Wednesday, November 15, 2023

विश्वासघाती गद्दार कद में थोड़े छोटे पड़ गए लेकिन अहंकार में तो... प्रियंका गांधी का ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला...

कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने सिंधिया पर कटाक्ष करते हुए कहा,उन्होंने अपने परिवार की परंपरा अच्छे से निभाई है। विश्वासघात तो बहुतों ने किया है लेकिन इन्होंने ग्वालियर और चंबल की जनता के साथ विश्वासघात किया है। आपकी पीठ में छुरा घोंपा है। बनी बनाई सरकार को गिरा दिया और वो बनी बनाई सरकार आपकी थी, आपने वोट दिया था उसके लिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में रोजगार की स्थिति देश में सबसे अच्छी है, जबकि मप्र में यह खराब है।  प्रियंका ने कहा, क्या आप सिंधिया जी को जानते 
हैं? हमने उत्तर प्रदेश में एक साथ काम किया। हम यूपी के लोग अपनी शिकायत या गुस्सा व्यक्त कर देते हैं। हम सब कुछ बाहर निकाल देते हैं। हमें महाराज बोलने की आदत नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, क्या है कि वो कद में थोड़े छोटे पड़ गए लेकिन अहंकार में तो भई , वाह भई वाह ! उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता उनसे कहते थे कि उन्हें अपना काम कराने के लिए सिंधिया को महाराज बोलना पड़ता है और यह कार्यकर्ताओं की आदत नहीं है। कांग्रेस नेता प्रियंका ने पुन: सिंधिया का जिक्र करते हुए कहा, एक बात है, मोदी जी लोगों को पहचानने में माहिर हैं। उन्होंने दुनिया भर से गद्दारों और कायरों को इकट्ठा किया और उन्हें अपनी पार्टी में ले लिया। 
प्रियंका ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं पर दया आती है जिन्होंने संगठन के लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी इस बात को दोहराते रहते हैं कि उन्होंने मुझे इतनी गालियां दीं। क्या आपने सलमान खान की फिल्म 'तेरे नाम' देखी है जिसमें वह शुरू से आखिर तक रोते रहे थे? उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, 'मैं कहती हूं, आइए मोदी जी पर भी इसी नाम से एक फिल्म बनाएं।

अगर नहीं मिल रहा गैस सब्सिडी का फायदा तो आधार को गैस कनेक्शन से इस तरह करें लिंक....

आज भी कई लोगों के आधार अपडेट न होने या नहीं बनने के चलते वे गैस पर मिलने वाली सब्सिडी से वंचित है इसके लिए एलपीजी गैस कनेक्शन पर सरकारी सब्सिडी का लाभ लेने के लिए कनेक्शन का आधार से लिंक होना जरूरी है। इसके बाद ही आपको एलपीजी सब्सिडी का लाभ मिल पाएगा। अगर आपका एलपीजी कनेक्शन आधार से लिंक नहीं है तो आप घर बैठे ही आसानी से इसे ऑनलाइन प्रक्रिया से लिंक करा सकते हैं। गैस कनेक्शन आधार से लिंक कराएं:- एलपीजी गैस कनेक्शन को आधार से लिंक कराने के लिए आपको सबसे पहले यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद रेसिडेंट सेल्फ सीडिंग वेब पेज पर विजिट करें। इसके 
बाद यहां मांगी गई जानकारी दर्ज करें। यहां बेनिफिट टाइप में एलपीजी सिलेक्ट करें। इसके बाद आपको गैस उपलब्ध कराने वाली कंपनी जैसे IOCL, BPCL और HPCL में से किसी एक का चुनाव करें। इसके बाद डिस्ट्रीब्यूटर की लिस्ट आ जाएगी। इसमें से अपने डिस्ट्रीब्यूटर का नाम सिलेक्ट करें। अब अपना गैस कनेक्शन नंबर, मोबाइल नंबर, आधार नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करें। अब आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करें। अब आपका आधार नंबर एलपीजी कनेक्शन के साथ लिंक हो गया है। 
आधार लिंक करते समय ध्यान रखे ये बातें:- एलपीजी कनेक्शन से उस व्यक्ति का ही आधार लिंक होगा, जिसके नाम पर कनेक्शन लिया हुआ है। बैंक अकाउंट भी आधार से लिंक होना चाहिए। आपका मोबाइल नंबर आधार में पीजकृत और एक्टिव होना चाहिए। एलपीजी कनेक्शन का  नाम और आधार का नाम एक जैसा होना चहिए। ऑफलाइन तरीके से कैसे लिंक करें एलपीजी :- ऑफलाइन तरीके से एलपीजी कनेक्शन से आधार लिंक करने के लिए सबसे पहले डिस्ट्रीब्यूटर को आवेदन फॉर्म जमा करके देना होगा। 



इस फॉर्म को IOCL, HPCL और BPCL की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके बाद अपने डिस्ट्रीब्यूटर के पास इसे जमा कराना होगा। अब आपका आधार एलपीजी से लिंक हो जाएगा। 

Tuesday, November 14, 2023

क्या शराब भी एक्सपायर होती है, जितनी पुरानी उतनी अच्छी सच या मिथ्या जाने वैज्ञानिक रहस्य

एक आम धारणा है कि दारू कभी खराब नहीं होती। वह जितनी पुरानी होगी, उतना ही अधिक आनंद देगी। इसी कारण दारू को लेकर कई तरह की कहावते हैं। इसी धारणा की वजह से दारू खरीदते समय इंसान उसकी एक्सपायरी डेट नहीं देखता,लेकिन यह पूरा सच नहीं है। दारू भी एक्सपायर हो सकती है। यह हानिकारक हो सकती है। यह जहरीली भी हो सकती है। बीयर और लिक्कर से अलग वाइन आमतौर पर अंगूर के ज्यूस और बीज से बनता है। इसको कई सालों तक बोतल में पैक रखा जाता है ताकि स्वाद बढ़ जाए। आमतौर पर अच्छी क्वालिटी की वाइन की शेल्फ लाइफ काफी लंबी होती है लेकिन सस्ती वाइन को उसकी मैनुफैक्चरिंग डेट से दो 
साल के भी खत्म कर देना चाहिए। ऑर्गेनिक वाइन यानी जिसमें प्रीजर्वेटिव्स का इस्तेमाल नहीं किया गया हो, उसे तीन से छह माह के भीतर खत्म कर देना चाहिए। बीयर बनाने का तरीका अलग होता है। हालांकि यह भी अनाजों को सड़ाकर ही बनाया जाता है। इसमें पानी का भी ठीक ठाक इस्तेमाल होता है। आमतौर पर एक सील्ड बीयर को 6 से 8 महीने बाद तक पीया जा सकता है। फ्रीज में रखने पर इसकी लाइफ और बढ़ जाती है। बीयर के बारे में यह बात कही जाती है कि जिसमें एल्कोहल की मात्रा आठ फीसदी से अधिक हो उसकी शेल्फ लाइफ ज्यादा होती है।

 यह धारणा ही गलत है कि दारू कभी खराब हो ही नहीं सकती। समय बीतने के साथ धूप, हवा और तापमान की वजह से दारू खराब हो सकती है। अगर दारू की बोतल ज्यादा समय तक धूप के संपर्क में रहे तो वह बेरंग हो जाएगी और जब दारू की रंग बदलती है तो इसका मतलब होता है कि उसके स्वाद में भी बदलाव हो गया है। वेबसाइट हेल्थ लाइन डॉट कॉम के मुताबिक ये दारू या शराब मूल रूप से एल्कोहल से बनी होती है। दूसरी तरफ एल्कोहल की शेल्फ लाइफ काफी लंबी होती है,लेकिन एल्कोहल के अलावा इन पेय पदार्थों में और भी चीजें होती हैं। शराब, बीयर और वाइन तीनों को अलग-अलग तरीके से बनाया जाता है। 

हालांकि इन सभी का मूल प्रोसेस फॉर्मेंटेंशन है। ये सभी एल्कोहलिक पेय पदार्थ लिक्कर कहलाते हैं। इन्हें विभिन्न अनाजों को सड़ाकर बनाए जाते हैं। ग्रेन्स के दानों को यीस्ट के साथ फॉर्मेंटेशन करवाया जाता है। फिर उसे डिस्टिल किया जाता है। कुछ खास लिक्कर को कई स्तरों पर डिस्टिल किया जाता है।  जो लिक्कर जितना अधिक डिस्टिल किया जाता है वह उतनी ही उच्च श्रेणी की शराब बनती है। इसके बाद जब इसे बोतल में भरा जाता है तो उसका फॉर्मेंटेशन रूक जाता है,लेकिन यहां एक्सपर्ट आपको सलाह देते हैं कि जब आप बोलत खोलते हैं तो 6 से 8 महीने के बीच आपको उसे खत्म कर देना चाहिए। बोतल खुलने के बाद शराब की टेस्ट और कलर दोनों बदलने लगता है। शराब को अंधेरे और ठंडी जगहों पर रखना चाहिए। आप इसे फ्रीज में भी रख सकते हैं लेकिन यह जरूरी नहीं है। ठंडी और अंधेरे वाली जगह पर रखने से शराब की शेल्फ लाइफ काफी बढ़ जाती है।
 
 
 

कुत्ते के काटने पर 10 से 20 हजार तक का हर्जाना देना होगा सरकार को..कोर्ट का आदेश

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उच्च न्यायालय ने 193 याचिकाओं का निपटारा करते हुए पंजाब और हरियाणा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को इस तरह के मुआवजे का निर्धारण करने के लिए संबंधित जिलों के उपायुक्तों की अध्यक्षता में समितियां गठित करने का भी आदेश दिया। आवारा जानवरों से जुड़ी घटनाओं के मामले हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। फैसले में लोगों को मुआवजा देने के लिए राज्य को मुख्य रूप से जिम्मेदार मानते हुए, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि कुत्ते के काटने से 
संबंधित मामलों में, वित्तीय मुआवजा न्यूनतम 10,000 रुपये प्रति दांत के निशान होगी। निशान और जहां त्वचा से मांस खींच गया होगा, वहां प्रति 0.2 सेमी घाव पर न्यूनतम 20,000 रुपये होंगे। न्यायमूर्ति विनोद एस भारद्वाज की पीठ ने कहा कि आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा दायर किए जाने के चार महीने की अवधि के भीतर समितियों द्वारा मुआवजे की घोषणा की जाएगी। राज्य मुख्य रूप से मुआवजे का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होगा और उसे राज्य की दोषी एजेंसियों/सहायकों या निजी व्यक्ति, यदि कोई हो, से इसकी वसूली करने का अधिकार होगा। 
पीठ ने निर्देश दिया कि फैसले की प्रतियां आवश्यक और त्वरित कार्रवाई और अनुपालन के लिए प्रमुख सचिव (गृह) के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशकों के कार्यालयों को भेजी जाएं। हाई कोर्ट उन घटनाओं और दुर्घटनाओं के लिए पीड़ितों या उनके परिवार के सदस्यों को मुआवजे के भुगतान से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जो आवारा, जंगली जानवरों के वाहन के सामने अचानक आने से हुई चोटों या मृत्यु के कारण हुई थीं।

Monday, November 13, 2023

स्नान करने की सही विधी व अवधि जाने जग्गी महाराज की जुबानी...

आमतौर पर हर व्यक्ति सामान्य तरीके से नहाता है,लेकिन नहाने का सही तरीका क्या है, इसके बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे। सही तरीके से नहाने के अनेक फायदे हैं। नहाने का सही तरीका क्या है इसके बारे में विस्तार से स्टेप बाय स्टेप हमें बता रहे हैं सद्गुरु के बताए इन तरीकों को अपनाकर आप न सिर्फ अपने शरीर को साफ सुथरा रखेंगे बल्कि निगेटिव एनर्जी भी दूर होगी। नहाने के लिए हमेशा ऐसे पानी का इस्तेमाल करना चाहिए जिसका तापमान रूम टेंपरेचर से कम हो। ऐसा करने से आपकी कोशिकाएं सिकुड़ने लगेंगी और कोशिकाओं के आसपास की जगह खुल जाएंगी। कोशिकाओं के खुद रोम छिद्र होते हैं जो गर्म पानी के इस्तेमाल से खुल जाते हैं। इनके खुलने से यह पानी शरीर के अंदर सोखने लगते हैं। ऐसा करना हमेशा सही नहीं होता। इसलिए ठंडे पानी से नहाएं। योग 
के अभ्यास के लिए ये बेहद महत्वपूर्ण है। ये आपके शरीर के कोशिकीय ढांचे को चार्ज कर देगा जो आपको लंबे समय तक युवा बनाए रखेगा। यौगिक संस्कृति में कोई भी नहाने के लिए शावर का इस्तेमाल नहीं करता था। नहाने के लिए पानी में डुबकी लगाने की परंपरा प्रचलित थी। बदलते समय ने नहाने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। आमतौर पर नहाते समय व्यक्ति अपने शरीर पर पानी डालता है, जिसके कारण उसके शरीर की गर्मी सिर पर पहुंच जाती है। आप सबसे पहले अपने सिर के ऊपर ठंडा पानी डालें। ऐसा करने से आपके शरीर की गर्मी एकदम सिर पर नहीं आएगी।अगर किसी व्यक्ति को जल्दी सर्दी लग जाती है तो शुरुआत में पहले दो सप्ताह में अपने नहाने के पानी में एक चम्मच नीलगिरी का तेल डालें और उस पानी को अपने सिर के ऊपर उंडेल लें।  



आप देखेंगे कि आपकी सर्दी चली गई।  प्रत्येक व्यक्ति को दिन में कम से कम दो बार तो जरूर नहाना चाहिए. अगर आप लंबे समय तक भीड़ के संपर्क में रहते हैं तो घर जाकर सबसे पहले नहाने की आदत बनाएं। ऐसा इसलिए नहीं कि आप अपने शरीर को शुद्ध कर रहे हैं, बल्कि ऐसा करने से आपकी योग शक्ति बढ़ती है। 
 

MP के 40 चोर और चालू मामा की विदाई तय... कांग्रेस नेता पीयूष बबेले का बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान पर हमला

कांग्रेस नेता पीयूष बबेले ने ट्वीट कर लिखा कि, मध्य प्रदेश की राजनीति में बीजेपी ने सबसे बड़ी पलटी मारी। लाडली बहना योजना में 3000 रुपये देने की योजना को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने घोषणा पत्र से बाहर कर दिया, जबकि प्रदेश में इसका प्रचार किया जा रहा था, लेकिन बहनें निराश ना हो कमलनाथ जी की नारी सम्मान योजना में हर महीने को 1500 रुपए और 500 में गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। 1 जनवरी 2024 को पैसा खाते में आ जाएगा। बबेले ने ट्वीट कर बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि, कोई सगा नहीं, जिसको सीएम ने ठगा नहीं। पूरे प्रदेश की बहनों को 3000 रुपये देने का वादा किया जा रहा है और घोषणा पत्र में योजना का जिक्र ही 
नहीं है। वोट के लिए झूठ बीजेपी का मंत्र बन चुका है। बीजेपी का यही दो मुहां चरित्र एमपी की पहचान बन चुका है। इस बार चालू मामा और 40 चोर की विदाई तय है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा उठाए गए सवाल के बाद अब कांग्रेस नेता पीयूष बबेले ने भी तंज कसा है। कमलनाथ ने कहा था कि सीएम शिवराज आपने मध्य प्रदेश का कोई भी शहर या कस्बा नहीं छोड़ा है, जहां आपने अपनी बहनों को लाडली बहना योजना के तहत 3000 रुपये देने का वादा करते हुए होर्डिंग्स और बैनर नहीं लगाए हो, लेकिन आज जब आपने 



संकल्प पत्र जारी किया, तो आपने इस पर कोई घोषणा नहीं की,कमलनाथ ने महिलाओं से कहा कि, वह चिंता न करें क्योंकि कांग्रेस सत्ता में आएगी और उन्हें नारी सम्मान योजना के तहत प्रतिमाह 1500 रुपये देगी और एक जनवरी से उन्हें 500 रुपये में गैस सिलेंडर भी प्रदान करेगी।

Sunday, November 12, 2023

सेक्स वर्कर की जगह अब होगा इन शब्दों का उचारण....सुप्रीम कोर्ट ने लिया फैसला

अगस्त महीने में सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के लिए इस्तेमाल किए जानेवाले आपत्तिजनक शब्दों पर रोक लाने के लिए एक हैंडबुक लॉन्च की थी। इसमें करीब 43 रूढ़िवादी शब्दों और वाक्यांशों को इस्तेमाल नहीं करने को लेकर निर्देश दिया था और उन शब्दों की जगह वैकल्पिक शब्दों और भाषा का सुझाव दिया था। इसमें वेश्या की जगह सेक्स वर्कर शब्द के इस्तेमाल का सुझाव दिया गया था। इसी पर एनजीओ समहू ने अपनी आपत्ति जताई थी। मानव तस्करी विरोधी एनजीओ के बैनर तले एक ग्रुप ने अगस्त 2023 में अदालत द्वारा 
प्रकाशित हैंडबुक ऑन कॉम्बैटिंग जेंडर स्टीरियोटाइप्स में इस्तेमाल शब्दावली में सेक्स वर्कर शब्द के उपयोग पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने लैंगिक रुढ़िवादिता हैंडबुक में सेक्स वर्कर शब्द को बदलने का फैसला लिया है। देश की शीर्ष अदालत ने एंटी ट्रैफिकिंग एनजीओ के एक समूह द्वारा चिंता जताने के बाद यह फैसला लिया। सेक्स वर्कर की जगह अधिक समावेशी भाषा का उपयोग किया जाएगा। क्योंकि सेक्स वर्कर शब्द लैंगिक रूढ़िवादिता को बढ़ावा देता है। एनजीओ समूह द्वारा सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को इस संबंध में एक चिट्ठी लिखी गई थी। 
जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने लैंगिक रुढ़िवादिता पर अपने हैंडबुक से सेक्स वर्कर की जगह “तस्करी की शिकार/सरवाइवर या व्यावसायिक यौन गतिविधि में लगी महिला या व्यावसायिक यौन शोषण के लिए मजबूर महिला जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने का फैसला किया।
इस संबंध में चीफ जस्टिस का कहना है कि वेश्या या सेक्स वर्कर जैसे शब्द का उपयोग भी लैंगिक रुढ़िवादिता को बढ़ावा दे सकता है। जिन एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से यह अपील की थी उसमें गोवा की अन्यय रहित जिंदगी, मुंबई का प्रयास, महाराष्ट्र से प्रेरणा, कर्नाटक का KIDS, असम से नेदान, महाराष्ट्र से वीआईपीएलए,दिल्ली से SPID, मणिपुर के न्यू लाइफ फाउंडेशन सहित कई एनजीओ शामिल थे। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के डिप्टी रजिस्ट्रार, सीआरपी, अनुराग भास्कर ने एआरजेड एनजीओ को एक ईमेल में सूचित किया कि सीजेआई ने बदलाव को स्वीकार कर लिया है।
 

भाजपा की ब्रांच बन गई है ED जम्मू कश्मीर पर भाजपा की खोली पोल PDP चीफ महबूब मुफ्ती ने..

पुलवामा जिले में मीडिया से बातचीत करते हुए पीपुल्स डेमोक्रेटकि पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि, अगर स्थिति में सुधार हुआ है तो फिर वह सुधार जमीनी स्थिति पर नजर भी आना चाहिए। पहले हमारे सुरक्षाबल तंबू में रहते थे लेकिन अब उनके लिए कंक्रीट के ढांचे बनाए जा रहे हैं। मुफ्ती ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, केंद्र सरकार यहां पर स्थिति के सामान्य होने का दावा कर रही है लेकिन ED और NIA जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करते हुए लोगों को परेशान किया जा रहा है। यहां लोग बातचीत नहीं 
कर सकते हैं और पत्रकार भी अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि, अगर यहां सब कुछ ठीक है तो फिर वे कश्मीरियों से इतना डर क्यों रहे हैं? हर दिन ED और NIA के छापे पड़ रहे हैं और लोगों को परेशान किया जा रहा है। मीडिया ने महबूबा मुफ्ती से पूर्व मंत्री लाल सिंह के खिलाफ हुई ED की कार्रवाई पर सवाल किया। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि जो भी बीजेपी के खिलाफ बोलता है उसपर कार्रवाई की जाती है। मैं उनकी (लाल सिंह) के पक्ष में नहीं बोल रही हूं लेकिन आज प्रवर्तन निदेशालय भाजपा की ब्रांच बन गई है। जब भी कोई आदमी भाजपा के खिलाफ आवाज उठाता है तो एजेंसियां उनपर छापा मारने लगती है। उन्होंने आगे कहा कि, पहले तो वे लोगों को भ्रष्ट कहते हैं लेकिन जब वह आदमी भाजपा में शामिल हो जाता है तो वह अच्छा आदमी बन जाता है।

पटाखे जलाते समय बरते सावधानी,घर पर करें प्रथम उपचार पटाखे चलाते वक्त कोई जल जाए तो....?

पटाखे चलाते वक्त लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। लापरवारी की वजह से पटाखों से जलने और आग लगने तक की घटनाएं घट सकती हैं। इसलिए पटाखे चलाते वक्त बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। आपको पास में पानी की एक बाल्टी और साथ में थोड़ा रेत रखना चाहिए, जिससे आग को बुझाया जा सके। पटाखे चलाते वक्त सिंथेटिक या नायलॉन के कपड़े पहनने से बचें। फटने वाले पटाखों को हाथ से कभी न चलाए। फुलझड़ी जलाने के बाद वो गर्म होती है तो उसे ऐसी गजह फेंके जहां पैर न पड़ेपटाखे चलाते वक्त आस-
पास देखकर और बच्चों से दूरी बनाकर ही चलाएं। अगर कोई पटाखे से जल गया है तो नारियल का तेल लगा दें। नारियल के तेल की तासीर ठंडी होती है जिससे जलन में आराम मिलेगा। ठीक होने पर भी नारियल का तेल लगाने से निशान नहीं पड़ेगा। पटाखे से हाथ-पैर जलने पर तुरंत ठंडा पानी डाल दें। जलन में आराम मिलने तक उस हिस्से को पानी में डिबाकर रखें। भूलकर भी उस जगह पर बर्फ न लगाएं। इससे खून का थक्का बन सकता है। जिससे परेशानी और बढ़ सकती है। जले पर कच्चे आलू का रस भी लगाया जाता है। 

ये काफी ठंडा होता है इससे जलन शांत होगी और आपको काफी आराम मिलेगा। अगर आप हल्का झुलस गए हैं तो उस जगह पर तुलसी के पत्तों का रस लगा लें। इससे जलन कम होगी और जले का निशान भी नहीं पड़ेगा। अगर घाव ज्यादा है तो इसका ज्यादा उपयोग करने से बचें।

असली-नकली डीपफेक को कैसे पहचाने व कैसे बचे....?

जेनरेटिवएआई (जेनएआई) का इस्तेमाल कर इतनी फर्जी खबरें बनाई जा रही हैं, कि असली और फेक खबर में कोई अंतर नहीं रह गया है। ऐसी स्थिति सामने आने पर आपको क्या करना चाहिए और कैसे कदम उठाने चाहिए, इस बारे में टेक विस्परर के संस्थापक और एआई एक्सपर्ट जसप्रीत बिंद्रा ने निम्न सुझाव दिए हैं-1- चेहरे के हाव-भाव पर खास ध्यान दें, अगर पलकें बिल्कुल नहीं झपक रहीं या फिर सामान्य से ज्यादा झपक रही हैं तो यह फेक हो सकता है। 2- आप आवाज से भी फेक वीडियो की पहचान कर सकते हैं। 
अकसर फेक वीडियो में आवाज रोबोटिक होती है या फिर आवाज से होठों की तालमेल नहीं होती। ऐसे में इसे नोटिस कर आप आराम से नकली वीडियो को पकड़ सकते हैं। अगर यह बहुत ही असामान्य या विचित्र लगे, तो इस पर यकीन करने से पहले एक बार क्रॉस चेक जरूर करें। 4- किसी भी फेक खबर पर यकीन करने से पहले ये भी पता करें कि ये खबर किससे आ रही है, किसी विश्वसनीय स्त्रोत या फिर किसी फेक आईडी से। 1- किसी भी सूचना के सामने आने पर उसके स्त्रोत की जांच करें। अगर कई विश्वसनीय मीडिया आउटलेट्स पर यही खबर दिखाई जा रही हो तो यह सच हो सकती है। 2- कभी भी बिना पूरी जानकारी के असत्यापित सूचना साझा करने से बचें।
3- अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्राइवेसी सेटिंग्स को कड़ी रखें। इंटरनेट पर आपका डेटा जितना कम होगा, किसी के लिए आपकी डीपफेक बनाना उतना ही मुश्किल होगा। 4- अगर आपका कोई डीपफेक आपको मिलता है, तो तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दें। 5- अगर कोई आपकी डीपफेक वीडियो बना उसे इंटरनेट पर डालकर वायरल करने की धमकी दे रहा हो और आपसे बदले में पैसों की मांग कर रहा हो, तो बिना डरे सबसे पहले पुलिस में रिपोर्ट कराएं। [साभार]

Saturday, November 11, 2023

डीफॉर्मा औऱ बीफॉर्मा में क्या है अंतर..कौनसा कोर्स बेहतर....?

कई लोग मेडिकल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते है लेकिन पढ़ाई के दौरान कन्फ्यूज रहते हैं कि वह बीफॉर्मा चुनें या फिर डीफॉर्मा। आज इस विषय पर आपसे कुछ महत्वपूर्ण पहलुओ पर चर्चा करेंगे। दरअसल डीफॉर्मा एक डिप्लोमा कोर्स है,जिसका फुल फॉर्म है डिप्लोमा इन फॉर्मेसी। वहीं बीफॉर्मा ग्रेजुएशन कोर्स है, जिसका फुल फॉर्म है। बैचलर्स इन फॉर्मा. दोनों कोर्स 12वीं के बाद किए जा सकते हैं। डीफॉर्मा के लिए साइंस से 12वीं पास के साथ 50 फीसदी अंक होना अनिवार्य है। वहीं बीफॉर्मा के लिए पीसीबी या पीसीएम से 12वीं होना चाहिए। डीफॉर्मा औऱ बीफॉर्मा में बेहतर क्या है, यह अभ्यर्थी की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। जो कम 
खर्चे में कम समय में कोर्स करना चाहता है उनके लिए डीफॉर्मा बेस्ट है। वहीं जो लॉन्ग टर्म के लिए सोचता हो उसके लिए बीफॉर्मा सही है। वैसे फुल टाइम ग्रेजुएशन डिग्री होने के कारण बीफॉर्मा की वैल्यू डीफॉर्मा के मुकाबले थोड़ी ज्यादा है। डीफॉर्मा करने के बाद आपके पास नौकरी और बिजनेस दोनों ऑप्शन खुले रहेंगे। आप या तो प्राइवेट अस्पतालों या दवा बनाने वाली कंपनियों में काम कर सकते हैं। वहीं बिजनेस में इंट्रेस्ट रखने वाले अपना मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं। इसके अलावा सरकारी नौकरी के भी मौके होते हैं। जिसमें आप आसानी से 40 से 60 हजार की सैलरी वाली नौकरी पा सकते हैं। 

वहीं बीफॉर्मा करने वाले भी फॉर्मासिस्ट बन सकते हैं या फिर सरकारी नौकरी कर सकते हैं। बीफॉर्मा पास लोक सेवा आय़ोग या फिर कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों के माध्यम से भी सरकारी नौकरी पा सकते हैं। साथ ही उनके पास ड्रग इंस्पेक्टर बनने का मौका भी होता है।  बीफॉर्मा वाले भी सरकारी नौकरी में आसानी से 40 से 60 हजार रूपए कमा सकते हैं।  वहीं प्राइवेट अस्पतालों या कंपनियों में योग्यता के आधार पर सैलरी ज्यादा भी हो सकती है।

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...