Saturday, November 11, 2023

शरद पवार होंगे बीजेपी में शामिल...रवि राणा ने की भविष्यवाणी

महाराष्ट्र के उप-मुख्य मंत्री अजित पवार और अमित शाह की मुलाकात पर निर्दलीय विधायक रवि राणा ने कहा, शरद पवार महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता हैं। अजित पवार लगातार कोशिश कर रहे हैं कि शरद पवार मोदी के साथ सत्ता में आ जाएं। मुझे लगता है कि शरद पवार भी इसके लिए तैयार होंगे। अजित पवार और अमित शाह की मुलाकात में कई राज छुपे हैं। राजनीति में बहुत कुछ होता रहता है। आने वाले समय में कुछ घटनाएं घटने वाली हैं। शरद पवार पीएम मोदी का काम देखकर उनका समर्थन जरूर करेंगे। रवि राणा ने कहा
अभी तस्वीर यही दिख रही है कि पवार साहब पीएम मोदी का समर्थन करेंगे और राज्य के विकास के लिए राज्य सरकार को मजबूत करेंगे। चुनाव से पहले कई घटनाएं होने वाली हैं। हमें कांग्रेस के कई नेता बीजेपी के साथ दिखेंगे। पीएम मोदी के साथ एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार भी नजर आएंगे। शाह–पवार बैठक में एनसीपी अजित पवार गुट के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल,महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे भी मौजूद रहे। महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से सियासी घटनाक्रम जारी है। मराठा आरक्षण आंदोलन, ओबीसी आरक्षण आंदोलन का मुद्दा गर्म है। राज्य में मराठा आरक्षण के मुद्दे पर देखा गया कि महायुति सरकार में एक राय नहीं थी। 
तो चर्चा होने लगी कि सरकार की छवि खराब हो रही है। राणा ने कहा, मैंने कभी भी कैबिनेट विस्तार या मंत्री पद की मांग नहीं की है और मुझे मंत्री पद में कोई दिलचस्पी नहीं है। जनता के मुद्दे और जनता का विकास मेरी प्राथमिकता है। मेरे लिए मंत्री पद महत्वपूर्ण नहीं है।   

कांस्टेबल की 4 साल की बच्ची के साथ दरोगा ने किया बलात्कार....

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पीड़िता बच्चे की मां आरोपी दरोगा भूपेंद्र सिंह को जूते से मारती हुई दिख रही हैं। वहीं जब मामला उच्च अधिकारीयों तक पहुंचा तो उन्होंने कार्रवाई शुरू की। शुक्रवार शाम को आरोपी दरोगा को हिरासत में लिया गया और उसे सस्पेंड कर दिया गया। वहीं देर रात बच्ची को दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि बच्ची की हालत अब कुछ ठीक है। शनिवार को पाक्सो कोर्ट में बयान दर्ज किए गए। दरअसल राजस्थान के दौसा में शुक्रवार को कुछ ऐसा हुआ कि कोई भी उस पर विश्वास नहीं कर पा रहा है। यहं एक दरोगा ने 4 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। यह बच्ची कोई 
और नहीं बल्कि राजस्थान पुलिस में ही एक कांस्टेबल की बेटी है। मामले का खुलासा होने के बाद आस पास के लोगों ने थाने को घेर लिया और जमकर उत्पात मचाया। जानकारी के अनुसार, आरोपी उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार दोपहर को बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। इसके बाद जब बच्ची के पिता शिकायत लेकर पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई और उनका हाथ तोड़ दिया गया। इसके बाद आसपास के लोग थाने पहुंचे और उन्होंने खिड़की तोड़कर आरोपी एसआई को बाहर निकाला और उसे पीटते हुए ले गए। 




इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो शनिवार को वायरल हुआ और मामले ने तूल पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची के पिता ने बताया कि वह शुक्रवार दोपहर में ड्‌यूटी से लौटकर अपने घर में सो रहा था। घर में पत्नी और बच्ची थी। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान ASI छोटेलाल रूम पर पहुंचे सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बच्ची को बहला-फुसलाकर रूम पर बुलाया और रेप किया। बच्ची रोते हुए अपनी मां के पास पहुंची और दरिंदगी के बारे में बताया। बच्ची ने मां को रोते हुए बताया कि अंकल (सब इंस्पेक्टर) ने उसे 50 रुपए दिए। मां ने बच्ची के कपड़े चेक किए तो रेप का पता चला। इसके बाद उसने पति को बताया। बच्ची का पिता शिकायत लेकर राहुवास थाने पहुंच गया। जहां ASI छोटेलाल और कॉन्स्टेबल टीकाराम ने उसकी डंडे से पिटाई कर दी।

Thursday, November 9, 2023

शिंदे गट शिवसेना का शिंदे सरकार को अल्टिमेटम....

नागपुर:- महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की कि पहली दिवाली दुकानदारों को पचास हजार रुपये की राशि मिलेगी। बीते 22 सितंबर की मध्यरात्रि को अचानक भारी बारिश के कारण धंतोली तिलक पत्रकार भवन परिसर, यशवंत स्टेडियम पंचशील चौक परिसर, वंदना बिल्डिंग परिसर घटाटे बिल्डिंग, राजकमल बिल्डिंग, ऑरेंज सिटी टॉवर, सिल्वर पैलेस, झांशी रानी चौक, सीताबर्डी मुंजे चौक आदि स्थानों पर स्थित है, जिस पर पंचनामा किया गया है। पिछले डेढ़ महीने पहले महाराष्ट्र सरकार ने पचास हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था, लेकिन अभी तक दिवाली से पहले दुकानदारों को मुआवजे के रूप में कोई राशि नहीं मिली है। दुकानदार आज 
अपने परिवार के साथ सड़कों पर हैं। आर्थिक स्थिति खराब है बहुत नाजुक हो गई है। जिनकी दुकानें किराए पर हैं और सामान खरीदने के लिए बैंकों से कर्ज लेते हैं, ऐसे दुकानदारों को अधिक से अधिक भोजन मिलता है। शिवसेना शिंदे समूह की मांग है कि दुकानदारों का टैक्स माफ किया जाए और बैंक ऋण की राशि माफ की जाए महाराष्ट्र सरकार दुकानदारों के कार्य का न्याय दिलाए अन्यथा न्याय नहीं मिला तो व्यापारी वर्ग मंडल एवं शिव सेना शिंदे गुट भूख हड़ताल पर बैठेगा। जिसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी।







शिवसेना श्री एकनाथ जी शिंदे साहब सांसद डॉ. श्रीकांत जी शिंदे साहब सांसद कृपाल जी तुमाने साहेब विदर्भ संपर्क प्रमुख किरण जी पांडव जिला प्रमुख सूरज जी गोजे, व्यापारी वर्ग एवं शिव सेना शिंदे ग्रुप एवं अन्य का बयान कलेक्टर श्री विपीन जी इटनकर साहब एवं राजस्व डी पुति जिला अधिकारी साहब एवं तहसीलदार श्री संतोष खांडे को दिया गया। 


शिवसेना शिंदे ग्रुप उप जिला प्रमुख एवं चिकित्सा सहायता कक्ष नागपुर शहर प्रमुख प्रवीण बालमुकुंद शर्मा ने एक बयान दिया इस समय उपस्थित उप जिला प्रमुख विकास अंभोरे शहर संयोजक आरिफ पटेल कानूनी सलाहकार मुख्य अंत संदीप नागरकर कार्यालय प्रमुख सचिन शर्मा उप जिला प्रमुख विजय सराफ विधायी सभा आयोजक योगेश ठाकरे राजेंद्र तिवारी विभाग प्रमुख अंकित बोहत विवेक दस्तूरे रामप्रसाद पवार हयाज पठान उप नगर प्रमुख निलेश डुंभरे करण सिंह सरदार कार्तिक वर्थ केतन वैद्य दुकानदार शिव सेना पदाधिकारी शिव सैनिक उपस्थित रहे। प्रवीण बालमुकुंद शर्मा [उपजिला प्रमुख नागपुर सिटी मेडिकल हेल्प डेस्क सिटी हेड]
ने पत्राचार के माध्यम से यह सारी जानकारी दी।

नानक नाम जहाज है चड़े सो उतरे पार..श्री गुरु नानक देव जयंती निमित्त 15 से प्रभात फेरी 27 को विशाल शोभायात्रा

नागपुर:- कीर्त करो,नाम जपो,वंड छको श्री गुरुनानक देव जी ने मनुष्यों को तीन सिद्धांतों पर चलने की प्रेरणा दी।कीर्त करो:- अर्थात मेहनत करके कमाओ,नाम जपो:- अर्थात ईश्वर के गुणगान करो,वंड छको:- अर्थात मिल बांट कर खाओ और जरूरत मंद लोगों की मदद करो। नाम जपो:- अर्थात ईश्वर के गुणगान करो,इसी बात को चरितार्थ करते हुए बीते 54 वर्षां से जरीपटका स्थित श्री कलगीधर सत्संग मंडल द्वारा गुरु नानक देव जयंती निमित्त 13 दिवसीय प्रभातफेरी का सफल आयोजन किया जाता है जो इस वर्ष बुधवार 15 नवंबर से, सोमवार 27 नवंबर 2023 तक विशाल प्रभातफेरी का आयोजन किया गया है, जो विदर्भ वासियों के लिये सदैव धार्मिक आकर्षण का केन्द्र बनी रहती है। इस प्रभातफेरी में प्रातः अमृतवेले 4 बजे से ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में नित्य 13 दिन श्रद्धालु नर-नारी-बच्चे-वृद्ध भाव विभोर होकर वाहुगुरु नानकदेव धनगुरु नानकदेव का कर्णप्रिय जयघोष करते हुए चलते हैं। प्रभातफेरी की 
प्रमुख विशेषता यह है कि उपस्थित 12-15 हजार श्रद्वालुओं के बावजूद अनुशासन में प्रत्येक भक्तगण माथा ढंक कर एक ही लय सुरताल में कतार बद्ध होकर गुरबाणी गायन करते हुए आगे बढ़ते जाते है। वस्तुतः यह दृश्य अविस्मरणीय व भक्ति की अनूठी मिसाल पेश करता है। प्रभातफेरी 2 घंटे नगर कीर्तन करती हुई पुनः 6 बजे श्री कलगीधर सत्संग मंडल के प्रांगण में पहुंचती है। जहां रागियों द्वारा सत्संग, प्रवचन, श्री दसम ग्रंथ में वर्णित मां भगवती की स्तुति, अनंद साहिब, अरदास व प्रसाद वितरण के साथ समापन होता है।




अंत में श्रद्धालुओं के लिये नित्य चाय-दूध-बिस्किट-तोश वितरित किया जाता है। संयोजक दादा माधवदास ममतानी [वकील साहिब] के अनुसार इस वर्ष भी प्रभातफेरी में गुरु नानक देवजी की आशीर्वाद मुद्रा वाली झांकी, गुरु अंगददेव, गुरु अमरदास, गुरु रामदास, गुरु अरजनदेवगुरु हरगोबिंद, गुरु हरिराइ साहिब, गुरु हरिक्रिशनदेव, गुरु तेगबहादर, गुरु गोबिंदसिंघजी, आदि शक्ति भवानी माता की झांकियों का समावेश होगा। यह प्रभातफेरी जरीपटका के अलावा हुडको कालोनी, हाऊसिंग बोर्ड सोसायटी, आहुजानगर, कुशी नगर, विश्व ज्योती कालोनी, अशोक नगर, कमाल टाकीज रोड, कड़बी चैक, बैरामजी टाऊन, मेकोसाबाग इत्यादि क्षेत्रों में भ्रमण करेगी। श्रद्धालुओं के लिए जरीपटका के अलावा बाहर से आने-जाने वालों हेतु वाहन व्यवस्था का प्रबंध श्री कलगीधर सत्संग मंडल द्वारा निजी वाहनों से किया जाता है। 
श्री गुरु नानकदेव जयंती दि. 27 नवंबर सोमवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिबजी की पालकी व गुरुओें की आकर्षक झांकियों सहित भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। प्रभातफेरी में इंदोरा रोड, कश्मीरी गली, पांचपावली, गांधीबाग, क्वेटा कालोनी, छापरुनगर, शांतीनगर, वर्धमाननगर, हिरवीनगर, बर्डी, खामला, मेकोसाबाग के अलावा वर्धा, मुर्तिजापुर, गोंदिया, भंडारा, वणी, हिंगनघाट, बालाघाट, सिवनी, रायपुर, भोपाल, सावनेर, इलाहाबाद व अन्य शहरों से श्रद्धालुजन आते हैं। कार्यक्रम के संयोजक दादा माधवदास ममतानी ने सभी नागरिकों से प्रभातफेरी में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की विनम्र विनंती की है। अधि. माधवदास ममतानी (संयोजक- श्री कलगीधर सत्संग मंडल जरीपटका नागपुर) ने पत्राचार के माध्यम से यह सारी जानकारी दी।

असंतुष्ट पत्नियां कर रही आईपीसी की धारा 498ए का गलत इस्तेमाल....

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा,हाल के वर्षों में वैवाहिक विवादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और ऐसा लगता है कि कई मामलों में आईपीसी की धारा 498-ए का दुरुपयोग किया जा रहा है। छोटी-मोटी वैवाहिक झड़पें अचानक शुरू हो जाती हैं और पत्नी द्वारा बिना उचित विचार-विमर्श के मामूली विवाद पर आवेश में आकर ऐसे मामले दायर किए जा रहे हैं। अदालत ने धनबाद निवासी राकेश राजपूत की याचिका पर सुनवाई के दौरान ये बातें कहीं। याचिका की सुनवाई करते हुए आईपीसी की धारा 498 के दुरुपयोग पर चिंता जाहिर की है। कोर्ट ने कहा है कि कानून के इस प्रावधान का असंतुष्ट पत्नियों द्वारा ढाल के बजाय एक हथियार के रूप में गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा 
रहा है। भारतीय दंड संहिता की यह धारा किसी महिला को पति और ससुराल के लोगों द्वारा प्रताड़ित करने के मामलों में लगाई जाती है, लेकिन देखा जा रहा है कि महिलाएं मामूली मुद्दों पर आवेश में आकर इस धारा के तहत मामला दर्ज करा रही हैं। गौरतलब है कि धनबाद की रहने वाली महिला ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ यातना का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाई। इसे रद्द करने के लिए राकेश राजपूत और उनकी पत्नी रीना राजपूत ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 

अदालत में बहस का दौरान यह तथ्य स्थापित हुआ कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं, क्योंकि कथित घटना के दिन वे ट्रेन से सफर कर रहे थे।  हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 498ए के तहत ऐसे झूठे मामले दर्ज करने पर निराशा व्यक्त करते हुए राकेश राजपूत और उनकी पत्नी के खिलाफ धनबाद सिविल कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान के आदेश सहित पूरी आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया।

ब्लैक फंगस मरीजों की संख्या बढ़ने पर AIIMS ने जताई चिंता,सरकार से की यह गुजारिश...

डॉ.वैभव सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर माह में ब्लैक फंगस के 15 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। जबकि इस नवंबर माह के पहले सप्ताह में भी 11 मरीज भर्ती हो चुके है। ब्लैक फंगस के अचानक से बढ़ते मामलों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को ब्लैक फंगस के इलाज के लिए आवश्यक इंजेक्शनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ फंगल संक्रमण के खिलाफ जन जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए। डॉ. वैभव सैनी ने कहा कि चेहरे के एक तरफ साइनस दर्द या नाक की रुकावट, एक तरफा सिरदर्द, सूजन या सुन्नता, दांत दर्द और दांतों का ढीला होना ब्लैक फंगस के शुरूआती लक्षण है इन्हें 
नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। मरीजों का समय पर इलाज किया जाना जरूरी है। टास्क फोर्स के प्रभारी डॉ. वैभव सैनी ने कहा कि साल 2021 में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान एक चिकित्सा टीम का गठन किया गया था। एम्स के डॉक्टरों ने तब से अब तक ब्लैक फंगस के लगभग 200 मरीजों का इलाज किया है,लेकिन पीजीआई के बाद यह सार्वजनिक क्षेत्र की एकमात्र स्वास्थ्य सुविधा है जो ब्लैक फंगस के मरीजों को संभाल रही है। वहीं अक्टूबर से अब तक जो 26 मरीज भर्ती हुए है उनका मधुमेह का स्तर बढ़ा हुआ था। वहीं अब लोगों को जल्द से जल्द इस महामारी के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है।



अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बठिंडा के विशेषज्ञों ने पिछले एक महीने में ब्लैक फंगस मरीजों की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई,आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर से अब तक बठिंडा और आसपास के जिलों से ब्लैक फंगस के 26 मरीजों की इलाज किया गया है। टास्क फोर्स के प्रभारी डॉ. वैभव सैनी ने कहा कि जनवरी से सितंबर तक एम्स में ब्लैक फंगस के हर महीने लगभग
5 मरीज सामने आते थे, लेकिन पिछले 40 दिनों में ब्लैक फंगस के इन मामलों में उछाल आया है। जो काफी चिंताजनक है।  

बिचौलियों की मौज बंद, घोटाले बंद,गरीबों को घर, मुफ्त राशन, मुफ्त इलाज दे रही भाजपा सरकार मध्य प्रदेश के सतना से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने सरकारी योजनाओं का पैसा गरीबों के बैंक खातों में ट्रांसफर करना शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर गलती से भी कांग्रेस आ गई, तो फिर आपको सरकार से मिलने वाली सारी मदद बंद कर देगी। उन्होंने कहा कि 10 साल में भाजपा सरकार ने 33 लाख करोड़ रुपये सीधे गरीबों के बैंक खातों में भेजे हैं। इसमें से एक रुपया भी इधर का उधर नहीं हो पाया। पीएम ने कहा कि कांग्रेस किस तरह गरीबों का हक छीनती है, उसका जीता-जागता प्रमाण है फर्जी लाभार्थी घोटाला। पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों का घर हो, मुफ्त राशन हो, मुफ्त इलाज हो. इसके लिए भाजपा सरकार लाखों करोड़ रुपये 
खर्च कर रही है। उन्होंने दावा किया कि देश का पैसा गरीबों के काम आ रहा है। वहीं, कांग्रेस पर प्रहार करते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थीतब देश के लाखों करोड़ रुपये 2G घोटाले, कोयला घोटाले, कॉमनवेल्थ घोटाले और हेलीकॉप्टर घोटाले में जाते थे। मोदी ने घोटाले भी बंद किए और कांग्रेस के करप्शन काल में जो बिचौलियों की मौज थी, उसको भी बंद करा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के सतना में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष से चुनावी सभा के  दौरान  कहा कि हमारी सरकार ने देश में गरीब लोगों को चार करोड़ पक्के मकान मुहैया कराए हैं। 


उन्होंने कहा कि मैंने मुफ्त राशन योजना को अगले पांच साल तक बढ़ाने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की जनता से भाजपा को वोट देने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि आपके एक-एक वोट दिल्ली में मोदी को मजबूत करने और राज्य में कांग्रेस को सत्ता से दूर रखने में मदद करेगा।

पान का पत्ता दे समृद्धि दूर करे ग्रहों की दुरगती

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य में पान का बहुत अधिक महत्व है। लगभग सभी पूजा-अनुष्ठान में पान के पत्ते का उपयोग किया जाता है। संस्कृत में पान के पत्ते को तांबूल कहा जाता है,शास्त्रों में इसे बहुत शुभ और मंगलकारी माना गया है। ज्योतिष एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पान के पत्ते से जुड़े कुछ उपाय हैं जिनको अपनाकर आप अपने जीवन की समस्याओं को दूर कर सकते हैं। यदि आप बहुत दिनों से किसी कार्य को करने का प्रयास कर रहे हैं या आपको अपने जॉब में सफलता प्राप्त नहीं हो रही है तो घर से बाहर जाते समय जेब में पान का पत्ता रखकर जाएं। आप चाहें तो अपने पर्स में भी पान का पत्ता रखकर जा सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से 
आपके सभी कार्य बिना किसी विघ्न के पूरे होंगे। घर में वास्तुदोष होने के कारण घर की सुख-शांति भंग होती है,कलह का माहौल रहता है। दुकान या प्रतिष्ठान में वास्तुदोष होने से हमेशा घाटा होता रहता है। घर या प्रतिष्ठान में वास्तुदोष व नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए पान के पत्ते से हल्दी मिश्रित जल का छिड़काव करें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर तो दूर होगी और धन लाभ भी होगा। 
यदि आपके दांपत्य जीवन में तनाव रहता है तो शुक्रवार के दिन पान के एक पत्ते में 7 गुलाब की ताज़ा पंखुड़ियां रखें और इसे माता लक्ष्मी के मंदिर में अर्पित करें,यदि आप मंदिर नहीं जा सकती हैं तो घर में ही लक्ष्मी जी की तस्वीर के पास इसे रखें,लेकिन ध्यान रहे इस पर किसी बाहरी व्यक्ति की नजर न पड़े। यह उपाय कम से कम 4 शुक्रवार तक आजमाएं,धीरे-धीरे पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी को लगा हुआ पान अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके लिए सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि से निवृत होकर हनुमान मंदिर में पान हनुमान जी के चरणों में अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से बजरंगबली उस व्यक्ति के सारे कष्ट हर लेते हैं। 
काफी प्रयास करने के बाद यदि आपका व्यवसाय नहीं चल रहा है तो शनिवार के दिन 5 पान के साबुत पत्ते लेकर एक ही धागे में बांध दें। इस धागे को अपनी दुकान में पूर्व दिशा में बांध दें। हर शनिवार को यह पत्ते और धागा बदल दें। पुराने पत्तों को जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से आपके व्यवसाय में आ रही बाधा दूर होती हैं। पान के पत्ते में देवी-देवताओं का वास माना जाता है। मंगलवार और शनिवार के दिन 11 पान के पत्ते लेकर उन पर लाल चन्दन से राम नाम लिखें और पीले या लाल धागे से उनकी एक माला बनाकर हनुमानजी के गले में धारण करवा दें एवं रोग मुक्ति की प्रार्थना करें।

बुलडोजर कार्रवाई की मनमानी नहीं चलेगी,प्रयागराज विकास प्राधिकरण को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार....

उत्तर प्रदेश में माफियाओ-उपद्रवियों-अतिक्रमण के खिलाफ यूपी सीएम योगी के बुलडोजर का खौफ है। हाईकोर्ट में वकील अभिषेक यादव ने झूंसी इलाके में अपने मकान के ध्वस्तीकरण के खिलाफ याचिका लगाई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई, मनमानी के लिए नहीं है। दरअसल प्रयागराज के झूंसी थानाक्षेत्र इलाके में रहने वाले एक वकील का घर तोड़े जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) को फटकार 
लगाई। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के उपाध्यक्ष से जवाब तलब करने के साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने PDA के अधिकारियों को फटकार भी लगाई है। हाईकोर्ट का कहना है कि घर की एक ईंट रखने में कई साल लग जाते हैं और उसे तोड़ने में अधिकारी एक पल भी नहीं लगाते हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रयागराज विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी संजीव उपाध्याय ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वकील के घर को गिराए जाने के बाद उसके दूसरे ही दिन हाईकोर्ट में सुनवाई की। उन्हें कोई जानकारी या फिर नोटिस नहीं दिया गया।
जिस पर कोर्ट ने सवाल करते हुए कहा कि अगर आप किसी का घर गिराने के लिए बुलडोजर लेकर खड़े हो जाएंगे तो वह आपको मुकदमे की जानकारी भी नहीं दे और वह भी तब जब वह एक वकील हो, ऐसा संभव नहीं हो सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि बुलडोजर मनमानी के लिए नहीं है। अब इस मामले की सुनवाई 20 नवंबर को होगी।

15,000/- करोड़ का महादेव' सट्टेबाजी ऐप 32 लोगों के खिलाफ हुई एफआईआर

बीते पांच नवंबर को केंद्र ने प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध पर महादेव ऐप और रेड्डीन्नाप्रिस्टोप्रो समेत 22 अवैध सट्टेबाजी प्लेटफार्मों को ब्लॉक किए जाने के निर्देश दिए। अब चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही मुंबई पुलिस के माटुंगा पुलिस अधिकारी के अनुसार, 2019 से अब तक धोखाधड़ी करने के लिए ऐप प्रवर्तक सौरभ चंद्राकर, एवं मुख्य आरोपी रवि उप्पल और शुभम सोनी तथा अन्य के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रवर्तक समेत 32 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि फोरेंसिक विश्लेषण और एक 
कैश कूरियर की ओर से दिए गए बयान से चौंकाने वाले आरोप लगे हैं कि महादेव सट्टेबाजी ऐप प्रमोटरों ने अब तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को लगभग 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, और यह जांच का विषय हैं। भाजपा ने शुभम सोनी का एक वीडियो जारी किया जिसमें कहा गया कि वह ऐप का मालिक है और उसके पास छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब तक 508 करोड़ रुपये का भुगतान करने के साक्ष्य हैं। 
अधिकारी ने बताया कि 30वीं कुर्ला अदालत के निर्देश पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120-बी (साजिश), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (साइबर आतंकवाद के लिए) और जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने लोगों से करीब 15 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।

Tuesday, November 7, 2023

प्लास्टिक पर निर्भर जीवन कितना घातक.....

साइंस जर्नल एसीएस पब्लिकेशन्स में छपी एक स्टडी के एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर साल हम 39 से लेकर 55 हजार प्लास्टिक के टुकड़े निगल जाते हैं या सांस के जरिए ये हमारे शरीर में पहुंच रहे हैं। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इंसानों की नसों में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक का पता लगाया है। इस स्टडी में पता चला है कि हर ग्राम ऊतक में माइक्रोप्लास्टिक के लगभग 15 कण मिले हैं। माना जाता है कि इस तरह हर हफ्ते एक व्यक्ति के शरीर में लगभग एक क्रेडिट कार्ड जितना प्लास्टिक पहुंच रहा है। ये प्लास्टिक नसों से होता हुआ हार्ट और ब्रेन तक पहुंच जाता है। प्लास्टिक की खोज एक एक्सीडेंट से हुई थी। दरअसल 1846 में प्रसिद्ध जर्मन रसायनशास्त्री क्रिश्चियन शॉनबीन 
अपने किचन में कुछ प्रयोग कर रहे थे। इस बीच गलती से उनसे नाइट्रिक एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड का मिश्रण नीचे गिर गया। इस घोल को पोछने के लिए उन्होंने एक कपड़ा लिया और पोछा लगाने के बाद उस कपड़े को चूल्हे पर रख दिया। कुछ समय बाद कपड़ा गायब हो गया और एक पदार्थ बचा। जिसे प्लास्टिक के रूप में जाना गया। प्लास्टिक एक ऐसी सामग्री है जो किसी सिंथेटिक या अर्ध-सिंथेटिक प्रकार के पॉलिमर से निर्मित हुई है। पॉलिमर एक बड़ा अणु है जो जुड़े हुए दोहराए जाने वाली चीजों या छल्लों से बना होता है
जिन्हें मोनोमर्स कहते हैं। रेशम, रबर, सेलूलोज, केराटिन, कोलेजन और डीएनए प्राकृतिक पॉलिमर के कुछ उदाहरण हैं और ये पॉलिमर का आकार है जो प्लास्टिक को प्लास्टिसिटी देता है। प्लास्टिक लगभग किसी भी कार्बनिक पॉलिमर से बनाया जा सकता है। पहला सिंथेटिक प्लास्टिक प्लांट का निर्माण सेलूलोज से किया गया था, लेकिन आज अधिकांश प्लास्टिक पेट्रोकेमिकल्स से बनाया जाता है। ऐसे में अक्सर इसमें कुछ अतिरिक्त कृत्रिम मसाला देने के लिए अतिरिक्त एडिटिव्स डाले जाते हैं।



प्लास्टिक एक ऐसा पदार्थ है जिसे खत्म होने में सदियां बीत जाती हैं। यदि ये किसी खेत में चला जाए तो वहां सदियों तक जीवित रहता है और इससे उस खेत की उर्वरा शक्ति पर भी असर पड़ता है। वहीं यदि इसे जलाया जाए तो ये पूरी तरह खत्म नहीं होता और इसके धुएं से वायु प्रदूषण जैसी स्थितियां सामने आती हैं। इसके अलावा प्लास्टिक के तत्वों के भोजन में मिल जाने से अस्थमा, मोटापा और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यहां तक कि प्लास्टिक निर्माण के समय निकलने वाली जहरीली गैस पर्यावरण को प्रदूषित करती है। सिंगल यूज प्लास्टिक में थर्माकोल से बनी प्लेट, कप, ग्लास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, पुआल, ट्रे, मिठाई के बक्सों पर लपेटी जाने वाली फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट पैकेट की फिल्म, प्लास्टिक के झंडे, गुब्बारे की छड़ें और आइसक्रीम पर लगने वाली स्टिक, क्रीम, कैंडी स्टिक और 100 माइक्रोन से कम के बैनर होता है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसे प्लास्टिक न तो डिकंपोज होते हैं और न ही इन्हें जलाया जा सकता है। 

इनके टुकड़े पर्यावरण में जहरीले रसायन छोड़ता है जो इंसानों और जानवरों के लिए खतरनाक होते हैं। वहीं सिंगल यूज प्लास्टिक का कचरा बारिश के पानी को जमीन के नीचे जाने से भी रोकता है। जिससे लगातार ग्राउंड वाटर लेवल में कमी आती है। भारत में प्लास्टिक का आगमन लगभग 60 के दशक में हुआ था। आज स्थिति ये हो गई है कि महज 60 साल में ये प्लास्टिक कूड़े के पहाड़ में बदल गया है। कुछ साल पहले भारत में सिर्फ आटोमोबाइल क्षेत्र में इसका उपयोग पांच हजार टन वार्षिक था। संभावना ये भी जताई गई कि इसी तरफ उपयोग बढ़ता रहा तो जल्द ही ये 22 हजार टन तक पहुंच जाएगा। भारत में जिन इकाईयों के पास यह दोबारा रिसाइकिल के लिए जाता है वहां प्रतिदिन 1,000 टन प्लास्टिक कचरा जमा होता है। 
इस प्लास्टिक के कचरे का 75 फीसदी भाग कम मूल्य की चप्पलों के निर्माण में खपता है। 1991 में भारत में इसका उत्पादन 9 लाख टन था। आर्थिक उदारीकरण की वजह से प्लास्टिक को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा पेश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक समुद्रों में लगभग 20 करोड़ टन प्लास्टिक का कचरा जा चुका है। 2016 तक ये आंकड़ा हर साल 104 करोड़ टन था जो 2040 तक 307 करोड़ टन हने का अनुमान है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जिस तेजी से समंदरों में प्लास्टिक का कचरा फैल रहा है यदि यही रफ्तार रही तो 2050 तक समुद्रों में मछलियों से ज्यादा प्लास्टिक होगा।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...