Tuesday, October 31, 2023

लसन-प्याज के छिलेको के फायदे जान हैरान होंगे आप....

अधिकतर घरों में लहसुन और प्याज के छिलकों को अनुपयोगी समझ कर फेंक दिया जाता है ,लेकिन आज हम आपको इनके सबसे बेहतरीन फायदे और उपयोगों के बारे बताएंगे। लहसुन और प्याज के छिलकों से चाय बना कर पी सकते हैं। प्याज और लहसुन एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। इतना ही नहीं इनके छिलकों में विटामिन ए, विटामिन ई और फ्लेवेनोइड्स जैसे गुण पाए जाते हैं। स्ट्रेस आज के समय की एक बड़ी समस्या में से एक है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत का खास ख्याल नहीं रख 
पाते जिसके चलते वो स्ट्रेस जैसी समस्याओं से शिकार हो जाते हैं। स्ट्रेस की समस्या को कम करने के लिए आप लहसुन प्याज के छिलकों से बनी चाय का सेवन कर सकते हैं। मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मददगार हैं लहसुन प्याज के छिलके। लहसुन प्याज के छिलकों से बने काढ़े का सेवन कर शरीर दर्द में राहत मिल सकती है। ठंड के मौसम में इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है, ऐसे में आप अगर इससे बचना चाहते हैं तो लहसुन-प्याज के छिलकों के पानी से नहा सकते हैं। बालों को हेल्दी रखने के लिए आप लहसुन-प्याज के छिलकों के पानी से बाल धो सकते हैं। इससे बालों की रूसी को दूर करने और बालों को मजबूत बनाने के लिए अच्छा माना जाता है।

Saturday, October 28, 2023

खराब अंपायरिंग व तकनीक से हारा पाकिस्तान..पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह के आरोपों से क्रिकेट पर लगा सवालिया निशान..?

बीते दिनों दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच मैच अंतिम ओवरों में था, रोमांच पूरी तरह से बना हुआ था। पाकिस्तान को जीत के लिए सिर्फ एक ही विकेट चाहिए था,तबरेज शम्सी के खिलाफ पगबाधा की अपील हुई लेकिन अंपायर ने इसे नकार दिया।  बाबर आजम ने रिव्यू (DRS) ले लिया, रिव्यू में अंपायर्स कॉल आया। अगर अंपायर ने तबरेज को आउट दे दिया होता तो फिर वो आउट हो गए होते

लेकिन शम्सी यहां बच गए और अंत में साउथ अफ्रीका ने जीत हासिल कर ली। पाकिस्तान की हार के बाद हरभजन सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पहली जो पोस्ट शेयर की उसमें लिखा खराब अंपायरिंग और खराब नियमों के कारण पाकिस्तान को यह मैच गंवाना पड़ा। ICC को इस नियम को बदलना चाहिए अगर गेंद स्टंप पर लग रही है तो वह (बैटर) आउट है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि अंपायर ने आउट दिया या नॉट आउट अगर ऐसा नहीं है तो तकनीक का क्या फायदा??? हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर जो पोस्ट शेयर की उस पर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी ग्रीम स्मिथ ने रिप्लाई करते हुए लिखा भज्जीअंपायर्स कॉल पर मैं भी आपके जैसा ही महसूस करता हूं, लेकिन रैसी वैन डर डुसेन और दक्षिण अफ्रीका में भी यही भावना हो सकती है? इस हरभजन सिंह ने भी रिप्लाई किया। 
इस मामले पर हर्षा भोगले ने भी एक पोस्ट किया था जिस पर भज्जी ने रिप्लाई करते हुए लिखा सिंपल है हर्षा! अगर गेंद स्टंप से टकरा रही है तो आउट।  यह कल को भारतीय टीम के साथ भी हो सकता है। आईसीसी को या तो टेक या अंपायर कॉल पर टिके रहने की जरूरत है,अगर अंपायर कॉल लास्ट कॉल (आखिरी फैसला) है तो खेल में टेक (तकनीक) की कोई जरूरत नहीं है। आपके पास एक सुझाव देने वाला और दूसरा नॉट आउट कहने वाला नहीं हो सकता! यह बकवास है। गौरतलब है की दक्षिण अफ्रीका को एक विकेट से जीत मिली, वहीं पाकिस्तान ने इस टूर्नामेंट में लगातार चौथी बार हार का स्वाद चखा। 


इन सबके बीच अंपायर का फैसला विवादों के घेरे में आ गया। पाकिस्तान के लिए अहम माने जा रहे इस मुकाबले में अंपायर्स कॉल तकनीक पर मैच के दौरान कमेंट्री के साथ-साथ मैदान के बाहर भी इसकी गूंज सुनाई दी। टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने खराब अंपायरिंग का आरोप लगाते हुए इस तकनीक पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल से इस पर एक के बाद एक कई पोस्ट शेयर की है।

क्यू भारत ने इजरायल-गाजा-हमास युद्ध विराम के मतदान से किया परहेज...?

संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने कहा,हमें उम्मीद है कि इस सभा के विचार-विमर्श से आतंक और हिंसा के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश जाएगा और हमारे सामने मौजूद मानवीय संकट को संबोधित करते हुए कूटनीति और बातचीत की संभावनाओं का विस्तार होगा। भारत संयुक्त राष्ट्र महासभा में आम नागरिकों की सुरक्षा और कानूनी एवं मानवीय दायित्वों को कायम रखने शीर्षक वाले जॉर्डन के मसौदा प्रस्ताव पर मतदान से दूर रहा। इस प्रस्ताव में इजराइल-हमास युद्ध में तत्काल मानवीय संघर्ष-विराम और गाजा पट्टी में निर्बाध मानवीय पहुंच सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया था। संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यीय महासभा ने उस प्रस्ताव को अपनाया, जिसमें तत्काल, टिकाऊ और निरंतर मानवीय संघर्ष-विराम का आह्वान किया गया है, ताकि शत्रुता समाप्त हो सके। प्रस्ताव 

के पक्ष में 121 देशों ने मत किया, 44 सदस्य मतदान से दूर रहे और 14 सदस्यों ने इसके खिलाफ वोट दिया।  प्रस्ताव में पूरी गाजा पट्टी में आम नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का तत्काल, निरंतर, पर्याप्त और निर्बाध प्रावधान करने की मांग की गई थी। संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने मतदान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ऐसी दुनिया में जहां मतभेदों और विवादों को बातचीत से हल किया जाना चाहिए, इस प्रतिष्ठित संस्था को हिंसा का सहारा लेने की घटनाओं पर गहराई से चिंतित होना चाहिए। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा ( UN General Assembly Resolution) के उस प्रस्ताव में मतदान नहीं किया, जिसमें इज़रायल-हमास युद्ध में तत्काल मानवीय संघर्ष विराम की बात कही गई थी। 




मतदान से अनुपस्थित रहने के अपने फैसले के बारे में बताते हुए भारत ने कहा कि प्रस्ताव में हमास का जिक्र नहीं है और संयुक्त राष्ट्र को आतंक के खिलाफ स्पष्ट संदेश भेजने की जरूरत है। योजना  पटेल ने कहा,हिंसा जब इतने बड़े पैमाने और तीव्रता पर होती है, तो यह बुनियादी मानवीय मूल्यों का अपमान है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के साधन के रूप में हिंसा का इस्तेमाल भारी नुकसान पहुंचाता है और यह किसी भी टिकाऊ समाधान का मार्ग प्रशस्त नहीं करती। पटेल ने इजराइल में सात अक्टूबर को हुए आतंकवादी हमलों को चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि ये हमले निंदनीय हैं।
मतदान के बारे में भारत के स्पष्टीकरण में हमास का उल्लेख नहीं किया गया। पटेल ने कहा,आतंकवाद हानिकारक है और इसकी कोई सीमा, राष्ट्रीयता या नस्ल नहीं होती। दुनिया को आतंकवादी कृत्यों को जायज ठहराने की कोशिश करने वालों पर गौर नहीं करना चाहिए। आइए, हम मतभेदों को दूर रखें, एकजुट हों और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने का दृष्टिकोण अपनाएं।

वोटर लिस्ट में नाम दुरुस्ती,नए नाम एंट्री अन्य समस्या निदान अभियान की शुरूवात....

भारत में मतदाता सूची को अपडेट करने और इसे अधिक सटीक बनाने के लिए, भारत निर्वाचन आयोग समय-समय पर विशेष निरिक्षण और संसोधित अभियान आयोजित करता है। विशेष समर डिवीजन के दौरान, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन करने या किसी नाम को हटाने के लिए फॉर्म जमा किए जा सकते हैं। फॉर्म जमा करने के लिए, आप ऑफलाइन या ऑनलाइन किसी भी माध्यम का उपयोग कर सकते हैं। दिल्ली में चुनावों के दौरान अक्सर राजनैतिक पार्टियां आरोप लगाती हैं कि मतदाता जब अपने मत का उपयोग करने जाते हैं तो लिस्ट से मतदाता का नाम कटा मिलता है। दिल्ली के मतदाता अपने पुराने निर्वाचन से जब नए निर्वाचन क्षेत्र में जाते हैं, वहां के मतदाता पत्र बनवाने के लिए कई तरह की कठिनाइयां सामने आती हैं। आज 2023 -2024 के लिए मतदातों के लिए विशेष अभियान की शुरुआत हुई है। साथ ही मतदाता सूची के ड्राफ्ट को प्रकाशित किया गया। इस मतदाता सूची की ड्राफ्ट प्रतियां 
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और मीडिया को भी दी गई। इस मौके पर इलेक्ट्रॉनिक मतदाता सूची अधिकारी और सहायक अधिकारी यहां मौजूद रहे। सभी मतदाता सूची की ड्राफ्ट प्रतियां सभी मतदाता सेवा केंद्रों पर भी उपलब्ध होंगी। आज से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, किसी तरह का संशोधन करने या मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने के लिए फार्म जमा कर सकते हैं। इस दौरान जिला चुनाव कार्यालयों की तरफ से शिविर भी लगाए जाएंगे। पहला शिविर 4 और 5 नवंबर को दिल्ली के हर जिले में लगाया जाएगा। 




इसके बाद, अगला शिविर 2 और 3 दिसंबर को लगाया जाएगा। इन शिविरों के लिए, ब्लॉक स्तर के अधिकारी और सुपरवाइजर पूरे दिन शिविर में मौजूद रहेंगे हर मतदाता की शिकायतों का निवारण करेंगे। शाहदरा जिला चुनाव अधिकारी, रिषिता गुप्ता, (आई.ए.एस.) ने जानकारी देते हए कहा,फॉर्म जमा करने के लिए, आप ऑफलाइन या ऑनलाइन किसी भी माध्यम का उपयोग कर सकते हैं। मतदाताओं की समस्या का निपटारा एक दिन के भीतर और अधिक से अधिक 23 दिनों के भीतर, आवश्य किया जाएगा। चुनाव कार्यालय के एस.डी.एम क्षितिज कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए कहा,वोटर कार्ड बनवाने के लिए फॉर्म 6 जमा करना होगा, इससे मतदाता सूची में नाम जोड़ा जाएगा। संशोधन बहुत तरह से हो सकते हैं, जैसे कि किसी का नाम, पता या जन्म तिथि में बदलाव।



इसके लिए ट्रांसपोजिशन का काम किया जाएगा। यदि किसी की मृत्यु हो गई है या किसी का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है, तो उसके लिए हमारे विशेष शिविरों में जाकर फॉर्म जमा किया जा सकता है। मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने का कोई कॉन्सेप्ट नहीं है। बस यह है कि यदि कोई व्यक्ति फॉर्म जमा करता है, तो उसका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा।

विधायक महिला असुरक्षित,गौ माता को भी नहीं छोड़ा...CG-CM भूपेश पर भड़की भाजपा मंत्री लेखी

छत्तीसगढ़ के चुनावी तारीखों के बाद बीजेपी ने दोनों प्रत्याशियों की नामांकन रैली में केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी को बुलाया था, जिन्होंने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जमकर हमला बोला। यह भी कहा कि पांच साल पब्लिक ने बीजेपी को विपक्ष की भूमिका निभाने का जनादेश दिया, जिसे हमने बखूबी निभाया, लेकिन कांग्रेस सरकार ने वादा खिलाफी कर जनता के पैसे को केवल लूटने का काम किया। गांधी मैदान में कार्यकर्ता और जनसभा को संबोधित करते हुए मीनाक्षी लेखी  ने मुख्यमंत्री पर महादेव ऐप घोटाला में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भगवान महादेव के नाम पर भी घोटाला करने से बाज 
नहीं आ रहे हैं और महादेव एप के लोगों के साथ मिलकर बड़ा घोटाला कर रहे हैं। जो चोर है ईडी से डरे चुनावी सीजन में ईडी के सवाल पर लेखी ने कहा की ईमानदारी से रहो,तो ईडी भी क्या करेगी? नाम लिए बगैर कहा हमारे लोग (कांग्रेस) इनके राज पाठ में भुगते हैं।  इमरजेंसी तक लगा दिया गया था,जो चोरी कर रहे हैं उन्हें ही ईडी से डर बना हुआ है। जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया।
उन्होंने खुज्जी की विधायक छन्नी साहू पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जिस राज्य में सीएम अपनी विधायक को सुरक्षा नहीं दे सकते। वहां की महिलाओं की सुरक्षा कौन करेगा? इस बार पीएम मोदी द्वारा चुने हुए राजिम और बिंद्रा नवागढ़ के विधायक प्रत्याशियों को भारी बहुमत से जिताकर प्रधानमंत्री मोदी के पास भेजें। मीनाक्षी लेखी ने कहा कि राम राज में घी मिले, कृष्ण राज में दूध और छत्तीसगढ़ में भूपेश राज में दारू मिले और गोबर बेचकर पी.। भूपेश बघेल सरकार ने तो गौ माता को भी नहीं छोड़ा। ऐसी लबरा और डबरा की सरकार को उखाड़ फेंकें। 



उन्होंने कहा कि 2 रूपए में गोबर खरीद कर 10 रुपए में मिट्टी युक्त खाद किसानों को दी। इससे अच्छा होता कि सरकार किसानों से कहती कि दो गड्ढे खोदें उसमें गाय का गोबर और भूसा और बचा चारा डालें और दो से तीन हफ़्ते में रसायन और यूरिया मुक्त खाद मिल जाता।
 

Friday, October 27, 2023

जेल में अय्याशी कर सारी सुख सुविधा लेते थे लालू प्रसाद यादव... बीजेपी नेता विजय कुमार सिन्हा

बीजेपी नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पर निशाना साधा। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि लालू यादव ने अपने मुख से खुद स्वीकार किया है कि वह जेल के मैनुअल को तोड़ते थे।  जेल में सोनिया गांधी और कई बड़े नेताओं से बात करते थे। उनके बयान से यह साफ हो गया है कि वह जेल में अय्याशी करते थे और सारी सुख सुविधा लेते थे। रांची के होटवार जेल में उनके लिए सारी व्यवस्था मौजूद थी। बीजेपी नेता ने कहा कि जेल अय्याशी के लिए नहीं सजा के लिए 
होती है, इसलिए जितने दिन लालू यादव ने जेल में काटा है न्यायालय से हम लोग मांग करते हैं कि उन्हें उतने ही दिन की फिर से सजा दी जाए। जेल में अगर उन्हें कड़ी सजा नहीं मिलेगी तो भ्रष्टाचार करने वाले लोगों में सुधार नहीं आएगा। गौरतलब है की आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने गुरुवार (26 अक्टूबर) को श्री बाबू की जयंती के मौके पर कांग्रेस के कार्यक्रम में मंच कहा था कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को उन्होंने ही सांसद बनवाया था। रांची जेल से उन्होंने सोनिया गांधी को फोन किया था। 
विजय कुमार सिन्हा से पहले बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा के सदस्य सुशील कुमार मोदी ने भी फोन कॉल को लेकर सवाल उठाए थे। 
गुरुवार को एक्स हैंडल पर सुशील कुमार मोदी ने लिखा कि, कांग्रेस ने श्री बाबू की जयंती में केवल लालू यादव को बुलाया। नीतीश को क्यों नहीं बुलाया? लालू-नीतीश पर दबाव बनाकर कांग्रेस को लोकसभा की लड़ने के लिए ज्यादा सीट दिलाएंगे? लालू जी, जेल में मोबाइल की अनुमति नहीं, फिर सोनिया जी से कैसे बात की?

झोलाछाप हकीम यूट्यूबर अब्दुल्ला पठान पर पुलिस ने कसा शिकंजा जाने क्या है पूरा मामला....

मुरादाबाद के कुंदरकी ढकिया जुम्मा निवासी झोलाछाप हकीम यूट्यूबर अब्दुल्ला पठान का पुलिस वर्दी में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस उसके घर पर दबिश भी दे चुकी है। आला अधिकारियों ने कहा कि पुलिस की वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर उसे वायरल करना एक संगीन अपराध है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने युट्यूबर झोलाछाप के दवाखाने पर छापामार कर वहां से बड़ी मात्रा में नकली दवाइयां जब्त की थी और अस्पताल सील कर दिया था। अब एक और मुकदमा युट्यूबर अब्दुल्ला पठान पर दर्ज 
होने के बाद आने वाले दिनों में उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। थाने के सब इंस्पेक्टर ने कहा है कि आरोपी अब्दुल्ला पठान ने पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो बनाई और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वांछित आरोपी यूट्यूबर अब्दुल्ला पठान के खिलाफ धारा 171 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यूट्यूबर अब्दुल्ला पठान नारियल को हाथों से फोड़ने, ट्रक को शरीर से बांधकर खींचने, बस को रोकने की महारत हासिल करने के बाद इतना फेमस हुआ कि उसने अपना दवाखाना ही खोल लिया और झोलझाप डॉक्टर बनकर लोगों की बीमारियों का इलाज करने लगा। 
फिल्मी दुनिया से जुड़े पहलवान खली के साथ भी उसकी वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। फिलहाल पुलिस इस यूट्यूबर को दो अलग अलग दर्ज हुए मुकदमों में तलाश कर रही है। कुंदरकी पुलिस का कहना है कि हर समय बाउंसर अपने साथ रखने वाला अब्दुल्ला पठान फरार है।

भक्ति की सुर कोकिला अलका नंदकरनी कैसे बनी अनुराधा पौडवाल..?

27 अक्टूबर 1954 के दिन कर्नाटक के करवार जिले में जन्मी अनुराधा पौडवाल मुंबई में पली-बढ़ीं। कोंकणी परिवार से ताल्लुक रखने वाली अनुराधा का बचपन मुंबई में बीता। एक दौर ऐसा था, जब बॉलीवुड में अनुराधा पौडवाल की तूती बोलती थी। शायद ही कोई ऐसी फिल्म होती थी, जिसके गाने अनुराधा पौडवाल की आवाज से सजे नहीं होते थे। अनुराधा पौडवाल का असली नाम अलका नंदकरनी है। इसका खुलासा अनुराधा पौडवाल ने खुद द कपिल शर्मा शो में किया था। अनुराधा ने बताया था कि उन्होंने अपना नाम शादी के बाद बदला था।  गौर करने वाली बात यह है कि अनुराधा पौडवाल ने संगीत की कोई ट्रेनिंग नहीं ली थी। वह लता मंगेशकर की बहुत बड़ी 
फैन हैं और अपनी सिंगिंग की प्रैक्टिस लता मंगेशकर के गाने सुनकर करती थीं। धीरे-धीरे उनका रियाज इतना बेहतरीन होता चला गया कि लोग उनकी आवाज के दीवाने हो गए। एक वक्त ऐसा भी आया, जब उनकी आवाज को लता मंगेशकर से ज्यादा पसंद किया जाने लगा था। मशहूर कंपोजर ओपी नैयर ने तो यहां तक कह दिया था कि लता का दौर अब खत्म हो गया है। अनुराधा ने उन्हें रिप्लेस कर दिया है। अनुराधा पौडवाल के करियर की शुरुआत उनकी शादी के बाद हुई। अनुराधा ने अरुण पौडवाल को अपना हमसफर बनाया था, जो एसडी बर्मन के सहायक संगीतकार थे। इसके बाद अनुराधा को बॉलीवुड में एंट्री करने का मौका मिला। उन्होंने सबसे पहले फिल्म अभिमान में जया भादुड़ी के लिए श्लोक गाया था।
इसके बाद ऐसा दौर आ गया, जिसमें हर फिल्म में अनुराधा पौडवाल का गाना जरूर होता था। यह वह दौर था, जब अनुराधा पौडवाल को कैसेट किंग के नाम से मशहूर गुलशन कुमार का साथ मिला.। टी-सीरीज का साथ मिलने के बाद तो अनुराधा के सितारे बुलंदियों पर पहुंच गए। आलम यह रहा कि फिल्म आशिकी, दिल है कि मानता नहीं और बेटा आदि फिल्मों के लिए उन्हें लगातार तीन बार फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।  इसके बाद तो अनुराधा ऐलान कर दिया कि वह अब टी-सीरीज के लिए ही गाने गाएंगी।  इस बीच गुलशन कुमार की हत्या हो गई। वहीं, अनुराधा पौडवाल के पति अरुण पौडवाल का भी निधन हो गया, जिसके बाद अनुराधा ने फिल्मी गानों से दूरी बना ली और सिर्फ भजन गाने लगीं।

छात्र-छात्राओं को फ्री लैपटॉप/टैबलेट, 15 लाख रुपये का मुफ्त बीमा देगी RJ-CM अशोक गहलोत सरकार का चुनावी वादा....

राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आमजन को लाभ देने के लिए पांच और गारंटियों का एलान किया है। इनमें कॉलेज के पहले छात्र-छात्राओं को फ्री लैपटॉप/टैबलेट, 15 लाख रुपये का मुफ्त बीमा आदि शामिल हैं। इतना ही नहीं, ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की बात भी सीएम गहलोत ने दोबारा की है। 1.दो रुपये प्रति किलो गोबर खरीद। 2.सरकारी कॉलेज के पहले साल के विद्यार्थियों को लैपटॉप/टैबलेट3.हर विद्यार्थी के लिए अंग्रेजी मीडियम शिक्षा की गारंटी। 4.15 लाख रुपये तक का मुफ्त बीमा। 5.ओल्ड पेंशन स्कीम। 
एक करोड़ परिवारों को पांच सौ रूपए में सिलिंडर। परिवार की महिला मुखिया दस हजार रुपए मिलेंगे। कांग्रेस का दावा है कि पूरे राजस्थान में बच्चों को अंग्रेजी मीडियम शिक्षा दी जाएगी। इसे पंचायत स्तर पर भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा, चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लोगों को बीमा की गारंटी दी जा रही है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वादा किया है कि कांग्रेस अगर दोबारा सत्ता में आती है तो सरकारी कॉलेज जाने से पहले छात्रों को मुफ्त लैपटॉप या टैबलेट दिया जाएगा। 
हालांकि, जानकारी के लिए बता दें कि यह योजना उनके मौजूदा कार्यकाल के बजट का हिस्सा थी,लेकिन कागजों से आगे कभी बढ़ नहीं सकी। अब सीएम गहलोत ने दावा किया है कि अगली बार सरकार बनने पर यह स्कीम धरातल पर आएगी।

इटली में मौते अधिक बच्चों की पैदाइश कम,पीएम जॉर्जिया मेलोनी इसे नेशनल इमरजेंसी मानने पर मजबूर...

अंग्रेजी न्यूज़ वेबसाइट मीडियम की एक रिपोर्ट के अनुसार, इटली ने बीते दिनों एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है। ये वर्ल्ड रिकॉर्ड खुश होने लायक नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक देश तेजी से बूढ़ा हो रहा है। रिपोर्ट की मानें तो इटली में पिछले तीन महीनों के भीतर एक भी बच्चे का जन्म नहीं हुआ है। जबकि रॉयटर्स लिखता है, नेशनल स्टैटिक्स ब्यूरो ISTAT के आंकणों के अनुसार, इटली में जनवरी 2023 से जून 2023 तक जितने बच्चों का जन्म हुआ वो जनवरी 2022 से जून 2022 के बीच जन्में बच्चों की तुलना में 3500 कम हैं। 
इटली का मामला कितना गंभीर है कि वहां की पीएम जॉर्जिया मेलोनी इसे नेशनल इमरजेंसी की तरह देखती हैं। पिछले साल अपने चुनावी अभियान में भी उन्होंने इस मुद्दे को बड़े जोर-शोर से उठाया था। रिपोर्ट्स कहती हैं कि पिछले साल हर सात बच्चों के जन्म पर 12 लोगों की मौत रिकॉर्ड की गई थी। सीधी भाषा में आपको समझाऊं तो वहां अगर एक दिन में सात बच्चों का जन्म हो रहा था तो उसी दिन 12 लोगों की मौत हो रही थी। इसका मतलब कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो वहां कि आबादी तेजी से कम हो जाएगी। इटली दुनिया तेजी से बूढ़ी होती जा रही है। चीन, जापान जैसे देश इसका बड़ा उदाहरण हैं। 
अब इटली भी इस लिस्ट में शामिल हो रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है वहां बच्चों का पैदा ना होना। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इटली में बीते तीन महीनों से किसी भी बच्चे का जन्म नहीं हुआ है। ये परेशानी इतनी बड़ी है कि वहां की पीएम इसे एक नेशनल इमरजेंसी की तरह देखती हैं।  

Thursday, October 26, 2023

खुद का है संविधान तीन बार हुए बैन, कौन है RSS…? देश भर में 1 करोड़ से ज्यादा है सदस्य....

कांग्रेस से अलग होकर साल 1925 में केशव बलिराम हेडगवार ने प्रथम विश्व युद्ध में बनी यूरोपियन राइट-विंग की तरह एक संगठन की स्थापना की। इसका नाम रखा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जो बाद में संघ के नाम से ज्यादा चर्चित हुआ। संघ पर शोध कर चुके विदेशी लेखक वाल्टर एंडरसन के मुताबिक दिसंबर 1920 में ही हेडगवार ने आरएसएस की परिकल्पना की थी। दरअसल, 1920 में नागपुर में ही कांग्रेस कार्यसमिति का वार्षिक अधिवेशन हुआ था। हेडगेवार ने इसका विरोध किया और कुछ युवकों के साथ अलग से कार्यक्रम आयोजित करवाए। इसमें शामिल होने वाले अधिकांश ब्राह्मण युवक थे। हेडगेवार का मानना था कि जब तक देश का हिंदू (बहुसंख्यक) 
एकजुट नहीं होगा, तब तक आजादी का कोई ज्यादा मतलब नहीं है। वे अक्सर कहते थे,भले ही अंग्रेज चले जाएं, जब तक हिंदू एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में संगठित नहीं होंगे, इसकी क्या गारंटी है कि हम अपनी स्वतंत्रता की रक्षा कर पाएंगे? शुरू में संगठन का काम सिर्फ नागपुर में संचलित होता था। यहां हेडगेवार के नेतृत्व में कुछ युवक सुबह शाखा लगाते थे और शाम को लोगों को जागरूक करते थे। धीरे-धीरे संघ का विस्तार नागपुर के आसपास के इलाकों में भी होने लगा। संघ का शुरुआती मिशन भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की थी, जिसे 1947 के बाद बदला गया। संघ के संविधान के मुताबिक यह संगठन हिंदुओं को एकजुट करेगा और उन्नत राष्ट्र बनाने के लिए काम करेगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशहरा 2023 को अपना 98 साल पूरा कर लिया है। 1925 में गठित आरएसएस के देश भर में 1 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं। 

स्थापना के बाद से कई बार विवादों रहने वाले इस संगठन पर 3 बार बैन भी लग चुका है। पहली बार बैन महात्मा गांधी की हत्या के बाद लगा था। उस वक्त केंद्र सरकार को शक था कि गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस की साजिश है। पहली बार संघ प्रमुख समेत संगठन के बड़े नेताओं को जेल भेजा गया था। दूसरी बार आपातकाल के दौरान संघ पर बैन लगा। संघ के सभी कार्यकर्ताओं को मीसा कानून के तहत जेल भेजा गया। तीसरी बार 1992 में संघ पर बैन लगा और इस बार आरएसएस पर द्वेष फैलाने का आरोप था। हालांकि, इस बार बैन की मियाद सिर्फ 6 महीने की थी। संघ का अपना संविधान भी है, जो 1949 में बनाया गया था। 




इस संविधान में कुल 25 अनुच्छेद हैं, जिसके हिसाब से संघ अपने कामकाज को संचलित करता है। संघ की पूरी इकॉनोमी चंदा और उपहार के सहारे है. संगठन के संविधान के मुताबिक संघ से जुड़े किसी भी ब्रांच या व्यक्ति को अगर कोई दान या उपहार मिलता है, तो वह संघ के फंड में जाएगा। संघ में फंड मैनेजमेंट का काम प्रांत स्तर पर संघचालक और निधि प्रमुख का होता है। हालांकि, संघ अपने आय और व्यय को सार्वजनिक नहीं करता है। कोरोना के वक्त संघ के इनकम पर विवाद भी हुआ था। नागपुर के एक कार्यकर्ता ने ईडी से शिकायत की थी कि आरएसएस न तो कोई ट्रस्ट है और न ही एनजीओ, तो फिर इसके पास लाखों-करोड़ों रुपए कहां से आए?हालांकि, यह मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया। शाखा के सदस्यों को स्वयंसेवक कहा जाता है। 
18 साल से अधिक उम्र के कोई भी व्यक्ति स्वयंसेवक बन सकता है। संघ का सभी बड़े फैसले केंद्रीय कार्यकारिणी मंडल और अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में लिया जाता है। इस फैसले को जमीन पर उतारने का काम प्रचारकों का होता है। प्रचारक प्रांतीय सभा के जरिए शाखा से संपर्क साधकर लोगों तक अपना संदेश पहुंचाते हैं। शारीरिक क्रियान्वयन के अलावा संघ शैक्षणिक क्रियाकलाप के जरिए भी लोगों तक अपनी पहुंच बनाता है। इसके लिए संघ देश के कई हिस्सों में सरस्वती विद्या मंदिर जैसे छोटी पाठशालाएं संचलित करता है। इन पाठशालाओं में संघ के पदाधिकारी ही पढ़ाते हैं। विश्व संवाद केंद्र के जरिए संघ अपना विचार बौद्धिक जगत के लोगों तक पहुंचाता है। यह केंद्र देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित है।
 
 

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...