Thursday, November 9, 2023

असंतुष्ट पत्नियां कर रही आईपीसी की धारा 498ए का गलत इस्तेमाल....

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा,हाल के वर्षों में वैवाहिक विवादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और ऐसा लगता है कि कई मामलों में आईपीसी की धारा 498-ए का दुरुपयोग किया जा रहा है। छोटी-मोटी वैवाहिक झड़पें अचानक शुरू हो जाती हैं और पत्नी द्वारा बिना उचित विचार-विमर्श के मामूली विवाद पर आवेश में आकर ऐसे मामले दायर किए जा रहे हैं। अदालत ने धनबाद निवासी राकेश राजपूत की याचिका पर सुनवाई के दौरान ये बातें कहीं। याचिका की सुनवाई करते हुए आईपीसी की धारा 498 के दुरुपयोग पर चिंता जाहिर की है। कोर्ट ने कहा है कि कानून के इस प्रावधान का असंतुष्ट पत्नियों द्वारा ढाल के बजाय एक हथियार के रूप में गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा 
रहा है। भारतीय दंड संहिता की यह धारा किसी महिला को पति और ससुराल के लोगों द्वारा प्रताड़ित करने के मामलों में लगाई जाती है, लेकिन देखा जा रहा है कि महिलाएं मामूली मुद्दों पर आवेश में आकर इस धारा के तहत मामला दर्ज करा रही हैं। गौरतलब है कि धनबाद की रहने वाली महिला ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ यातना का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाई। इसे रद्द करने के लिए राकेश राजपूत और उनकी पत्नी रीना राजपूत ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 

अदालत में बहस का दौरान यह तथ्य स्थापित हुआ कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं, क्योंकि कथित घटना के दिन वे ट्रेन से सफर कर रहे थे।  हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 498ए के तहत ऐसे झूठे मामले दर्ज करने पर निराशा व्यक्त करते हुए राकेश राजपूत और उनकी पत्नी के खिलाफ धनबाद सिविल कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान के आदेश सहित पूरी आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया।

ब्लैक फंगस मरीजों की संख्या बढ़ने पर AIIMS ने जताई चिंता,सरकार से की यह गुजारिश...

डॉ.वैभव सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर माह में ब्लैक फंगस के 15 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। जबकि इस नवंबर माह के पहले सप्ताह में भी 11 मरीज भर्ती हो चुके है। ब्लैक फंगस के अचानक से बढ़ते मामलों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को ब्लैक फंगस के इलाज के लिए आवश्यक इंजेक्शनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ फंगल संक्रमण के खिलाफ जन जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए। डॉ. वैभव सैनी ने कहा कि चेहरे के एक तरफ साइनस दर्द या नाक की रुकावट, एक तरफा सिरदर्द, सूजन या सुन्नता, दांत दर्द और दांतों का ढीला होना ब्लैक फंगस के शुरूआती लक्षण है इन्हें 
नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। मरीजों का समय पर इलाज किया जाना जरूरी है। टास्क फोर्स के प्रभारी डॉ. वैभव सैनी ने कहा कि साल 2021 में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान एक चिकित्सा टीम का गठन किया गया था। एम्स के डॉक्टरों ने तब से अब तक ब्लैक फंगस के लगभग 200 मरीजों का इलाज किया है,लेकिन पीजीआई के बाद यह सार्वजनिक क्षेत्र की एकमात्र स्वास्थ्य सुविधा है जो ब्लैक फंगस के मरीजों को संभाल रही है। वहीं अक्टूबर से अब तक जो 26 मरीज भर्ती हुए है उनका मधुमेह का स्तर बढ़ा हुआ था। वहीं अब लोगों को जल्द से जल्द इस महामारी के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है।



अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बठिंडा के विशेषज्ञों ने पिछले एक महीने में ब्लैक फंगस मरीजों की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई,आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर से अब तक बठिंडा और आसपास के जिलों से ब्लैक फंगस के 26 मरीजों की इलाज किया गया है। टास्क फोर्स के प्रभारी डॉ. वैभव सैनी ने कहा कि जनवरी से सितंबर तक एम्स में ब्लैक फंगस के हर महीने लगभग
5 मरीज सामने आते थे, लेकिन पिछले 40 दिनों में ब्लैक फंगस के इन मामलों में उछाल आया है। जो काफी चिंताजनक है।  

बिचौलियों की मौज बंद, घोटाले बंद,गरीबों को घर, मुफ्त राशन, मुफ्त इलाज दे रही भाजपा सरकार मध्य प्रदेश के सतना से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने सरकारी योजनाओं का पैसा गरीबों के बैंक खातों में ट्रांसफर करना शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर गलती से भी कांग्रेस आ गई, तो फिर आपको सरकार से मिलने वाली सारी मदद बंद कर देगी। उन्होंने कहा कि 10 साल में भाजपा सरकार ने 33 लाख करोड़ रुपये सीधे गरीबों के बैंक खातों में भेजे हैं। इसमें से एक रुपया भी इधर का उधर नहीं हो पाया। पीएम ने कहा कि कांग्रेस किस तरह गरीबों का हक छीनती है, उसका जीता-जागता प्रमाण है फर्जी लाभार्थी घोटाला। पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों का घर हो, मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो. इसके लिए भाजपा सरकार लाखों करोड़ रुपये 
खर्च कर रही है। उन्होंने दावा किया कि देश का पैसा गरीबों के काम आ रहा है। वहीं, कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थीतब देश के लाखों करोड़ रुपये 2G घोटाले, कोयला घोटाले, कॉमनवेल्थ घोटाले और हेलीकॉप्टर घोटाले में जाते थे। मोदी ने घोटाले भी बंद किए और कांग्रेस के करप्शन काल में जो बिचौलियों की मौज थी, उसको भी बंद करा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के सतना में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष से चुनावी सभा के  दौरान  कहा कि हमारी सरकार ने देश में गरीब लोगों को चार करोड़ पक्के मकान मुहैया कराए हैं। 


उन्होंने कहा कि मैंने मुफ्त राशन योजना को अगले पांच साल तक बढ़ाने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की जनता से भाजपा को वोट देने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि आपके एक-एक वोट दिल्ली में मोदी को मजबूत करने और राज्य में कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने में मदद करेगा।

पान का पत्ता दे समृद्धि दूर करे ग्रहों की दुरगती

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य में पान का बहुत अधिक महत्व है। लगभग सभी पूजा-अनुष्ठान में पान के पत्ते का उपयोग किया जाता है। संस्कृत में पान के पत्ते को तांबूल कहा जाता है,शास्त्रों में इसे बहुत शुभ और मंगलकारी माना गया है। ज्योतिष एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पान के पत्ते से जुड़े कुछ उपाय हैं जिनको अपनाकर आप अपने जीवन की समस्याओं को दूर कर सकते हैं। यदि आप बहुत दिनों से किसी कार्य को करने का प्रयास कर रहे हैं या आपको अपने जॉब में सफलता प्राप्त नहीं हो रही है तो घर से बाहर जाते समय जेब में पान का पत्ता रखकर जाएं। आप चाहें तो अपने पर्स में भी पान का पत्ता रखकर जा सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से 
आपके सभी कार्य बिना किसी विघ्न के पूरे होंगे। घर में वास्तुदोष होने के कारण घर की सुख-शांति भंग होती है,कलह का माहौल रहता है। दुकान या प्रतिष्ठान में वास्तुदोष होने से हमेशा घाटा होता रहता है। घर या प्रतिष्ठान में वास्तुदोष व नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए पान के पत्ते से हल्दी मिश्रित जल का छिड़काव करें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर तो दूर होगी और धन लाभ भी होगा। 
यदि आपके दांपत्य जीवन में तनाव रहता है तो शुक्रवार के दिन पान के एक पत्ते में 7 गुलाब की ताज़ा पंखुड़ियां रखें और इसे माता लक्ष्मी के मंदिर में अर्पित करें,यदि आप मंदिर नहीं जा सकती हैं तो घर में ही लक्ष्मी जी की तस्वीर के पास इसे रखें,लेकिन ध्यान रहे इस पर किसी बाहरी व्यक्ति की नजर न पड़े। यह उपाय कम से कम 4 शुक्रवार तक आजमाएं,धीरे-धीरे पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी को लगा हुआ पान अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके लिए सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि से निवृत होकर हनुमान मंदिर में पान हनुमान जी के चरणों में अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से बजरंगबली उस व्यक्ति के सारे कष्ट हर लेते हैं। 
काफी प्रयास करने के बाद यदि आपका व्यवसाय नहीं चल रहा है तो शनिवार के दिन 5 पान के साबुत पत्ते लेकर एक ही धागे में बांध दें। इस धागे को अपनी दुकान में पूर्व दिशा में बांध दें। हर शनिवार को यह पत्ते और धागा बदल दें। पुराने पत्तों को जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से आपके व्यवसाय में आ रही बाधा दूर होती हैं। पान के पत्ते में देवी-देवताओं का वास माना जाता है। मंगलवार और शनिवार के दिन 11 पान के पत्ते लेकर उन पर लाल चन्दन से राम नाम लिखें और पीले या लाल धागे से उनकी एक माला बनाकर हनुमानजी के गले में धारण करवा दें एवं रोग मुक्ति की प्रार्थना करें।

बुलडोजर कार्रवाई की मनमानी नहीं चलेगी,प्रयागराज विकास प्राधिकरण को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार....

उत्तर प्रदेश में माफियाओ-उपद्रवियों-अतिक्रमण के खिलाफ यूपी सीएम योगी के बुलडोजर का खौफ है। हाईकोर्ट में वकील अभिषेक यादव ने झूंसी इलाके में अपने मकान के ध्वस्तीकरण के खिलाफ याचिका लगाई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई, मनमानी के लिए नहीं है। दरअसल प्रयागराज के झूंसी थानाक्षेत्र इलाके में रहने वाले एक वकील का घर तोड़े जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) को फटकार 
लगाई। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के उपाध्यक्ष से जवाब तलब करने के साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने PDA के अधिकारियों को फटकार भी लगाई है। हाईकोर्ट का कहना है कि घर की एक ईंट रखने में कई साल लग जाते हैं और उसे तोड़ने में अधिकारी एक पल भी नहीं लगाते हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रयागराज विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी संजीव उपाध्याय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वकील के घर को गिराए जाने के बाद उसके दूसरे ही दिन हाईकोर्ट में सुनवाई की। उन्हें कोई जानकारी या फिर नोटिस नहीं दिया गया।
जिस पर कोर्ट ने सवाल करते हुए कहा कि अगर आप किसी का घर गिराने के लिए बुलडोजर लेकर खड़े हो जाएंगे तो वह आपको मुकदमे की जानकारी भी नहीं दे और वह भी तब जब वह एक वकील हो, ऐसा संभव नहीं हो सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि बुलडोजर मनमानी के लिए नहीं है। अब इस मामले की सुनवाई 20 नवंबर को होगी।

15,000/- करोड़ का महादेव' सट्टेबाजी ऐप 32 लोगों के खिलाफ हुई एफआईआर

बीते पांच नवंबर को केंद्र ने प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध पर महादेव ऐप और रेड्डीन्नाप्रिस्टोप्रो समेत 22 अवैध सट्टेबाजी प्लेटफार्मों को ब्लॉक किए जाने के निर्देश दिए। अब चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही मुंबई पुलिस के माटुंगा पुलिस अधिकारी के अनुसार, 2019 से अब तक धोखाधड़ी करने के लिए ऐप प्रवर्तक सौरभ चंद्राकर, एवं मुख्य आरोपी रवि उप्पल और शुभम सोनी तथा अन्य के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रवर्तक समेत 32 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि फोरेंसिक विश्लेषण और एक 
कैश कूरियर की ओर से दिए गए बयान से चौंकाने वाले आरोप लगे हैं कि महादेव सट्टेबाजी ऐप प्रमोटरों ने अब तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को लगभग 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, और यह जांच का विषय हैं। भाजपा ने शुभम सोनी का एक वीडियो जारी किया जिसमें कहा गया कि वह ऐप का मालिक है और उसके पास छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब तक 508 करोड़ रुपये का भुगतान करने के साक्ष्य हैं। 
अधिकारी ने बताया कि 30वीं कुर्ला अदालत के निर्देश पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120-बी (साजिश), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (साइबर आतंकवाद के लिए) और जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने लोगों से करीब 15 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।

Tuesday, November 7, 2023

प्लास्टिक पर निर्भर जीवन कितना घातक.....

साइंस जर्नल एसीएस पब्लिकेशन्स में छपी एक स्टडी के एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर साल हम 39 से लेकर 55 हजार प्लास्टिक के टुकड़े निगल जाते हैं या सांस के जरिए ये हमारे शरीर में पहुंच रहे हैं। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इंसानों की नसों में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक का पता लगाया है। इस स्टडी में पता चला है कि हर ग्राम ऊतक में माइक्रोप्लास्टिक के लगभग 15 कण मिले हैं। माना जाता है कि इस तरह हर हफ्ते एक व्यक्ति के शरीर में लगभग एक क्रेडिट कार्ड जितना प्लास्टिक पहुंच रहा है। ये प्लास्टिक नसों से होता हुआ हार्ट और ब्रेन तक पहुंच जाता है। प्लास्टिक की खोज एक एक्सीडेंट से हुई थी। दरअसल 1846 में प्रसिद्ध जर्मन रसायनशास्त्री क्रिश्चियन शॉनबीन 
अपने किचन में कुछ प्रयोग कर रहे थे। इस बीच गलती से उनसे नाइट्रिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड का मिश्रण नीचे गिर गया। इस घोल को पोछने के लिए उन्होंने एक कपड़ा लिया और पोछा लगाने के बाद उस कपड़े को चूल्हे पर रख दिया। कुछ समय बाद कपड़ा गायब हो गया और एक पदार्थ बचा। जिसे प्लास्टिक के रूप में जाना गया। प्लास्टिक एक ऐसी सामग्री है जो किसी सिंथेटिक या अर्ध-सिंथेटिक प्रकार के पॉलिमर से निर्मित हुई है। पॉलिमर एक बड़ा अणु है जो जुड़े हुए दोहराए जाने वाली चीजों या छल्लों से बना होता है
जिन्हें मोनोमर्स कहते हैं। रेशम, रबर, सेलूलोज, केराटिन, कोलेजन और डीएनए प्राकृतिक पॉलिमर के कुछ उदाहरण हैं और ये पॉलिमर का आकार है जो प्लास्टिक को प्लास्टिसिटी देता है। प्लास्टिक लगभग किसी भी कार्बनिक पॉलिमर से बनाया जा सकता है। पहला सिंथेटिक प्लास्टिक प्लांट का निर्माण सेलूलोज से किया गया था, लेकिन आज अधिकांश प्लास्टिक पेट्रोकेमिकल्स से बनाया जाता है। ऐसे में अक्सर इसमें कुछ अतिरिक्त कृत्रिम मसाला देने के लिए अतिरिक्त एडिटिव्स डाले जाते हैं।



प्लास्टिक एक ऐसा पदार्थ है जिसे खत्म होने में सदियां बीत जाती हैं। यदि ये किसी खेत में चला जाए तो वहां सदियों तक जीवित रहता है और इससे उस खेत की उर्वरा शक्ति पर भी असर पड़ता है। वहीं यदि इसे जलाया जाए तो ये पूरी तरह खत्म नहीं होता और इसके धुएं से वायु प्रदूषण जैसी स्थितियां सामने आती हैं। इसके अलावा प्लास्टिक के तत्वों के भोजन में मिल जाने से अस्थमा, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यहां तक कि प्लास्टिक निर्माण के समय निकलने वाली जहरीली गैस पर्यावरण को प्रदूषित करती है। सिंगल यूज प्लास्टिक में थर्माकोल से बनी प्लेट, कप, ग्लास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, पुआल, ट्रे, मिठाई के बक्सों पर लपेटी जाने वाली फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट पैकेट की फिल्म, प्लास्टिक के झंडे, गुब्बारे की छड़ें और आइसक्रीम पर लगने वाली स्टिक, क्रीम, कैंडी स्टिक और 100 माइक्रोन से कम के बैनर होता है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसे प्लास्टिक न तो डिकंपोज होते हैं और न ही इन्हें जलाया जा सकता है। 

इनके टुकड़े पर्यावरण में जहरीले रसायन छोड़ता है जो इंसानों और जानवरों के लिए खतरनाक होते हैं। वहीं सिंगल यूज प्लास्टिक का कचरा बारिश के पानी को जमीन के नीचे जाने से भी रोकता है। जिससे लगातार ग्राउंड वाटर लेवल में कमी आती है। भारत में प्लास्टिक का आगमन लगभग 60 के दशक में हुआ था। आज स्थिति ये हो गई है कि महज 60 साल में ये प्लास्टिक कूड़े के पहाड़ में बदल गया है। कुछ साल पहले भारत में सिर्फ आटोमोबाइल क्षेत्र में इसका उपयोग पांच हजार टन वार्षिक था। संभावना ये भी जताई गई कि इसी तरफ उपयोग बढ़ता रहा तो जल्द ही ये 22 हजार टन तक पहुंच जाएगा। भारत में जिन इकाईयों के पास यह दोबारा रिसाइकिल के लिए जाता है वहां प्रतिदिन 1,000 टन प्लास्टिक कचरा जमा होता है। 
इस प्लास्टिक के कचरे का 75 फीसदी भाग कम मूल्य की चप्पलों के निर्माण में खपता है। 1991 में भारत में इसका उत्पादन 9 लाख टन था। आर्थिक उदारीकरण की वजह से प्लास्टिक को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक समुद्रों में लगभग 20 करोड़ टन प्लास्टिक का कचरा जा चुका है। 2016 तक ये आंकड़ा हर साल 104 करोड़ टन था जो 2040 तक 307 करोड़ टन हने का अनुमान है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जिस तेजी से समंदरों में प्लास्टिक का कचरा फैल रहा है यदि यही रफ्तार रही तो 2050 तक समुद्रों में मछलियों से ज्यादा प्लास्टिक होगा।

किसके पास कितना पैसा...? बिहार में जातीय गणना के बाद आर्थिक सामाजिक सर्वे रिपोर्ट पेश....

बिहार नीतीश सरकार की ओर से जातीय गणना का आर्थिक सामाजिक सर्वे रिपोर्ट पेश किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में पिछड़े वर्ग के 33 फीसदी लोगों की महीने की आय 6 हजार तक है। 29 फीसदी की आय 6 से 10 हजार है। 18 फीसदी की मासिक आय 10 से 20 हजार है। 10 फीसदी की आय 20 से 50 हजार है और सिर्फ 4 फीसदी आबादी की मासिक आय 50 हजार या इससे अधिक है। वहीं अनुसूचित जाति में 42 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिनकी महीने की आय छह हजार तक है। 29 फीसदी की आय छह से 10 हजार तक है। 15 फीसदी की आय 10-20 हजार तक है। पांच फीसदी की आय 20 से 50 हजार तक है और एक फीसदी की आय 50 हजार रुपये से ज्यादा है। वहीं अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 33 फीसदी की महीने की आय 20 हजार रुपये तक है। 32 फीसदी की आय 6 से 10 
हजार रुपये है। 18 फीसदी की आय 10 से 20 हजार रुपये है। सिर्फ 2 फीसदी लोगों की महीने की आय 50 हजार रुपये से अधिक है। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति वर्ग में 42 फीसदी लोगों की महीने की आय 10 हजार रुपये तक है। 25 फीसदी की आय 6 से 10 हजार रुपये है। 16 फीसदी लोगों की आय 10 से 20 हजार रुपये है। 8 फीसदी की आय 20 से 50 हजार रुपये है। 





केवल 2.53 फीसदी लोगों की मासिक आय 50 हजार रुपये या अधिक है। इस रिपोर्ट में बिहार में लोगों की आर्थिक आय कितनी है, इसकी विस्तार से जानकारी दी है। आंकड़ों के मुताबि, सामान्य वर्ग की करीब 25 फीसदी लोगों के महीने की आय 6 हजार रुपये तक है। 23 फीसदी की आय 6 से 10 हजार रुपये है। 19 फीसदी की आय 10 हजार से 20 हजार रुपये है। 16 फीसदी की आय 20 हजार से 50 हजार के बीच है। सिर्फ 9 फीसदी लोग ऐसे हैं जिनके महीने की आय 50 हजार रुपये से ज्यादा है।

डॉक्टरो की कमी से जूझ रहा मेडिकल कॉलेज से लेकर अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र झारखंड सरकार हुई चिंतित....

झारखंड राज्य के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज रिम्स में हाल में 100 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाले जाने और इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद मात्र 33 डॉक्टरों का ही चयन किया जा सका। इन पदों के लिए रिम्स में बीते 12 से 17 अगस्त तक इंटरव्यू लिए गए थे। रिम्स निदेशक डॉ.राजीव गुप्ता बताते हैं कि सभी संकायों के लिए कुल 58 आवेदक ही इंटरव्यू के लिए पहुंचे थे। मेडिसिन, ऑर्थो, नेत्र, रेडियोलॉजी, ब्लडबैंक, कार्डिएक एनेस्थिसिया, सुपरस्पेशलिटी इमरजेंसी और सेंट्रल इमरजेंसी में कई पद खाली रह गए। इसी तरह बीते सितंबर महीने में जेपीएससी (झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन) की ओर से गैर शैक्षणिक विशेषज्ञ 
चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए आयोजित इंटरव्यू में बेहद कम संख्या में उम्मीदवार पहुंचे। नॉन टीचिंग स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के 771 पदों के लिए इंटरव्यू लिया गया, जिसमें मात्र 266 उम्मीदवार ही इंटरव्यू में शामिल हुए। इससे पूर्व भी आयोग की ओर से साल 2015 में 654 पदों पर नियुक्ति के लिए इंटरव्यू लिया गया था,लेकिन उम्मीदवारों के नहीं आने से 492 पद खाली रह गए। डॉक्टरों के सरकारी नौकरी में दिलचस्पी न लेने की पीछे कई वजहें हैं। 
एक तो ज्यादातर डॉक्टरों को कॉरपोरेट और प्राइवेट हॉस्पिटल्स में ऊंचे पैकेज की नौकरियां रास आ रही हैं,दूसरी वजह यह है कि उन्हें झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों और संसाधनविहीन हॉस्पिटलों में पोस्टिंग पसंद नहीं है। कई डॉक्टर्स बड़े शहरों की ओर रुख कर रहे हैं। गौरतलब है कि झारखंड में सरकार को डॉक्टर ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं।  बार-बार वैकेंसी निकाले जाने के बाद भी मेडिकल कॉलेजों से लेकर प्रखंडों के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के पद बड़ी संख्या में खाली रह जा रहे हैं। जितनी संख्या में वैकेंसी निकल रही है, उतनी संख्या में भी आवेदक नहीं आ रहे।

बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टिया भ्रष्टाचार और लूट में माहिर....I.N.D.I.A गठबंधन को भी लेकर कही बड़ी बात अखिलेश यादव ने...

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दमोह में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश को एक नई विचारधारा,एक नई पार्टी और एक नए गठबंधन की जरूरत है। हमें उम्मीद है कि पीडीए गठबंधन बनाएगी और एनडीए (NDA) और कांग्रेस दोनों हारेंगे। बीजेपी और विपक्षी दल कांग्रेस की नीतियां एक जैसी हैं और दोनों पार्टियां भ्रष्टाचार और लूट में लिप्त हैं। साथ ही इन पार्टियों की गलत नीतियों के कारण किसान परेशान हैं,जबकि महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है। बीजेपी और कांग्रेस एक ही हैं,उनकी नीतियां एक जैसी हैं। दोनों पार्टियों ने मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और लूट मचा रखी है। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि 
दोनों पार्टियों ने दलितों और आदिवासियों को धोखा दिया है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि दलित और आदिवासी लोग गरीब रहें और उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण भी नहीं दिया। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि बीजेपी और कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण समाज का हर वर्ग परेशान है।


उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस की नीतियां गरीबों, किसानों और युवाओं के हितों के लिए हानिकारक थीं और अब बीजेपी भी उसी राह पर है। अखिलेश यादव ने दोनों पार्टियों पर ओबीसी, दलित और आदिवासियों से झूठे वादे करने और उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया. अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने युवाओं का भविष्य खराब कर दिया है. इसलिए अखिलेश ने लोगों से 17 नवंबर को मतदान के दिन दोनों पार्टियों को सबक सिखाने की अपील की। अखिलेश यादव ने कहा कि जिन राज्यों में गरीब, किसान, ओबीसी, दलित, अल्पसंख्यक और आदिवासी एक साथ आ जाएं



वहां बीजेपी और कांग्रेस का सफाया किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सपा किसानों, गरीबों और युवाओं के हित के लिए लड़ेगी।

शेरसिंह का 93 साल से नहीं जुड़ पाया मतदाता लिस्ट में नाम इस वर्ष पहली बार किया मतदान....

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के कांकेर जिले के अंतर्गत भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले शेरसिंह हिड़को ने 93 साल की उम्र में पहली बार मतदान केंद्र पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया। दरअसल, छत्तीसगढ़ में विधानसभा के चुनाव के तहत मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया गया था। इस कार्यक्रम के तहत नए 
मतदाताओं का नाम जोड़ने समेत मृत मतदाताओं का नाम हटाने, नाम ट्रांसफर करने की प्रक्रिया की गई थी। इस दौरान कांकेर जिले के ग्राम भैसाकन्हार के रहने वाले 93 वर्षीय बुजुर्ग शेरसिंह हिड़को को मतदाता सूची में नाम जोड़ा गया  जो आज पहली बार विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शेरसिंह भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र 93 के अंतर्गत भैंसा कन्हार (क) बूथ पर मतदान किया है। बता दें कि  अब तक शेरसिंह हिडको का नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाया था। जिसके चलते वो लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर पा रहे थे।  

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...