Wednesday, December 6, 2023

ममता चोर लिखी हुई टी-शर्ट पहन किया प्रदर्शन भाजपा नेताओं पर FIR…

बीजेपी नेता एक सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान ममता चोर लिखी हुई टी-शर्ट पहने हुए थे। राज्य की वित्तमंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने मैदान और हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशनों में एफआईआर दर्ज कराई हैं। चंद्रिमा ने अपनी शिकायत में दावा किया कि ऐसा कृत्य मुख्यमंत्री का घोर अपमान है, जो राज्य की कार्यकारी प्रमुख हैं। बीजेपी विधायक दल के सदस्य पूरे शीतकालीन सत्र के लिए विपक्ष के नेता को निलंबित करने के अध्यक्ष बिमान बनर्जी के फैसले के खिलाफ विधानसभा परिसर के पास रेड रोड पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पश्चिम बंगाल में 
सोमवार को विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के साथ बीजेपी के अन्य विधायकों ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने 'ममता चोर' लिखी हुई टी-शर्ट पहन रखी थी। इसे लेकर टीएमसी के नेताओं ने ऐतराज जताया। पश्चिम बंगाल  कैबिनेट के एक वरिष्ठ मंत्री ने शुभेंदु अधिकारी सहित अन्य बीजेपी नेताओं के खिलाफ कोलकाता के दो पुलिस स्टेशनों में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई है। 






शुभेंदु अधिकारी को अध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए 28 नवंबर को निलंबित कर दिया गया था। अधिकारी विरोध प्रदर्शन में बीजेपी विधायकों का नेतृत्व कर रहे थे, जहां सभी प्रदर्शनकारी पार्टी विधायकों ने ममता चोर लिखी टी-शर्ट पहन रखी थी।

Monday, December 4, 2023

अयोध्या में श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 15 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा...

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माणाधीन एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। उनके साथ केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने एयरपोर्ट के निर्माण से जुड़े प्रेजेंटेशन को भी देखा और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने बताया कि अयोध्या में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का निर्माण कार्य 15 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। अयोध्या की देश और दुनिया के साथ कैसी कनेक्टिविटी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अयोध्या में पहले मात्र 178 एकड़ में बहुत छोटी सी एयरस्ट्रिप थी। इसे एक बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट के 
रूप में तैयार किया गया है। 821 एकड़ लैंड राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी इंडिया द्वारा नये एयरपोर्ट का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। अयोध्या के विकास के लिए जो इन्फ्रास्ट्रक्चर आवश्यक है वो अयोध्यावासियों को प्राप्त होगा। अयोध्या को उसका गौरव पुन: प्रदान करने के लिए सरकार पूरी गंभीरता के साथ प्रयास कर रही है। अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 15 दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसी के साथ उड़ान भी शुरू हो जाएगी। यहां 2200 मीटर के रनवे शुरू होने जा रहा है, जिस पर छोटे विमानों के साथ ही बोइंग 737, एयरबस 319 और एयरबस 320 जैसे बड़े विमान भी लैंड कर सकेंगे। 
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि अयोध्या के हवाईअड्डे में यहां की सांस्कृतिक क्षमता को परिलक्षित करने की कोशिश हुई है। पहले चरण में 65 हजार वर्ग फुट का हवाईतल बनने जा रहा है। इसकी क्षमता प्रतिघंटे 2 से 3 फ्लाइट की होगी। यहां 2200 मीटर के रनवे का क्रियान्वयन होने जा रहा है, जिस पर छोटे विमानों के साथ ही बोइंग 737, एयरबस 319 और एयरबस 320 जैसे बड़े विमान भी लैंड कर सकेंगे। शुरुआत में यहां 8 एप्रन बनाए गये हैं। वहीं पहले फेज के समीप ही दूसरे फेज के विमानतल को तैयार किया जाएगा, जोकि 5 लाख स्क्वाएर फुट का होगा।

RJ-MP-CG BJP के ये होंगे CM..बैठक में हुआ मंथन

बीजेपी केंद्रीय कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के बाद एक  बैठक हुई थी। इस बैठक में RJ-MP-CG तीनों राज्यों के मुख्यमंत्री के नामों पर चर्चा की गई थी। बताया जा रहा है कि नाम तय हो गए हैं। हालांकि अभी तीनों राज्यों के प्रभारियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस रिपोर्ट के बाद ही नामों का ऐलान किया जाएगा, लेकिन इतना तय है कि बीजेपी इस फैसले में आगामी लोकसभा चुनाव का भी ख्याल रखेगी।  हालांकि बीजेपी ने अभी तक इन नामों का खुलासा नहीं किया है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश
राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को प्रचंड जीत हासिल हुई है। मध्य प्रदेश में बीजेपी ने 163, राजस्थान में 115 और छत्तीसगढ़ में 54 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं कांग्रेस को तीनों ही राज्यों में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। मध्य प्रदेश में जीत के बाद शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बने रहने की संभावना है। क्योंकि शिवराज सिंह चौहान एमपी बीजेपी के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं। 2023 में, शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी निर्वाचन क्षेत्र से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ा, जो 2006 से उनका गढ़ रहा है। 
राजस्थान में महंत बालकनाथ और वसुंधरा राजे सीएम पद की रेस में हैं। दोनों ही नेताओं की इस चुनाव में काफी चर्चा रही है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत के नाम की भी यहां पर चर्चा हो रही है। वहीं छत्तीसगढ़ में रमन सिंह का नाम चर्चा में है। वह फिर से सीएम बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं। हालांकि ये तो वक्त ही बताएगा कि बीजेपी इन राज्यों में किसे मौका देगी। 
 

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में क्यू जीती भाजपा प्रशांत किशोर ने बताई वजह....

दरभंगा के सिंहवाड़ा प्रखंड में सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान जन सुराज के मुखिया प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी को वोट मिलने के चार कारण हैं, पहला- हिंदुत्व जो उनकी एक विचारधारा है, इससे जुड़ा हुआ एक बहुत बड़ा वर्ग बीजेपी को इसलिए वोट करता है, क्योंकि उन्हें बीजेपी के हिंदुत्व वाली विचाराधार पर यकीन है। दूसरा, जो न्यू राष्ट्रवाद की बात शुरू हो गई है, जो गांव-देहात में आप सुनते हैं कि भारत विश्वगुरु बना गया है, पूरे विश्व में भारत की शान मोदी ने बढ़ा दी है। ये जो सारी बाते हैं, पुलवामा के बारे में 
आपने सुना होगा, इस राष्ट्रवाद की भावना की वजह से भी बीजेपी को वोट मिलता है। तीसरा, एक बहुत बड़ा वर्ग केंद्र की योजनाओं के लाभार्थियों का है, चाहे वो किसान स्वनिधि योजना हो, आवास योजना हो, जिसकी धनराशि सीधे केंद्र सरकार लाभार्थियों को भेज रही है। चौथा, जो बीजेपी का अपना संगठन है, उसकी जो संगठनात्मक और आर्थिक ताकत है उससे भी बहुत फर्क पड़ता है। मान लीजिए कि आप आरजेडी से चुनाव लड़ रहे हैं, तो आप तीन-चार करोड़ रुपये देकर चुनाव लड़ते हैं, क्योंकि ऐसी पार्टियां आपको टिकट देंगी और पैसा लेंगी। अगर आप बीजेपी से चुनाव लड़ रहे हैं, तो पार्टी आपको चुनाव लड़ने के लिए पैसा दे रही है और कहती है कि जाइए अच्छे से जनसंपर्क करिए और चुनाव लड़िए। 
ऐसे में इन चार विषयों में से कम से कम तीन के लिए आप बेहतर प्रयास नहीं करेंगे, जैसे कि जो बीजेपी का हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और जो लाभार्थियों के बीजेपी कर रही है उससे बेहतर मॉडल आपके पास होना चाहिए। 
प्रशांत किशोर से जब पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने स्पष्टता से अपनी राय रखी। प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा जिसको उनके विरोधी दल हराना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले ये समझना होगा कि उनकी ताकत क्या है? बीजेपी को वोट लोग क्यों देते हैं? जब तक आप उसकी ताकत को समझकर उससे बेहतर प्रयास नहीं करेंगे, तब लोग आपको वोट क्यों देंगे? बीजेपी को जो वोट मिलता है, वो मोदी के ग्राफ के ऊपर-नीचे होने से नहीं मिलता है। 

प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी के संगठन की जितनी ताकत है उसके मुकाबले में अन्य पार्टियों का संगठन बेहतर होना चाहिए। जब तक इन चार में से तीन पर कम से कम आप बेहतर प्रयास नहीं करेंगे, तब तक आपको दस में से सात या आठ चुनावों में हार का सामना करना होगा। एक दो जगह जहां जीत ​हासिल हो भी जाती है, उसका कोई बहुत असर नहीं है। भाई! लोगों को लग रहा है कि कांग्रेस कर्नाटक और तेलंगाना जीत गई, तो उनको मैं बता दूं कि ये वोट कांग्रेस को नहीं मिला है, ये वोट वहां की तत्कालीन सरकारों के खिलाफ है। लोग केसीआर के खिलाफ वोट करना चाहते थे, वहां दल के रूप में कांग्रेस ही है, तो कांग्रेस को ही वोट दिया। ये इनकंबेंसी का वोट है। अगर जहां आपकी सरकार है और लोग आपको चुनें तो फिर वो बात है।
 

चुनाव जीतते ही दिया गलियों और सड़कों से नॉन वेज के ठेले हटाने का आदेश....

भारतीय जनता पार्टी ने  राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचंड बहुमत प्राप्त किया। 199 सीटों में बीजेपी को 115 सीटों पर जीत मिली है। वहीं कांग्रेस केवल 69 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी। इन 115 सीटों में से एक सीट जयपुर के हवा महल इलाके की भी है, जहां से बालमुकुंद ने कांग्रेस के प्रत्याशी को मात दी। अब बालमुकुंद विधायक पद की शपथ लेने से पहले ही एक्शन में आ गए हैं। सोमवार सुबह उन्होंने एक अधिकारी को फोन किया और कहा कि उनके इलाके से सभी गलियों और सड़कों से नॉन वेज के ठेले हट जाने 
चाहिए। उन्होंने चेतवानी देते हुए कहा कि सड़कों पर कोई भी नॉन वेज फ़ूड नहीं बेचा जाना चाहिए और शाम तक सभी गलियां साफ़ हो जानी चाहिए। उन्होंने फ़ोन पर अधिकारी से बात करते हुए कहा कि मुझे नहीं पता है कि कौन अधिकारी है। अब इस मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने हमला बोला है। कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद ये भाजपा की सबका साथ - सबका विकास की सच्चाई है, भाजपा के राजस्थान से नवनिर्वाचित विधायक महोदय को नॉन वेज दूकानों से इतनी परेशानी है कि अपने शपथ लेने से पहले चिंता दूकानों को बंद करवाने की है। 
उन्होंने कहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे जनप्रतिनिधियों पर लगाम लगायेंगे? इस पूरे मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि वह एक अधिकारी से पूछ रहे हैं कि रोड पर खुले में नॉन वेज बेचा जा सकता है क्या? सीधे हां या ना में उत्तर दो। इस पर अधिकारी उधर से कुछ कहता है। इसके बाद बीजेपी विधायक कहते हैं कि तो आप समर्थन कर रहे हो। उन्होंने कहा कि जो भी रोड पर नॉन वेज के ठेले और बनाकर बेच रहे हैं वो नहीं दिखने चाहिए। मैं शाम को रिपोर्ट लूंगा और मुझे नहीं मालूम कि कौन अधिकारी है।

Friday, December 1, 2023

चुनाव आते ही धोखाधड़ी के मामलों में अदालत राजनीतिक मुकदमेबाजी का केंद्र बन जाती है सुप्रीम कोर्ट जज डी. वाई. चंद्रचूड़

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कल ही मुझे धोखाधड़ी के एक मामले से निपटना पड़ा शीर्ष अदालत हर दिन धोखाधड़ी के मामलों से निपटती है कुछ अदालतों में धोखाधड़ी के मामलों की संख्या अधिक होती है और जब-जब चुनाव आते हैं, इस अदालत में धोखाधड़ी के मामलों की संख्या बढ़ने लग जाती है तथा हम न्यायाधीशों के रूप में इसे महसूस करते हैं चुनाव खत्म होने के बाद चीजें शांत हो जाती हैं और जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, अदालत राजनीतिक मुकदमेबाजी का केंद्र बन जाती है यह हमारे समाज की सच्चाई है। 
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता और संविधान का अटूट संबंध हैप्रधान न्यायाधीश डी.वाई.चंद्रचूड़ ने बृहस्पतिवार को कहा कि चुनाव नजदीक आने के साथ ही उच्चतम न्यायालय में धोखाधड़ी के मामलों की संख्या बढ़ने लग जाती है और यह अदालत राजनीतिक मुकदमेबाजी का केंद्र बन जाती है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा शीर्ष अदालत में आयोजित संविधान दिवस समारोह में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा,हम सभी का सह-अस्तित्व है और भारतीय संविधान हमें बताता है कि या तो हम जीवित रहेंगे या एक साथ नष्ट हो जाएंगे। उन्होंने कहा,लेकिन सबसे हटकर, मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि संविधान का जश्न मनाने के दिन हम न्याय के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करना सीखें न्याय के लिए हमारा कर्तव्य व्यक्तिगत मामलों में सफलता या विफलता से कहीं अधिक है

सिखों के पवित्र सिंबल (खंदा साहिब) वाली महिलाओं की पैंटी और अंडरगारमेंट्स बेचने से सिख समुदाय में रोष....

दिल्ली स्थित गांधी नगर में कपड़ों के होलसेल बाजार में महिलाओं की पैंटी और अंडरगारमेंट्स [के अंतःवस्त्र] बेचने वाले एक व्यापारी पर आरोप लगा है। आरोप है कि व्यापारी की ओर से सिखों से जुड़े एक महत्वपूर्ण और पवित्र सिंबल (खंदा साहिब) प्रिंट वाली पैंटी बेची जा रही है। इसकी जानकारी मिलते ही सिख समुदाय में रोष फैल गया और वे इसका विरोध करने लगे। इस मामले में शिकायत के बाद अब पुलिस ने व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान और जागो पार्टी के अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह जीके नेतृत्व में गढ़ी गुरुद्वारा साहिब के उप प्रधान हरविंदर सिंह सिड़ी समेत दर्जन भर अन्य सिख समुदाय के लोगों ने अमर कॉलोनी थाने में सिख समुदाय के महत्वपूर्ण और पवित्र सिंबल (खंदा साहिब) प्रिंट वाली अंडरगारमेंट्स को 
बनाने (फैक्ट्री) और बाजारों में बेचने वालों (दुकानदारों) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने दिल्ली पुलिस से अपील की है कि जल्द से जल्द फैक्ट्री मालिक और सभी दुकानदारों के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन ली जाए। इस मामले को लेकर गढ़ी, ईस्ट ऑफ कैलाश, अमर कॉलोनी, लाजपत नगर और महरौली समेत अन्य इलाके के लोग काफी आक्रोशित हैं और वे सभी उनलोगों के खिलाफ सख्त करवाई चाहते हैं। सिख समुदाय के लोगों का कहना है ये कोई राजनीति मसला नही है, ये सिखों के सम्मान और स्वाभिमान की बात है।  इस मामले में शिकायतकर्ता की तरफ से वकील जसलीन ने बताया कि खुलेआम गांधी नगर बाजार में सिखों के पवित्र सिंबल वाली महिलाओं की पैंटी बेची जा रही है। 

इस बारे में व्यापारी से बात कर उन अंडरगारमेंट्स को हटाने की मांग भी की गई, लेकिन उसके बाद भी व्यापारी उन अंडरगारमेंट्स को बेच रहे हैं। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई। उनका कहना है कि व्यापारी के खिलाफ 295A (नॉन बेलेबल) के तहत कार्रवाई के साथ यह पता लगाया जाए कि ये अंडरगारमेंट्स कहां बनाये जा रहे हैं और उस पर भी तत्काल रोक लगाई जाए। इस बारे में दिल्ली पुलिस से कार्रवाई का आश्वासन उन्हें दिया गया है और उम्मीद है कि पुलिस व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार करेगी। वहीं इस मामले के शिकायतकर्ता ने बताया कि वे 25 नवंबर को जब गांधी नगर मार्केट से गुजर रहे थे तो उनकी नजर क्लासिक ट्रेडिंग कंपनी नाम से मार्केट की एक दुकान ओर पड़ी, जहां महिलाओं के अंडरगारमेंट्स बेचे जाते हैं। उस शॉप की डिस्प्ले में सिखों के पवित्र और धार्मिक सिंबल (खंदा साहिब) प्रिंट वाली महिलाओं की पैंटी लगी हुई थी। उन्होंने कहा कि वे व्यापारी के पास गए और उनसे उस सिंबल के बारे में बात की तो व्यापारी ने कहा कि उन्हें पता है कि ये सिखों से संबंधित है और उसने गुरुद्वारे में इस सिंबल को देखा है।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने व्यापारी से उस तरह के अंडरगारमेंट्स को डिस्पले से हटाने और न बेचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अगर सिख समुदाय को इसकी जानकारी हो गई तो फिर बात बढ़ सकती है। इसके बावजूद व्यापारी नहीं माना और जब अगले दिन शिकायतकर्ता वापस गांधी नगर मार्केट गया तो पाया कि व्यापारी उस अंडरगारमेंट्स की अभी भी बिक्री कर रहा है। ऐसे में उन्होंने वकील के माध्यम से दिल्ली पुलिस में इसकी शिकायत दी। यह मामला एक समुदाय विशेष की धार्मिक भावना से जुड़ा हुआ है, इसलिए दिल्ली पुलिस ने भी इसमें उनका साथ देने और व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उनकी मांग है कि तुरंत ही इस तरह की पैंटी बेचने और बनाने पर रोक लगाई जाए।

तीन बार की आत्महत्या की कोशिश तलाक शुदा महाभारत की द्रौपदी उर्फ रूपा गांगुली ने खुद बयां की हकीकत

साल 1998 में टीवी शो महाभारत में द्रौपदी का किरदार निभाने वाली रूपा गांगुली को भले ही इस किरदार से काफी प्यार मिला हो, लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ इतनी अच्छी नहीं रही। एक्ट्रेस ने 1992 में ध्रुबो मुखर्जी से शादी की थी, शादी के बाद रूपा ने अपने करियर तक को छोड़ दिया था। रूपा की शादीशुदा लाइफ में काफी दिक्कतें आने लगी। एक इंटरव्यू में रूपा गांगुली ने खुलासा करते हुए कहा था कि शादी से पहले मैं एक ऐसे प्रोफेशन में थी जहां मुझे ग्लैमरस दिखा था इंडस्ट्री में किरदार के लिए आपको ऐसा दिखना 
होता है,लेकिन क्या ये मेरी गलती थी? मुझे ऐसा लगता है कि पुरुषों के लिए सेलिब्रिटी के तौर पर अपनी वाइफ को स्वीकार करना काफी मुश्किल होता हैशादी के बाद रूपा गांगुली ने खुद को काफी बदलने की कोशिश की।  उन्होंने बताया था कि शादी के बाद मैंने देर रात कॉल उठानी बंद कर दी थी, जैसे ही मेरा शूट खत्म होता था मैं सीधा घर आती थी, मैंने अपनी शादी को बचाने के लिए हर कोशिश की,पति की हरकतों से परेशान होकर रूपा गांगुली ने एक समय में अपनी लाइफ को खत्म करने का फैसला कर लिया था। एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने खुद इस बात को कबूला था कि वह तीन बार सुसाइड करने की कोशिश कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मैंने खुद को मारने की बहुत कोशिश की लेकिन भगवान ने हर बार मुझे बचा लिया। 

रुपा की इतनी कोशिश के बाद भी जब उनके रिश्ते पति से सही नहीं रहे तो एक्ट्रेस ने 2006 में अपने पति धुब्रो से तलाक लेने का फैसला कर लिया था।  महाभारत में द्रौपदी का रोल निभाक रूपा गांगुली ने अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई।

एलपीजी सिलेंडर के दामो में बढ़ोतरी….

हर महीने की पहली तारीख पर ऑइल कंपनिया गैस के दामों की समीक्षा कर दामों को कम या बढ़ोतरी करती है। 1 दिसंबर 2023 से राजधानी दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए 1796.50 रुपये हो गए है। जबकि इससे पिछले महीने एलपीजी गैस के दाम 1775.50 रुपये प्रति सिलेंडर पर थे। सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस के दाम में कोई इजाफा नहीं किया गया है। आम रसोई गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को ना तो राहत मिली है और ना ही कोई बदलाव इनके गैस सिलेंडर के रेट पर किया गया है। 
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम कितने बढ़ा दिए हैं।दिल्ली 1796.50 रुपये ,कोलकाता 1908.00 रुपये मुंबई 1749.00रुपये चेन्नई 1968.50 रुपये पिछले महीने की पहली तारीख यानी 1 नवंबर को भी एलपीजी सिलेंडर के दाम में 100 रुपये से ज्यादा का इजाफा किया गया था। एलपीजी के ये दाम 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर पर बढ़े थे। 1 नवंबर को देश में करवा चौथ का त्योहार मनाया गया था और इस त्योहारी दिन लोगों को महंगाई का झटका लगा था। एक अक्टूबर को एलपीजी 1731.50 रुपये पर थी जबकि 1 नवंबर को इसके रेट 101.50 रुपये महंगे हुए थे और ये 1833 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया था। 
इसके बाद 16 नवंबर को कमर्शियल गैस के दाम कम हुए थे और ये 57.05 रुपये सस्ता होकर 1775.50 रुपये पर आ गया था। कमर्शियल गैस के महंगा होने का असर असर खाने-पीने की इंडस्ट्री और रेस्टोरेंट कारोबार पर ज्यादा दिखेगा। आम जनता के लिए बाहर खाना-पीना और महंगा होने वाला है और उनकी आउटिंग पर होने वाला बजट महंगा होगा।

CAA लागू होना आसान नहीं,ममता बनर्जी को हराने का बीजेपी में दम नहीं.. सपा सांसद शफीकुर्रहमान वर्क

कोलकाता में बीजेपी की एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि हर हाल में सीएए लागू होगा और इसे कोई रोक नहीं पाएगा। उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में ममता शासन को उखाड़ कर भाजपा सरकार बनाने का आह्वान भी किया। बंगाल दौरे पर पहुंचे अमित शाह ने नागरिक संशोधन कानून का जिक्र करते हुए कहा था कि इसे कोई भी रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि इसे रोक पाना ममता बनर्जी के बस की बात नहीं है। मोदी सरकार इसे लागू करके रहेगी। यह देश का कानून 
है और ममता बनर्जी या कोई भी इसे रोक नहीं पाएगा। शाह से पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी ने भी रविवार को पश्चिम बंगाल में ही कहा था कि सीएए के तहत मार्च 2024 तक नियम तय कर लिए जाएंगे। इस पर समाजवादी पार्टी (सपा) के चर्चित सांसद डॉक्टर शफीकुर्रहमान वर्क ने भी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा है कि ममता बनर्जी को हराना बीजेपी के बस की बात नहीं है। यूपी के संभल से सांसद शफीकुर्रहमान वर्क ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा, ममता बनर्जी को बीजेपी नहीं हरा सकती है। मुसलमान ममता के साथ हैं। 
बंगाल में पहले भी ममता बनर्जी बीजेपी को हरा चुकी हैं। सपा सांसद वर्क ने अमित शाह की ओर से नागरिकता संशोधित अधिनियम लागू करने की चुनौती पर भी तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि सीएए लागू करना आसान काम नहीं है। पूरा विपक्ष इसके खिलाफ है। विपक्ष नहीं चाहता है की सीएए लागू हो। बता दें कि सीएए कानून का टीएमसी सहित देश के विपक्षी दलों ने तीखा विरोध किया था। ममता बनर्जी सरकार ने तो इसे पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया था। इसे लेकर खूब प्रदर्शन भी देशभर में हुए थे।

Tuesday, November 28, 2023

लड़के के अपहरण वाली जबरन शादी यानि पकड़ुआ विवाह…जाने क्या सही क्या गलत...?

भारत में साल 1961 में दहेज कानून बनाया गया, जिसमें दहेज लेन-देन को अपराध की श्रेणी में रखा गया। इसके बाद बिहार के गंगा बेल्ट के कई हिस्सों से पकड़ुआ विवाह के मामले सामने आने लगे,अभी भी पटना, बेगूसराय, मोकामा और नवादा पकड़ुआ विवाह का केंद्र बना हुआ है। पकड़ुआ विवाह प्रचलन शुरू होने की एक बड़ी वजह दहेज था। शुरुआत में जब लड़की वाले दहेज नहीं दे पाते थे, तब वे शादी के इस तरीके को अपनाते थे। दहेज कानून होने की वजह से मामला थाने में भी नहीं जा पाता था,बाद के सालों में यह शादी 
ऑर्गेनाइज तरीके से होने लगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस काम को बकायदा सांगठनिक तरीके से अंजाम दिया जाता है। बिहार के गंगा बेल्ट में अभी भी कई गैंग सक्रिय हैं,जो पकड़ुआ विवाह को पूर्ण करवाने का ठेका लेता है। पकड़ुआ विवाह में सबसे पहले लड़के का अपहरण किया जाता है और फिर उसे कुछ दिन के लिए किसी अनजान जगह पर रखा जाता है। मुहूर्त के दिन लड़के की शादी पंडित से विधिवत करवाई जाती है। शादी के बाद दुल्हन को दुल्हे के घर भेज दिया जाता है। 
पकड़ुआ विवाह के अधिकांश मामलों में लड़का या तो सरकारी नौकरी में रहता है या किसी अच्छे जगह पर सैटल रहता है। जानकारों का कहना है कि पकड़ुआ विवाह की सबसे बड़ी वजह इन सरकारी नौकरी वाले लड़कों को दहेज न दे पाना है। कई केस तो ऐसे सामने आए हैं, जिसमें लड़के और लड़की के परिवार के बीच शादी की बात फाइनल हो गया होता है, लेकिन दहेज की वजह से शादी रूका रहता है। पकड़ुआ विवाह के कई मामले लड़कियों के अशिक्षित होने की वजह से भी सामने आ रहे हैं। 



गंगा बेल्ट में ऊंच जातियों के लोग अभी भी अपनी बेटियों के लिए पढ़ाई-लिखाई को ज्यादा तरजीह नहीं देते है। ऐसे में जब अरैंज मैरिज के दौरान शिक्षा को लेकर बात नहीं बनती है, तो इस लड़की वालों की तरफ से इस तरह का कदम उठाया जाता है। पकड़ुआ विवाह में तेजी की एक वजह आपसी रिश्ते में शादी कराना भी है। 2022 में समस्तीपुर में एक केस सामने आया था, जिसमें एक लड़के की शादी उसके बहन की ननद से ही करा दी गई थी। लड़का अपने बहन को छोड़ने के लिए उसके ससुराल आया था।  पटना वुमेंस कॉलेज ने 2020 में बिहार में पकड़ुआ विवाह को लेकर एक शोध किया था। 
इस शोध के मुताबिक पकड़ुआ शादी के सफल होने पर सस्पेंस बना रहता है।  इसकी बड़ी वजह लड़के के परिवार की लड़की को लेकर सोच रहती है। इस शोध के लिए 600 लोगों से बात भी की गई, जिसमें से 47 प्रतिशत लोगों ने कहा कि पकड़ुआ विवाह में लड़की और लड़का दोनों विक्टिम रहता है। 58 प्रतिशत लोगों ने कहा कि इस तरह की शादी लंबे समय तक सफल नहीं रह पाती है। 1970 के आसपास प्रचलन में आया यह विवाह 90 दशक में काफी फला-फूला हाल के वर्षों में भी पकड़ुआ विवाह के मामले में काफी बढ़ोतरी देखी गई। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक बिहार में 2020 में जबरन शादी कराने के 7,194, 2019 में 10,295, 2018 में 10,310 और 2017 में 8,927 मामले सामने आए। 


हालांकि, इसमें से अधिकांश मामले आपसी सहमति से निपटाए गए। बिहार पुलिस मुख्यालय के मुताबिक 2020 में पकड़ुआ विवाह के 33 तथा 2021 में 14 मामले दर्ज किए गए। बिहार के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक पकड़ुआ विवाह के उन्हीं मामलों को केस के रूप में दर्ज किया जाता है, जिसमें समझौते की गुंजाइश पूरी तरह खत्म रहती है। पटना हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद बिहार का पकड़ुआ विवाह (जबरन शादी) सुर्खियों में है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने शादी को लेकर आपसी सहमति पर जोर दिया है। कोर्ट ने पकड़ुआ विवाह के एक मामले को रद्द करते हुए कहा है कि सिर्फ मांग में सिंदूर भर देना शादी नहीं है। बिहार में पकड़ुआ विवाह के बढ़ते मामले के बीच हाईकोर्ट का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।  
 
 
 

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...