Sunday, November 12, 2023

सेक्स वर्कर की जगह अब होगा इन शब्दों का उचारण....सुप्रीम कोर्ट ने लिया फैसला

अगस्त महीने में सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के लिए इस्तेमाल किए जानेवाले आपत्तिजनक शब्दों पर रोक लाने के लिए एक हैंडबुक लॉन्च की थी। इसमें करीब 43 रूढ़िवादी शब्दों और वाक्यांशों को इस्तेमाल नहीं करने को लेकर निर्देश दिया था और उन शब्दों की जगह वैकल्पिक शब्दों और भाषा का सुझाव दिया था। इसमें वेश्या की जगह सेक्स वर्कर शब्द के इस्तेमाल का सुझाव दिया गया था। इसी पर एनजीओ समहू ने अपनी आपत्ति जताई थी। मानव तस्करी विरोधी एनजीओ के बैनर तले एक ग्रुप ने अगस्त 2023 में अदालत द्वारा 
प्रकाशित हैंडबुक ऑन कॉम्बैटिंग जेंडर स्टीरियोटाइप्स में इस्तेमाल शब्दावली में सेक्स वर्कर शब्द के उपयोग पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने लैंगिक रुढ़िवादिता हैंडबुक में सेक्स वर्कर शब्द को बदलने का फैसला लिया है। देश की शीर्ष अदालत ने एंटी ट्रैफिकिंग एनजीओ के एक समूह द्वारा चिंता जताने के बाद यह फैसला लिया। सेक्स वर्कर की जगह अधिक समावेशी भाषा का उपयोग किया जाएगा। क्योंकि सेक्स वर्कर शब्द लैंगिक रूढ़िवादिता को बढ़ावा देता है। एनजीओ समूह द्वारा सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को इस संबंध में एक चिट्ठी लिखी गई थी। 
जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने लैंगिक रुढ़िवादिता पर अपने हैंडबुक से सेक्स वर्कर की जगह “तस्करी की शिकार/सरवाइवर या व्यावसायिक यौन गतिविधि में लगी महिला या व्यावसायिक यौन शोषण के लिए मजबूर महिला जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने का फैसला किया।
इस संबंध में चीफ जस्टिस का कहना है कि वेश्या या सेक्स वर्कर जैसे शब्द का उपयोग भी लैंगिक रुढ़िवादिता को बढ़ावा दे सकता है। जिन एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से यह अपील की थी उसमें गोवा की अन्यय रहित जिंदगी, मुंबई का प्रयास, महाराष्ट्र से प्रेरणा, कर्नाटक का KIDS, असम से नेदान, महाराष्ट्र से वीआईपीएलए,दिल्ली से SPID, मणिपुर के न्यू लाइफ फाउंडेशन सहित कई एनजीओ शामिल थे। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के डिप्टी रजिस्ट्रार, सीआरपी, अनुराग भास्कर ने एआरजेड एनजीओ को एक ईमेल में सूचित किया कि सीजेआई ने बदलाव को स्वीकार कर लिया है।
 

भाजपा की ब्रांच बन गई है ED जम्मू कश्मीर पर भाजपा की खोली पोल PDP चीफ महबूब मुफ्ती ने..

पुलवामा जिले में मीडिया से बातचीत करते हुए पीपुल्स डेमोक्रेटकि पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि, अगर स्थिति में सुधार हुआ है तो फिर वह सुधार जमीनी स्थिति पर नजर भी आना चाहिए। पहले हमारे सुरक्षाबल तंबू में रहते थे लेकिन अब उनके लिए कंक्रीट के ढांचे बनाए जा रहे हैं। मुफ्ती ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, केंद्र सरकार यहां पर स्थिति के सामान्य होने का दावा कर रही है लेकिन ED और NIA जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करते हुए लोगों को परेशान किया जा रहा है। यहां लोग बातचीत नहीं 
कर सकते हैं और पत्रकार भी अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि, अगर यहां सब कुछ ठीक है तो फिर वे कश्मीरियों से इतना डर क्यों रहे हैं? हर दिन ED और NIA के छापे पड़ रहे हैं और लोगों को परेशान किया जा रहा है। मीडिया ने महबूबा मुफ्ती से पूर्व मंत्री लाल सिंह के खिलाफ हुई ED की कार्रवाई पर सवाल किया। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि जो भी बीजेपी के खिलाफ बोलता है उसपर कार्रवाई की जाती है। मैं उनकी (लाल सिंह) के पक्ष में नहीं बोल रही हूं लेकिन आज प्रवर्तन निदेशालय भाजपा की ब्रांच बन गई है। जब भी कोई आदमी भाजपा के खिलाफ आवाज उठाता है तो एजेंसियां उनपर छापा मारने लगती है। उन्होंने आगे कहा कि, पहले तो वे लोगों को भ्रष्ट कहते हैं लेकिन जब वह आदमी भाजपा में शामिल हो जाता है तो वह अच्छा आदमी बन जाता है।

पटाखे जलाते समय बरते सावधानी,घर पर करें प्रथम उपचार पटाखे चलाते वक्त कोई जल जाए तो....?

पटाखे चलाते वक्त लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। लापरवारी की वजह से पटाखों से जलने और आग लगने तक की घटनाएं घट सकती हैं। इसलिए पटाखे चलाते वक्त बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। आपको पास में पानी की एक बाल्टी और साथ में थोड़ा रेत रखना चाहिए, जिससे आग को बुझाया जा सके। पटाखे चलाते वक्त सिंथेटिक या नायलॉन के कपड़े पहनने से बचें। फटने वाले पटाखों को हाथ से कभी न चलाए। फुलझड़ी जलाने के बाद वो गर्म होती है तो उसे ऐसी गजह फेंके जहां पैर न पड़ेपटाखे चलाते वक्त आस-
पास देखकर और बच्चों से दूरी बनाकर ही चलाएं। अगर कोई पटाखे से जल गया है तो नारियल का तेल लगा दें। नारियल के तेल की तासीर ठंडी होती है जिससे जलन में आराम मिलेगा। ठीक होने पर भी नारियल का तेल लगाने से निशान नहीं पड़ेगा। पटाखे से हाथ-पैर जलने पर तुरंत ठंडा पानी डाल दें। जलन में आराम मिलने तक उस हिस्से को पानी में डिबाकर रखें। भूलकर भी उस जगह पर बर्फ न लगाएं। इससे खून का थक्का बन सकता है। जिससे परेशानी और बढ़ सकती है। जले पर कच्चे आलू का रस भी लगाया जाता है। 

ये काफी ठंडा होता है इससे जलन शांत होगी और आपको काफी आराम मिलेगा। अगर आप हल्का झुलस गए हैं तो उस जगह पर तुलसी के पत्तों का रस लगा लें। इससे जलन कम होगी और जले का निशान भी नहीं पड़ेगा। अगर घाव ज्यादा है तो इसका ज्यादा उपयोग करने से बचें।

असली-नकली डीपफेक को कैसे पहचाने व कैसे बचे....?

जेनरेटिवएआई (जेनएआई) का इस्तेमाल कर इतनी फर्जी खबरें बनाई जा रही हैं, कि असली और फेक खबर में कोई अंतर नहीं रह गया है। ऐसी स्थिति सामने आने पर आपको क्या करना चाहिए और कैसे कदम उठाने चाहिए, इस बारे में टेक विस्परर के संस्थापक और एआई एक्सपर्ट जसप्रीत बिंद्रा ने निम्न सुझाव दिए हैं-1- चेहरे के हाव-भाव पर खास ध्यान दें, अगर पलकें बिल्कुल नहीं झपक रहीं या फिर सामान्य से ज्यादा झपक रही हैं तो यह फेक हो सकता है। 2- आप आवाज से भी फेक वीडियो की पहचान कर सकते हैं। 
अकसर फेक वीडियो में आवाज रोबोटिक होती है या फिर आवाज से होठों की तालमेल नहीं होती। ऐसे में इसे नोटिस कर आप आराम से नकली वीडियो को पकड़ सकते हैं। अगर यह बहुत ही असामान्य या विचित्र लगे, तो इस पर यकीन करने से पहले एक बार क्रॉस चेक जरूर करें। 4- किसी भी फेक खबर पर यकीन करने से पहले ये भी पता करें कि ये खबर किससे आ रही है, किसी विश्वसनीय स्त्रोत या फिर किसी फेक आईडी से। 1- किसी भी सूचना के सामने आने पर उसके स्त्रोत की जांच करें। अगर कई विश्वसनीय मीडिया आउटलेट्स पर यही खबर दिखाई जा रही हो तो यह सच हो सकती है। 2- कभी भी बिना पूरी जानकारी के असत्यापित सूचना साझा करने से बचें।
3- अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्राइवेसी सेटिंग्स को कड़ी रखें। इंटरनेट पर आपका डेटा जितना कम होगा, किसी के लिए आपकी डीपफेक बनाना उतना ही मुश्किल होगा। 4- अगर आपका कोई डीपफेक आपको मिलता है, तो तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दें। 5- अगर कोई आपकी डीपफेक वीडियो बना उसे इंटरनेट पर डालकर वायरल करने की धमकी दे रहा हो और आपसे बदले में पैसों की मांग कर रहा हो, तो बिना डरे सबसे पहले पुलिस में रिपोर्ट कराएं। [साभार]

Saturday, November 11, 2023

डीफॉर्मा औऱ बीफॉर्मा में क्या है अंतर..कौनसा कोर्स बेहतर....?

कई लोग मेडिकल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते है लेकिन पढ़ाई के दौरान कन्फ्यूज रहते हैं कि वह बीफॉर्मा चुनें या फिर डीफॉर्मा। आज इस विषय पर आपसे कुछ महत्वपूर्ण पहलुओ पर चर्चा करेंगे। दरअसल डीफॉर्मा एक डिप्लोमा कोर्स है,जिसका फुल फॉर्म है डिप्लोमा इन फॉर्मेसी। वहीं बीफॉर्मा ग्रेजुएशन कोर्स है, जिसका फुल फॉर्म है। बैचलर्स इन फॉर्मा. दोनों कोर्स 12वीं के बाद किए जा सकते हैं। डीफॉर्मा के लिए साइंस से 12वीं पास के साथ 50 फीसदी अंक होना अनिवार्य है। वहीं बीफॉर्मा के लिए पीसीबी या पीसीएम से 12वीं होना चाहिए। डीफॉर्मा औऱ बीफॉर्मा में बेहतर क्या है, यह अभ्यर्थी की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। जो कम 
खर्चे में कम समय में कोर्स करना चाहता है उनके लिए डीफॉर्मा बेस्ट है। वहीं जो लॉन्ग टर्म के लिए सोचता हो उसके लिए बीफॉर्मा सही है। वैसे फुल टाइम ग्रेजुएशन डिग्री होने के कारण बीफॉर्मा की वैल्यू डीफॉर्मा के मुकाबले थोड़ी ज्यादा है। डीफॉर्मा करने के बाद आपके पास नौकरी और बिजनेस दोनों ऑप्शन खुले रहेंगे। आप या तो प्राइवेट अस्पतालों या दवा बनाने वाली कंपनियों में काम कर सकते हैं। वहीं बिजनेस में इंट्रेस्ट रखने वाले अपना मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं। इसके अलावा सरकारी नौकरी के भी मौके होते हैं। जिसमें आप आसानी से 40 से 60 हजार की सैलरी वाली नौकरी पा सकते हैं। 

वहीं बीफॉर्मा करने वाले भी फॉर्मासिस्ट बन सकते हैं या फिर सरकारी नौकरी कर सकते हैं। बीफॉर्मा पास लोक सेवा आय़ोग या फिर कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों के माध्यम से भी सरकारी नौकरी पा सकते हैं। साथ ही उनके पास ड्रग इंस्पेक्टर बनने का मौका भी होता है।  बीफॉर्मा वाले भी सरकारी नौकरी में आसानी से 40 से 60 हजार रूपए कमा सकते हैं।  वहीं प्राइवेट अस्पतालों या कंपनियों में योग्यता के आधार पर सैलरी ज्यादा भी हो सकती है।

शरद पवार होंगे बीजेपी में शामिल...रवि राणा ने की भविष्यवाणी

महाराष्ट्र के उप-मुख्य मंत्री अजित पवार और अमित शाह की मुलाकात पर निर्दलीय विधायक रवि राणा ने कहा, शरद पवार महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता हैं। अजित पवार लगातार कोशिश कर रहे हैं कि शरद पवार मोदी के साथ सत्ता में आ जाएं। मुझे लगता है कि शरद पवार भी इसके लिए तैयार होंगे। अजित पवार और अमित शाह की मुलाकात में कई राज छुपे हैं। राजनीति में बहुत कुछ होता रहता है। आने वाले समय में कुछ घटनाएं घटने वाली हैं। शरद पवार पीएम मोदी का काम देखकर उनका समर्थन जरूर करेंगे। रवि राणा ने कहा
अभी तस्वीर यही दिख रही है कि पवार साहब पीएम मोदी का समर्थन करेंगे और राज्य के विकास के लिए राज्य सरकार को मजबूत करेंगे। चुनाव से पहले कई घटनाएं होने वाली हैं। हमें कांग्रेस के कई नेता बीजेपी के साथ दिखेंगे। पीएम मोदी के साथ एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार भी नजर आएंगे। शाह–पवार बैठक में एनसीपी अजित पवार गुट के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल,महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे भी मौजूद रहे। महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से सियासी घटनाक्रम जारी है। मराठा आरक्षण आंदोलन, ओबीसी आरक्षण आंदोलन का मुद्दा गर्म है। राज्य में मराठा आरक्षण के मुद्दे पर देखा गया कि महायुति सरकार में एक राय नहीं थी। 
तो चर्चा होने लगी कि सरकार की छवि खराब हो रही है। राणा ने कहा, मैंने कभी भी कैबिनेट विस्तार या मंत्री पद की मांग नहीं की है और मुझे मंत्री पद में कोई दिलचस्पी नहीं है। जनता के मुद्दे और जनता का विकास मेरी प्राथमिकता है। मेरे लिए मंत्री पद महत्वपूर्ण नहीं है।   

कांस्टेबल की 4 साल की बच्ची के साथ दरोगा ने किया बलात्कार....

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पीड़िता बच्चे की मां आरोपी दरोगा भूपेंद्र सिंह को जूते से मारती हुई दिख रही हैं। वहीं जब मामला उच्च अधिकारीयों तक पहुंचा तो उन्होंने कार्रवाई शुरू की। शुक्रवार शाम को आरोपी दरोगा को हिरासत में लिया गया और उसे सस्पेंड कर दिया गया। वहीं देर रात बच्ची को दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि बच्ची की हालत अब कुछ ठीक है। शनिवार को पाक्सो कोर्ट में बयान दर्ज किए गए। दरअसल राजस्थान के दौसा में शुक्रवार को कुछ ऐसा हुआ कि कोई भी उस पर विश्वास नहीं कर पा रहा है। यहं एक दरोगा ने 4 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। यह बच्ची कोई 
और नहीं बल्कि राजस्थान पुलिस में ही एक कांस्टेबल की बेटी है। मामले का खुलासा होने के बाद आस पास के लोगों ने थाने को घेर लिया और जमकर उत्पात मचाया। जानकारी के अनुसार, आरोपी उपनिरीक्षक भूपेंद्र सिंह ने शुक्रवार दोपहर को बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ कथित तौर पर बलात्कार किया। इसके बाद जब बच्ची के पिता शिकायत लेकर पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई और उनका हाथ तोड़ दिया गया। इसके बाद आसपास के लोग थाने पहुंचे और उन्होंने खिड़की तोड़कर आरोपी एसआई को बाहर निकाला और उसे पीटते हुए ले गए। 




इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो शनिवार को वायरल हुआ और मामले ने तूल पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची के पिता ने बताया कि वह शुक्रवार दोपहर में ड्‌यूटी से लौटकर अपने घर में सो रहा था। घर में पत्नी और बच्ची थी। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान ASI छोटेलाल रूम पर पहुंचे सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने बच्ची को बहला-फुसलाकर रूम पर बुलाया और रेप किया। बच्ची रोते हुए अपनी मां के पास पहुंची और दरिंदगी के बारे में बताया। बच्ची ने मां को रोते हुए बताया कि अंकल (सब इंस्पेक्टर) ने उसे 50 रुपए दिए। मां ने बच्ची के कपड़े चेक किए तो रेप का पता चला। इसके बाद उसने पति को बताया। बच्ची का पिता शिकायत लेकर राहुवास थाने पहुंच गया। जहां ASI छोटेलाल और कॉन्स्टेबल टीकाराम ने उसकी डंडे से पिटाई कर दी।

Thursday, November 9, 2023

शिंदे गट शिवसेना का शिंदे सरकार को अल्टिमेटम....

नागपुर:- महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की कि पहली दिवाली दुकानदारों को पचास हजार रुपये की राशि मिलेगी। बीते 22 सितंबर की मध्यरात्रि को अचानक भारी बारिश के कारण धंतोली तिलक पत्रकार भवन परिसर, यशवंत स्टेडियम पंचशील चौक परिसर, वंदना बिल्डिंग परिसर घटाटे बिल्डिंग, राजकमल बिल्डिंग, ऑरेंज सिटी टॉवर, सिल्वर पैलेस, झांशी रानी चौक, सीताबर्डी मुंजे चौक आदि स्थानों पर स्थित है, जिस पर पंचनामा किया गया है। पिछले डेढ़ महीने पहले महाराष्ट्र सरकार ने पचास हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था, लेकिन अभी तक दिवाली से पहले दुकानदारों को मुआवजे के रूप में कोई राशि नहीं मिली है। दुकानदार आज 
अपने परिवार के साथ सड़कों पर हैं। आर्थिक स्थिति खराब है बहुत नाजुक हो गई है। जिनकी दुकानें किराए पर हैं और सामान खरीदने के लिए बैंकों से कर्ज लेते हैं, ऐसे दुकानदारों को अधिक से अधिक भोजन मिलता है। शिवसेना शिंदे समूह की मांग है कि दुकानदारों का टैक्स माफ किया जाए और बैंक ऋण की राशि माफ की जाए महाराष्ट्र सरकार दुकानदारों के कार्य का न्याय दिलाए अन्यथा न्याय नहीं मिला तो व्यापारी वर्ग मंडल एवं शिव सेना शिंदे गुट भूख हड़ताल पर बैठेगा। जिसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी।







शिवसेना श्री एकनाथ जी शिंदे साहब सांसद डॉ. श्रीकांत जी शिंदे साहब सांसद कृपाल जी तुमाने साहेब विदर्भ संपर्क प्रमुख किरण जी पांडव जिला प्रमुख सूरज जी गोजे, व्यापारी वर्ग एवं शिव सेना शिंदे ग्रुप एवं अन्य का बयान कलेक्टर श्री विपीन जी इटनकर साहब एवं राजस्व डी पुति जिला अधिकारी साहब एवं तहसीलदार श्री संतोष खांडे को दिया गया। 


शिवसेना शिंदे ग्रुप उप जिला प्रमुख एवं चिकित्सा सहायता कक्ष नागपुर शहर प्रमुख प्रवीण बालमुकुंद शर्मा ने एक बयान दिया इस समय उपस्थित उप जिला प्रमुख विकास अंभोरे शहर संयोजक आरिफ पटेल कानूनी सलाहकार मुख्य अंत संदीप नागरकर कार्यालय प्रमुख सचिन शर्मा उप जिला प्रमुख विजय सराफ विधायी सभा आयोजक योगेश ठाकरे राजेंद्र तिवारी विभाग प्रमुख अंकित बोहत विवेक दस्तूरे रामप्रसाद पवार हयाज पठान उप नगर प्रमुख निलेश डुंभरे करण सिंह सरदार कार्तिक वर्थ केतन वैद्य दुकानदार शिव सेना पदाधिकारी शिव सैनिक उपस्थित रहे। प्रवीण बालमुकुंद शर्मा [उपजिला प्रमुख नागपुर सिटी मेडिकल हेल्प डेस्क सिटी हेड]
ने पत्राचार के माध्यम से यह सारी जानकारी दी।

नानक नाम जहाज है चड़े सो उतरे पार..श्री गुरु नानक देव जयंती निमित्त 15 से प्रभात फेरी 27 को विशाल शोभायात्रा

नागपुर:- कीर्त करो,नाम जपो,वंड छको श्री गुरुनानक देव जी ने मनुष्यों को तीन सिद्धांतों पर चलने की प्रेरणा दी।कीर्त करो:- अर्थात मेहनत करके कमाओ,नाम जपो:- अर्थात ईश्वर के गुणगान करो,वंड छको:- अर्थात मिल बांट कर खाओ और जरूरत मंद लोगों की मदद करो। नाम जपो:- अर्थात ईश्वर के गुणगान करो,इसी बात को चरितार्थ करते हुए बीते 54 वर्षां से जरीपटका स्थित श्री कलगीधर सत्संग मंडल द्वारा गुरु नानक देव जयंती निमित्त 13 दिवसीय प्रभातफेरी का सफल आयोजन किया जाता है जो इस वर्ष बुधवार 15 नवंबर से, सोमवार 27 नवंबर 2023 तक विशाल प्रभातफेरी का आयोजन किया गया है, जो विदर्भ वासियों के लिये सदैव धार्मिक आकर्षण का केन्द्र बनी रहती है। इस प्रभातफेरी में प्रातः अमृतवेले 4 बजे से ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में नित्य 13 दिन श्रद्धालु नर-नारी-बच्चे-वृद्ध भाव विभोर होकर वाहुगुरु नानकदेव धनगुरु नानकदेव का कर्णप्रिय जयघोष करते हुए चलते हैं। प्रभातफेरी की 
प्रमुख विशेषता यह है कि उपस्थित 12-15 हजार श्रद्वालुओं के बावजूद अनुशासन में प्रत्येक भक्तगण माथा ढंक कर एक ही लय सुरताल में कतार बद्ध होकर गुरबाणी गायन करते हुए आगे बढ़ते जाते है। वस्तुतः यह दृश्य अविस्मरणीय व भक्ति की अनूठी मिसाल पेश करता है। प्रभातफेरी 2 घंटे नगर कीर्तन करती हुई पुनः 6 बजे श्री कलगीधर सत्संग मंडल के प्रांगण में पहुंचती है। जहां रागियों द्वारा सत्संग, प्रवचन, श्री दसम ग्रंथ में वर्णित मां भगवती की स्तुति, अनंद साहिब, अरदास व प्रसाद वितरण के साथ समापन होता है।




अंत में श्रद्धालुओं के लिये नित्य चाय-दूध-बिस्किट-तोश वितरित किया जाता है। संयोजक दादा माधवदास ममतानी [वकील साहिब] के अनुसार इस वर्ष भी प्रभातफेरी में गुरु नानक देवजी की आशीर्वाद मुद्रा वाली झांकी, गुरु अंगददेव, गुरु अमरदास, गुरु रामदास, गुरु अरजनदेवगुरु हरगोबिंद, गुरु हरिराइ साहिब, गुरु हरिक्रिशनदेव, गुरु तेगबहादर, गुरु गोबिंदसिंघजी, आदि शक्ति भवानी माता की झांकियों का समावेश होगा। यह प्रभातफेरी जरीपटका के अलावा हुडको कालोनी, हाऊसिंग बोर्ड सोसायटी, आहुजानगर, कुशी नगर, विश्व ज्योती कालोनी, अशोक नगर, कमाल टाकीज रोड, कड़बी चैक, बैरामजी टाऊन, मेकोसाबाग इत्यादि क्षेत्रों में भ्रमण करेगी। श्रद्धालुओं के लिए जरीपटका के अलावा बाहर से आने-जाने वालों हेतु वाहन व्यवस्था का प्रबंध श्री कलगीधर सत्संग मंडल द्वारा निजी वाहनों से किया जाता है। 
श्री गुरु नानकदेव जयंती दि. 27 नवंबर सोमवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिबजी की पालकी व गुरुओें की आकर्षक झांकियों सहित भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। प्रभातफेरी में इंदोरा रोड, कश्मीरी गली, पांचपावली, गांधीबाग, क्वेटा कालोनी, छापरुनगर, शांतीनगर, वर्धमाननगर, हिरवीनगर, बर्डी, खामला, मेकोसाबाग के अलावा वर्धा, मुर्तिजापुर, गोंदिया, भंडारा, वणी, हिंगनघाट, बालाघाट, सिवनी, रायपुर, भोपाल, सावनेर, इलाहाबाद व अन्य शहरों से श्रद्धालुजन आते हैं। कार्यक्रम के संयोजक दादा माधवदास ममतानी ने सभी नागरिकों से प्रभातफेरी में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की विनम्र विनंती की है। अधि. माधवदास ममतानी (संयोजक- श्री कलगीधर सत्संग मंडल जरीपटका नागपुर) ने पत्राचार के माध्यम से यह सारी जानकारी दी।

असंतुष्ट पत्नियां कर रही आईपीसी की धारा 498ए का गलत इस्तेमाल....

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा,हाल के वर्षों में वैवाहिक विवादों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और ऐसा लगता है कि कई मामलों में आईपीसी की धारा 498-ए का दुरुपयोग किया जा रहा है। छोटी-मोटी वैवाहिक झड़पें अचानक शुरू हो जाती हैं और पत्नी द्वारा बिना उचित विचार-विमर्श के मामूली विवाद पर आवेश में आकर ऐसे मामले दायर किए जा रहे हैं। अदालत ने धनबाद निवासी राकेश राजपूत की याचिका पर सुनवाई के दौरान ये बातें कहीं। याचिका की सुनवाई करते हुए आईपीसी की धारा 498 के दुरुपयोग पर चिंता जाहिर की है। कोर्ट ने कहा है कि कानून के इस प्रावधान का असंतुष्ट पत्नियों द्वारा ढाल के बजाय एक हथियार के रूप में गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा 
रहा है। भारतीय दंड संहिता की यह धारा किसी महिला को पति और ससुराल के लोगों द्वारा प्रताड़ित करने के मामलों में लगाई जाती है, लेकिन देखा जा रहा है कि महिलाएं मामूली मुद्दों पर आवेश में आकर इस धारा के तहत मामला दर्ज करा रही हैं। गौरतलब है कि धनबाद की रहने वाली महिला ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ यातना का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाई। इसे रद्द करने के लिए राकेश राजपूत और उनकी पत्नी रीना राजपूत ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 

अदालत में बहस का दौरान यह तथ्य स्थापित हुआ कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं, क्योंकि कथित घटना के दिन वे ट्रेन से सफर कर रहे थे।  हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 498ए के तहत ऐसे झूठे मामले दर्ज करने पर निराशा व्यक्त करते हुए राकेश राजपूत और उनकी पत्नी के खिलाफ धनबाद सिविल कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान के आदेश सहित पूरी आपराधिक कार्रवाई को रद्द कर दिया।

ब्लैक फंगस मरीजों की संख्या बढ़ने पर AIIMS ने जताई चिंता,सरकार से की यह गुजारिश...

डॉ.वैभव सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर माह में ब्लैक फंगस के 15 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। जबकि इस नवंबर माह के पहले सप्ताह में भी 11 मरीज भर्ती हो चुके है। ब्लैक फंगस के अचानक से बढ़ते मामलों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को ब्लैक फंगस के इलाज के लिए आवश्यक इंजेक्शनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ फंगल संक्रमण के खिलाफ जन जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए। डॉ. वैभव सैनी ने कहा कि चेहरे के एक तरफ साइनस दर्द या नाक की रुकावट, एक तरफा सिरदर्द, सूजन या सुन्नता, दांत दर्द और दांतों का ढीला होना ब्लैक फंगस के शुरूआती लक्षण है इन्हें 
नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। मरीजों का समय पर इलाज किया जाना जरूरी है। टास्क फोर्स के प्रभारी डॉ. वैभव सैनी ने कहा कि साल 2021 में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान एक चिकित्सा टीम का गठन किया गया था। एम्स के डॉक्टरों ने तब से अब तक ब्लैक फंगस के लगभग 200 मरीजों का इलाज किया है,लेकिन पीजीआई के बाद यह सार्वजनिक क्षेत्र की एकमात्र स्वास्थ्य सुविधा है जो ब्लैक फंगस के मरीजों को संभाल रही है। वहीं अक्टूबर से अब तक जो 26 मरीज भर्ती हुए है उनका मधुमेह का स्तर बढ़ा हुआ था। वहीं अब लोगों को जल्द से जल्द इस महामारी के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है।



अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बठिंडा के विशेषज्ञों ने पिछले एक महीने में ब्लैक फंगस मरीजों की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई,आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर से अब तक बठिंडा और आसपास के जिलों से ब्लैक फंगस के 26 मरीजों की इलाज किया गया है। टास्क फोर्स के प्रभारी डॉ. वैभव सैनी ने कहा कि जनवरी से सितंबर तक एम्स में ब्लैक फंगस के हर महीने लगभग
5 मरीज सामने आते थे, लेकिन पिछले 40 दिनों में ब्लैक फंगस के इन मामलों में उछाल आया है। जो काफी चिंताजनक है।  

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का गणतन्त्र दिवस पर राष्ट्र के नाम संबोधन

मेरे प्यारे देशवासियो , नमस्कार! देश और विदेश में रहने वाले , हम भारत के लोग , उत्साह के साथ , गणतन्त्र दिवस का उत्सव मनाने जा रहे हैं। मै...