Saturday, October 28, 2023

विधायक महिला असुरक्षित,गौ माता को भी नहीं छोड़ा...CG-CM भूपेश पर भड़की भाजपा मंत्री लेखी

छत्तीसगढ़ के चुनावी तारीखों के बाद बीजेपी ने दोनों प्रत्याशियों की नामांकन रैली में केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी को बुलाया था, जिन्होंने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जमकर हमला बोला। यह भी कहा कि पांच साल पब्लिक ने बीजेपी को विपक्ष की भूमिका निभाने का जनादेश दिया, जिसे हमने बखूबी निभाया, लेकिन कांग्रेस सरकार ने वादा खिलाफी कर जनता के पैसे को केवल लूटने का काम किया। गांधी मैदान में कार्यकर्ता और जनसभा को संबोधित करते हुए मीनाक्षी लेखी  ने मुख्यमंत्री पर महादेव ऐप घोटाला में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भगवान महादेव के नाम पर भी घोटाला करने से बाज 
नहीं आ रहे हैं और महादेव एप के लोगों के साथ मिलकर बड़ा घोटाला कर रहे हैं। जो चोर है ईडी से डरे चुनावी सीजन में ईडी के सवाल पर लेखी ने कहा की ईमानदारी से रहो,तो ईडी भी क्या करेगी? नाम लिए बगैर कहा हमारे लोग (कांग्रेस) इनके राज पाठ में भुगते हैं।  इमरजेंसी तक लगा दिया गया था,जो चोरी कर रहे हैं उन्हें ही ईडी से डर बना हुआ है। जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया।
उन्होंने खुज्जी की विधायक छन्नी साहू पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जिस राज्य में सीएम अपनी विधायक को सुरक्षा नहीं दे सकते। वहां की महिलाओं की सुरक्षा कौन करेगा? इस बार पीएम मोदी द्वारा चुने हुए राजिम और बिंद्रा नवागढ़ के विधायक प्रत्याशियों को भारी बहुमत से जिताकर प्रधानमंत्री मोदी के पास भेजें। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि राम राज में घी मिले, कृष्ण राज में दूध और छत्तीसगढ़ में भूपेश राज में दारू मिले और गोबर बेचकर पी.। भूपेश बघेल सरकार ने तो गौ माता को भी नहीं छोड़ा। ऐसी लबरा और डबरा की सरकार को उखाड़ फेंकें। 



उन्होंने कहा कि 2 रूपए में गोबर खरीद कर 10 रुपए में मिट्टी युक्त खाद किसानों को दी। इससे अच्छा होता कि सरकार किसानों से कहती कि दो गड्ढे खोदें उसमें गाय का गोबर और भूसा और बचा चारा डालें और दो से तीन हफ़्ते में रसायन और यूरिया मुक्त खाद मिल जाता।
 

Friday, October 27, 2023

जेल में अय्याशी कर सारी सुख सुविधा लेते थे लालू प्रसाद यादव... बीजेपी नेता विजय कुमार सिन्हा

बीजेपी नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पर निशाना साधा। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि लालू यादव ने अपने मुख से खुद स्वीकार किया है कि वह जेल के मैनुअल को तोड़ते थे।  जेल में सोनिया गांधी और कई बड़े नेताओं से बात करते थे। उनके बयान से यह साफ हो गया है कि वह जेल में अय्याशी करते थे और सारी सुख सुविधा लेते थे। रांची के होटवार जेल में उनके लिए सारी व्यवस्था मौजूद थी। बीजेपी नेता ने कहा कि जेल अय्याशी के लिए नहीं सजा के लिए 
होती है, इसलिए जितने दिन लालू यादव ने जेल में काटा है न्यायालय से हम लोग मांग करते हैं कि उन्हें उतने ही दिन की फिर से सजा दी जाए। जेल में अगर उन्हें कड़ी सजा नहीं मिलेगी तो भ्रष्टाचार करने वाले लोगों में सुधार नहीं आएगा। गौरतलब है की आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने गुरुवार (26 अक्टूबर) को श्री बाबू की जयंती के मौके पर कांग्रेस के कार्यक्रम में मंच कहा था कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को उन्होंने ही सांसद बनवाया था। रांची जेल से उन्होंने सोनिया गांधी को फोन किया था। 
विजय कुमार सिन्हा से पहले बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा के सदस्य सुशील कुमार मोदी ने भी फोन कॉल को लेकर सवाल उठाए थे। 
गुरुवार को एक्स हैंडल पर सुशील कुमार मोदी ने लिखा कि, कांग्रेस ने श्री बाबू की जयंती में केवल लालू यादव को बुलाया। नीतीश को क्यों नहीं बुलाया? लालू-नीतीश पर दबाव बनाकर कांग्रेस को लोकसभा की लड़ने के लिए ज्यादा सीट दिलाएंगे? लालू जी, जेल में मोबाइल की अनुमति नहीं, फिर सोनिया जी से कैसे बात की?

झोलाछाप हकीम यूट्यूबर अब्दुल्ला पठान पर पुलिस ने कसा शिकंजा जाने क्या है पूरा मामला....

मुरादाबाद के कुंदरकी ढकिया जुम्मा निवासी झोलाछाप हकीम यूट्यूबर अब्दुल्ला पठान का पुलिस वर्दी में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस उसके घर पर दबिश भी दे चुकी है। आला अधिकारियों ने कहा कि पुलिस की वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर उसे वायरल करना एक संगीन अपराध है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने युट्यूबर झोलाछाप के दवाखाने पर छापामार कर वहां से बड़ी मात्रा में नकली दवाइयां जब्त की थी और अस्पताल सील कर दिया था। अब एक और मुकदमा युट्यूबर अब्दुल्ला पठान पर दर्ज 
होने के बाद आने वाले दिनों में उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। थाने के सब इंस्पेक्टर ने कहा है कि आरोपी अब्दुल्ला पठान ने पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो बनाई और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वांछित आरोपी यूट्यूबर अब्दुल्ला पठान के खिलाफ धारा 171 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यूट्यूबर अब्दुल्ला पठान नारियल को हाथों से फोड़ने, ट्रक को शरीर से बांधकर खींचने, बस को रोकने की महारत हासिल करने के बाद इतना फेमस हुआ कि उसने अपना दवाखाना ही खोल लिया और झोलझाप डॉक्टर बनकर लोगों की बीमारियों का इलाज करने लगा। 
फिल्मी दुनिया से जुड़े पहलवान खली के साथ भी उसकी वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। फिलहाल पुलिस इस यूट्यूबर को दो अलग अलग दर्ज हुए मुकदमों में तलाश कर रही है। कुंदरकी पुलिस का कहना है कि हर समय बाउंसर अपने साथ रखने वाला अब्दुल्ला पठान फरार है।

भक्ति की सुर कोकिला अलका नंदकरनी कैसे बनी अनुराधा पौडवाल..?

27 अक्टूबर 1954 के दिन कर्नाटक के करवार जिले में जन्मी अनुराधा पौडवाल मुंबई में पली-बढ़ीं। कोंकणी परिवार से ताल्लुक रखने वाली अनुराधा का बचपन मुंबई में बीता। एक दौर ऐसा था, जब बॉलीवुड में अनुराधा पौडवाल की तूती बोलती थी। शायद ही कोई ऐसी फिल्म होती थी, जिसके गाने अनुराधा पौडवाल की आवाज से सजे नहीं होते थे। अनुराधा पौडवाल का असली नाम अलका नंदकरनी है। इसका खुलासा अनुराधा पौडवाल ने खुद द कपिल शर्मा शो में किया था। अनुराधा ने बताया था कि उन्होंने अपना नाम शादी के बाद बदला था।  गौर करने वाली बात यह है कि अनुराधा पौडवाल ने संगीत की कोई ट्रेनिंग नहीं ली थी। वह लता मंगेशकर की बहुत बड़ी 
फैन हैं और अपनी सिंगिंग की प्रैक्टिस लता मंगेशकर के गाने सुनकर करती थीं। धीरे-धीरे उनका रियाज इतना बेहतरीन होता चला गया कि लोग उनकी आवाज के दीवाने हो गए। एक वक्त ऐसा भी आया, जब उनकी आवाज को लता मंगेशकर से ज्यादा पसंद किया जाने लगा था। मशहूर कंपोजर ओपी नैयर ने तो यहां तक कह दिया था कि लता का दौर अब खत्म हो गया है। अनुराधा ने उन्हें रिप्लेस कर दिया है। अनुराधा पौडवाल के करियर की शुरुआत उनकी शादी के बाद हुई। अनुराधा ने अरुण पौडवाल को अपना हमसफर बनाया था, जो एसडी बर्मन के सहायक संगीतकार थे। इसके बाद अनुराधा को बॉलीवुड में एंट्री करने का मौका मिला। उन्होंने सबसे पहले फिल्म अभिमान में जया भादुड़ी के लिए श्लोक गाया था।
इसके बाद ऐसा दौर आ गया, जिसमें हर फिल्म में अनुराधा पौडवाल का गाना जरूर होता था। यह वह दौर था, जब अनुराधा पौडवाल को कैसेट किंग के नाम से मशहूर गुलशन कुमार का साथ मिला.। टी-सीरीज का साथ मिलने के बाद तो अनुराधा के सितारे बुलंदियों पर पहुंच गए। आलम यह रहा कि फिल्म आशिकी, दिल है कि मानता नहीं और बेटा आदि फिल्मों के लिए उन्हें लगातार तीन बार फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।  इसके बाद तो अनुराधा ऐलान कर दिया कि वह अब टी-सीरीज के लिए ही गाने गाएंगी।  इस बीच गुलशन कुमार की हत्या हो गई। वहीं, अनुराधा पौडवाल के पति अरुण पौडवाल का भी निधन हो गया, जिसके बाद अनुराधा ने फिल्मी गानों से दूरी बना ली और सिर्फ भजन गाने लगीं।

छात्र-छात्राओं को फ्री लैपटॉप/टैबलेट, 15 लाख रुपये का मुफ्त बीमा देगी RJ-CM अशोक गहलोत सरकार का चुनावी वादा....

राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आमजन को लाभ देने के लिए पांच और गारंटियों का एलान किया है। इनमें कॉलेज के पहले छात्र-छात्राओं को फ्री लैपटॉप/टैबलेट, 15 लाख रुपये का मुफ्त बीमा आदि शामिल हैं। इतना ही नहीं, ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की बात भी सीएम गहलोत ने दोबारा की है। 1.दो रुपये प्रति किलो गोबर खरीद। 2.सरकारी कॉलेज के पहले साल के विद्यार्थियों को लैपटॉप/टैबलेट3.हर विद्यार्थी के लिए अंग्रेजी मीडियम शिक्षा की गारंटी। 4.15 लाख रुपये तक का मुफ्त बीमा। 5.ओल्ड पेंशन स्कीम। 
एक करोड़ परिवारों को पांच सौ रूपए में सिलिंडर। परिवार की महिला मुखिया दस हजार रुपए मिलेंगे। कांग्रेस का दावा है कि पूरे राजस्थान में बच्चों को अंग्रेजी मीडियम शिक्षा दी जाएगी। इसे पंचायत स्तर पर भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा, चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लोगों को बीमा की गारंटी दी जा रही है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वादा किया है कि कांग्रेस अगर दोबारा सत्ता में आती है तो सरकारी कॉलेज जाने से पहले छात्रों को मुफ्त लैपटॉप या टैबलेट दिया जाएगा। 
हालांकि, जानकारी के लिए बता दें कि यह योजना उनके मौजूदा कार्यकाल के बजट का हिस्सा थी,लेकिन कागजों से आगे कभी बढ़ नहीं सकी। अब सीएम गहलोत ने दावा किया है कि अगली बार सरकार बनने पर यह स्कीम धरातल पर आएगी।

इटली में मौते अधिक बच्चों की पैदाइश कम,पीएम जॉर्जिया मेलोनी इसे नेशनल इमरजेंसी मानने पर मजबूर...

अंग्रेजी न्यूज़ वेबसाइट मीडियम की एक रिपोर्ट के अनुसार, इटली ने बीते दिनों एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है। ये वर्ल्ड रिकॉर्ड खुश होने लायक नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक देश तेजी से बूढ़ा हो रहा है। रिपोर्ट की मानें तो इटली में पिछले तीन महीनों के भीतर एक भी बच्चे का जन्म नहीं हुआ है। जबकि रॉयटर्स लिखता है, नेशनल स्टैटिक्स ब्यूरो ISTAT के आंकणों के अनुसार, इटली में जनवरी 2023 से जून 2023 तक जितने बच्चों का जन्म हुआ वो जनवरी 2022 से जून 2022 के बीच जन्में बच्चों की तुलना में 3500 कम हैं। 
इटली का मामला कितना गंभीर है कि वहां की पीएम जॉर्जिया मेलोनी इसे नेशनल इमरजेंसी की तरह देखती हैं। पिछले साल अपने चुनावी अभियान में भी उन्होंने इस मुद्दे को बड़े जोर-शोर से उठाया था। रिपोर्ट्स कहती हैं कि पिछले साल हर सात बच्चों के जन्म पर 12 लोगों की मौत रिकॉर्ड की गई थी। सीधी भाषा में आपको समझाऊं तो वहां अगर एक दिन में सात बच्चों का जन्म हो रहा था तो उसी दिन 12 लोगों की मौत हो रही थी। इसका मतलब कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो वहां कि आबादी तेजी से कम हो जाएगी। इटली दुनिया तेजी से बूढ़ी होती जा रही है। चीन, जापान जैसे देश इसका बड़ा उदाहरण हैं। 
अब इटली भी इस लिस्ट में शामिल हो रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है वहां बच्चों का पैदा ना होना। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इटली में बीते तीन महीनों से किसी भी बच्चे का जन्म नहीं हुआ है। ये परेशानी इतनी बड़ी है कि वहां की पीएम इसे एक नेशनल इमरजेंसी की तरह देखती हैं।  

Thursday, October 26, 2023

खुद का है संविधान तीन बार हुए बैन, कौन है RSS…? देश भर में 1 करोड़ से ज्यादा है सदस्य....

कांग्रेस से अलग होकर साल 1925 में केशव बलिराम हेडगवार ने प्रथम विश्व युद्ध में बनी यूरोपियन राइट-विंग की तरह एक संगठन की स्थापना की। इसका नाम रखा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जो बाद में संघ के नाम से ज्यादा चर्चित हुआ। संघ पर शोध कर चुके विदेशी लेखक वाल्टर एंडरसन के मुताबिक दिसंबर 1920 में ही हेडगवार ने आरएसएस की परिकल्पना की थी। दरअसल, 1920 में नागपुर में ही कांग्रेस कार्यसमिति का वार्षिक अधिवेशन हुआ था। हेडगेवार ने इसका विरोध किया और कुछ युवकों के साथ अलग से कार्यक्रम आयोजित करवाए। इसमें शामिल होने वाले अधिकांश ब्राह्मण युवक थे। हेडगेवार का मानना था कि जब तक देश का हिंदू (बहुसंख्यक) 
एकजुट नहीं होगा, तब तक आजादी का कोई ज्यादा मतलब नहीं है। वे अक्सर कहते थे,भले ही अंग्रेज चले जाएं, जब तक हिंदू एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में संगठित नहीं होंगे, इसकी क्या गारंटी है कि हम अपनी स्वतंत्रता की रक्षा कर पाएंगे? शुरू में संगठन का काम सिर्फ नागपुर में संचलित होता था। यहां हेडगेवार के नेतृत्व में कुछ युवक सुबह शाखा लगाते थे और शाम को लोगों को जागरूक करते थे। धीरे-धीरे संघ का विस्तार नागपुर के आसपास के इलाकों में भी होने लगा। संघ का शुरुआती मिशन भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की थी, जिसे 1947 के बाद बदला गया। संघ के संविधान के मुताबिक यह संगठन हिंदुओं को एकजुट करेगा और उन्नत राष्ट्र बनाने के लिए काम करेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशहरा 2023 को अपना 98 साल पूरा कर लिया है। 1925 में गठित आरएसएस के देश भर में 1 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं। 

स्थापना के बाद से कई बार विवादों रहने वाले इस संगठन पर 3 बार बैन भी लग चुका है। पहली बार बैन महात्मा गांधी की हत्या के बाद लगा था। उस वक्त केंद्र सरकार को शक था कि गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस की साजिश है। पहली बार संघ प्रमुख समेत संगठन के बड़े नेताओं को जेल भेजा गया था। दूसरी बार आपातकाल के दौरान संघ पर बैन लगा। संघ के सभी कार्यकर्ताओं को मीसा कानून के तहत जेल भेजा गया। तीसरी बार 1992 में संघ पर बैन लगा और इस बार आरएसएस पर द्वेष फैलाने का आरोप था। हालांकि, इस बार बैन की मियाद सिर्फ 6 महीने की थी। संघ का अपना संविधान भी है, जो 1949 में बनाया गया था। 




इस संविधान में कुल 25 अनुच्छेद हैं, जिसके हिसाब से संघ अपने कामकाज को संचलित करता है। संघ की पूरी इकॉनोमी चंदा और उपहार के सहारे है. संगठन के संविधान के मुताबिक संघ से जुड़े किसी भी ब्रांच या व्यक्ति को अगर कोई दान या उपहार मिलता है, तो वह संघ के फंड में जाएगा। संघ में फंड मैनेजमेंट का काम प्रांत स्तर पर संघचालक और निधि प्रमुख का होता है। हालांकि, संघ अपने आय और व्यय को सार्वजनिक नहीं करता है। कोरोना के वक्त संघ के इनकम पर विवाद भी हुआ था। नागपुर के एक कार्यकर्ता ने ईडी से शिकायत की थी कि आरएसएस न तो कोई ट्रस्ट है और न ही एनजीओ, तो फिर इसके पास लाखों-करोड़ों रुपए कहां से आए?हालांकि, यह मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया। शाखा के सदस्यों को स्वयंसेवक कहा जाता है। 
18 साल से अधिक उम्र के कोई भी व्यक्ति स्वयंसेवक बन सकता है। संघ का सभी बड़े फैसले केंद्रीय कार्यकारिणी मंडल और अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में लिया जाता है। इस फैसले को जमीन पर उतारने का काम प्रचारकों का होता है। प्रचारक प्रांतीय सभा के जरिए शाखा से संपर्क साधकर लोगों तक अपना संदेश पहुंचाते हैं। शारीरिक क्रियान्वयन के अलावा संघ शैक्षणिक क्रियाकलाप के जरिए भी लोगों तक अपनी पहुंच बनाता है। इसके लिए संघ देश के कई हिस्सों में सरस्वती विद्या मंदिर जैसे छोटी पाठशालाएं संचलित करता है। इन पाठशालाओं में संघ के पदाधिकारी ही पढ़ाते हैं। विश्व संवाद केंद्र के जरिए संघ अपना विचार बौद्धिक जगत के लोगों तक पहुंचाता है। यह केंद्र देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित है।
 
 

राशन वितरण घोटाला ममता बनर्जी के मंत्री पर ED रेड....

प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि निदेशालय के अधिकारियों ने केंद्रीय बलों की एक टीम के सहयोग से कोलकाता साल्ट लेक इलाके में ने पश्चिम बंगाल के राज्य वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के दो फ्लैट पर छापा मारा। उन्होंने बताया कि मल्लिक के पूर्व निजी सहायक के मकानों समेत आठ अन्य फ्लैट पर भी छापा मारा गया। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा,छापेमारी के दौरान मंत्री वहां नहीं थे। वह बाद में आए और उनका फोन ले लिया गया है। फ्लैट के अंदर आठ अधिकारी हैं। हम उनके पूर्व निजी सहायक 
के दमदम स्थित आवास और कुछ अन्य स्थानों पर भी तलाशी ले रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी पहले ही एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसके सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मलिक के साथ कथित तौर पर करीबी संबंध है। गौरतलब है की पश्चिम बंगाल में राशन वितरण घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशायल ने बड़ी कार्रवाई की है। ED की टीम ने पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के ठिकानों पर आज रेड मारी है। यह बड़ी कार्रवाई PMLA के तहत की गई। ED की टीम ने इसी मामले में पिछले हफ्ते कारोबारी बकीबुर रहमान को गिरफ्तार किया था। बकीबुर रहमान ममता बनर्जी के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक का बेहद करीबी है। ईडी की टीम ने ममता के मंत्री के आवास पर जाकर तलाशी भी ली।

37,000 से अधिक गर्भवती महिलाएं बिना चिकित्सा सुविधा बच्चो को जन्म देने के लिए मजबूर गाजा पर गिरी इजरायल और हमास की गाज से

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनपीएफ) के अनुसार, गाजा के युद्धग्रस्त क्षेत्र में करीब 50,000 गर्भवती महिलाएं हैं, जिनमें से कई नियमित जांच और उपचार की कमी से पीड़ित हैं। अल-बारबरी कहती हैं,बच्चों के घरों के मलबे के नीचे या चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती होने की तस्वीरें मुझे मेरे बच्चे के लिए बहुत डरा देती हैं मैं रोज अपने बच्चे को इन मिसाइलों से बचाने के लिए युद्ध समाप्त होने की प्रार्थना करती हूं। खान यूनिस में नासिर मेडिकल कॉम्प्लेक्स में प्रसूति और स्त्री रोग विज्ञान में एक चिकित्सा सलाहकार, वालिद अबू हताब के अनुसार, विस्थापन की वजह से स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच बहुत मुश्किल हो गई है। फलस्तीनी परिवार नियोजन और संरक्षण 
संघ के अनुसार, आने वाले महीनों में गाजा में 37,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं को बिना बिजली या चिकित्सा आपूर्ति के बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर किया जाएगा, जिससे आपातकालीन प्रसूति सेवाओं तक पहुंच के बिना जीवन-घातक जटिलताओं का खतरा होगा। अबू हताब ने कहा,मुझे गर्भवती महिलाओं के दर्जनों कॉल आए, जिनमें उन्होंने बताया कि वे इंसुलिन और हृदय रोग से पीड़ित हैं और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने में असमर्थ हैं।





स्वास्थ्य देखभाल और उपचार तक पहुंच की कमी उनके जीवन को खतरे में डालती है और मृत्यु का कारण बन सकती है। इस बीच कैंप में कुछ ऐसी महिलाएं भी हैं, जो कई दर्दनाक आईवीएफ चक्रों के बाद गर्भवती हुईं, अब उन्हें चिंता है कि उनका गर्भपात हो जाएगा। 30 साल की लैला बराका, दूसरे बच्चे के लिए वर्षों की कोशिश के बाद आईवीएफ के जरिये गर्भ धारण करने में सफल रही। वह तीन महीने की गर्भवती है। वह कहती हैं पूरे दिन और रात मैं बम धमाकों की आवाज से डरती हूं।  मैं अपने पांच साल के बेटे को गले लगाती हूं और अपने डर को निगलने की कोशिश करती हूं, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाती। हम जो सुनते हैं वह सिर्फ इंसानों को ही नहीं बल्कि पत्थरों को भी भयभीत कर सकता है। इजरायल और हमास के बीच गाजा में चल रहे युद्ध की दो तस्वीरें हैं। एक वो जिसमें हम सिर्फ मौत देख रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर है वो जिसमें लोग भूख, प्यास और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में तड़प रहे हैं।  लाखों लोग राहत शिविरों में इस तरह की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं।
 
 

रेलवे का दीपावली-छठ पूजा पर 283 अतिरिक्त स्पेशन ट्रेने चलाने का एकलं ऐलान...

रेल मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज में कहा, दिल्ली-पटना, दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा, दानापुर-सहरसा, दानापुर-बेंगलुरु, अंबाला-सहरसा, मुजफ्फरपुर-यशवंतपुर, पुरी-पटना, ओखा-नाहरलागुन, सियालदह-न्यू जलपाईगुड़ी, कोचुवेली-बेंगलुरु, बनारस-मुंबई, हावड़ा-रक्सौल आदि जैसे रेलवे मार्गों पर देश भर के प्रमुख स्थलों को जोड़ने के लिए विशेष ट्रेनों की योजना बनाई गई है। अनारक्षित कोचों में यात्रियों के व्यवस्थित प्रवेश के लिए RPF कर्मचारियों की देखरेख में टर्मिनस स्टेशनों पर कतारें बनाकर भीड़-कंट्रोल करने के उपाय 
सुनिश्चित किए जा रहे हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए और यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए छठ पूजा  तक 283 स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। रेल मंत्रालय ने आगे कहा,पैसेंजर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त आरपीएफ कर्मियों को तैनात किया गया है। ट्रेनों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर अधिकारियों को आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात किया गया है। 





प्राथमिकता के आधार पर ट्रेन सेवा में किसी भी व्यवधान से निपटने के लिए विभिन्न अनुभागों में कर्मचारियों को तैनात किया गया है। रेल मंत्रालय ने कहा, सुरक्षा और सतर्कता विभाग के कर्मचारियों द्वारा किसी भी कदाचार पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वेटिंग हॉल, रिटायरिंग रूम, विशेष रूप से प्लेटफार्मों और सामान्य तौर पर स्टेशनों पर सफाई बनाए रखने के निर्देश जोनल मुख्यालय द्वारा दिए गए हैं। प्लेटफॉर्म नंबरों के साथ ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान की लगातार और समय पर घोषणा के लिए उपाय किए गए हैं।  महत्वपूर्ण स्टेशनों पर मे आई हेल्प यू बूथ चालू रखे गए हैं जहां यात्रियों की उचित सहायता और मार्गदर्शन के लिए आरपीएफ कार्मिक और टीटीई तैनात हैं। मेडिकल टीमें कॉल पर प्रमुख स्टेशनों पर उपलब्ध हैं। पैरामेडिकल टीम के साथ एम्बुलेंस भी उपलब्ध है।

घटता भूजल मानव जीवन पर गंभीर संकट होने का अनुमान....

भारत दुनिया में भूजल का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है, जो अमेरिका और चीन के संयुक्त उपयोग से अधिक है। भारत का उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र देश की बढ़ती 1.4 अरब आबादी के लिए रोटी की टोकरी के रूप में कार्य करता है, जिसमें पंजाब और हरियाणा राज्य देश में चावल उत्पादन का 50 प्रतिशत और 85 प्रतिशत गेहूं भंडार का उत्पादन करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है,पंजाब में 78 प्रतिशत कुओं को अतिदोहित माना जाता है और पूरे उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में 2025 तक गंभीर रूप से कम भूजल उपलब्धता का अनुभव होने का अनुमान है। संयुक्त राष्ट्र की एक नयी रिपोर्ट के अनुसार भारत में सिंधु-गंगा के मैदान के कुछ क्षेत्र पहले ही भूजल की कमी के खतरनाक बिंदु को 
पार कर चुके हैं और पूरे उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में साल 2025 तक कम भूजल उपलब्धता का गंभीर संकट होने का अनुमान है। इंटरकनेक्टेड डिजास्टर रिस्क रिपोर्ट 2023 शीर्षक से संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय-पर्यावरण और मानव सुरक्षा संस्थान (यूएनयू-ईएचएस) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि दुनिया पर्यावरणीय रूप से छह महत्वपूर्ण बिंदुओं के करीब पहुंच रही है। तेजी से विलुप्त होने, भूजल की कमी, पर्वतीय ग्लेशियर का पिघलना, अंतरिक्ष मलबा, असहनीय गर्मी और अनिश्चित भविष्य। 



पर्यावरणीय रूप से चरम बिंदु पृथ्वी की प्रणालियों में महत्वपूर्ण सीमाएं हैं, जिसके परे अचानक और अक्सर अपरिवर्तनीय बदलाव होते हैं, जिससे पारिस्थितिक तंत्र, जलवायु के पैटर्न और समग्र पर्यावरण में गहरा और कभी-कभी विनाशकारी बदलाव होता है। भूमिगत जलस्रोत अपर्याप्त होने की स्थिति में अक्सर कृषि के लिए लगभग 70 प्रतिशत भूजल निकासी का उपयोग किया जाता है। सूखे के कारण होने वाले कृषि नुकसान को कम करने में ये भूमिगत जल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  जलवायु परिवर्तन के कारण यह चुनौती और भी बदतर होने की आशंका है। इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भूमिगत जल स्रोत खुद अपने चरम बिंदु पर पहुंच रहे हैं। 
दुनिया के आधे से अधिक प्रमुख भूमिगत जल स्रोत प्राकृतिक रूप से फिर से भरने के बजाय तेजी से कम हो रहे हैं। कुओं में जिस भूमिगत जलस्तर से पानी आता है अगर पानी उस भूमिगत जलस्तर से नीचे चला जाता है तो किसान पानी तक पहुंच खो सकते हैं, जिससे संपूर्ण खाद्य उत्पादन प्रणालियों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। सऊदी अरब जैसे कुछ देश पहले ही भूजल जोखिम चरम बिंदु को पार कर चुके हैं, जबकि भारत समेत अन्य देश इससे ज्यादा दूर नहीं हैं।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...