Monday, October 23, 2023

घर बैठे आसानी से इस तरह बनाए पासपोर्ट...

पासपोर्ट भारत से विदेश जाने के लिए कई तरह के यात्रा दस्तावेजों की व्यवस्था की जा सकती है। साधारण पासपोर्ट यानि नीले रंग की उपलब्ध बुकलेट आम नागरिकों के लिए होती है। इसके बाद डिप्लोमैटिक पासपोर्ट बनाया जाता है। भारतीय राजनयिक और सरकारी अधिकारी यानी आईएएस रैंक और आईपीएस रैंक के लोग इस पासपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। डिप्लोमैटिक पासपोर्ट का रंग मैरून होता है। इसके बाद आधिकारिक पासपोर्ट आता है जो सफेद रंग का होता है। यदि कोई सरकारी अधिकारी या सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाला व्यक्ति है और वह किसी आधिकारिक या सरकारी काम के लिए विदेश जाता है, तो वह सफेद पासपोर्ट का उपयोग करता है। इसके अलावा विदेश जाने के लिए सरकार द्वारा आपातकालीन प्रमाणपत्र और पहचान प्रमाणपत्र का भी उपयोग किया जा सकता है। 
यदि आपके पास पासपोर्ट नहीं है और कोई आपात स्थिति है तो इस प्रकार के प्रमाणपत्र का उपयोग किया जा सकता है।# पासपोर्ट फॉर्म ऑनलाइन कैसे भरें?:- चाहे नया पासपोर्ट बनवाना हो या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण, दोनों ही मामलों में चरण समान हैं। सबसे पहले आपको पासपोर्ट सेवा पोर्टल में अपनी आईडी बनानी होगी। अगर आपकी आईडी पहले से बनी हुई है तो उसी पर लॉग इन करें, लेकिन अगर नहीं है तो आपको नया रजिस्ट्रेशन कराना होगा। आजकल पासपोर्ट फॉर्म ऑनलाइन भरा जा रहा है,इसलिए कई लोग एजेंटों के जरिए भी यह काम करवा रहे हैं। ऐसा न करें और फॉर्म खुद भरें। पासपोर्ट सेवा पोर्टल में पंजीकरण करने के बाद आपको होम पेज दिखाई देगा जिसमें आपको नया पासपोर्ट/पासपोर्ट पुनः जारी करने के लिए आवेदन करें विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आपके सामने एक ई-फॉर्म आएगा। 
इस ई-फॉर्म में लगभग 5-6 पेज होंगे और हर बार आपको एक विंडो में विवरण भरना होगा और वैलिडेट एंड सेव बटन पर क्लिक करना होगा। ऐसा इसलिए ताकि एक बार फॉर्म भरने के बाद आपकी डिटेल्स सेव रहें। ऐसे में अगर किसी भी चरण पर विंडो बंद हो तो भी उससे पहले की डिटेल्स सेव हो जाएंगी। सारी जानकारी भरने के बाद आखिरी पेज पर आपका आवेदन सबमिट हो जाएगा। आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आपके आवेदन में सभी विवरण आपके पहचान पत्र के अनुसार ही होने चाहिए।



# पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए अपॉइंटमेंट लें:- एक बार पासपोर्ट फॉर्म ऑनलाइन भरने के बाद आपको पासपोर्ट सेवा केंद्र जाकर अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना होगा। पासपोर्ट सेवा पोर्टल में ही आपको एक विकल्प दिया गया होगा जिसमें पे एंड शेड्यूल अपॉइंटमेंट लिखा होगा। इस विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद सबसे पहले अपने नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र का पता लगाएं। इसके बाद इसे सेलेक्ट करें और आपको कई तारीख के विकल्प दिखाई देंगे। आपको केवल वही तारीखें दिखेंगी जिनमें स्लॉट खाली है। इसके बाद आप अपनी तारीख चुनें और अब बारी आती है पासपोर्ट फीस की। 30 पेज की बुकलेट के लिए 1500 रुपये और 60 पेज की बुकलेट के लिए 2000 रुपये चुकाने होंगे। 

आप फीस का भुगतान ऑनलाइन भुगतान, क्रेडिट या डेबिट कार्ड भुगतान, इंटरनेट बैंकिंग या एसबीआई चालान के माध्यम से कर सकते हैं। एक बार जब आपको अपॉइंटमेंट मिल जाएगा, तो आपको एक एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर (एआरएन) मिलेगा। जिस दिन आपकी अपॉइंटमेंट बुक हो, उस दिन अपने सभी पहचान प्रमाणों के साथ जाएं और अपना बायोमेट्रिक सत्यापन करवाएं। एक बार बायोमेट्रिक्स पूरा हो जाने के बाद, यह जांचने के लिए पुलिस सत्यापन होगा कि आपके सभी दस्तावेजों में आपका नाम और पता सही है या नहीं और आप अपने बताए गए पते पर रहते हैं या नहीं। हालांकि अब पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को लगभग समाप्त कर दिया गया है। ये सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 दिन के अंदर आपका पासपोर्ट प्रिंट हो जाएगा। पासपोर्ट फॉर्म भरते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके दस्तावेज में सारी जानकारी एक जैसी होनी चाहिए। अगर यह अलग है तो पासपोर्ट आवेदन खारिज कर दिया जाएगा। पासपोर्ट वेरिफिकेशन में सिर्फ आधार कार्ड ही नहीं, बल्कि तीन पहचान प्रमाण की जरूरत होती है, जिसमें 10वीं की मार्कशीट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस आदि शामिल हैं।

रेखा की खातिर अमिताभ बच्चन ने की थी व्यक्ति की धुनाई....

अमिताभ बच्चन और रेखा का अफेयर बॉलीवुड में सबसे ज्यादा चर्चित रहा। दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे। एक बार अमिताभ बच्चन ने रेखा के लिए एक शख्स को बुरी तरह पीट दिया था। बात साल 1976 की है,जब फिल्म दो अंजाने की शूटिंग चल रही थी। उस दौरान रेखा और अमिताभ के बीच खूब नज़दीकियां बढ़ गईं थीं। दोनों इस रिश्ते को दुनिया से छिपाकर निभा रहे थे, लेकिन एक फिल्म की शूटिंग के दौरान इस रिश्ते के बारे में सबको पता चल गया। दरअसल अमिताभ ने एक शख्स को रेखा के लिए बुरी तरीके से पीट 
दिया था। अमिताभ और रेखा जयपुर में अपनी फिल्म गंगा की सौगंध की शूटिंग कर रहे थे। इस दौरान दोनों को देखने के लिए काफी भीड़ आई। भीड़ में एक शख्स रेखा को बुरी नजर से देख रहा था। इस दौरान फिल्म के क्रू मेंबर ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वह शख्स नहीं माना,उसके बाद उस शख्स ने रेखा पर फब्तियां कसना शुरू कर दिया। इसके बाद बिग बी को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने उस शख्स को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। 
इस घटना के बाद दोनों के अफेयर की खबरें सबकी जुबां पर आ गई।  अमिताभ बच्चन और एक्ट्रेस रेखा का प्यार एक समय खूब परवान चढ़ा, लेकिन इनका प्यार मुकाम तक न पहुंच सका और दोनों के रास्ते जुदा हो गए।

Sunday, October 22, 2023

लैपटॉप-कंप्यूटर इंपोर्ट पर सरकार की पैनी नजर 1 नवंबर से नई लाइसेंसिंग प्रणाली होगी लागू.....

नई लाइसेंस व्यवस्था भारत की विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर (टैबलेट कंप्यूटर सहित), माइक्रो कंप्यूटर, बड़े या मेनफ्रेम कंप्यूटर और कुछ डेटा प्रोसेसिंग मशीनों पर लागू है. डीजीएफटी ने कहा कि एक इंपोर्टर्स अभी से इंपोर्ट लाइसेंस प्राप्त करने के लिए सिस्टम पर आवेदन कर सकता है। इसमें वैल्यू, प्राइस या किसी देश पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। नए सिस्टम की तैयारी में राजस्व विभाग भी शामिल है और पूरी आवेदन प्रक्रिया में लगभग 10 मिनट का समय लगेगा और सरल लाइसेंस स्वचालित तरीके से जारी किया जाएगा। दरअसल केंद्र सरकार ने लैपटॉप और कंप्यूटर जैसे आईटी हार्डवेयर प्रोडक्ट  के इंपोर्ट के लिए लाइसेंसिंग नियमों में बदलाव किया है। अब ऐसे प्रोडक्ट्स के इंपोर्टर्स के लिए एक ऑनलाइन ऑथराइजेशन सिस्टम स्थापित की गई है। 
विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) संतोष कुमार सारंगी ने कहा,नई लाइसेंसिंग या ऑथराइजेशन सिस्टम का उद्देश्य मुख्य रूप से इन प्रोडक्ट्स के इंपोर्ट की निगरानी करना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे विश्वसनीय स्रोतों से आ रहे हैं। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी। उन्होंने कहा कि इंपोर्ट पर अंकुश को लेकर स्टेकहोल्डर्स की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पॉलिसी में कुछ बदलाव किए गए हैं और इंपोर्टर्स के लिए एंड-टू-एंड ऑनलाइन सिस्टम शुरू की गई है। सारंगी ने कहा कि यह सिस्टम सिस्टम के लिए बिना कहीं जाए और बिना कॉन्टेक्ट डिटेल्स भरने की सुविधा प्रदान करेगी। 



यह घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार ने चार अगस्त को घोषणा की थी कि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और चीन जैसे देशों से इंपोर्ट में कटौती करने के उद्देश्य से इंपोर्टर्स को एक नवंबर से इन वस्तुओं के इंपोर्ट के लिए लाइसेंस की जरूरत होगी। सारंगी ने कहा,अस्वीकृत इकाई सूची में शामिल कंपनियों को लाइसेंस नहीं मिलेगा। ऐसी सूची में वे कंपनियां शामिल हैं जिन्होंने अग्रिम प्राधिकरण और निर्यात संवर्धन पूंजीगत सामान (ईपीसीजी) जैसी योजनाओं का लाभ उठाकर निर्यात दायित्वों को पूरा नहीं किया है या चूक की है या उनके खिलाफ डीआरआई (राजस्व आसूचना निदेशालय) के मामले चल रहे हैं।



पुराना सामान या नवीनीकृत वस्तुओं का आयात करने की इच्छुक कंपनियों को भी इस लाइसेंस के लिए आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी क्योंकि उनके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग है। सारंगी ने कहा,हालांकि एक ऑनलाइन सिस्टम लागू की गई है, लेकिन ये आईटी हार्डवेयर प्रोडक्ट अब भी अंकुश की श्रेणी के अंतर्गत हैं और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

आपराधिक रिकॉर्ड छुपा रहे प्रत्याक्षी,छत्तीसगढ़ में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू...

छत्तीसगढ़ विधान सभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद कांग्रेस ने राज्य की कुल 90 सीटों में से अब तक 83 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। वहीं राज्य में 07 और 17 नवंबर, 2023 को दो चरण में मतदान होगा। बीजेपी ने रायपुर में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कर 83 कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बीजेपी ने ये दावा किया है कि कांग्रेस प्रत्याशियों ने अपने चयन के 48 घंटों के भीतर चुनाव आयोग को अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं दी। हालांकि कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ झूठे आरोप लगा रही है। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि 

उन्होंने आपराधिक प्रवृत्ति' वाले लोगों को टिकट नहीं दिया है और वे निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मापदंडों को पूरा करेंगे। भाजपा के राज्य विधि प्रकोष्ठ के संयोजक जय प्रकाश चंद्रवंशी ने एक बयान में कहा कि शनिवार को सीईओ को सौंपी गई शिकायत में भाजपा ने उच्चतम न्यायालय के उस आदेश का हवाला दिया है जिसके अनुसार, राजनीतिक दलों को उम्मीदवारों के चयन के 48 घंटे के भीतर उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी निर्वाचन आयोग को देनी होती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने अपने 83 उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड निर्वाचन आयोग को न तो सौंपे और न ही इसे पार्टी की वेबसाइट, सोशल मीडिया या एक राष्ट्रीय और एक स्थानीय सहित दो समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया, जो कि शीर्ष अदालत के आदेश का उल्लंघन है।


चंद्रवंशी ने कहा कि जिन कांग्रेस उम्मीदवारों ने अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं दी है। उनकी सूची शिकायत के साथ संलग्न है। उन्होंने बताया कि शिकायत में उच्चतम न्यायालय के आदेशों की कथित अवमानना के लिए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि उनकी पार्टी ने आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों को टिकट नहीं दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों की रक्षा करना और उन्हें चुनाव में खड़ा करना भाजपा का चरित्र है।  


उन्होंने कहा कि भाजपा उन कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ झूठे आरोप लगा रही है जिनकी छवि साफ है। कांग्रेस नेता ने कहा, हम निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा करेंगे।

एक- एक रुपए के 10 हजार सिक्के लेकर नामांकन दाखिल करने पहुँचा निर्दलीय प्रत्याशी....

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव बिलासपुर जिले की 6 विधानसभा सीटों पर नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। पहले दिन नामांकन दाखिल करने वालो में अनिलेश मिश्रा ने बिलासपुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी दावेदारी पेश करने वाले अनिलेश मिश्रा पूर्व में बिलासपुर लोकसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। इस दौरान सभी अधिकारी और कर्मचारियों की निगाहें बिलासपुर विधानसभा सीट से नामांकन के लिए आए निर्दलीय प्रत्याशी अनिलेश मिश्रा पर टिक गईं।  अनिलेश मिश्रा नामांकन फार्म की राशि के लिए अपने साथ एक- एक रुपए के 10 हजार सिक्के साथ लेकर आए 
और कर्मचारियों के पास जमा कर दिए। इन सिक्कों को गिनते हुए निर्वाचन कर्मचारियों के भी पसीने छूट गए। अनिलेश मिश्रा चुनाव में कितने वोट लाएंगे ये तो किसी को नहीं पता लेकिन अपने नामांकन के लिए दस हजार सिक्के लाकर वह सबकी नजरों में तो आ ही गए हैं। छत्तीसगढ़ में 7 और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान होना है और शनिवार को नामांकन की शुरुआत हो गई और पहले ही दिन 10 हजार के सिक्के लेकर एक प्रत्याशी भी आ गया। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव- 2023 के लिए नामांकन के पहले दिन प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल करना शुरू कर दिए।

पहले सुहागरात,घोटुल परंपरा कंघी चुराने के बाद होती है शादी....

छत्तीसगढ़ के जनजातीय इलाके में पाई जाने वाली घोटुल प्रथा की परंपरा आदिवासी इलाकों में रहने वाले माड़िया और मुरिया जनजाति में आज भी निभाई जाती है। यह जनजाति छत्तीसगढ़ के बस्तर और महाराष्ट्र के चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों में पाई जाती है। माड़िया जनजाति मूल रूप से गोंड जनजाति की उपजाति है। घोटुल के दौरान मिट्टी की बनी झोपड़ी में आदिवासी समुदाय के युवक-युवतियों को इकट्ठा किया जाता है। इस दौरान युवाओं को एक-दूसरे से मिलने और जानने-समझने का मौका मिलता है। घोटुल में भाग लेने वाली लड़कियों को मोतियारी और लड़कों को छेलिक कहा जाता है। घोटुल के दौरान ये लोग बुजुर्ग व्यक्तियों की देख-रेख में रहते हैं।  घोटुल में शामिल होने के लिए लड़कों और लड़कियों के लिए निश्चित उम्र सीमा निर्धारित है। इसके लिए लड़कों की उम्र 21 वर्ष और लड़कियों 
की 18 वर्ष होती है। घोटुल में रहने वाले युवक-युवतियों को कपल बनने से पहले अपने आप को एक दूसरे के साथ सहज महसूस करने के लिए सात दिनों तक साथ रहना पड़ता है। इस दौरान वे एक-दूसरे के समूह के सदस्यों के साथ समय बिताते हैं और वैवाहिक जीवन से जुड़ी विभिन्न शिक्षाएं प्राप्त करते हैं। घोटुल में शामिल हुए लड़कों को बांस की एक कंघी बनानी होती है। यह कंघी बनाने में वह अपनी पूरी ताकत और कला झोंक देता है, क्योंकि यही कंघी तय करती है कि वह किस लड़की को पसंद आएगी। 
घोंटुल में आई लड़की को जब कोई लड़का पसंद आता है तो वह उसकी कंघी चुरा लेती है। यह संकेत होता है कि वह उस लड़के को चाहती है। जैसे ही वह लड़की यह कंघी अपने बालों में लगाकर निकलती है, सबको पता चल जाता है कि वह किसी को चाहने लगी है।  इसके बाद दोनों एक ही झोंपड़ी में रहने लगते हैं। घोटुल एक बड़े कुटीर को कहते हैं, जिसमें पूरे गांव के बच्चे या किशोर सामूहिक रूप से रहते हैं। इसके लिए विवाहित पारिवारिक जोड़े इकट्ठा होते हैं और एक नई झोपड़ी का निर्माण करते हैं। यह जनजातीय गांवों का सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र होता है। जिसे रंगों की मदद से आदिवासी शैली में सजाया जाता है। 


जिसके लिए मिट्टी, लकड़ीतख्तियां और बारूद का उपयोग किया जाता है। यह एक प्रकार का सामूहिक आयोजन होता है, जहां लोग अपनी बोली, नाच, गाने और परंपरागत रिवाजों के साथ आयोजन का आनंद लेते हैं। घोटुल संबंधी परंपराओं में अलग-अलग क्षेत्रों में अंतर देखने को मिलता है। कुछ क्षेत्रों में जवान लड़के-लड़कियां घोटुल में ही सोते हैं। जबकि कुछ क्षेत्रों में वे दिन भर घोटुल में रहने के बाद रात को अपने-अपने घरों पर सोने जाते हैं। वहीं कुछ क्षेत्रों में नौजवान लड़के-लड़कियां आपस में मिलकर जीवन साथी चुनते हैं। हालांकि यह परंपरा अब धीरे-धीरे कम हो रही है।

Saturday, October 21, 2023

ऑनलाइन सट्टेबाजी 6,000 करोड़ रुपये का महादेव ऐप घोटाला 19 नामचीन लोग शामिल...ईडी

ईडी अधिकारी के अनुसार बॉलीवुड सितारों, प्रभावशाली लोगों और टीवी अभिनेताओं पर केंद्रित है। जिन्हें कथित तौर पर ऐप को बढ़ावा देने के लिए हवाला के जरिये भुगतान किया गया था। ईडी के अधिकारियों ने कहा कि कम से कम 19 ए-लिस्टर्स, जिनमें सौरभ चंद्राकर की शादी में प्रोग्राम करने वाले लोग भी शामिल हैं, रडार पर हैं। पांडेय ने अभियोजन शिकायत दर्ज होने के बाद रायपुर जिला अदालत में रणबीर कपूर,श्रद्धा कपूर और हुमा कुरेशी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है लेकिन वे सहयोग नहीं कर रहे हैं। हम अपने पास मौजूद कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 44 और 45 के तहत 14 लोगों के 
खिलाफ महादेव ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले में अपनी पहली चार्जशीट दायर की है। जांच एजेंसी ईडी के वकील सौरभ पांडेय ने इसकी पुष्टि की है। ईडी के अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि घोटाला 6,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। ईडी ने अपराध की आय के रूप में कुल 41 करोड़ रुपये पहले ही अस्थायी रूप से जब्त किए हैं। घोटाले के कथित किंगपिन और महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को ईडी ने मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नामित किया है। एजेंसी ने दोनों पर ऐप के जरिए जुआ खेलने और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। 
आरोपी सतीश चंद्राकर को रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर के दुबई भाग जाने पर महादेव ऐप के संचालन में मदद करने के लिए नामित किया गया है।  पांडेय ने बताया कि सतीश ने पैसे दिए और महादेव ऐप के लिए आईडी खरीदी। इस आईडी का उपयोग ऐप का उपयोग करके दूसरों को दांव लगाने के लिए किया जाता था। आय को सतीश चंद्राकर और दुबई स्थित प्रमोटरों द्वारा 70-30 फीसदी के हिसाब से बांटा गया था। ईडी की 197 पन्नों की चार्जशीट में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, विकास छापरिया, चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर, अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, विशाल आहूजा, धीरज आहूजा, सृजन एसोसिएट्स के जरिये से पुनाराम वर्मा, शिव कुमार वर्मा

पुनाराम वर्मा, शिव कुमार वर्मा, यशोदा वर्मा और पवन नैथानी का नाम आरोपियों की लिस्ट में शामिल है। सबूत के रूप में 8,800 से अधिक पेज के दस्तावेजों का हवाला दिया गया है। अदालत 25 नवंबर को इस पर फैसला कर सकती है।

नवरात्रि व्रत ने भी रहें सेहत से हिट एंड फिट इन प्राकर्तिक पेयजल से....

नवरात्रि के दिनों मे कई देवी दुर्गा माता के भक्तगण अल्प आहार या कुछ लोग सिर्फ पानी या प्राकर्तिक पेजजल पर निर्भर रहकर व्रत रख अपनी श्रद्धा-आस्था से नमन करते है। 9 दिनों तक चलने वाले व्रतों को जारी रखने के लिए पर्याप्त न्यूट्रिशन की जरुरत होती है।ऐसे में वे कौनसे प्राकर्तिक पेजल है जिसे पीकर आप अपने आप को एनर्जी से भरपुर महसूस करेंगे,आपकी शारीरिक थकान व सुस्ती-आलस्य छूमंतर हो जाएगा।# हर्बल चाय:- आप पुदीने की पत्तियां, तुलसी और अदरक जैसी इंग्रेडिएंट्स का यूस करके हर्बल चाय तैयार कर सकते हैं। ये चाय न केवल हाइड्रेटिंग हैं बल्कि फ्रेश भी हैं। # गुलाब जल:- इस टेस्टी ड्रिंक को बनाने के लिए, एक गिलास ठंडा दूध लें, इसमें बादाम, गुलाब जल और शहद मिलाकर पी सकते है।# फ्रूट जूस:- आप ताजे निचोड़े गए फलों के रस जैसे सेब, अनार, या 
संतरे के रस का आनंद ले सकते हैं।  आपको फ्रेश फ्रूट का यूज़ ही करना है ताकि आपको जूस भी फ्रेश मिले। # नींबू पानी:- नींबू में विटामिन-सी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, तो वहीं पाचन के लिए नींबू काफी कारगर माना जाता है। यह ड्रिंक बॉडी को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है। वजन कम करने के लिए भी नींबू पानी पीने की सलाह दी जाती है। # मिन्टी कुकुम्बर का पानी:- ताजे खीरे के टुकड़े और कुछ पुदीने की पत्तियों को पानी में डालें। यह कॉम्बिनेशन न केवल हाइड्रेटिंग है, बल्कि ठंडा और फ्रेश भी है। जिसे पीने के बाद आप डेफिनेटली एनर्जेटिक फील करेंगे।
#फलयुक्त जल:- पानी के एक घड़े में सेब, संतरे, या अनार जैसे फलों के टुकड़े डालकर अपना खुद का फल-युक्त पानी बनाएं। फ्रूट्स की नेचुरल स्वीटनेस और टेस्ट जिसे पीने के बाद आप फ्रेश महसूस करेंगे। # छाछ:- बटरमिल्क जिसे छाछ के नाम से भी जाना जाता है, एक क्लासिक इंडियन ड्रिंक है, जो दही को पानी के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इसमें एक चुटकी सेंधा नमक, धनिया पत्ती, भुना जीरा मिलाया जाता है और छाछ बनाने के लिए इसे मिक्स किया जाता है। # नारियल पानी:- नारियल पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, 

क्योंकि इसमें पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते है। इसे पीने से शरीर फ्रेश फील करता है। नारियल पानी पीने से स्किन को भी लाभ पहुंचता है। रोजाना नारियल पानी पीने से चेहरा ग्लोइंग और खूबसूरत बनता है। # चौलाई (राजगिरा) शर्बत:- रामदाना या राजगिरा अमरांथ या चौलाई का बीज होता है। ये चौलाई हरी नहीं बल्कि लाल होती है। लाल चौलाई को लाल साग या लाल भाजी भी कहा जाता है।  लाल चौलाई में आयरन और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। रामदाना उपवास के समय बहुत ही पौष्टिक फलाहार होता है।

शनि की साढ़े साती से दिलाए मुक्ति शमी का पेड़....

बीते युग महाभारत में पांडवों ने अज्ञातवास के समय में अपने अस्त्र-शस्त्र शमी के वृक्ष में ही छिपाए थे। आयुर्वेद में भी शमी का काफी अधिक महत्व है। कई दवाओं में इस पेड़ की पत्तियां, जड़ और तने का उपयोग होता है। गणेश जी को हर बुधवार शमी के पत्ते चढ़ाने  चाहिए। दूर्वा की तरह ही शमी पत्ते भी गणेश जी को प्रिय हैं। मान्यता है कि शमी में शिवजी का वास होता है,इसी वजह से ये पत्ते गणेश जी को प्रिय हैं। ये पत्ते शिवलिंग पर भी अर्पित करने चाहिए। जिन लोगों की कुंडली में शनि के दोष होते हैं,उन्हें हर शनिवार शमी के 
पत्ते शनि देव को चढ़ाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि शमी पत्तों से शनि प्रसन्न होते हैं और कुंडली के दोष दूर होते है। शमी को नियमित सींचने के साथ इसके आगे दीपक जलाएं। रोजाना कम से कम एक पत्ती भगवान शिव को चढ़ाएं। ध्यान रहे कि बिना स्नान किये व रात को इसका स्पर्श बिल्कुल ना करें।  किसी भी काम से घर से निकलते समय भी इसका दर्शन करें। शमी के पेड़ को घर में भी लगाया जा सकता है। यह पीपल व बड़ की तरह वर्जित नहीं है। घर में इसे विजयादशमी या शनिवार को उत्तर- पूर्व में लगाना श्रेष्ठ माना गया है। 
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, घर की उत्तर-पूर्व दिशा के कोने में शमी का पौधा लगाना चाहिए। किसी भी शुभ दिन शमी अपने घर में लगा सकते हैं। इस पौधे की पूजा नियमित रूप से करनी चाहिए। ऐसी मान्यता है कि शमी के पौधे से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और वास्तु के कई दोष दूर होते हैं।

Tuesday, January 14, 2020

आपका ईमेल भी पर्यावरण के लिए खतरनाक पहुंचाता है प्रथ्वी को नुकसान....?


क्या आप जानते है आपका हर छोटा ईमेल धरती को विनाश की तरफ एक कदम और नजदीक ले जा रहा है। आपके इनबाक्स में हजारों ऐसे ईमेल दिख जाएंगे जिन्हें आप खोल कर भी नहीं देखते या सिर्फ नोटिफिकेशन में ही देख लेते हैं कि वो आपके काम का है या नहीं। शिष्टाचार के तौर पर कई बार ईमेल पर सिर्फ थैंक यू या वेलकम का ईमेल करना आम बात है। इस तरह के ईमेल करते हुए आपने सोचा भी नही होगा की आपका ये ईमेल पृथ्वी को विनाश की तरफ ले जा रहा है। इस एक ईमेल से शायद आपकी जीवन में कोई असर न पड़े,लेकिन पृथ्वी पर इसका गहरा असर पता है। 
आपके हर ईमेल से कार्बन उत्सर्जन होता है जो पृथ्वी पर ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाता है। ब्रिटेन की एक एनर्जी कंपनी के रिसर्च का दावा है कि ब्रिटेन में हर दिन करीब 6 करोड़ 40 लाख ऐसे ईमेल किए जाते हैं जिनकी जरुरत नही होती। इनमें सबसे आम होते हैं थैंक यू ईमेल। इन ईमेल की वजह से हर साल 16,433 टन कार्बन रिलीज होता है। आप इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि साल भर में मुंबई से दिल्ली की 81,152 फ्लाइट से जितना कार्बन रिलीज होता है, 3,334 डीजल गाडियों से जितना कार्बन वातावरण में जाता है। उतना सिर्फ ब्रिटेन में साल भर के अनावश्यक ईमेल से होता है।
आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले ईमेल जो ब्रिटेन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। आप भी दिन भर इस तरह के मेल करते होगें, या आपके पास इस तरह के ईमेल आते होगें लेकिन सवाल ये है कि क्या वाकई इस तरह के ईमेल की जरुरत नहीं है? या अगर कोई आपको ईमेल पर इस तरह के मैसेज न करे तो क्या आपके काम में फर्क पड़ेगा या आपको बुरा लगेगा। कई लोगों का मानना है कि इस तरह के छोटे-छोटे ईमेल करने से उनके बॉस, क्लाइंट खुश होते हैं,लेकिन क्या ये ईमेल पर्यावरण से ज्यादा जरुरी है? इस सवाल का जवाब भी इसी रिपोर्ट में है। 
71% लोगों का कहना है कि उन्हें THANK YOU  ईमेल न मिलने से कोई परेशानी नहीं है वहीं 87% लोग मानते हैं कि उन्हे खुशी होगी अगर इस तरह से ईमेल ट्रैफिक कम करके वो पर्यावरण को बचा सकेंगे। ये स्टडी सिर्फ ब्रिटेन में की गई है जिसकी जनसंख्या सिर्फ 6-7 करोड़ है. जिसमें से 4.51 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं और सिर्फ ब्रिटेन में अगर इन गैरजरूरी ईमेल से हर साल 16,433 टन कार्बन उत्सर्जन होता है, तो जरा सोचिए दुनिया भर में जहां 340 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं कितना कार्बन हवा में रिलीज कर रहे हैं। दुनिया भर में अभी ये आंकड़ा तो नही आया है,लेकिन ब्रिटेन का ये आकड़ा हमें सचेत करने के लिए काफी है और ये बताने के लिए काफी है कि ये छोटे-छोटे ईमेल पृथ्वी पर बड़ा बोझ बनते जा रहे हैं।

Sunday, January 12, 2020

गर्भ में लड़की है या लड़का,भूत विज्ञान के साथ कुंडली देख बताते हैं बीमारी, कराते हैं हिंदी में इंजीनियरिंग ये यूनिवर्सिटीज....


काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 13 जनवरी के बाद से आयुर्वेद विभाग में एक नया सर्टिफिकेट कोर्स भूत विज्ञान शुरू हो रहा है। इसी तरह से देश के कई विश्वविद्यालयों में ऐसे रोचक कोर्स कराए जाते हैं,जिनके बारे में हम आपको बता रहे हैं। # बनारस विश्वविद्यालय में होगी 'भूत विज्ञान' की पढ़ाई:-विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष यामिनी भूषण ने बताया कि एकेडमिक काउंसिल ऑफ काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने इस कोर्स को मान्यता भी दे दी है। इस कोर्स की फीस 50 हजार रुपये होगी और इसकी अवधि 6 महीने की होगी। कोर्स को शुरू करने के साथ ही पहले सत्र में विभाग ने इसकी कुल 10 सीटें निश्चित की हैं। 
इस कोर्स का नाम सुनकर आपको लगता होगा कि इसमें क्या पढ़ाया जाएगा तो हम आपको बता दें कि इसमें साइकोलॉजी, फिजियोलॉजी, एनाटॉमी, मेडिसिन विषय की पढ़ाई होगी। कौन कर सकता है आवेदनभूत विज्ञान में अगर आप डिप्लोमा करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको मेडिकल ग्रेजुएट होना चाहिए। अन्य दूसरे स्ट्रीम के स्टूडेंट इस कोर्स में दाखिला नहीं ले सकते। इस कोर्स का उद्देश्य मानसिक बीमारी को भूत-प्रेत का असर मानने के अंधविश्वास को दूर करना है।
# छात्र ज्योतिष से बताते हैं पेट में लड़का है या लड़की:- देश के दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जीवाजी यूनिवर्सिटी में एमए ज्योतिर्विज्ञान की पढ़ाई कराई जाती है। दो साल के इस डिग्री प्रोग्राम में चार सेमेस्टर हैं। इस कोर्स की खासियत यह है कि यहां छात्रों को ज्योतिषीय गणना के द्वारा गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग बताने की कला सिखाई जाती है। कोर्स की दूसरी खासियत यह है कि कुंडली देख कर यह बताना सिखाया जाता है कि आगे व्यक्ति को कौन सा रोग हो सकता है और वह कैसे ठीक होगा। इस कोर्स की फीस 20 हजार रुपए है। नेता बनना सिखाती है यह यूनिवर्सिटी:- पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए गवर्नमेंस एंड लीडरशिप प्रोग्राम की पढ़ाई कराई जाती है, जिसमें छात्रों को भाषण देना सिखाया जाता है। विश्वविद्यालय में इसकी कुल 15 सीट हैं। 
विश्वविद्यालय इसी विषय में एक डिप्लोमा कोर्स भी चलाता है।  इसमें भी 15 सीटें हैं। इस कोर्स में छात्रों को चुनाव प्रक्रिया, कैंपेनिंग करना और भाषण देना, वोट बटोरने के लिए संवाद कला सिखाई जाती है। यहां के छात्र मंत्रों से ठीक करते हैं डायबिटीज:- राजस्थान में जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में मंत्र से चिकित्सा का कोर्स कराया जाता है। इस यूनिवर्सिटी में मंत्र प्रतिष्ठान के बैनर तले एडमिशन शुरू हो रहे हैं। इस विभाग में रिसर्च भी कराया जाता है। इस कोर्स में मधुमेह, ब्रेन, हार्ट सहित कई गंभीर बीमारियों का मंत्र के द्वारा इलाज करना सिखाया जाता है।
गर्भ संस्कार का कोर्स, हिंदी में इंजीनियरिंग:- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में 2014 से गर्भ संस्कार तपोवन केंद्र खुला है। विश्वविद्यालय दावा करता है कि गर्भवती महिलाओं को हिंदू संस्कारों और गर्भ संवाद के जरिए स्वस्थ और बुद्धिमान शिशु पैदा करने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही इस विश्वविद्यालय में हिंदी में इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई कराई जाती है।

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