Tuesday, November 21, 2023

नाना पटोले ने बताई मराठा आरक्षण देने की आसान ट्रिक....

महाराष्ट्र में मनोज जारांगे के नेतृत्व में मराठा समुदाय द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, जो ओबीसी श्रेणी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग कर रहे हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा,अगर हमारी सरकार महाराष्ट्र में सत्ता में आती है, तो हम जाति जनगणना के आधार पर मराठा आरक्षण प्रदान करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार इन मुद्दों का समाधान करने को तैयार नहीं है। अगर कांग्रेस केंद्र और महाराष्ट्र में सत्ता में आती है, तो हम 
जरूर इन लंबित मुद्दों को हल करेंगे। हमारे नेता राहुल गांधी की जाति जनगणना की मांग इन मुद्दों की जड़ तक पहुंचने और समाधान निकालने के हमारे संकल्प के अनुरूप है। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार पर उन किसानों के प्रति उदासीन होने का भी आरोप लगाया,जिन्होंने अनियमित बारिश के कारण अपनी फसलें खो दीं। कांग्रेस नेता ने कहा,राज्य में औद्योगिक निवेश घट रहा है। हर बार जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र का दौरा करते हैं, तो वह गुजरात के लिए निवेश के कुछ अवसर ले जाते हैं, जिससे राज्य सरकार के राजस्व पर असर पड़ा है।

Thursday, November 16, 2023

ऑनलाइन दवाएं सस्ती क्यों नकली या ड्रग्स नशे का हिडेन कारोबार....?

आज जहां हर चीज ऑनलाइन सस्ती मिलने के चक्कर में लोग घनचक्कर यानि बेवकूफ बनते जा रहें है यानि ऑफर के चलते नकली या खराब कंज्यूमर को दिया जा रहा है। वहीं लोगो की   सेहत से भी ऑनलाइन दवाई वाले छूट का लालच देकर शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर करते जा रहें है। मेडिकल स्टोर के मुकाबले ऑनलाइन दवाएं हमेशा सस्ती मिलती हैं।  सबसे बड़ी बात कि डिलीवरी चार्ज के बाद भी दवाएं हमें ऑफलाइन के मुकाबले ऑनलाइन सस्ती मिलती हैं। अब सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है। दरअसल, ऑनलाइन हम जो दवा मंगाते हैं उसमें बीच में कमीशन खाने वाले लोगों की संख्या कम हो जाती है। इसे ऐसे समझिए कि 
कोई दवा कंपनी से निकलती है फिर वो स्टेट लेवल के डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंचती है फिर वो जिले वाले डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंचती है, इसके बाद वो मेडिकल स्टोर्स तक पहुंचती है यही वजह है कि ऑफलाइन दवाएं हमें महंगी मिलती हैं। जबकि, ऑनलाइन दवाओं की बात करें तो ये कंपनी से निकल कर सीधें ई-फार्मेसी के स्टोर तक पहुंचती हैं और वहां से कस्टमर के घर पर इसलिए ग्राहक को ई-फार्मेसी के जरिए दवाएं सस्ती मिलती हैं। ऑनलाइन दवाओं पर मिलने वाली भारी डिस्काउंट पर एक फैक्टर एक्सपायरी डेट का भी काम करता है।






दरअसल, ई-फार्मेसी वाली कंपनियां उन दवाओं पर भारी छूट देती हैं, जिनकी एक्सपायरी डेट नज़दीक होती है। जैसे मान लीजिए कोई दवा दो या तीन महीने में एक्सपायर होने वाली है तो कंपनी ऐसी दवाओं को बेहद सस्ते दरों पर ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स को बेच देती है। फिर ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स इन दवाओं पर भारी डिस्काउंट देकर उन्हें ग्राहकों को बेच देती हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट के मुताबिक,भारत में दवाओं का बाजार 2021 में 41 बिलियन यूएस डॉलर का था। इस मामले में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा दवाओं का बाजार है। 2024 तक इस बाजार के 65 बिलियन यूएस डॉलर होने का अनुमान है। 
वहीं ई-फार्मेसी की बात करें तो द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में ये 2500 करोड़ का बाजार था। वहीं 2027 तक इसमें सालाना 22.20 फीसदी की ग्रोथ हो सकती है यानी 2022 से 2027 तक ई-फार्मेसी का बाजार भारत में 9000 करोड़ रुपये के आसपास का होगा। भारत में दवा बेचने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की बात करें तो इनकी संख्या सैकड़ों में है। कुछ प्लेटफॉर्म्स आपको दवाएं तभी बेचते हैं,जब आपके पास किसी डॉक्टर का लिखित प्रिस्क्रिप्शन हो,लेकिन कई प्लेटफॉर्म्स हैं जो आपको बिना किसी प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं उपलब्ध करा देते हैं। 



ऐसे में कई बार लोग अनजाने में ऐसी दवाएं मंगा लेते हैं,जो उनकी सेहत को खराब कर देती हैं। भारत में ऑनलाइन दवाओं की बिक्री का मार्केट बहुत बड़ा है। फल, सब्जियां, राशन के बाद अब लोग घर बैठे दवाएं भी खूब मंगा रहे हैं। हालांकि, इसके कई नुकसान भी हैं।

2.50 लाख सरकारी नौकरी 450/- में रसोई गैस सिलेंडर देगी भाजपा राजस्थान का चुनावी वादा....

राजस्थान के चुनावों के मत्ते नजर हर पार्टी आम जनता को अपने पाले में लाने के लिए लोकलुभावने वादे कर रही है। बीजेपी का संकल्प पत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा  ने जारी करते हुए युवाओं को पांच साल में 2.50 लाख सरकारी नौकरी देने और गरीब परिवारों की महिलाओं को 450 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर देने का वादा किया। पार्टी ने यह भी कहा है कि वह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को केंद्र सरकार के साथ मिलकर पूरा करेगी। साथ ही गेहूं की फसल के एमसएपी के ऊपर बोनस देकर 2700 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदने की व्यवस्था। लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत गरीब परिवारों की बालिकाओं को कुल दो लाख रुपए की वित्तीय 
सहायता देना। सभी गरीब परिवारों की महिलाओं को 450 रुपए में एलपीजी सिलेंडर देना। अगले पांच वर्षों में प्रदेश के युवाओं को 2.50 लाख सरकारी नौकरी देना तथा पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए सभी भ्रष्टाचार के मामलों पर श्वेत पत्र लाना शामिल है। घोषणापत्र में केंद्र सरकार के साथ मिलकर पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का वादा किया गया है। यह परियोजना राज्य के 13 जिलों में सिंचाई और पीने के पानी की समस्याओं के समाधान करेगी। 


हर जिले में एक महिला थाना और हर पुलिस स्टेशन में महिला डेस्क के साथ ही सभी प्रमुख शहरों में एंटी-रोमियो दस्ता बनाया जाएगा। पुलिस बल में महिलाओं की न्यूनतम 33 प्रतिशत भर्ती सुनिश्चित की जाएगी। पार्टी ने कहा है क‍ि लखपति दीदी योजना के तहत लगभग छह लाख ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। 12वीं कक्षा पास करने पर मेधावी लड़कियों को स्कूटी दी जाएगी, सभी गरीब परिवार की छात्राओं के लिए केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। तीन महिला पुलिस बटालियन शुरू किया जाएगा। पीएम मातृ वंदना योजना के तहत वित्तीय सहायता 5000 रुपये से बढ़ाकर 8000 रुपये किया जाएगा। 



इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में पार्टी ने भामाशाह हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के जरिए 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करने, 15000 डॉक्टरों और 20000 पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति समेत कई वादे किए हैं। 40000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ भामाशाह हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन शुरू किया जाएगा। 15000 डॉक्टर और 20000 पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्तियां की जाएंगी।

जुलूस में तलवार, लाठी, बंदूक की धौंस दिखाई तो..बिहार की नीतीश सरकार ने जारी किया फरमान

बिहार सरकार की विशेष सचिव के सुहिता अनुपम की ओर से जिलों के जिलाधिकारियों  और पुलिस अधीक्षकों को इस संदर्भ में चिट्ठी लिखी गई है। त्योहारों के वक्त हिंसा को रोकने के लिए बिहार में सीएम नीतीश कुमार की सरकार ने त्योहारों पर निकलने वाले जुलूसों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तहत बिहार में जुलूस के दौरान तलवार, लाठी, बंदूक और अन्य हथियार के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है।  पत्र में कहा गया है कि जुलूस या शोभायात्राओं में भाग ले रहे कम से कम 20-25 लोगों से अंडरटेकिंग लिया जाए कि जुलूस में कानून-व्यवस्था बनी रहेगी। उन 20-25 लोगों का नाम, पता और आधार कार्ड का नंबर भी लिया जाए। जुलूस में उत्तेजक
भड़काउ गाने, नारेबाजी और प्रतिबंधित हथियार पूरी तरह से बैन रहेंगे। गृह विभाग की ओऱ से जारी की गई चिट्ठी में कहा गया है कि त्योहार के अवसर पर धार्मिक जुलूस में शामिल लोगों द्वारा लाउडस्पीकर या माइक्रोफोन से काफी ऊंची आवाज में नारे लगाने या डीजे बजाने या परंपरागत हथियारों के प्रदर्शन से सांप्रदायिक तनाव पैदा होता है और इससे कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है। चिट्ठी में लिखा गया है कि त्योहारों पर पैदा होने वाले तनाव और अन्य घटनाओं पर नियंत्रण करने की दिशा में धार्मिक जुलूसों को विनियमित करने के लिए बिहार पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 66(2) और बिहार पुलिस हस्तक 1978 के नियम 23 में प्रावधन है। 
सरकार ने जुलूस निकालने से पहले लाइसेंस जारी करने का निर्देश जारी है। जिलों के DM और SP को लिखी गई चिट्ठी में इस बात का जिक्र है। जुलूस में तेज लाउड स्पीकर और डीजे बजाने की इजाजत नहीं दी गई है। सरकारी आदेश के मुताबिक आवाज ध्वनि सीमा के अंदर ही रखनी होगी। चिट्ठी में इस बात का जिक्र है कि धार्मिक जुलूस के लिए जारी होने लाइसेंस में यह शामिल किया जाएगा कि माइक्रोफोन और पब्लिक एड्रेस सिस्टम का शोर उस क्षेत्र के लिए निर्धारित मानक स्तर से अधिक न हों।

Wednesday, November 15, 2023

आबो हवा बदलना तो बहाना गहलोत-पायलट का मैटर सुलझाना +चुनाव प्रचार करना... जयपुर क्यू गई सोनिया गांधी....?

बीमारी की वजह से अस्पताल में लंबा बिताने के बाद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अस्पताल से छुट्टी मिलते ही राहुल गांधी के साथ मंगलवार को अचानक जयपुर जा पहुंची। बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी अभी कुछ दिन जयपुर में रहेंगी। जानकारी के मुताबिक उन्हें दिल्ली से जयपुर जाने की सलाह डॉक्टर ने दी है क्योंकि सोनिया गांधी को सांस संबंधी समस्या है और दिल्ली में बढ़ता वायु प्रदूषण की वजह से डॉक्टरों ने उनको यहां से दूर रहने की सलाह दी है। सोनिया गांधी मंगलवार की रात जयपुर पहुंची हैं, वह 5 दिनों तक वहां रहेंगी। जिस दिन वह वहां पहुंचीं, उसी दिन सीएम अशोक गहलोत ने बैठक की और इसके बाद गहलोत और सचिन पायलट 
की तस्वीरें जारी कीं गईं। सूत्र बताते हैं कि सोनिया गांधी जयपुर की निजी यात्रा पर गई हैं लेकिन अटकलें हैं कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए वहां गई हैं कि मतदान से पहले राज्य में कांग्रेस का घर व्यवस्थित है या नहीं। सोनिया गांधी जयपुर के लग्जरी होटल राजविलास में रुकेंगी। उनके वहां पहुंचते ही राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनसे मिलने पहुंचे। सोनिया गांधी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में सुधार होने तक अस्थायी रूप से जयपुर में रह सकती हैं।






जानकारी के मुताबिक इस दौरान राहुल गांधी भी मां के साथ जयपुर में ही रहेंगे। 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ में और 16, 19, 21 और 22 नवंबर को राहुल गांधी यहीं से राजस्थान में चुनाव प्रचार करेंगे। डॉक्टरों ने सोनिया गांधी को अस्थायी रूप से ऐसे स्थान पर जाने की सलाह दी है, जहां हवा की गुणवत्ता बेहतर हो और राजस्थान फिलहाल वायु प्रदूषण से दूर है। हालांकि कहा जा रहा है कि दिल्ली की प्रदूषित हवा से दूर राजस्थान की सियासत पर सोनिया गांधी नजर रखेंगी।  

विश्वासघाती गद्दार कद में थोड़े छोटे पड़ गए लेकिन अहंकार में तो... प्रियंका गांधी का ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला...

कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने सिंधिया पर कटाक्ष करते हुए कहा,उन्होंने अपने परिवार की परंपरा अच्छे से निभाई है। विश्वासघात तो बहुतों ने किया है लेकिन इन्होंने ग्वालियर और चंबल की जनता के साथ विश्वासघात किया है। आपकी पीठ में छुरा घोंपा है। बनी बनाई सरकार को गिरा दिया और वो बनी बनाई सरकार आपकी थी, आपने वोट दिया था उसके लिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में रोजगार की स्थिति देश में सबसे अच्छी है, जबकि मप्र में यह खराब है।  प्रियंका ने कहा, क्या आप सिंधिया जी को जानते 
हैं? हमने उत्तर प्रदेश में एक साथ काम किया। हम यूपी के लोग अपनी शिकायत या गुस्सा व्यक्त कर देते हैं। हम सब कुछ बाहर निकाल देते हैं। हमें महाराज बोलने की आदत नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, क्या है कि वो कद में थोड़े छोटे पड़ गए लेकिन अहंकार में तो भई , वाह भई वाह ! उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता उनसे कहते थे कि उन्हें अपना काम कराने के लिए सिंधिया को महाराज बोलना पड़ता है और यह कार्यकर्ताओं की आदत नहीं है। कांग्रेस नेता प्रियंका ने पुन: सिंधिया का जिक्र करते हुए कहा, एक बात है, मोदी जी लोगों को पहचानने में माहिर हैं। उन्होंने दुनिया भर से गद्दारों और कायरों को इकट्ठा किया और उन्हें अपनी पार्टी में ले लिया। 
प्रियंका ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं पर दया आती है जिन्होंने संगठन के लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी इस बात को दोहराते रहते हैं कि उन्होंने मुझे इतनी गालियां दीं। क्या आपने सलमान खान की फिल्म 'तेरे नाम' देखी है जिसमें वह शुरू से आखिर तक रोते रहे थे? उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, 'मैं कहती हूं, आइए मोदी जी पर भी इसी नाम से एक फिल्म बनाएं।

अगर नहीं मिल रहा गैस सब्सिडी का फायदा तो आधार को गैस कनेक्शन से इस तरह करें लिंक....

आज भी कई लोगों के आधार अपडेट न होने या नहीं बनने के चलते वे गैस पर मिलने वाली सब्सिडी से वंचित है इसके लिए एलपीजी गैस कनेक्शन पर सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने के लिए कनेक्शन का आधार से लिंक होना जरूरी है। इसके बाद ही आपको एलपीजी सब्सिडी का लाभ मिल पाएगा। अगर आपका एलपीजी कनेक्शन आधार से लिंक नहीं है तो आप घर बैठे ही आसानी से इसे ऑनलाइन प्रक्रिया से लिंक करा सकते हैं। गैस कनेक्शन आधार से लिंक कराएं:- एलपीजी गैस कनेक्शन को आधार से लिंक कराने के लिए आपको सबसे पहले यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद रेसिडेंट सेल्फ सीडिंग वेब पेज पर विजिट करें। इसके 
बाद यहां मांगी गई जानकारी दर्ज करें। यहां बेनिफिट टाइप में एलपीजी सिलेक्ट करें। इसके बाद आपको गैस उपलब्ध कराने वाली कंपनी जैसे IOCL, BPCL और HPCL में से किसी एक का चुनाव करें। इसके बाद डिस्ट्रीब्यूटर की लिस्ट आ जाएगी। इसमें से अपने डिस्ट्रीब्यूटर का नाम सिलेक्ट करें। अब अपना गैस कनेक्शन नंबर, मोबाइल नंबर, आधार नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें। अब आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करें। अब आपका आधार नंबर एलपीजी कनेक्शन के साथ लिंक हो गया है। 
आधार लिंक करते समय ध्यान रखे ये बातें:- एलपीजी कनेक्शन से उस व्यक्ति का ही आधार लिंक होगा, जिसके नाम पर कनेक्शन लिया हुआ है। बैंक अकाउंट भी आधार से लिंक होना चाहिए। आपका मोबाइल नंबर आधार में पीजकृत और एक्टिव होना चाहिए। एलपीजी कनेक्शन का  नाम और आधार का नाम एक जैसा होना चहिए। ऑफलाइन तरीके से कैसे लिंक करें एलपीजी :- ऑफलाइन तरीके से एलपीजी कनेक्शन से आधार लिंक करने के लिए सबसे पहले डिस्ट्रीब्यूटर को आवेदन फॉर्म जमा करके देना होगा। 



इस फॉर्म को IOCL, HPCL और BPCL की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके बाद अपने डिस्ट्रीब्यूटर के पास इसे जमा कराना होगा। अब आपका आधार एलपीजी से लिंक हो जाएगा। 

Tuesday, November 14, 2023

क्या शराब भी एक्सपायर होती है, जितनी पुरानी उतनी अच्छी सच या मिथ्या जाने वैज्ञानिक रहस्य

एक आम धारणा है कि दारू कभी खराब नहीं होती। वह जितनी पुरानी होगी, उतना ही अधिक आनंद देगी। इसी कारण दारू को लेकर कई तरह की कहावते हैं। इसी धारणा की वजह से दारू खरीदते समय इंसान उसकी एक्सपायरी डेट नहीं देखता,लेकिन यह पूरा सच नहीं है। दारू भी एक्सपायर हो सकती है। यह हानिकारक हो सकती है। यह जहरीली भी हो सकती है। बीयर और लिक्कर से अलग वाइन आमतौर पर अंगूर के ज्यूस और बीज से बनता है। इसको कई सालों तक बोतल में पैक रखा जाता है ताकि स्वाद बढ़ जाए। आमतौर पर अच्छी क्वालिटी की वाइन की शेल्फ लाइफ काफी लंबी होती है लेकिन सस्ती वाइन को उसकी मैनुफैक्चरिंग डेट से दो 
साल के भी खत्म कर देना चाहिए। ऑर्गेनिक वाइन यानी जिसमें प्रीजर्वेटिव्स का इस्तेमाल नहीं किया गया हो, उसे तीन से छह माह के भीतर खत्म कर देना चाहिए। बीयर बनाने का तरीका अलग होता है। हालांकि यह भी अनाजों को सड़ाकर ही बनाया जाता है। इसमें पानी का भी ठीक ठाक इस्तेमाल होता है। आमतौर पर एक सील्ड बीयर को 6 से 8 महीने बाद तक पीया जा सकता है। फ्रीज में रखने पर इसकी लाइफ और बढ़ जाती है। बीयर के बारे में यह बात कही जाती है कि जिसमें एल्कोहल की मात्रा आठ फीसदी से अधिक हो उसकी शेल्फ लाइफ ज्यादा होती है।

 यह धारणा ही गलत है कि दारू कभी खराब हो ही नहीं सकती। समय बीतने के साथ धूप, हवा और तापमान की वजह से दारू खराब हो सकती है। अगर दारू की बोतल ज्यादा समय तक धूप के संपर्क में रहे तो वह बेरंग हो जाएगी और जब दारू की रंग बदलती है तो इसका मतलब होता है कि उसके स्वाद में भी बदलाव हो गया है। वेबसाइट हेल्थ लाइन डॉट कॉम के मुताबिक ये दारू या शराब मूल रूप से एल्कोहल से बनी होती है। दूसरी तरफ एल्कोहल की शेल्फ लाइफ काफी लंबी होती है,लेकिन एल्कोहल के अलावा इन पेय पदार्थों में और भी चीजें होती हैं। शराब, बीयर और वाइन तीनों को अलग-अलग तरीके से बनाया जाता है। 

हालांकि इन सभी का मूल प्रोसेस फॉर्मेंटेंशन है। ये सभी एल्कोहलिक पेय पदार्थ लिक्कर कहलाते हैं। इन्हें विभिन्न अनाजों को सड़ाकर बनाए जाते हैं। ग्रेन्स के दानों को यीस्ट के साथ फॉर्मेंटेशन करवाया जाता है। फिर उसे डिस्टिल किया जाता है। कुछ खास लिक्कर को कई स्तरों पर डिस्टिल किया जाता है।  जो लिक्कर जितना अधिक डिस्टिल किया जाता है वह उतनी ही उच्च श्रेणी की शराब बनती है। इसके बाद जब इसे बोतल में भरा जाता है तो उसका फॉर्मेंटेशन रूक जाता है,लेकिन यहां एक्सपर्ट आपको सलाह देते हैं कि जब आप बोलत खोलते हैं तो 6 से 8 महीने के बीच आपको उसे खत्म कर देना चाहिए। बोतल खुलने के बाद शराब की टेस्ट और कलर दोनों बदलने लगता है। शराब को अंधेरे और ठंडी जगहों पर रखना चाहिए। आप इसे फ्रीज में भी रख सकते हैं लेकिन यह जरूरी नहीं है। ठंडी और अंधेरे वाली जगह पर रखने से शराब की शेल्फ लाइफ काफी बढ़ जाती है।
 
 
 

कुत्ते के काटने पर 10 से 20 हजार तक का हर्जाना देना होगा सरकार को..कोर्ट का आदेश

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उच्च न्यायालय ने 193 याचिकाओं का निपटारा करते हुए पंजाब और हरियाणा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को इस तरह के मुआवजे का निर्धारण करने के लिए संबंधित जिलों के उपायुक्तों की अध्यक्षता में समितियां गठित करने का भी आदेश दिया। आवारा जानवरों से जुड़ी घटनाओं के मामले हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। फैसले में लोगों को मुआवजा देने के लिए राज्य को मुख्य रूप से जिम्मेदार मानते हुए, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि कुत्ते के काटने से 
संबंधित मामलों में, वित्तीय मुआवजा न्यूनतम 10,000 रुपये प्रति दांत के निशान होगी। निशान और जहां त्वचा से मांस खींच गया होगा, वहां प्रति 0.2 सेमी घाव पर न्यूनतम 20,000 रुपये होंगे। न्यायमूर्ति विनोद एस भारद्वाज की पीठ ने कहा कि आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा दायर किए जाने के चार महीने की अवधि के भीतर समितियों द्वारा मुआवजे की घोषणा की जाएगी। राज्य मुख्य रूप से मुआवजे का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होगा और उसे राज्य की दोषी एजेंसियों/सहायकों या निजी व्यक्ति, यदि कोई हो, से इसकी वसूली करने का अधिकार होगा। 
पीठ ने निर्देश दिया कि फैसले की प्रतियां आवश्यक और त्वरित कार्रवाई और अनुपालन के लिए प्रमुख सचिव (गृह) के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशकों के कार्यालयों को भेजी जाएं। हाई कोर्ट उन घटनाओं और दुर्घटनाओं के लिए पीड़ितों या उनके परिवार के सदस्यों को मुआवजे के भुगतान से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जो आवारा, जंगली जानवरों के वाहन के सामने अचानक आने से हुई चोटों या मृत्यु के कारण हुई थीं।

Monday, November 13, 2023

स्नान करने की सही विधी व अवधि जाने जग्गी महाराज की जुबानी...

आमतौर पर हर व्यक्ति सामान्य तरीके से नहाता है,लेकिन नहाने का सही तरीका क्या है, इसके बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे। सही तरीके से नहाने के अनेक फायदे हैं। नहाने का सही तरीका क्या है इसके बारे में विस्तार से स्टेप बाय स्टेप हमें बता रहे हैं सद्गुरु के बताए इन तरीकों को अपनाकर आप न सिर्फ अपने शरीर को साफ सुथरा रखेंगे बल्कि निगेटिव एनर्जी भी दूर होगी। नहाने के लिए हमेशा ऐसे पानी का इस्तेमाल करना चाहिए जिसका तापमान रूम टेंपरेचर से कम हो। ऐसा करने से आपकी कोशिकाएं सिकुड़ने लगेंगी और कोशिकाओं के आसपास की जगह खुल जाएंगी। कोशिकाओं के खुद रोम छिद्र होते हैं जो गर्म पानी के इस्तेमाल से खुल जाते हैं। इनके खुलने से यह पानी शरीर के अंदर सोखने लगते हैं। ऐसा करना हमेशा सही नहीं होता। इसलिए ठंडे पानी से नहाएं। योग 
के अभ्यास के लिए ये बेहद महत्वपूर्ण है। ये आपके शरीर के कोशिकीय ढांचे को चार्ज कर देगा जो आपको लंबे समय तक युवा बनाए रखेगा। यौगिक संस्कृति में कोई भी नहाने के लिए शावर का इस्तेमाल नहीं करता था। नहाने के लिए पानी में डुबकी लगाने की परंपरा प्रचलित थी। बदलते समय ने नहाने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। आमतौर पर नहाते समय व्यक्ति अपने शरीर पर पानी डालता है, जिसके कारण उसके शरीर की गर्मी सिर पर पहुंच जाती है। आप सबसे पहले अपने सिर के ऊपर ठंडा पानी डालें। ऐसा करने से आपके शरीर की गर्मी एकदम सिर पर नहीं आएगी।अगर किसी व्यक्ति को जल्दी सर्दी लग जाती है तो शुरुआत में पहले दो सप्ताह में अपने नहाने के पानी में एक चम्मच नीलगिरी का तेल डालें और उस पानी को अपने सिर के ऊपर उंडेल लें।  



आप देखेंगे कि आपकी सर्दी चली गई।  प्रत्येक व्यक्ति को दिन में कम से कम दो बार तो जरूर नहाना चाहिए. अगर आप लंबे समय तक भीड़ के संपर्क में रहते हैं तो घर जाकर सबसे पहले नहाने की आदत बनाएं। ऐसा इसलिए नहीं कि आप अपने शरीर को शुद्ध कर रहे हैं, बल्कि ऐसा करने से आपकी योग शक्ति बढ़ती है। 
 

MP के 40 चोर और चालू मामा की विदाई तय... कांग्रेस नेता पीयूष बबेले का बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान पर हमला

कांग्रेस नेता पीयूष बबेले ने ट्वीट कर लिखा कि, मध्य प्रदेश की राजनीति में बीजेपी ने सबसे बड़ी पलटी मारी। लाडली बहना योजना में 3000 रुपये देने की योजना को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने घोषणा पत्र से बाहर कर दिया, जबकि प्रदेश में इसका प्रचार किया जा रहा था, लेकिन बहनें निराश ना हो कमलनाथ जी की नारी सम्मान योजना में हर महीने को 1500 रुपए और 500 में गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। 1 जनवरी 2024 को पैसा खाते में आ जाएगा। बबेले ने ट्वीट कर बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि, कोई सगा नहीं, जिसको सीएम ने ठगा नहीं। पूरे प्रदेश की बहनों को 3000 रुपये देने का वादा किया जा रहा है और घोषणा पत्र में योजना का जिक्र ही 
नहीं है। वोट के लिए झूठ बीजेपी का मंत्र बन चुका है। बीजेपी का यही दो मुहां चरित्र एमपी की पहचान बन चुका है। इस बार चालू मामा और 40 चोर की विदाई तय है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा उठाए गए सवाल के बाद अब कांग्रेस नेता पीयूष बबेले ने भी तंज कसा है। कमलनाथ ने कहा था कि सीएम शिवराज आपने मध्य प्रदेश का कोई भी शहर या कस्बा नहीं छोड़ा है, जहां आपने अपनी बहनों को लाडली बहना योजना के तहत 3000 रुपये देने का वादा करते हुए होर्डिंग्स और बैनर नहीं लगाए हो, लेकिन आज जब आपने 



संकल्प पत्र जारी किया, तो आपने इस पर कोई घोषणा नहीं की,कमलनाथ ने महिलाओं से कहा कि, वह चिंता न करें क्योंकि कांग्रेस सत्ता में आएगी और उन्हें नारी सम्मान योजना के तहत प्रतिमाह 1500 रुपये देगी और एक जनवरी से उन्हें 500 रुपये में गैस सिलेंडर भी प्रदान करेगी।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...