयी उत्तम माहिती दिली.
कार्यक्रमाचे संचालन मनपा शाळेची विद्यार्थी श्वेता हिने केले.
मनपाच्या विज्ञान प्रदर्शनाला उत्स्फूर्त प्रतिसाद....
नागपूर:- नागपूर महानगरपालिकेच्या शिक्षण विभागाद्वारे आयोजित ‘शिक्षणोत्सव २०२३ २४’ अंतर्गत मनपा, यंग कलाम डिस्कव्हरी सायन्स सेंटर नागपूर यांच्या वतीने व एचसीएल फाऊंडेशन आणि एसईडीटीच्या सहकार्याने आयोजित विज्ञान आणि चित्रकला, हस्तकला प्रदर्शनाला उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिळाला. विज्ञान प्रदर्शनात ब्रिज अलर्ट सिस्टीम या मॉडेलला प्रथम पुरस्कार मिळाला आहे.मनपा शाळांच्या सांस्कृतिक आणि शैक्षणिक कलागुणांना वाव देणा-या ‘शिक्षणोत्सव २०२३२४’ चे गणेशपेठ येथील अध्यापक भवन येथे आयोजन करण्यात आले होते. शिक्षणोत्सवाचे उद्घाटन मनपाच्या अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती आंचल गोयल यांच्या हस्ते झाले. प्रमुख अतिथीम्हणून शिक्षणाधिकारी श्रीमती साधना सयाम, जनसंपर्क अधिकारी श्री. मनीष सोनी, आकांक्षा फाउंडेशनच्या श्रीमती जयश्री ओबेरॉय, मनपाचे सहायक शिक्षणाधिकारी श्री. संजय दिघोरे, श्री. राजेंद्र सुके, नागपूर महानगरपालिका शिक्षक संघा
चे सचिव श्री. देवराव मांडवकर आदी उपस्थित होते. सर्वप्रथम अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती आंचल गोयल यांनी विद्यार्थ्यांनी तयार केलेल्या विविध मॉडेलचे अवलोकन केले. विद्यार्थ्यांशी संवाद साधत त्यांनी मॉडलची माहिती जाणून घेतली. यात विशेषतः सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण दर्शविणारे मॉडेल, स्मार्ट सिटी मॉडेल, पाणी शुद्धीकरण मॉडेल, चांद्रयान, आहार श्रुंखला, पवन चक्की आदी मॉडेल आकर्षक दर्शविण्यात आले. याशिवाय हस्तकाला प्रदर्शनात टाकाऊ पासून टिकाऊ वस्तू निर्मिती वर भर देण्यात आल्याचे दिसून आले. यात विद्यार्थांनी इको ब्रिक्स द्वारे दैनंदिन वापरत येणाऱ्या वस्तू तयार करून दर्शविल्या. तर चित्रकला प्रदर्शनाच्या माध्यमातून स्वच्छता आणि नाविन्यपूर्ण व कल्पनेतील नागपूर शहर दर्शविण्यात आले. नागपूर महानगरपालिकेच्या शाळांसाठी गणित, विज्ञान आणि भाषा प्रदर्शनाचे शिक्षणोत्सवात आयोजन करण्यात आले होते. यामध्ये गणित प्रदर्शनात एकूण ७ शाळांनी सहभाग नोंदविला.
यात संजयनगर हायस्कूलच्या भूवन शाहू या विद्यार्थ्याच्या मॉडेलने पहिला क्रमांक पटकाविला. विज्ञान प्रदर्शनीत एकूण ४१ शाळांनी सहभाग नोंदविला. यामध्ये लाल बहादूर शास्त्री हायस्कूलच्या विद्यार्थ्यांनी तयार केलेल्या ‘ब्रिज अलर्ट सिस्टीम’ने प्रथम क्रमांक प्राप्त केला. शाळेचा विद्यार्थी प्रितम कुमारने त्याच्या मॉडेलचे उत्कृष्ट सादरीकरण केले. वाल्मिकीनगर हायस्कूलच्या विद्यार्थ्यांनी तयार केलेल्या ‘ऑइल सेप्रेटर’ या मॉडेलने दुसरा क्रमांक प्राप्त केला. पुरब रहांगडाले आणि युवराज सोनी या विद्यार्थ्यांनी मॉडेलचे नेतृत्व केले. जी.एम.बनातवाला शाळेच्या ‘हेल्थ अँड क्लिनलीनेस’ मॉडेलने तिसरे स्थान पटकावले. अक्षा आणि नाझ या विद्यार्थिनींनी मॉडेलची माहिती सादर केली. प्रदर्शनात भाषेचे देखील मॉडेल सादर करण्यात आले. जी.एम. बनातवाला शाळेच्या विद्यार्थ्यांनी हिंदी व्याकराणातील विकारी शब्दांच्या प्रकाराचे मॉडेल सादर केले.
भाषेमध्ये मराठी माध्यमात सुरेंद्रगढ हिंदी माध्यमिक शाळेला प्रोत्साहन बक्षीस प्रदान करण्यात आले. हस्तकला प्रदर्शनी ‘अ’ आणि ‘ब’ अशा दोन गटात पार पडली. यात ‘अ’ गटात दुर्गानगर मराठी उच्च
प्राथमिक शाळेने पहिले तर दुर्गानगर हिंदी प्राथमिक शाळेने दुसरे स्थान प्राप्त केले.‘ब’ गटात पन्नालाल देवडिया हिंदी माध्यमिक शाळेने प्रथम व संजयनगर हिंदी माध्यमिक शाळेने द्वितीय क्रमांक प्राप्त केला. श्रीमती निलीमा अढाव व श्रीमती पुष्पलता गावंडे यांनी परीक्षक म्हणून जबाबदारी पार पाडली.*निकाल:* *विज्ञान प्रदर्शन*गणित: प्रथम – भूवन शाहू (संजयनगर हिंदी हायस्कूल).विज्ञान: प्रथम – ब्रिज अलर्ट सिस्टीम (प्रितम कुमार – लाल बहादूर शास्त्री हायस्कूल), द्वितीय – ऑइल सेप्रेटर (पुरब रहांगडाले व युवराज सोनी – वाल्मिकीनगर हायस्कूल), तृतीय – हेल्थ अँड क्लिनलीनेस (अक्षा व नाझ – जी.एम. बनातवाला हायस्कूल) भाषा:‘विकारी शब्दों के भेद’ (जी.एम. बनातवाला हायस्कूल), प्रोत्साहनपर बक्षीस (मराठी) –सुरेंद्रगढ हिंदी माध्यमिक शाळा* हस्तकला:*‘अ’ गट दुर्गानगर मराठी उच्च प्राथमिक शाळा (प्रथम), दुर्गानगर हिंदी प्राथमिक शाळा (द्वितीय)‘ब’ गट पन्नालाल देवडिया हिंदी माध्यमिक शाळा (प्रथम), संजयनगर हिंदी माध्यमिक शाळा (द्वितीय)
Subscribe to:
Comments (Atom)
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन
मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...
-
नागपुर:- केंद्र सरकार ने जमीन-जायदाद खरीदी-बिक्री से जुड़े किसी भी गति विधी के लिए महारेरा एक्ट के साथ बार कोड की भी अनिवार्यता लागू की,लेकि...
-
आकाशवाणी नागपुर केन्द्र में संविधान निर्माता विश्वभूषण डा. बाबासाहेब अम्बेडकर की जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। पिछले वर्ष से ही आकाशवाणी...
.jpeg)

.jpeg)















