Tuesday, November 7, 2023

प्लास्टिक पर निर्भर जीवन कितना घातक.....

साइंस जर्नल एसीएस पब्लिकेशन्स में छपी एक स्टडी के एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर साल हम 39 से लेकर 55 हजार प्लास्टिक के टुकड़े निगल जाते हैं या सांस के जरिए ये हमारे शरीर में पहुंच रहे हैं। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इंसानों की नसों में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक का पता लगाया है। इस स्टडी में पता चला है कि हर ग्राम ऊतक में माइक्रोप्लास्टिक के लगभग 15 कण मिले हैं। माना जाता है कि इस तरह हर हफ्ते एक व्यक्ति के शरीर में लगभग एक क्रेडिट कार्ड जितना प्लास्टिक पहुंच रहा है। ये प्लास्टिक नसों से होता हुआ हार्ट और ब्रेन तक पहुंच जाता है। प्लास्टिक की खोज एक एक्सीडेंट से हुई थी। दरअसल 1846 में प्रसिद्ध जर्मन रसायनशास्त्री क्रिश्चियन शॉनबीन 
अपने किचन में कुछ प्रयोग कर रहे थे। इस बीच गलती से उनसे नाइट्रिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड का मिश्रण नीचे गिर गया। इस घोल को पोछने के लिए उन्होंने एक कपड़ा लिया और पोछा लगाने के बाद उस कपड़े को चूल्हे पर रख दिया। कुछ समय बाद कपड़ा गायब हो गया और एक पदार्थ बचा। जिसे प्लास्टिक के रूप में जाना गया। प्लास्टिक एक ऐसी सामग्री है जो किसी सिंथेटिक या अर्ध-सिंथेटिक प्रकार के पॉलिमर से निर्मित हुई है। पॉलिमर एक बड़ा अणु है जो जुड़े हुए दोहराए जाने वाली चीजों या छल्लों से बना होता है
जिन्हें मोनोमर्स कहते हैं। रेशम, रबर, सेलूलोज, केराटिन, कोलेजन और डीएनए प्राकृतिक पॉलिमर के कुछ उदाहरण हैं और ये पॉलिमर का आकार है जो प्लास्टिक को प्लास्टिसिटी देता है। प्लास्टिक लगभग किसी भी कार्बनिक पॉलिमर से बनाया जा सकता है। पहला सिंथेटिक प्लास्टिक प्लांट का निर्माण सेलूलोज से किया गया था, लेकिन आज अधिकांश प्लास्टिक पेट्रोकेमिकल्स से बनाया जाता है। ऐसे में अक्सर इसमें कुछ अतिरिक्त कृत्रिम मसाला देने के लिए अतिरिक्त एडिटिव्स डाले जाते हैं।



प्लास्टिक एक ऐसा पदार्थ है जिसे खत्म होने में सदियां बीत जाती हैं। यदि ये किसी खेत में चला जाए तो वहां सदियों तक जीवित रहता है और इससे उस खेत की उर्वरा शक्ति पर भी असर पड़ता है। वहीं यदि इसे जलाया जाए तो ये पूरी तरह खत्म नहीं होता और इसके धुएं से वायु प्रदूषण जैसी स्थितियां सामने आती हैं। इसके अलावा प्लास्टिक के तत्वों के भोजन में मिल जाने से अस्थमा, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यहां तक कि प्लास्टिक निर्माण के समय निकलने वाली जहरीली गैस पर्यावरण को प्रदूषित करती है। सिंगल यूज प्लास्टिक में थर्माकोल से बनी प्लेट, कप, ग्लास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, पुआल, ट्रे, मिठाई के बक्सों पर लपेटी जाने वाली फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट पैकेट की फिल्म, प्लास्टिक के झंडे, गुब्बारे की छड़ें और आइसक्रीम पर लगने वाली स्टिक, क्रीम, कैंडी स्टिक और 100 माइक्रोन से कम के बैनर होता है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसे प्लास्टिक न तो डिकंपोज होते हैं और न ही इन्हें जलाया जा सकता है। 

इनके टुकड़े पर्यावरण में जहरीले रसायन छोड़ता है जो इंसानों और जानवरों के लिए खतरनाक होते हैं। वहीं सिंगल यूज प्लास्टिक का कचरा बारिश के पानी को जमीन के नीचे जाने से भी रोकता है। जिससे लगातार ग्राउंड वाटर लेवल में कमी आती है। भारत में प्लास्टिक का आगमन लगभग 60 के दशक में हुआ था। आज स्थिति ये हो गई है कि महज 60 साल में ये प्लास्टिक कूड़े के पहाड़ में बदल गया है। कुछ साल पहले भारत में सिर्फ आटोमोबाइल क्षेत्र में इसका उपयोग पांच हजार टन वार्षिक था। संभावना ये भी जताई गई कि इसी तरफ उपयोग बढ़ता रहा तो जल्द ही ये 22 हजार टन तक पहुंच जाएगा। भारत में जिन इकाईयों के पास यह दोबारा रिसाइकिल के लिए जाता है वहां प्रतिदिन 1,000 टन प्लास्टिक कचरा जमा होता है। 
इस प्लास्टिक के कचरे का 75 फीसदी भाग कम मूल्य की चप्पलों के निर्माण में खपता है। 1991 में भारत में इसका उत्पादन 9 लाख टन था। आर्थिक उदारीकरण की वजह से प्लास्टिक को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक समुद्रों में लगभग 20 करोड़ टन प्लास्टिक का कचरा जा चुका है। 2016 तक ये आंकड़ा हर साल 104 करोड़ टन था जो 2040 तक 307 करोड़ टन हने का अनुमान है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जिस तेजी से समंदरों में प्लास्टिक का कचरा फैल रहा है यदि यही रफ्तार रही तो 2050 तक समुद्रों में मछलियों से ज्यादा प्लास्टिक होगा।

किसके पास कितना पैसा...? बिहार में जातीय गणना के बाद आर्थिक सामाजिक सर्वे रिपोर्ट पेश....

बिहार नीतीश सरकार की ओर से जातीय गणना का आर्थिक सामाजिक सर्वे रिपोर्ट पेश किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में पिछड़े वर्ग के 33 फीसदी लोगों की महीने की आय 6 हजार तक है। 29 फीसदी की आय 6 से 10 हजार है। 18 फीसदी की मासिक आय 10 से 20 हजार है। 10 फीसदी की आय 20 से 50 हजार है और सिर्फ 4 फीसदी आबादी की मासिक आय 50 हजार या इससे अधिक है। वहीं अनुसूचित जाति में 42 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिनकी महीने की आय छह हजार तक है। 29 फीसदी की आय छह से 10 हजार तक है। 15 फीसदी की आय 10-20 हजार तक है। पांच फीसदी की आय 20 से 50 हजार तक है और एक फीसदी की आय 50 हजार रुपये से ज्यादा है। वहीं अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 33 फीसदी की महीने की आय 20 हजार रुपये तक है। 32 फीसदी की आय 6 से 10 
हजार रुपये है। 18 फीसदी की आय 10 से 20 हजार रुपये है। सिर्फ 2 फीसदी लोगों की महीने की आय 50 हजार रुपये से अधिक है। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति वर्ग में 42 फीसदी लोगों की महीने की आय 10 हजार रुपये तक है। 25 फीसदी की आय 6 से 10 हजार रुपये है। 16 फीसदी लोगों की आय 10 से 20 हजार रुपये है। 8 फीसदी की आय 20 से 50 हजार रुपये है। 





केवल 2.53 फीसदी लोगों की मासिक आय 50 हजार रुपये या अधिक है। इस रिपोर्ट में बिहार में लोगों की आर्थिक आय कितनी है, इसकी विस्तार से जानकारी दी है। आंकड़ों के मुताबि, सामान्य वर्ग की करीब 25 फीसदी लोगों के महीने की आय 6 हजार रुपये तक है। 23 फीसदी की आय 6 से 10 हजार रुपये है। 19 फीसदी की आय 10 हजार से 20 हजार रुपये है। 16 फीसदी की आय 20 हजार से 50 हजार के बीच है। सिर्फ 9 फीसदी लोग ऐसे हैं जिनके महीने की आय 50 हजार रुपये से ज्यादा है।

डॉक्टरो की कमी से जूझ रहा मेडिकल कॉलेज से लेकर अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र झारखंड सरकार हुई चिंतित....

झारखंड राज्य के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज रिम्स में हाल में 100 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाले जाने और इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद मात्र 33 डॉक्टरों का ही चयन किया जा सका। इन पदों के लिए रिम्स में बीते 12 से 17 अगस्त तक इंटरव्यू लिए गए थे। रिम्स निदेशक डॉ.राजीव गुप्ता बताते हैं कि सभी संकायों के लिए कुल 58 आवेदक ही इंटरव्यू के लिए पहुंचे थे। मेडिसिन, ऑर्थो, नेत्र, रेडियोलॉजी, ब्लडबैंक, कार्डिएक एनेस्थिसिया, सुपरस्पेशलिटी इमरजेंसी और सेंट्रल इमरजेंसी में कई पद खाली रह गए। इसी तरह बीते सितंबर महीने में जेपीएससी (झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन) की ओर से गैर शैक्षणिक विशेषज्ञ 
चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए आयोजित इंटरव्यू में बेहद कम संख्या में उम्मीदवार पहुंचे। नॉन टीचिंग स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के 771 पदों के लिए इंटरव्यू लिया गया, जिसमें मात्र 266 उम्मीदवार ही इंटरव्यू में शामिल हुए। इससे पूर्व भी आयोग की ओर से साल 2015 में 654 पदों पर नियुक्ति के लिए इंटरव्यू लिया गया था,लेकिन उम्मीदवारों के नहीं आने से 492 पद खाली रह गए। डॉक्टरों के सरकारी नौकरी में दिलचस्पी न लेने की पीछे कई वजहें हैं। 
एक तो ज्यादातर डॉक्टरों को कॉरपोरेट और प्राइवेट हॉस्पिटल्स में ऊंचे पैकेज की नौकरियां रास आ रही हैं,दूसरी वजह यह है कि उन्हें झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों और संसाधनविहीन हॉस्पिटलों में पोस्टिंग पसंद नहीं है। कई डॉक्टर्स बड़े शहरों की ओर रुख कर रहे हैं। गौरतलब है कि झारखंड में सरकार को डॉक्टर ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं।  बार-बार वैकेंसी निकाले जाने के बाद भी मेडिकल कॉलेजों से लेकर प्रखंडों के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के पद बड़ी संख्या में खाली रह जा रहे हैं। जितनी संख्या में वैकेंसी निकल रही है, उतनी संख्या में भी आवेदक नहीं आ रहे।

बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टिया भ्रष्टाचार और लूट में माहिर....I.N.D.I.A गठबंधन को भी लेकर कही बड़ी बात अखिलेश यादव ने...

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दमोह में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश को एक नई विचारधारा,एक नई पार्टी और एक नए गठबंधन की जरूरत है। हमें उम्मीद है कि पीडीए गठबंधन बनाएगी और एनडीए (NDA) और कांग्रेस दोनों हारेंगे। बीजेपी और विपक्षी दल कांग्रेस की नीतियां एक जैसी हैं और दोनों पार्टियां भ्रष्टाचार और लूट में लिप्त हैं। साथ ही इन पार्टियों की गलत नीतियों के कारण किसान परेशान हैं,जबकि महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है। बीजेपी और कांग्रेस एक ही हैं,उनकी नीतियां एक जैसी हैं। दोनों पार्टियों ने मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और लूट मचा रखी है। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि 
दोनों पार्टियों ने दलितों और आदिवासियों को धोखा दिया है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि दलित और आदिवासी लोग गरीब रहें और उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण भी नहीं दिया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि बीजेपी और कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण समाज का हर वर्ग परेशान है।


उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस की नीतियां गरीबों, किसानों और युवाओं के हितों के लिए हानिकारक थीं और अब बीजेपी भी उसी राह पर है। अखिलेश यादव ने दोनों पार्टियों पर ओबीसी, दलित और आदिवासियों से झूठे वादे करने और उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया. अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने युवाओं का भविष्य खराब कर दिया है. इसलिए अखिलेश ने लोगों से 17 नवंबर को मतदान के दिन दोनों पार्टियों को सबक सिखाने की अपील की। अखिलेश यादव ने कहा कि जिन राज्यों में गरीब, किसान, ओबीसी, दलित, अल्पसंख्यक और आदिवासी एक साथ आ जाएं



वहां बीजेपी और कांग्रेस का सफाया किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सपा किसानों, गरीबों और युवाओं के हित के लिए लड़ेगी।

शेरसिंह का 93 साल से नहीं जुड़ पाया मतदाता लिस्ट में नाम इस वर्ष पहली बार किया मतदान....

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के कांकेर जिले के अंतर्गत भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले शेरसिंह हिड़को ने 93 साल की उम्र में पहली बार मतदान केंद्र पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया। दरअसल, छत्तीसगढ़ में विधानसभा के चुनाव के तहत मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया गया था। इस कार्यक्रम के तहत नए 
मतदाताओं का नाम जोड़ने समेत मृत मतदाताओं का नाम हटाने, नाम ट्रांसफर करने की प्रक्रिया की गई थी। इस दौरान कांकेर जिले के ग्राम भैसाकन्हार के रहने वाले 93 वर्षीय बुजुर्ग शेरसिंह हिड़को को मतदाता सूची में नाम जोड़ा गया  जो आज पहली बार विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शेरसिंह भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र 93 के अंतर्गत भैंसा कन्हार (क) बूथ पर मतदान किया है। बता दें कि  अब तक शेरसिंह हिडको का नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाया था। जिसके चलते वो लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर पा रहे थे।  

बीजेपी में शामिल होते ही अवैध महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप भी हो जाएगा वैध हर हर महादेव ऑनलाइन ऐप.. उद्धव ठाकरे का तंज

महराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल बीजेपी में शामिल नहीं होंगे,लेकिन अगर वह शामिल होते हैं तो महादेव सट्टेबाजी ऐप हर हर महादेव ऐप बन जाएगा और उनके खिलाफ सभी कानूनी मामले सुलझ जाएंगे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले अवैध महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में फंस गए। बीजेपी ने रविवार को महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले के आरोपी शुभम सोनी का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह कह रहा था कि 
वह ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म का मालिक है। उसने सीएम भूपेश बघेल और अन्य लोगों को अब तक 508 करोड़ रुपये देने का दावा किया। उसने कहा कि उसके पास इस बात का सबूत है। वह दुबई भी भूपेश बघेल के कहने पर ही गया था। उद्धव ने बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बीजेपी में शामिल हो जाते हैं तो उन्हें क्लीन चिट मिल जाएगी। शिवसेना नेता ने यह बात मुंबई में एक बुक लॉन्च कार्यक्रम में कही। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर सीएम भूपेश बघेल अपनी पार्टी बदल लेते हैं तो महादेव सट्टेबाजी ऐप हर हर महादेव बन जाएगा।  

Monday, November 6, 2023

केंद्र सरकार दवारा बैन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती पर कोर्ट ने लगाई PFI को फटकार.....

केंद्र सरकार ने PFI को गैरकानूनी संगठन घोषित करते हुए उसपर 5 साल का प्रतिबंध लगाया है। UAPA के तहत गठित एक ट्रिब्यूनल ने भी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया को गैर कानूनी संगठन घोषित करने वाले केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया था। जिसके बाद संगठन ने इस फैसले को हाईकोर्ट ले जाए बिना सीधे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने संगठन से कहा है कि वह हाईकोर्ट जाए बिना सीधे सुप्रीम कोर्ट कैसे आ गए। बता दें कि देश में सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोप में पिछली साल 27 सितंबर को केंद्र सरकार ने पीएफआई पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।  केंद्र सरकार के UAPA के तहत प्रतिबंध के खिलाफ 
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने PFI की बैन के खिलाफ दाखिल याचिका खारिज कर दी और हाईकोर्ट जाने को कहा है।  सर्वोच्च अदालत ने पीएफआई से कहा कि ट्रिब्यूनल के आदेश को पहले हाईकोर्ट में चुनौती देनी चाहिए थी लेकिन आप सीधे सुप्रीम कोर्ट चले आए, इसीलिए आप हाईकोर्ट जाइए। दरअसल PFI ने ट्रिब्यूनल द्वारा UAPA के तहत प्रतिबंध बरकरार रखने के फैसले को सीधे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मार्च महीने में दिल्ली हाई कोर्ट ट्रिब्यूनल ने केंद्र सरकार द्वारा PFI पर भारत में लगाए बैन के फैसले को बरकरार रखा था। 
गृह मंत्रालय ने 28 सितंबर 2022 को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत पीएफआई और उसके 8 सहयोगियों को 5 साल के लिए बैन कर दिया था। पीएफआई पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) जैसे वैश्विक आतंकवादी संगठनों से संबंध रखने का आरोप है। केंद्र ने पीएफआई और उसके जिन सहयोगी संगठनों पर रोक लगाई थी उनमें, जिसमें रेहाब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), ऑल इंडिया इमाम्स काउंसिल (एआईआईसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यमून राइट्स ऑर्गनाइज़ेशन (एनसीएचआरओ), नेशनल वूमंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, इम्पावर इंडिया फाइंडेशन और रेहाब फाउंडेशन, केरल शामिल थे।

CG चुनाव कांग्रेस देगी अंतिम संस्कार के लिए फ्री लकड़ी,भाजपा कराएगी अयोध्या यात्रा...

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और बीजेपी ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। बीजेपी ने अयोध्या में बन रहे राम लल्ला के मंदिर से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ के लोगों को राम लल्ला दर्शन योजना लागू करने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है और ननिहाल के लोग अयोध्या आसानी से जाए इसकी हम व्यवस्था करेंगे। दूसरी तरफ कांग्रेस ने शहरी क्षेत्रों में अंतिम संस्कार के लिए लोगो को फ्री में लकड़ी उपलब्ध कराने का वादा किया है। कांग्रेस ने कहा है कि शहरों में लड़की के लिए जूझना पड़ता है। दरअसल,रामायण काल में छत्तीसगढ़ को दक्षिण कौशल के नाम से जाना जाता था। राजा दशरथ ने दक्षिण कौशल के 
राजा भानुमंत की बेटी कौशल्या से विवाह किया। इसके बाद अयोध्या और दक्षिण कौशल का रिश्ता जुड़ गया। छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल माना गया। इसके पीछे आधार ये है कि देश में एकमात्र कौशल्या माता मंदिर छत्तीसगढ़ में है। राजधानी रायपुर से 27 किलोमीटर दूर चंद्रखूरी में माता का मंदिर है। जहां माता कौशल्या के गोद में राम लल्ला बैठे है।  इस लिए छत्तीसगढ़ भगवान राम को भांजा राम की तरह मानता है। वहीं दोनों पार्टियों ने किसानों पर सबसे बड़ा दांव लगाया है। बीजेपी ने किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी का वादा किया और कांग्रेस ने 3200 रुपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी का वादा किया है। इसके साथ ही राज्य की महिला वोट बैंक भी साधने की कोशिश की है। इसके अलावा जो लोगों को हैरान करने वाली घोषणा है जो चर्चा का विषय बना हुआ है।

ओवर कॉन्फिडेंस से बचना जरूरी.... कप्तान रोहित शर्मा

भारत ने पांच विकेट पर 326 रन बनाने के बाद दक्षिण अफ्रीका की पारी को 27.1 ओवर में 83 रन पर समेट दिया। विश्व कप में आठ मैचों में आठवीं जीत दर्ज करने के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने आधिकारिक प्रसारक से कहा कि टीम को अभी कुछ और मैच खेलने हैं और उसे अतिआत्मविश्वास से बचना होगा। उन्होंने कहा,हम अभी ड्रेसिंग रूम में इस बारे में ही बात कर रहे थे। हमें अतिआत्मविश्वास से बचते हुए अपनी पूरी क्षमता के साथ खेलना होगा।  रोहित ने कहा कि टीम ने पिछले तीन मैचों में बेहद ही शानदार खेल दिखाया है। उन्होंने कहा, पिछले तीन मैचों के प्रदर्शन को देखें तो हम स्थिति के अनुरूप ढलने के मामले में शानदार रहे हैं। इंग्लैंड 
के खिलाफ हम दबाव में थे, पिछले मैच में भी हमने पहले ओवर में ही एक विकेट खो दिया था, लेकिन अच्छा स्कोर बनाया और तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय कप्तान ने मैच में पांच विकेट चटकाने वाले हरफनमौला रविंद्र जडेजा की भी तारीफ की और कहा कि टीम के सभी खिलाड़ियों को उनकी भूमिका के बारे में पता है। उन्होंने कहा, आज जडेजा हमारे लिए शानदार उदाहरण बना। आखिरी ओवरों में उसने बल्ले से महत्वपूर्ण रन बनाये। फिर विकेट निकाले। वह अपनी भूमिका जानता है। उसे पता है कि उससे क्या अपेक्षाएं हैं।
उन्होंने कहा, हमें पता था कि यह चुनौतीपूर्ण होगा। हम जानते हैं कि लक्ष्य का पीछा करने के मामले में हमारी टीम के साथ क्या धारणाएं हैं। हमने आज भी इसके साथ कोई न्याय नहीं किया। जब हम एक बल्लेबाजी समूह के रूप में इसके बारे में बात करते हैं, तो ईमानदार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने मैच के शुरुआती 10 ओवर में ही दबदबा बना लिया था। भारतीय कप्तान ने कहा,यह आसान पिच नहीं थी। आपको कोहली की तरह के बल्लेबाज की जरूरत थी, जिसने परिस्थितियों को समझते हुए अच्छी बल्लेबाजी की। श्रेयस ने उनके साथ बेहतरीन साझेदारी निभाई और उसके बाद गेंदबाजों ने सही जगह पर गेंदबाजी की।

PJ-CM भगवंत मान और राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित का विवाद पहुँचा कोर्ट.....

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,राज्यपालों को थोड़ा आत्मावलोकन करने की आवश्यकता है,उन्हें पता होना चाहिए कि वे जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं। राज्यपालों को मामला अदालत में आने से पहले ही कार्रवाई करनी चाहिए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि राज्य के राज्यपाल ने उनके पास भेजे गए विधेयकों पर कार्रवाई की है। इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने सॉलिसिटर जनरल को अद्यतन स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया, मामले की सुनवाई 10 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले मामले को प्रधान न्यायाधीश डी.वाई.चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे.बी.पारदीवाला और 
न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ के समक्ष सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। याचिका में विधानसभा से पारित विधेयकों को मंजूरी के लिए राज्यपाल को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि इस तरह की असंवैधानिक निष्क्रियता से पूरा प्रशासन एक तरह से ठप पड़ गया है। राज्य सरकार की दलील है कि राज्यपाल अनिश्चित काल तक विधेयकों को रोक नहीं सकते हैं और संविधान के अनुच्छेद-200 के तहत प्राप्त उनकी शक्तियां सीमित है। इस अनुच्छेद में राज्यपाल की ओर से विधेयकों को रोकने या राष्ट्रपति को विचार के लिए भेजने की शक्तियां निहित हैं। 

दरअसल,विधानसभा से पारित बिल को मंजूरी देने में राज्यपाल की तरफ से देरी के खिलाफ पंजाब सरकार ने ये याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुक्रवार के लिए टाली। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्यपाल को कोई बिल सरकार को वापस भेजने का भी अधिकार है,लेकिन मामला कोर्ट तक आने से पहले राज्यपालों को निर्णय लेना चाहिए। कोर्ट ने पंजाब में विधानसभा सत्र लगातार चालू रखने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह संविधान में दी गई व्यवस्था नहीं है।

वायु प्रदूषण मस्तिष्क और हृदय पर करता है सीधा हमला...

डॉक्टरों के अनुसार, किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के लिए AQI 50 से कम होना चाहिए, लेकिन इन दिनों AQI 400 से अधिक हो गया है,जो फेफड़ों से संबंधित बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए घातक साबित हो सकता है। यहां तक ​​कि फेफड़ों के कैंसर का भी खतरा पैदा हो सकता है। बढ़ते प्रदूषण के बीच लोग सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की शिकायत करते हैं।  इसके मद्देनजर डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट ने लोगों के स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के खतरनाक प्रभाव के बारे में बताया है। डॉ. पीयूष रंजन (एडिशनल प्रोफेसर
मेडिसिन डिपार्टमेंट, एम्स), ने कहा कि ऐसे वैज्ञानिक प्रमाण हैं जो वायु प्रदूषण और विभिन्न प्रकार के कैंसर के बीच संबंध स्थापित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वायु प्रदूषण का श्वसन प्रणाली यानी रेस्पिरेटरी सिस्टम को नुकसान पहुंचाने के अलावा, हर्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक जैसी कोरोनरी धमनी रोगों से सीधा संबंध है। हेल्थ एक्सपर्ट ने बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन स्थिति के प्रति सचेत करते हुए भ्रूण पर बुरे प्रभाव की भी चेतावनी दी है।
डॉक्टरों के अनुसार, वायु प्रदूषण अगर एहतियात से नहीं निपटा गया तो यह मस्तिष्क और हृदय को नुकसान पहुंचाता है और सभी आयु समूहों में चिंता पैदा कर सकता है।  

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...