Saturday, October 21, 2023

नवरात्रि व्रत ने भी रहें सेहत से हिट एंड फिट इन प्राकर्तिक पेयजल से....

नवरात्रि के दिनों मे कई देवी दुर्गा माता के भक्तगण अल्प आहार या कुछ लोग सिर्फ पानी या प्राकर्तिक पेजजल पर निर्भर रहकर व्रत रख अपनी श्रद्धा-आस्था से नमन करते है। 9 दिनों तक चलने वाले व्रतों को जारी रखने के लिए पर्याप्त न्यूट्रिशन की जरुरत होती है।ऐसे में वे कौनसे प्राकर्तिक पेजल है जिसे पीकर आप अपने आप को एनर्जी से भरपुर महसूस करेंगे,आपकी शारीरिक थकान व सुस्ती-आलस्य छूमंतर हो जाएगा।# हर्बल चाय:- आप पुदीने की पत्तियां, तुलसी और अदरक जैसी इंग्रेडिएंट्स का यूस करके हर्बल चाय तैयार कर सकते हैं। ये चाय न केवल हाइड्रेटिंग हैं बल्कि फ्रेश भी हैं। # गुलाब जल:- इस टेस्टी ड्रिंक को बनाने के लिए, एक गिलास ठंडा दूध लें, इसमें बादाम, गुलाब जल और शहद मिलाकर पी सकते है।# फ्रूट जूस:- आप ताजे निचोड़े गए फलों के रस जैसे सेब, अनार, या 
संतरे के रस का आनंद ले सकते हैं।  आपको फ्रेश फ्रूट का यूज़ ही करना है ताकि आपको जूस भी फ्रेश मिले। # नींबू पानी:- नींबू में विटामिन-सी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, तो वहीं पाचन के लिए नींबू काफी कारगर माना जाता है। यह ड्रिंक बॉडी को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है। वजन कम करने के लिए भी नींबू पानी पीने की सलाह दी जाती है। # मिन्टी कुकुम्बर का पानी:- ताजे खीरे के टुकड़े और कुछ पुदीने की पत्तियों को पानी में डालें। यह कॉम्बिनेशन न केवल हाइड्रेटिंग है, बल्कि ठंडा और फ्रेश भी है। जिसे पीने के बाद आप डेफिनेटली एनर्जेटिक फील करेंगे।
#फलयुक्त जल:- पानी के एक घड़े में सेब, संतरे, या अनार जैसे फलों के टुकड़े डालकर अपना खुद का फल-युक्त पानी बनाएं। फ्रूट्स की नेचुरल स्वीटनेस और टेस्ट जिसे पीने के बाद आप फ्रेश महसूस करेंगे। # छाछ:- बटरमिल्क जिसे छाछ के नाम से भी जाना जाता है, एक क्लासिक इंडियन ड्रिंक है, जो दही को पानी के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इसमें एक चुटकी सेंधा नमक, धनिया पत्ती, भुना जीरा मिलाया जाता है और छाछ बनाने के लिए इसे मिक्स किया जाता है। # नारियल पानी:- नारियल पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, 

क्योंकि इसमें पोटैशियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते है। इसे पीने से शरीर फ्रेश फील करता है। नारियल पानी पीने से स्किन को भी लाभ पहुंचता है। रोजाना नारियल पानी पीने से चेहरा ग्लोइंग और खूबसूरत बनता है। # चौलाई (राजगिरा) शर्बत:- रामदाना या राजगिरा अमरांथ या चौलाई का बीज होता है। ये चौलाई हरी नहीं बल्कि लाल होती है। लाल चौलाई को लाल साग या लाल भाजी भी कहा जाता है।  लाल चौलाई में आयरन और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। रामदाना उपवास के समय बहुत ही पौष्टिक फलाहार होता है।

शनि की साढ़े साती से दिलाए मुक्ति शमी का पेड़....

बीते युग महाभारत में पांडवों ने अज्ञातवास के समय में अपने अस्त्र-शस्त्र शमी के वृक्ष में ही छिपाए थे। आयुर्वेद में भी शमी का काफी अधिक महत्व है। कई दवाओं में इस पेड़ की पत्तियां, जड़ और तने का उपयोग होता है। गणेश जी को हर बुधवार शमी के पत्ते चढ़ाने  चाहिए। दूर्वा की तरह ही शमी पत्ते भी गणेश जी को प्रिय हैं। मान्यता है कि शमी में शिवजी का वास होता है,इसी वजह से ये पत्ते गणेश जी को प्रिय हैं। ये पत्ते शिवलिंग पर भी अर्पित करने चाहिए। जिन लोगों की कुंडली में शनि के दोष होते हैं,उन्हें हर शनिवार शमी के 
पत्ते शनि देव को चढ़ाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि शमी पत्तों से शनि प्रसन्न होते हैं और कुंडली के दोष दूर होते है। शमी को नियमित सींचने के साथ इसके आगे दीपक जलाएं। रोजाना कम से कम एक पत्ती भगवान शिव को चढ़ाएं। ध्यान रहे कि बिना स्नान किये व रात को इसका स्पर्श बिल्कुल ना करें।  किसी भी काम से घर से निकलते समय भी इसका दर्शन करें। शमी के पेड़ को घर में भी लगाया जा सकता है। यह पीपल व बड़ की तरह वर्जित नहीं है। घर में इसे विजयादशमी या शनिवार को उत्तर- पूर्व में लगाना श्रेष्ठ माना गया है। 
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, घर की उत्तर-पूर्व दिशा के कोने में शमी का पौधा लगाना चाहिए। किसी भी शुभ दिन शमी अपने घर में लगा सकते हैं। इस पौधे की पूजा नियमित रूप से करनी चाहिए। ऐसी मान्यता है कि शमी के पौधे से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और वास्तु के कई दोष दूर होते हैं।

Tuesday, January 14, 2020

आपका ईमेल भी पर्यावरण के लिए खतरनाक पहुंचाता है प्रथ्वी को नुकसान....?


क्या आप जानते है आपका हर छोटा ईमेल धरती को विनाश की तरफ एक कदम और नजदीक ले जा रहा है। आपके इनबाक्स में हजारों ऐसे ईमेल दिख जाएंगे जिन्हें आप खोल कर भी नहीं देखते या सिर्फ नोटिफिकेशन में ही देख लेते हैं कि वो आपके काम का है या नहीं। शिष्टाचार के तौर पर कई बार ईमेल पर सिर्फ थैंक यू या वेलकम का ईमेल करना आम बात है। इस तरह के ईमेल करते हुए आपने सोचा भी नही होगा की आपका ये ईमेल पृथ्वी को विनाश की तरफ ले जा रहा है। इस एक ईमेल से शायद आपकी जीवन में कोई असर न पड़े,लेकिन पृथ्वी पर इसका गहरा असर पता है। 
आपके हर ईमेल से कार्बन उत्सर्जन होता है जो पृथ्वी पर ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाता है। ब्रिटेन की एक एनर्जी कंपनी के रिसर्च का दावा है कि ब्रिटेन में हर दिन करीब 6 करोड़ 40 लाख ऐसे ईमेल किए जाते हैं जिनकी जरुरत नही होती। इनमें सबसे आम होते हैं थैंक यू ईमेल। इन ईमेल की वजह से हर साल 16,433 टन कार्बन रिलीज होता है। आप इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि साल भर में मुंबई से दिल्ली की 81,152 फ्लाइट से जितना कार्बन रिलीज होता है, 3,334 डीजल गाडियों से जितना कार्बन वातावरण में जाता है। उतना सिर्फ ब्रिटेन में साल भर के अनावश्यक ईमेल से होता है।
आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले ईमेल जो ब्रिटेन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं। आप भी दिन भर इस तरह के मेल करते होगें, या आपके पास इस तरह के ईमेल आते होगें लेकिन सवाल ये है कि क्या वाकई इस तरह के ईमेल की जरुरत नहीं है? या अगर कोई आपको ईमेल पर इस तरह के मैसेज न करे तो क्या आपके काम में फर्क पड़ेगा या आपको बुरा लगेगा। कई लोगों का मानना है कि इस तरह के छोटे-छोटे ईमेल करने से उनके बॉस, क्लाइंट खुश होते हैं,लेकिन क्या ये ईमेल पर्यावरण से ज्यादा जरुरी है? इस सवाल का जवाब भी इसी रिपोर्ट में है। 
71% लोगों का कहना है कि उन्हें THANK YOU  ईमेल न मिलने से कोई परेशानी नहीं है वहीं 87% लोग मानते हैं कि उन्हे खुशी होगी अगर इस तरह से ईमेल ट्रैफिक कम करके वो पर्यावरण को बचा सकेंगे। ये स्टडी सिर्फ ब्रिटेन में की गई है जिसकी जनसंख्या सिर्फ 6-7 करोड़ है. जिसमें से 4.51 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं और सिर्फ ब्रिटेन में अगर इन गैरजरूरी ईमेल से हर साल 16,433 टन कार्बन उत्सर्जन होता है, तो जरा सोचिए दुनिया भर में जहां 340 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हैं कितना कार्बन हवा में रिलीज कर रहे हैं। दुनिया भर में अभी ये आंकड़ा तो नही आया है,लेकिन ब्रिटेन का ये आकड़ा हमें सचेत करने के लिए काफी है और ये बताने के लिए काफी है कि ये छोटे-छोटे ईमेल पृथ्वी पर बड़ा बोझ बनते जा रहे हैं।

Sunday, January 12, 2020

गर्भ में लड़की है या लड़का,भूत विज्ञान के साथ कुंडली देख बताते हैं बीमारी, कराते हैं हिंदी में इंजीनियरिंग ये यूनिवर्सिटीज....


काशी हिंदू विश्वविद्यालय में 13 जनवरी के बाद से आयुर्वेद विभाग में एक नया सर्टिफिकेट कोर्स भूत विज्ञान शुरू हो रहा है। इसी तरह से देश के कई विश्वविद्यालयों में ऐसे रोचक कोर्स कराए जाते हैं,जिनके बारे में हम आपको बता रहे हैं। # बनारस विश्वविद्यालय में होगी 'भूत विज्ञान' की पढ़ाई:-विश्वविद्यालय में विभागाध्यक्ष यामिनी भूषण ने बताया कि एकेडमिक काउंसिल ऑफ काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने इस कोर्स को मान्यता भी दे दी है। इस कोर्स की फीस 50 हजार रुपये होगी और इसकी अवधि 6 महीने की होगी। कोर्स को शुरू करने के साथ ही पहले सत्र में विभाग ने इसकी कुल 10 सीटें निश्चित की हैं। 
इस कोर्स का नाम सुनकर आपको लगता होगा कि इसमें क्या पढ़ाया जाएगा तो हम आपको बता दें कि इसमें साइकोलॉजी, फिजियोलॉजी, एनाटॉमी, मेडिसिन विषय की पढ़ाई होगी। कौन कर सकता है आवेदनभूत विज्ञान में अगर आप डिप्लोमा करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको मेडिकल ग्रेजुएट होना चाहिए। अन्य दूसरे स्ट्रीम के स्टूडेंट इस कोर्स में दाखिला नहीं ले सकते। इस कोर्स का उद्देश्य मानसिक बीमारी को भूत-प्रेत का असर मानने के अंधविश्वास को दूर करना है।
# छात्र ज्योतिष से बताते हैं पेट में लड़का है या लड़की:- देश के दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जीवाजी यूनिवर्सिटी में एमए ज्योतिर्विज्ञान की पढ़ाई कराई जाती है। दो साल के इस डिग्री प्रोग्राम में चार सेमेस्टर हैं। इस कोर्स की खासियत यह है कि यहां छात्रों को ज्योतिषीय गणना के द्वारा गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग बताने की कला सिखाई जाती है। कोर्स की दूसरी खासियत यह है कि कुंडली देख कर यह बताना सिखाया जाता है कि आगे व्यक्ति को कौन सा रोग हो सकता है और वह कैसे ठीक होगा। इस कोर्स की फीस 20 हजार रुपए है। नेता बनना सिखाती है यह यूनिवर्सिटी:- पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए गवर्नमेंस एंड लीडरशिप प्रोग्राम की पढ़ाई कराई जाती है, जिसमें छात्रों को भाषण देना सिखाया जाता है। विश्वविद्यालय में इसकी कुल 15 सीट हैं। 
विश्वविद्यालय इसी विषय में एक डिप्लोमा कोर्स भी चलाता है।  इसमें भी 15 सीटें हैं। इस कोर्स में छात्रों को चुनाव प्रक्रिया, कैंपेनिंग करना और भाषण देना, वोट बटोरने के लिए संवाद कला सिखाई जाती है। यहां के छात्र मंत्रों से ठीक करते हैं डायबिटीज:- राजस्थान में जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में मंत्र से चिकित्सा का कोर्स कराया जाता है। इस यूनिवर्सिटी में मंत्र प्रतिष्ठान के बैनर तले एडमिशन शुरू हो रहे हैं। इस विभाग में रिसर्च भी कराया जाता है। इस कोर्स में मधुमेह, ब्रेन, हार्ट सहित कई गंभीर बीमारियों का मंत्र के द्वारा इलाज करना सिखाया जाता है।
गर्भ संस्कार का कोर्स, हिंदी में इंजीनियरिंग:- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में 2014 से गर्भ संस्कार तपोवन केंद्र खुला है। विश्वविद्यालय दावा करता है कि गर्भवती महिलाओं को हिंदू संस्कारों और गर्भ संवाद के जरिए स्वस्थ और बुद्धिमान शिशु पैदा करने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही इस विश्वविद्यालय में हिंदी में इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई कराई जाती है।

आपकी जेब में सेंध लगाने वाले ऑटो रिक्शा के मीटर से ऐसे बचें...?

ऑटोरिक्शा में एक इलेक्ट्रॉनिक सॉकेट छिपाकर एक सीक्रेट बटन इंस्टाल किया जाता है जो सीधे ऑटो के मीटर से जुड़ा होता है। इस बटन के ज़रिये ऑटो का मीटर आम स्पीड के बजाय घोड़े की रफ़्तार से दौड़ने लगता है इसलिए इसे घोडा मीटर कहा जाता है। ऑटो में इंसटाल किये ज्यादा मुनाफा देने वाले ऐसे सीक्रेट बटन को GST बटन कहा जाता है। मीटर को तेज़ करनेवाला ये बटन अधिकतर, ऑटो स्टेयरिंग पर एक्सेलरेटर के पास छिपा होता है हालाँकि अलग अलग ऑटो में इस बटन की सीक्रेट लोकेशन अलग-अलग हो सकती है। इस बटन से मीटर इतना तेज़ हो सकता है कि बटन को मात्र 60 सेकंड के लिए ऑन रखने पर मीटर की रीडिंग 45 से 50 रुपये तक पहुँच सकती है, जी हाँ, सिर्फ 1 मिनट में 50 रुपये की रफ़्तार से मीटर दौड़ सकता है। 
हालांकि यात्रियों को मीटर को लेकर कोई शक न हो इसलिए ऑटो ड्राइवर इस बटन को कंटिन्यू ऑन नहीं रखते बल्कि वे इसे बीच-बीच में सिर्फ तब ऑन करते हैं जब पीछे बैठे पैसेंजर का उन पर या मीटर पर ध्यान नहीं होता याने अगर आप ऑटो में  बैठकर सुकून से मोबाइल पर किसी से बात कर रहे हैं, गेम खेल रहे हैं या कोई काम कर रहे हैं, या आप कोई किताब पढ़ने में व्यस्त हों या थकान मिटने के लिए नींद की झपकी ले रहे हों जिसे आप पावर-नैप भी कहते हैं तभी ये ऑटो ड्राइवर इस सीक्रेट बटन को ऑन करते हैं। इस वक्त एक तरफ आप जहाँ व्यस्त हैं तभी मीटर रीडिंग चालाकी से बढ़ा दी जाती है। 
अगर आप किसी नए या अनजान रूट पर सफर कर रहे हैं तो आपके साथ ठगी की गुंजाइश इसलिए भी ज्यादा बढ़ जाती है क्यूंकि आपको इस बात का अंदाज़ा नहीं होता कि इस नए या अनजान रुट पर आपके गंतव्य तक जाने का आमतौर पर किराया कितना होता है। उदहारण के लिए अगर A पॉइंट से B पॉइंट तक जाने का आम तौर पर किराया 100 रुपये है,लेकिन आपको इसकी जानकारी नहीं है ऐसे में ऑटो ड्राइवर ने इस चालाकी से आपसे 100 के बजाय 150 रुपये वसूल लिए तो आपको पता भी नहीं चलेगा कि कैसे आपको ठगा जा चूका है। इसी वजह से रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और एयरपोर्ट्स पर अलग अलग शहरों से आनेवाले यात्रियों को शिकार बनाना इनके लिए ज्यादा आसान होता है। आखिर ये GST बटन' या घोडा मीटर क्या है और कैसे काम करता है। 
इस ठगी से कैसे बचें:-आपके ऑटो का मीटर कितना होगा इसे पता लगाने का गणित ज्यादा कठिन नहीं है. यह जानने के लिए आपको सिर्फ दो चीजें पता होना बेहद जरूरी है पहला ऑटो का रेट कार्ड और दूसरा आपके करंट लोकेशन से आपके गंतव्य स्थान यानी डेस्टिनेशन तक की दूरी (किलोमीटर में) सरकार द्वारा तय किए गए रेट के मुताबिक ऑटो रिक्शा का न्यूनतम किराया है पहले 1.5 किलोमीटर के लिए 18 या नहीं अगर आप ऑटो पर बैठकर भले ही 500 मीटर की दूरी तय करें या डेढ़ किलोमीटर तक जाएं आपको कम से कम 18 चुकाने तो पड़ेंगे ही जबकि शुरुआती डेढ़ किलोमीटर के बाद आपको प्रति किलोमीटर 12 रुपए 18 पैसे चुकाने पड़ेंगे। इसके अलावा डेस्टिनेशन तक की दूरी पता करने के लिए आप मैप या जीपीएस मोबाइल एप्लीकेशन की भी मदद ले सकते हैं। आइए अब आपको एक उदाहरण की मदद से यह गणित समझाते हैं। 
अगर आपको मान लीजिए 8 किलोमीटर की दूरी ऑटो से तय करनी है तो शुरुआती डेढ़ किलोमीटर के लिए आपको 18 चुकाने हैं जबकि बाकी 6.5 किलोमीटर के लिए आपको 12 रुपए 18 पैसे की दर से चुकाने हैं तकरीबन 79 रुपए, यानी कुल मिलाकर 97 रुपए। न्यूनतम किराया = 18 रु. 6.5×12.18= 79रु. 18+79 = 97 रु. हालांकि ट्रैफिक के मुताबिक इस कीमत में थोड़ी-बहुत ऊंच-नीच हो सकती है लेकिन अगर आपके मीटर में अगर बहुत ज्यादा अंतर है तो मुमकिन है कि उस मीटर में छेड़छाड़ की गई ऐसे में आप ऐसे ऑटो रिक्शा चालकों की तुरंत शिकायत कर सकते हैं। आप जिस शहर में है वहां के रीजनल ट्रैफिक ऑफिस यानी आरटीओ दफ्तर में शिकायत कर सकते हैं। आरटीओ ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर 1800220110 पर फोन कभी आप अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। 
इस हेल्पलाइन के जरिए 1) आप को अगर कोई ऑटो या टैक्सी कहीं जाने से मना कर दे उसकी भी शिकायत कर सकते हैं, 2) अगर कोई ऑटो या टैक्सी ड्राइवर आपके साथ मिसबिहेव करें, बुरा व्यवहार करें उसकी भी आप शिकायत कर सकते हैं। 3) अगर कोई आपसे ज्यादा किराया वसूले उसकी आप शिकायत कर सकते हैं 4) ऑटो या टैक्सी मीटर से जुड़ी शिकायत भी आप इसी हेल्पलाइन पर कर सकते हैं। 5) इसके अलावा ऑटो और टैक्सी से जुड़ी अन्य शिकायतों के लिए भी आप इसी हेल्पलाइन नंबर की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा आप जब भी ऑटो रिक्शा या टैक्सी में बैठे तब आपको अपने मोबाइल फोन में व्यस्त रहने के साथ-साथ ऑटो चालक पर भी निगरानी रखनी चाहिए। ऐसे में अगली बार आप जब भी ऑटो या टैक्सी में सफर करें तो सतर्क रहें।

Thursday, December 19, 2019

चाणक्य नीति के मुताबिक जीवन जीने से मिलती है सफलता....


चाणक्य नीति हमें धर्म, संस्कृति, शिक्षा, राजनीति, न्याय और जीवन सिद्धान्तों के बारे में बताती है। चाणक्य नीतियां व्यवहारिक हैं।  उनकी द्वारा बताई गई बातें जीवन में हर मोड़ पर सहायता करती है। चाणक्य नीतियों का हमारे दैनिक जीवन में काफी महत्व है। चाणक्य नीति हमारे जीवन को आसान बनाती है। साथ ही इसमें सफलता हासिल करने का मंत्र भी छिपा हुआ है। तो चलिए जानते हैं चाणक्य की नीतियों के बारे में:- चाणक्य नीति के मुताबिक आप किसी व्यक्ति को धैर्य रखने का पैमाना नहीं सिखा सकते हैं। सभी व्यक्तियों में धैर्य रखने की अलग-अलग क्षमता होती है। 
धैर्य रखना भी एक प्राकृतिक गुण है, जिसे विकसित करना मुश्किल कार्य है। किसी इंसान में अधिक धैर्य होता है और वहीं किसी में बेहद कम धैर्य होता है। चाणक्य नीति के अनुसार हमें कभी भी अपने अंदर की दुख की बातें किसी के सामने जाहिर नहीं करनी चाहिए। चाणक्य नीति के अनुसार पुरुष को अपनी पत्नी के अवगुण को किसी से नहीं बांटना चाहिए। सज्जन पुरुष को अपने घर-परिवार के झगड़े, सुख-दुख की बातें किसी भी दूसरे व्यक्ति को नहीं बतानी चाहिए। 
चाणक्य नीति के अनुसार गुरू की पत्नी को हमेशा माता तुल्य समझना चाहिए, क्योंकि गुरू पिता तुल्य होता है। कभी भी गुरू की पत्नी पर कुदृष्टि नहीं रखनी चाहिए। चाणक्य के अनुसार आपकी थाली से अन्न का एक भी दाना व्यर्थ नही होना चाहिए। जो लोग अन्न बर्बाद करते हैं उनके घर में कभी भी सुख समृद्धि का वास नही होता। चाणक्य नीति के मुताबिक मूर्ख इंसान को चाहे कितना ही समझा लो लेकिन वह अपनी मूर्खता की वजह से किसी भी बात को नहीं समझ सकता। 
आचार्य चाणक्य का भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है। चाणक्य नीति सभ्य समाज का मार्गदर्शक करती हैं। साथ ही एक महान इंसान बनने के लिए भी प्रेरित करती है। चंद्रगुप्त मौर्य की सफलता का श्रेय आचार्य चाणक्य को जाता है।

Wednesday, November 27, 2019

दुश्मनों से नही इन कारणो से होते है सैनिक ज्यादा परेशान...?

हाल ही में रक्षा मंत्रालय की ओर से राज्यसभा  में रखी गई एक रिपोर्ट खासी चौंकाने वाली है. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सेना के जवान दुश्मन की गोली नहीं ज़मीनी और कानूनी विवादों से ज्यादा परेशान हैं। कुछ ऐसी ही परेशानियां जवानों को तनावग्रस्त बना रही हैं,लेकिन जवानों की इस परेशानी को दूर करने के लिए सेना ने कई कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य हुसैन दलवई ने एक सवाल उठाते हुए पूछा था,क्या थल सेना और वायु सेना द्वारा काउंसलिंग के लिए मानसिक सहायता हेल्पलाइन की स्थापना की गई है और किस तरह की समस्याएं जवानों में देखी जा रही हैं। 
इस सवाल के जवाब में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मानसिक सहायता हेल्पलाइन की स्थापना की गई है। जो भी जवान काउंसलिंग कराना चाहता है तो उसकी सहायता की जाती है। रक्षा मंत्रालय ने राज्यसभा में हुसैन दलवई के सवालों का जवाब देते हुए जवानों की उन समस्याओं का खुलासा किया जो काउंसलिंग के दौरान सामने आई हैं।  वो समस्याएं कुछ इस तरह से हैं, ज़मीनी विवाद, कानूनी मामले, नींद पूरी न होना, यौन समस्याएं, वैवाहिक विवाद, छुट्टी की परेशानी, पर्सनल समस्या, कार्य स्थल पर तथाकथित उत्पीड़न आदि उजागर हुई हैं। 
जवानों में इस तरह की परेशानी सामने आते ही सेना ने साल 2017-18 में 88 और 2018-19 में 153 मनोवैज्ञानिक काउंसलर की सेवा लेना शुरु कर दिया। इसके साथ ही यूनिटों में भी साल 2017-18 में 90 और 2018-19 में 132 मनोवैज्ञानिक काउंसलर की तैनाती कर दी। वहीं वायु सेना ने अपने स्टेशनों पर 116 सिविल के प्रोफेशनल मनोवैज्ञानिक काउंसलर की सेवाएं लेना शुरु कर दिया। दूसरी ओर अपने ही 126 वायु सैनिकों को 3 महीने का प्रशिक्षण देकर उनहें अलग-अलग जगह तैनाती दी गई।


Wednesday, November 20, 2019

क्या आप भी करते है सुबह उठते ही मोबाइल चेक..... तो हो जाएं सावधान....?


अक्सर लोगों को सुबह उठते ही अपना सोशल मीडिया अकाउंट जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम या मेल चेक करने की आदत होती है। हाल ही में सामने आए शोध में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शोध में सामने आया है कि सुबह उठते ही फोन की जांच करना आपके दिमाग पर असर डालता है। सोते वक्त जब अलार्म बजता है तो लोग उसे बंद करने के लिए उठते हैं। इसके साथ ही वह ईमेल आईडी, ट्विटर या फिर मौसम और अगल-अलग चीजें खोजने लगते हैं,लेकिन आपने कभी सोचा है कि इसका आपके दिमाग पर आपके शरीर पर क्या असर पड़ता है। 
सर्वेक्षण बताते हैं कि 46 से 61 प्रतिशत लोग बिस्तर से बाहर निकलने से पहले या सुबह जागने के पांच मिनट के भीतर अपने फोन को चेक करते हैं। आप दिन की शुरुआत में सबसे पहले फोन चेक करते हैं इससे आपका माइंड डिस्टर्ब हो सकता है। शायद आपको सुबह उठते ही ऐसी न्यूज सुनने को मिले जिसकी आपने अपेक्षा नहीं की हो, इससे आप तनाव में आ जाएं। किसी इंसान का कोई मैसेज आपको सुबह उठते ही किसी तनाव की स्थिति में डाल सकता है। 
हाल ही में किए गए एक शोध के मुताबिक सुबह की शुरुआत मोबाइल से नहीं करनी चाहिए। इससे कई प्रकार की दिमागी परेशानी हो सकती है। ऐसा करने से स्ट्रेस और ऐंग्जाइटी लेवल बढ़ता है। सुबह उठकर फोन की जांच करने के बजाय आपको अन्य गतिविधि पर विचार करना चाहिए।  सुबह उठते ही सबसे पहले गर्म पानी पीना चाहिए ये सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। फोन को रात को सोने से पहले करें खुद दूर रखकर सोएं।

Monday, November 18, 2019

अयोध्या फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा.... ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB)


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मुमताज डिग्री कॉलेज में कार्यकारिणी बैठक में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने ऐलान कर दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा।  पर्सनल लॉ बोर्ड ने ये निर्णय लिया। बोर्ड की तरफ से कासिम रसूल इलियास ने कहा कि बोर्ड ने तय किया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रिव्यू पिटीशन दाखिल करेगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने साथ ही फैसला किया है कि मस्जिद के लिए दी गई 5 एकड़ की जमीन मंजूर नहीं है। पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी की बैठक अध्यक्ष मौलाना सैय्यद राबे हसनी नदवी की अध्यक्षता में हुई।
इसमें मुख्य तौर पर सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले में दिए गए 10 निष्कर्षों मुद्दों पर चर्चा हुई। जिनमें प्रमुख रूप से सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि 1857 से 1949 तक बाबरी मस्जिद का तीन गुंबद वाला भवन और मस्जिद का अंदरूनी सदन मुसलमानों के कब्जे व प्रयोग में रहा है। अंतिम नमाज 16 दिसंबर 1949 को पढ़ी गई थी। 22/23 दिसंबर, 1949 की रात बाबरी मस्जिद के बीच वाले गुंबद के नीचे असंवैधानिक रूप से रामचंद्रजी की मूर्ति रख दी गई और बीच वाले गुंबद के नीचे की भूमि का जन्मस्थान के रूप में पूजा किया जाना साबित नहीं है। रिव्यू पिटीशन के लिए ये हैं 3 प्रमुख आधार:- 1. जब 22/23 दिसंबर 1949 की रात बलपूर्वक रखी गई रामचंद्रजी की मूर्ति और अन्य मूर्तियों का रखा जाना असंवैधानिक था तो इस प्रकार असंवैधानिक रूप से रखी गई मूर्तियों को 'देवता' कैसे मान लिया गया है? जो हिंदू धर्मशास्त्र के अनुसार भी देवता नहीं हो सकती हैं। 
2. जब बाबरी मस्जिद में 1857 से 1949 तक मुसलमानों का कब्जा और नमाज पढ़ा जाना साबित माना गया है तो मस्जिद की जमीन को वाद संख्या 5 के वादी संख्या 1 को किस आधार पर दे दिया गया? 3. संविधान की अनुच्छेद 142 का प्रयोग करते समय माननीय न्यायमूर्ति ने इस बात पर विचार नहीं किया कि वक्फ एक्ट 1995 की धारा 104-ए और 51 (1) के अंतर्गत मस्जिद की जमीन को एक्सचेंज या ट्रांसफर पूर्णतया बाधित किया गया है, तो कानून के विरुद्ध और उपरोक्त वैधानिक रोक/पाबंदी को अनुच्छेद 142 के तहत मस्जिद की जमीन के बदले में दूसरी जमीन कैसे दी जा सकती है? जबकि स्वयं माननीय उच्चतम न्यायालय ने अपने दूसरे निर्णयों में स्पष्ट कर रखा है कि अनुच्छेद 142 के अधिकार का प्रयोग करने की माननीय न्यायमूर्तियों के लिए कोई सीमा निश्चित नहीं है।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने खोली इमरान के 'नए पाकिस्तान' की पोल....


संयुक्त राष्ट्र द्वारा मनाए गए अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस के अवसर पर पाकिस्तान के विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने अपने बयान में कहा कि देश आधुनिक समय के सबसे बुरी किस्म की असहिष्णुता के दौर से गुजर रहा है। राष्ट्रीय राजनीति में घुस चुके राजनैतिक खरपतवारों और चरमपंथ ने पूरे समाज को इतना नुकसान पहुंचा दिया है कि इसे समझ पाना दूभर हो रहा है। बिलावल ने कहा कि एक योजना के तहत देश में लोकतंत्र का कमजोर किया जा रहा है। 
देश में निर्णय और शासन की प्रक्रिया में जनता को अप्रासंगिक बना देने के लिए इलेक्शन (निर्वाचन) को सेलेक्शन (चयन) से बदला जा रहा है। पाकिस्तान में विपक्ष का मानना है कि इमरान सरकार को जनता ने नहीं चुना है बल्कि इसे सेना जैसे सत्ता प्रतिष्ठानों ने खुद से सेलेक्ट कर देश की सत्ता सौंप दी है। पीपीपी नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा ही न्याय, समानता और शांति पर आधारित समतामूलक समाज के लिए सहिष्णुता को बढ़ावा दिया है,लेकिन हमारे संस्थापक जुल्फिकार अली भुट्टो की न्यायिक हत्या कर दी गई और मुस्लिम जगत की पहली निर्वाचित महिला प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। 
बिलावल ने कहा कि उनके पिता पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खुश पाकिस्तान' का नारा दिया था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सहिष्णुता के सबसे बड़े स्तंभ (जरदारी) को आज बिना किसी प्राथमिकी के जेल में रखा गया है और लगातार खराब हो रही सेहत के बावजूद उन्हें जरूरी चिकित्सकीय सुविधा नहीं दी जा रही है।

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मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...